Beginning of My Love - 20 in Hindi Love Stories by My imaginary world books and stories PDF | Beginning of My Love - 20

Featured Books
Categories
Share

Beginning of My Love - 20


​सत्या राजस को छोड़ने के लिए तैयार ही नहीं था! वह उसके साथ ही ऑपरेशन थिएटर के अंदर चला गया। उसने बचपन से ही खून-खराबा देखा था, इसलिए उसे इन सब चीज़ों से कोई फर्क नहीं पड़ता था।


​लेकिन यहाँ रॉनी अलग ही तनाव में था... 'अगर सत्या ने डॉक्टरों को भी दुश्मन पार्टी का समझकर ऑपरेशन नहीं करने दिया तो? क्या पता सत्या खुद ही ऑपरेशन करने पर उतर आए?' 🤣 क्योंकि जब तक पेशेंट को होश नहीं आता, तब तक वह किसी पर भरोसा करने वाला नहीं था। अगर साक्षात ब्रह्मा जी भी नीचे आ जाते और कहते कि "राजस उनका परिचित है", तो भी सत्या उनसे फोटो दिखाने को कहता, और उसके बाद भी गारंटी नहीं थी कि वह मानता। 🤣



​सत्या ने राजस की जान बचाई थी, इसलिए रॉनी उसके नखरे झेल रहा था। इतना गोरा, लंबा-चौड़ा, हीरो जैसा दिखने वाला लड़का इस लाइन (गुंडागर्दी) में कैसे आ गया? यह सवाल रॉनी को बार-बार परेशान कर रहा था।


​सत्या मानने को तैयार ही नहीं था, तो डॉक्टरों ने उसे भी सैनिटाइज़ करके किट पहना दी। सत्या ने खुद ऑपरेशन किट चेक की। शायद यह देखने के लिए कि कहीं डॉक्टर घर की सब्जी काटने वाला चाकू तो नहीं लाए हैं! 🤣 पर उसे सच में देखना था कि किट ठीक है या नहीं। उसने किट देखी, उसे सब सही लगा, उसके बाद ही उसने डॉक्टरों को प्रक्रिया शुरू करने की परमिशन दी।


​अब आप कहेंगे कि सत्या ज्यादा पढ़ा-लिखा तो नहीं था, तो उसे यह सब कहाँ से पता? तो सारा क्रेडिट 'गूगल बाबा' को जाता है! 🤣 और मोबाइल इस्तेमाल करने लायक वह होशियार तो था ही। ऑपरेशन शुरू होने के बाद भी वह एक जगह नहीं बैठ रहा था, लगातार ऑपरेशन टेबल के चारों ओर घूम रहा था।



​"शायद वह इसलिए घूम रहा था कि कहीं डॉक्टर गलती से हाथ की जगह पैर की नस न काट दें!" 🤣
​डॉक्टरों ने जैसे-तैसे ऑपरेशन पूरा किया। उन्होंने अपने पूरे जीवन में इससे खतरनाक अनुभव कभी नहीं लिया था, क्योंकि सत्या हाथ में बंदूक लेकर टेबल के पास घूम रहा था। 🤣 "डॉक्टर अगर गलत किया तो ठोक दूँगा—शायद यही सोच रहा था वह!" 🤭


​ऑपरेशन के बाद जब राजस को VIP वार्ड में ले जाने के लिए बाहर लाया गया, तो सभी बॉडीगार्ड्स आँखें फाड़कर देखने लगे। उनकी ऐसी हालत देखकर रॉनी ने पीछे मुड़कर देखा, तो उसकी आँखें भी फटी की फटी रह गईं! गार्ड्स तो ऐसे देख रहे थे मानो उनके डोले (आँखों की पुतलियाँ) बाहर निकलने की परमिशन माँग रहे हों! 😂


​लेकिन जिसके कारण यह सब हो रहा था, वह एकदम 'कूल' था। राजस को चढ़ी हुई सलाइन (ड्रिप) की बोतल भी सत्या अपने हाथ में पकड़कर ला रहा था। उसे स्टैंड से ज्यादा खुद पर भरोसा था। अगर स्ट्रेचर कहीं टकरा जाता और बोतल स्टैंड से गिर जाती तो? नहीं, सत्या ने हाथ में पकड़ा है वही बेहतर है! 😂 और अगर सलाइन राजस के शरीर में ठीक से नहीं गई तो उसे जल्दी होश कैसे आएगा? वह जल्दी रिकवर कैसे होगा?



