Pyaar ki ek nayi Sharuaat - 1 in Hindi Drama by Leela nagetiya books and stories PDF | प्यार की एक नई शुरुआत - 1

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प्यार की एक नई शुरुआत - 1

टीवी शो की एंकर मंच पर खडी होकर मुस्कराते हुए कैमरे की तरफ देखती है और कहती है, आप सबका स्वागत है इस टीवी शो में. आज मैं आप सबको मिलाने वाली हूं हमारी उभरते हुए राइटर एम. एस. से. पूरी दुनिया इस राइटर को इसी नाम से जानती है. तो चलिए, तालियों से स्वागत कीजिए हमारी लेखक का!
स्टूडियो तालियों की गडगडाहट से गूंज उठता है. एक लडकी, जिसने पैरों में एक इंच की हील पहनी हुई है और जो ब्लैक Color की बेहद खूबसूरत ड्रेस में है, आत्मविश्वास के साथ मंच पर एंट्री लेती है. वह आकर सीधे अपनी कुर्सी पर बैठती है.
होस्ट उसका अभिवादन करते हुए कहती है, एम. एस. आपका बहुत- बहुत थैंक You हमारे चैनल पर आने के लिए।
राइटर चेहरे पर एक शालीन मुस्कान लाते हुए जवाब देती है, आपका भी धन्यवाद मुझे यहां बुलाने के लिए।
होस्ट कैमरे की तरफ मुडती है और कहती है, चलिए, हम अपना शो स्टार्ट करते हैं। यह शो बिल्कुल लाइव चल रहा था. होस्ट फिर राइटर की तरफ देखती है और कहती है, एम. एस. आपकी बहुत सी किताबें पब्लिश हुई हैं और उन्होंने बहुत ज्यादा कमाई भी की है. अगर हम उन सबके बारे में बात करने बैठेंगे, तो यह शो बहुत लंबा हो जाएगा. इसलिए आज हम बस आपकी तीन सबसे खास किताबों के बारे में ही बात करेंगे. आपकी पहली किताब' मेरा बदला' आपकी दूसरी किताब' यह जिंदगी' और आपकी तीसरी किताब' द बैड चाइल्ड'
होस्ट थोडा आगे झुकती है और पूछती है, हमारे व्यूअर्स का आपसे एक सवाल है कि आपकी पहली किताब' मेरा बदला' की प्रेरणा आपको कहां से मिली थी?
राइटर कुछ पल सोचती है और फिर जवाब देती है, मुझे इसकी प्रेरणा पॉकेट एफएम की ही एक मशहूर कहानी' द रिटर्न' से मिली थी. मुझे वहीं से यह थॉट आया था, जिसने मुझे इस कहानी को लिखने के लिए इंस्पायर किया।
होस्ट ने मुस्कुराते हुए एम. एस. की तरफ देखा और कहा, एम. एस. हमारे व्यूअर्स आपकी मशहूर किताब' मेरा बदला' के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं. क्या आप हमें उसकी कहानी के बारे में कुछ जानकारी देंगी?
एम. एस. ने माइक संभाला और अपनी किताब के बारे में बताते हुए कहा, बिलकुल. आप में से बहुत से लोगों ने मेरी यह किताब पढी होगी. इसकी शुरुआत एक बेहद गंभीर मोड से होती है, जहाँ एक मासूम लडकी को कुछ लोग धोखे से ड्रग्स दे देते हैं. उस नशे की हालत में, अनजाने में उसे एक अनजान इंसान के साथ पूरी रात बितानी पडती है. और जब यह बात उसके परिवार को पता चलती है, तो वे बिना उसकी सच्चाई जाने, उसे घर से बाहर निकाल देते हैं।
एम. एस. ने थोडा रुककर स्टूडियो में बैठी ऑडियंस की तरफ देखा और आगे कहा, इसके ठीक सात साल बाद से मेरी असली कहानी रफ्तार पकडती है. शुरुआत के दो- तीन चैप्टर तक तो पढने वालों को यही लगता है कि यह एक नॉर्मल, दुखी लडकी की कहानी है. लेकिन असली ट्विस्ट तब आता है, जब वह लडकी मजबूत बनकर वापस लौटती है और अपना बदला लेना स्टार्ट करती है. जिन लोगों ने उसे ड्रग्स दिए थे और जिसकी वजह से उसे अपनी फैमिली और घर से दूर होना पडा था, उन सब से वह धीरे- धीरे, एक- एक करके बहुत ही शातिर तरीके से अपना बदला लेती है।
यह सुनकर होस्ट के चेहरे पर हैरानी और उत्सुकता के भाव आ गए. उसने कहा, वाह! यह तो वाकई बहुत दिलचस्प और बांधकर रखने वाला प्लॉट है।
होस्ट ने फिर अपने कार्ड्स की तरफ देखा और मुस्कुरा हुए कहा, एम. एस. हमारे व्यूअर्स का आपसे एक और बडा दिलचस्प सवाल है. इस शो से पहले तक, बहुत से लोगों को यह कन्फ्यूजन था कि एम. एस. एक लडका है या लडकी—यह बात किसी को साफ- साफ नहीं पता थी. खैर, आज आपको इस खूबसूरत ब्लैक ड्रेस में सामने देखकर लोगों को यह तो पता चल ही गया है कि आप एक लडकी हैं. लेकिन इसी के साथ फैंस का एक और सवाल था, जो मैंने नोट किया है. कि आपकी एज कितनी है?