​सत्या का सीधा-सीधा मकसद यह था कि अगर राजस को कुछ हो गया तो उसे अपने पैसे कैसे मिलेंगे? बात यह थी कि राजस को बचाने से पहले वह एक 'काम' पर था। किसी ने उसे सुपारी दी थी और उसे किसी को टपकाना (मारना) था, वह उसी का इंतज़ार कर रहा था। राजस को बचाने के चक्कर में उसका नुकसान हो गया। जिसे मारना था वह हाथ से निकल गया, तो अब उसे सुपारी के पैसे वापस करने पड़ेंगे और वो भी डबल! तो राजस की वजह से हुआ नुकसान वह खुद कैसे भरता?



​उसका एक वसूल था—काम नहीं हुआ तो दाम डबल! आज तक उसके साथ ऐसा कभी नहीं हुआ था, इसलिए वह बेझिझक बोलता था। लेकिन राजस ने उसके जीवन में कदम रखते ही नुकसान करवा दिया, इसलिए वह तब तक राजस का पीछा नहीं छोड़ने वाला था जब तक अपना पैसा वसूल न कर ले। लेकिन गार्ड्स और रॉनी यह सोचकर हैरान थे कि बेहोश पड़े बॉस ने सत्या को कैसे प्रभावित कर लिया?


​राजस को होश आने तक सत्या अंदर और रॉनी बाहर बैठा रहा। कुछ घंटों बाद राजस को होश आया, तो उसने आँखें मटकाकर देखा। सामने उसे सत्या राजस को एकटक घूरता हुआ दिखा। 🙄🙄


​राजस एक पल के लिए फ्रीज़ हो गया।


राजस: "हूँ इज द हेल आर यू?" (तुम कौन हो?)
सत्या को बाकी कुछ समझ नहीं आया, बस 'यू' समझ आया। उसे लगा राजस उसकी तारीफ कर रहा है! 'बड़े लोग... बड़ा काम... दुनिया से अलग तारीफ'—ऐसा सत्या के मासूम मन ने सोचा।


​यह सोचकर सत्या ने उत्तर दिया: "यस... यस... मैं ही बचा रहा हूँ तुम्हें..."


​राजस: उसकी भाषा सुनकर उसे लगा जैसे कोमा में जाकर वापस आ गया हो! उसने रॉनी को आवाज़ दी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि रॉनी ने खुद यहाँ न रहकर इस मूर्ख आदमी को उसके पास क्यों छोड़ दिया? शायद रॉनी को जीने की इच्छा खत्म हो गई थी! 🤣 पर उसे कौन बताए कि सत्या नाम का यह तूफ़ान जब से उसकी कुंडली में आया है, तब से उसने किसी को भी राजस के पास फटकने नहीं दिया था।


​राजस ने सत्या से कहा, "वेयर इज रॉनी? कॉल हिम राइट नाउ!" (रॉनी कहाँ है? उसे अभी बुलाओ!)
सत्या: "रानी? वो इतना बड़ा साँड़ जैसा आदमी रानी है?" और वह खुद ही हँसने लगा।


राजस: "ओ गॉड! इडियट, रानी नहीं रॉनी... रॉनी!"
​अभी तो वह होश में आया था, अगर थोड़ी देर और सत्या से बात करता तो शायद दोबारा कोमा में चला जाता। राजस ने इतनी जोर से 'रॉनी-रॉनी' चिल्लाया कि बाहर बैठे रॉनी को आवाज़ सुनाई दी और वह दौड़कर बॉस के पास आया।


​रॉनी: "यस बॉस!"

राजस: "रॉनी, यह कौन इडियट है? कैसे घूर-घूर के देख रहा है मुझे?"

​तभी सत्या को उबासी आई और वह बीच में ही बोला, "साला! इस चक्कर में कब भूख लग गई पता ही नहीं चला।"

​रॉनी ने सोचा, 'अगर बॉस को सब बताना है तो इसे बाहर निकालना ही पड़ेगा।'

रॉनी बोला, "सत्या, अगर तुम्हें भूख लगी है तो तुम बाहर के गार्ड्स के साथ खाना खाकर आ सकते हो। तब तक मैं बॉस के पास हूँ। अब उन्हें होश आ गया है, तो कोई उनका कुछ बिगाड़ नहीं सकता, बाहर बाकी गार्ड्स भी हैं।"

​रॉनी की बात सत्या को समझ आ गई, उसने सिर हिलाया। रॉनी ने एक गार्ड को इशारा किया और सत्या को कैंटीन ले जाने को कहा। सत्या के जाने के बाद रॉनी राजस के पास गया, उसका हाथ पकड़ा और बोला, "मैं जरा खाने-पीने का इंतजाम कर लूँ, तब तक आप ध्यान रखना।"

​सत्या के बाहर जाते ही रॉनी ने कल से लेकर अब तक की सारी इत्ती-सी जानकारी (पूरी कहानी) राजस को बता दी। यह सुनकर राजस सदमे में चला गया। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि कोई ऐसा भी व्यवहार कर सकता है! 🙄🙄


***
Follow me 🙏