एम. एस. ने सहजता से मुस्कुराते हुए जवाब दिया, मेरी उम्र सत्ताईस साल है।
होस्ट ने सिर हिलाते हुए अगला सवाल किया, और आपने राइटिंग करना कब से स्टार्ट किया था?
एम. एस. ने अतीत को याद करते हुए कहा, जब मैं बीस- 21 साल की थी, मैंने तभी से लिखना स्टार्ट कर दिया था. शुरुआत में मैं छोटी- मोटी कहानियां लिखती थी और मैंने अपनी बहुत सी कहानियों को अलग- अलग प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट भी किया है।
होस्ट ने कहा, यह जानकर बहुत खुशी हुई कि आपने इतनी कम उम्र में यह मुकाम हासिल किया. चलिए, अब हम अपने शो के दूसरे बडे पडाव पर पहुंच गए हैं. आपकी दूसरी किताब' यह जिंदगी' के बारे में बात करते हैं. इसका मोटिवेशन आपको कहां से मिला और इसके बारे में आपने क्या सोचकर लिखा, प्लीज हमारे व्यूअर्स को बताइए।
एम. एस. ने मुस्कुराते हुए होस्ट की तरफ देखा और कहना शुरू किया, इस किताब का मोटिवेशन मुझे' गोजो सटोरू' से मिला, जिसे मैंने एक एनिमे शो में देखा था. वह एक ऐसा किरदार है जो अपने चेहरे पर हमेशा एक खूबसूरत मुस्कुराहट रखता है, मानो अपने दर्द को कभी बाहर आने ही नहीं देता. अपने पास्ट के काले साए को वह कभी अपने आज पर हावी नहीं होने देता. और सिर्फ गोजो ही नहीं, मैंने एक और मशहूर एनिमे' नारूटो' से भी अपनी कहानी का प्लॉट लिया है. नारूटो. जिसे हमेशा अकेला रहना पडा, जिसने लोगों की बहुत सी कडवी बातें और ताने सहे, लेकिन इन सबके बावजूद उसने कभी सच्चाई और अच्छाई का रास्ता नहीं छोडा. उसने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा. यह सब बातें मैंने इन किरदारों से सीखीं और अपनी किताब' यह जिंदगी' में उतार दीं. मेरी इस किताब का जो मेन कैक्टर है, उसने अपने पास्ट में बहुत कुछ सहा है, बहुत दर्द झेला है. लेकिन वह उन सब दुखों को भूलकर मुस्कुराना सीखता है, अपने गम को दुनिया से छुपाता है और एक नई, सकारात्मक शुरुआत करता है।
एम. एस. ने जैसे ही अपनी बात खत्म की, होस्ट ने उसकी तरफ देखते हुए मुस्कुराकर कहा, सच में, लोगों को आपकी इस कहानी को पढकर बहुत कुछ सीखने को मिला होगा. यही वजह है कि आपकी यह किताब आज इतनी ज्यादा फेमस है और लोगों के दिलों को छू रही है।
होस्ट ने अपनी डायरी के पन्ने पलटे और आगे कहा, चलिए, अब हम आपकी आखरी किताब पर आते हैं. आपकी किताब' द बेस्ट चाइल्ड'
होस्ट अचानक बीच में ही रुकी, उसने थोडा झेंपते हुए कैमरे की तरफ देखा और फिर एम. एस. से कहा, आई एम Sorry एम. एस. मैंने आपकी किताब का गलत नाम ले लिया. आपकी किताब का नाम' द बैड चाइल्ड' है. प्लीज, आप हमारे व्यूअर्स को इस कहानी के बारे में कुछ बताइए कि इसमें ऐसा क्या खास है?
एम. एस. ने गहरी सांस ली और मुस्कुराते हुए कहना शुरू किया, मेरी इस तीसरी किताब' द बैड चाइल्ड' का सबसे बडा इंस्पिरेशन पीटीजे (PTJ) हैं, जो मान्वा (Manhwa) की दुनिया के बहुत ही मशहूर और जीनियस ऑथर हैं. उन्होंने' Lookism' Viral Hit' और' My Life as a Loser' जैसी कई सुपरहिट मान्वा कहानियाँ लिखी हैं, जिन्हें फैंस बेहद पसंद करते हैं. मैं उनकी राइटिंग स्टाइल और कहानियों से बहुत ज्यादा इंस्पायर रही हूँ।
होस्ट ने उत्सुकता से पूछा, तो इस कहानी का प्लॉट क्या है?
एम. एस. ने आगे बताना शुरू किया, मेरी इस कहानी की नायिका एक सत्रह- 18 साल की लडकी है, जो बिल्कुल एक नॉर्मल लाइफ जी रही थी. लेकिन एक दिन उसके भाई से एक बहुत बडी गलती हो जाती है, वो शहर के एक बेहद मशहूर और खतरनाक गुंडे से पंगा ले लेता है. इस एक गलती की वजह से उस लडकी की पूरी फैमिली पर मौत का खतरा मंडराने लगता है. जब हालात बिल्कुल हाथ से निकल जाते हैं, तब वो मासूम लडकी अपने परिवार को बचाने के लिए खुद मैदान में उतरती है. वो उन मुश्किल हालातों से लडते हुए मार्शल आर्ट्स और फाइटिंग सीखती है. पीटीजे की कहानियों की तरह ही, इसमें भी एक्शन और इमोशन का एक जबरदस्त कॉम्बिनेशन है, जहाँ एक आम लडकी अपनी फैमिली के लिए एक फाइटर बन जाती है।
तभी होस्ट कहती है, एम. एस. हमारी लाइव ऑडियंस में से किसी ने आपसे एक बडा ही दिलचस्प सवाल पूछा है कि आपकी Love लाइफ कैसी है?
यह सुनकर एम. एस. मुस्कुराती है और जवाब देती है, मेरा कोई Boyfriend नहीं है. सच कहूं तो मुझे अभी तक किसी से प्यार ही नहीं हुआ है. मैं अपनी कहानियों और किरदारों को लिखने में इतना खोई रहती हूं कि इस सब के लिए किसी को वक्त ही नहीं दे पाती।
होस्ट मुस्कुराते हुए कहती है, इसी से जुडा एक दूसरा सवाल भी है हमारे व्यूअर्स का. एम. एस. आपने अभी तक आपकी किसी भी किताब में रोमांस या प्यार को इतने अच्छे से नहीं दिखाया है. इसके पीछे क्या वजह है?
एम. एस. थोडा झेंपते हुए कहती है, रोमांस के ऊपर मुझे कोई किताब सोचती ही नहीं है. मैंने एक बार ट्राई भी किया था, मगर मुझसे वो हो नहीं पाया।
दोनों इस बात पर हंस ही रहे थे कि तभी अचानक एम. एस. का मैनेजर दौडता हुआ मंच पर आता है. वह झुककर एम. एस. के कान में बहुत ही गंभीर आवाज में कुछ कहता है. मैनेजर की बात सुनते ही एम. एस. के चेहरे के एक्सप्रेशन पूरी तरह बदल जाते हैं. वह तुरंत होस्ट की ओर देखती है.
होस्ट एम. एस. के चेहरे को देखकर समझ जाती है कि बात बहुत जरूरी है. वह बिना वक्त गंवाए इस लाइव शो को बंद करने का फैसला करती है. शो को पूरी तरह बंद करने से पहले वह कैमरे की तरफ देखती है और लोगों से कहती है, दर्शकों, हमारी राइटर एम. एस. को अचानक एक बहुत ही जरूरी काम आ चुका है, जिसकी वजह से उन्हें अभी जाना होगा. इसलिए हम अब उनसे और बात नहीं कर पाएंगे और न ही आपके बाकी के सवाल पूछ पाएंगे. हमारे शो में आने के लिए आप सबका बहुत- बहुत धन्यवाद।
एम. एस. मंच से नीचे उतरते ही घबराए हुए लहजे में अपने मैनेजर से कहती है, क्या यह बिल्कुल पक्की खबर है?
मैनेजर ने गंभीर चेहरे के साथ सिर हिलाया और कहा, हाँ मैम, यह बिल्कुल पक्की खबर है. आपकी वह पुरानी किताब.
मैनेजर की बात सुनकर एम. एस. अंदर तक कांप जाती है. वह बेहद घबराते हुए तेज कदमों से स्टूडियो से बाहर निकलती है और अपनी ब्लैक Color की लग्जरी गाडी में जाकर बैठ जाती है. मैनेजर भी तुरंत उसके पीछे आकर बैठता है और ड्राइवर से चिल्लाकर बोलता है, गाडी चलाओ, जल्दी!
गाडी अपनी पूरी रफ्तार से सडक पर दौडने लगती है. अंदर एम. एस. और मैनेजर इस गंभीर मामले पर बात कर रहे थे. एम. एस. अपनी उंगलियों को आपस में भींचते हुए कहती है, अगर वह किताब लोगों ने पढ ली और किसी भी तरह उन्हें यह पता चल गया कि वह कहानी मैंने लिखी है. तो मेरे ऊपर बहुत से सवाल उठेंगे! तुम जानते हो ना कि उस किताब में एडल्ट सीन्स (adult scenes) थे, इसीलिए मैंने आज तक कभी भी उसे अपने असली नाम से पब्लिश नहीं किया था।
मैनेजर उसे शांत करने की कोशिश करते हुए कहता है, मैम, आप प्लीज Tension मत लीजिए. हम सब संभाल लेंगे. हमारी टीम इस पर काम कर रही है।
बाहर अंधेरा बढ रहा था और उनकी गाडी तेजी से रास्ते पर आगे बढती जा रही थी.
मैनेजर ने चिंतित होकर एम. एस. से पूछा, मैम, उस किताब के बारे में कुल कितने लोगों को पता है? मुझे पूरा शक है कि उन्हीं लोगों में से किसी ने यह बात बाहर लीक की है. अभी के लिए तो हमने सोशल मीडिया और इंटरनेट से इस बात को जैसे- जैसे दबा दिया है, लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई है. आप मुझे बताइए कि आपके अलावा किस- किस को इस बारे में मालूम था?
एम. एस. ने कुछ सोचते हुए बेहद परेशान आवाज में कहा, सिर्फ दो ही लोगों को इस बारे में पता है. एक मेरी दोस्त स्वाति और दूसरी.
एम. एस. अपनी बात अधूरी ही छोड देती है. मैनेजर तुरंत उसकी तरफ देखता है और कहता है, मैम, इस समय हम किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा नहीं कर सकते हैं. जिन- जिन लोगों को भी आपकी उस किताब के बारे में पता है कि वह आपने लिखी है, आप उन सबके नाम और पते मुझे सेंड कर दीजिए. बाकी का काम मैं और हमारी सिक्योरिटी टीम देख लेगी।
एम. एस. ने घबराकर मैनेजर की तरफ देखा और पूछा, यह बात मेरे परिवार वालों को तो नहीं पता चली ना?
मैनेजर ने तुरंत उसे दिलासा देते हुए जवाब दिया, नहीं मैम, अभी इस बारे में किसी को कुछ नहीं पता चला है. और वैसे भी मैंने आपके घरवालों को पहले ही बता दिया था कि इंटरव्यू खत्म होने के बाद आपको कुछ जरूरी लोगों से मिलना है, इसलिए हम आपके फ्लैट पर चलते हैं, वहाँ किसी को कुछ नहीं पता चलेगा. आप बिल्कुल फिक्र मत कीजिए, उन्हें कोई शक नहीं होगा. अभी आपको पैनिक होने की जरूरत नहीं है, आप बस घर चलिए और आराम कीजिए. हम अगले एक घंटे में घर पहुँच जाएंगे।
एम. एस. ने राहत की सांस ली और हाँ में सिर हिलाया. वह खिडकी के बाहर देखने लगी और सोचने लगी कि आखिर किसने उसके साथ ऐसा धोखा किया है.
गाडी अपनी पूरी रफ्तार से हाईवे पर दौड रही थी. तभी अचानक सामने से एक बडा ट्रक बेहद तेजी से लहराते हुए उनकी तरफ आया. इससे पहले कि ड्राइवर कुछ समझ पाता या गाडी को मोड पाता, उस तेज रफ्तार ट्रक ने एम. एस. की गाडी को जोरदार टक्कर मार दी!
एक बहुत भयानक आवाज हुई और एम. एस. की गाडी सडक पर कई बार पलटती चली गई. चारों तरफ सिर्फ चीख- पुकार और टूटे हुए शीशों की आवाजें गूंज उठीं.
आस- पास के लोग हादसे को देखकर भागते हुए गाडी की तरफ आते हैं. गाडी के अंदर एम. एस. की आँखें धुंधली सी खुली हुई थीं. उसने बेहद लाचारी से अपने पास बैठे मैनेजर की ओर देखा, जो पूरी तरह बेहोश हो चुका था. वहीं आगे की सीट पर मौजूद ड्राइवर शायद अब इस दुनिया में नहीं रहा था.
एम. एस. दर्द से कराहते हुए मन ही मन सोचती है, क्यों. मेरे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है? मैंने तो कभी किसी के साथ कुछ बुरा नहीं किया था. क्या मेरी जिंदगी का सफर यहीं खत्म होता है? क्या मैं बच पाऊंगी या नहीं? मेरी जिंदगी के साथ अब क्या होगा? क्या मुझे अब यहीं अपनी जिंदगी खत्म करनी पडेगी? नहीं. मैं अभी जीना चाहती हूँ! अभी तो मैंने अपनी जिंदगी में कुछ किया भी नहीं है, मैं अपनी लाइफ जीना चाहती हूँ. मैं. मैं आखिरी बार अपनी फैमिली को देखना चाहती हूँ, क्या मैं आखिरी बार उनसे मिल पाऊंगी?
तभी दूर से सायरन की आवाजें गूंजती हैं और बहुत तेजी से एंबुलेंस वहाँ पहुँचती है. उनके साथ पुलिस वाले भी आ जाते हैं. पुलिस और पैरामेडिक्स की टीम तुरंत एम. एस. और मैनेजर को गाडी से बाहर निकालकर एंबुलेंस में बिठाती है. एंबुलेंस के अंदर एम. एस. की हालत लगातार खराब होती जा रही थी, उसकी सांसें उखड रही थीं. उसे होश में रखने की कोशिश करते हुए एक वॉर्ड बॉय एम. एस. से कहता है, मैम! प्लीज अपनी आँखें खुली रखिए, बेहोश मत होइए!
वही दूसरी तरफ, शहर की एक ऊंची बिल्डिंग की छत पर एक लडकी अकेली खडी होती है. हवा तेज चल रही थी. वह लडकी रोते हुए अपने मन में कुछ बुदबुदाती है और फिर अचानक उस बिल्डिंग से नीचे कूद जाती है.
तस्वीर बदलती है और सीन सीधे Hospital के पास का दिखाया जाता है. एंबुलेंस के रुकते ही एम. एस. को स्ट्रेचर पर लिटाकर डॉक्टर और वॉर्ड बॉय बेहद तेजी से अंदर ले जा रहे थे. तभी वहाँ मीडिया की गाडियों की लाइन लग जाती है और भारी पुलिस बल आ जाता है. पुलिस वाले मुस्तैदी से मीडिया और कैमरों को Hospital के अंदर जाने से रोकते हैं.
तभी एक reportor कैमरे के सामने माइक संभालते हुए तेजी से चिल्लाता है, इस वक्त की सबसे बडी ब्रेकिंग न्यूज! मशहूर लेखिका एम. एस. जिन्होंने आज ही टीवी शो पर अपना फेस रिवील किया था और जिनका असली नाम' मानवी' है, इंटरव्यू देकर अपने घर लौट रही थीं. तभी रास्ते में एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी गाडी को जोरदार टक्कर मार दी. मानवी यानी एम. एस. की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. वह इस हादसे में बच पाएंगी या नहीं, आगे की हर अपडेट जानने के लिए जुडे रहिए हमारे साथ.
डॉक्टर्स एम. एस. को बेहद तेजी से सर्जरी Room (OT) की तरफ ले जा रहे थे. स्ट्रेचर के साथ भागते हुए एक doctor ने दूसरे डॉक्टर से चिंतित होकर पूछा, क्या हमें सर्जरी शुरू करने से पहले इसकी फैमिली का इंतजार नहीं करना चाहिए? अगर ऑपरेशन के दौरान इन्हें कुछ हो गया, तो हम उनके परिवार को क्या जवाब देंगे?
दूसरा डॉक्टर गंभीर आवाज में बोला, क्या तुम्हें सच में लगता है कि जब तक इसकी Family आएगी, यह जिंदा रह पाएगी? इसकी पल्स लगातार गिर रही है. और सुनो, उनके साथ जो दूसरा पेशेंट आया था, वह कहाँ है? उसकी भी हालत बहुत खराब है।
पहला डॉक्टर बोला, हाँ, वह दूसरे वार्ड में है।
तभी सीनियर डॉक्टर ने कडक आवाज में कहा, एक काम करो, बाकी डॉक्टर्स को भी तुरंत बुलाओ और दोनों की सर्जरी अभी के अभी शुरू करो!
इस पर एक जूनियर डॉक्टर ने कहा, सर, यह शहर की बहुत मशहूर राइटर हैं, अगर कुछ ऊंच- नीच हो गई तो.
सीनियर डॉक्टर ने उसे बीच में ही टोकते हुए कहा, एक डॉक्टर के लिए सब लोग एक जैसे होते हैं! हमें इस वक्त सिर्फ और सिर्फ उसकी जान बचाने पर फोकस करना चाहिए।
जूनियर डॉक्टर ने कहा, सर, बस पाँच मिनट इंतजार कर लेते हैं फैमिली के लिए।
वे लोग आपस में यह बात कर ही रहे थे कि तभी पीछे से एक भारी और गंभीर आवाज गूंजी, सर्जरी आप लोग शुरू कर सकते हैं. और मुझे पेपर्स दे दीजिए, मैं Sign कर दूंगा।
सारे डॉक्टर्स ने हैरान होकर पीछे मुडकर देखा. सीनियर डॉक्टर ने पूछा, वैसे, आप कौन हैं?
उस शख्स ने आगे कदम बढाते हुए कहा, मैं एम. एस. का बडा भाई हूँ।
एम. एस. का भाई अशोक नर्स के हाथ से तुरंत वो पेपर्स लेता है और उन पर अपने Sign कर देता है. Sign करते हुए वह गंभीर आवाज में पूछता है, मैनेजर की हालत कैसी है? उनकी भी सर्जरी होगी, उसके पेपर्स भी मुझे दे दीजिए, मैं दोनों की यह रिस्पांसिबिलिटी लेने के लिए तैयार हूँ।
नर्स हैरानी से उसकी तरफ देखती है और अपनी गर्दन हिलाते हुए उसे दूसरा डॉक्यूमेंट भी थमा देती है. उस पेपर पर भी Sign करने के बाद वह नर्स से पूछता है, उन लोगों को कुछ होगा तो नहीं ना?
नर्स बिना कुछ कहे वहाँ से चली जाती है, लेकिन उसके मन में एक अजीब सा सवाल चल रहा था. वह मन ही मन सोचती है, मैंने आज तक Hospital में बाकी फैमिली मेंबर्स को हमेशा रोते- चिल्लाते और बदहवास होते देखा है, लेकिन यह लडका बिल्कुल शांत है. सच में उसका भाई है भी या नहीं?
दूसरी तरफ, एम. एस. के भाई अशोक को दिखाया जाता है जो बाहर जाके कोने में सिगरेट पीते हुए सोचता है, अगर मुझे पता चल गया कि उस किताब के बारे में बाहर किसी को किसने बताया है, तो मैं उसे छोडूंगा नहीं! मानवी को मैंने उस समय समझा तो दिया था, और वह मामला वहाँ तब दब भी गया था. मगर मुझे आज ही पता चला कि उस किताब के बारे में कुछ और लोगों को पता चल गया है. मैं तुरंत समझ गया था कि मानवी इस वक्त बहुत ज्यादा Tension में होगी, इसीलिए मैं घर से बहुत तेजी से निकला था. मैंने सोचा था कि मैं उसे संभाल लूँगा और उसे समझाऊँगा. मगर रास्ते में ही यह हादसा हो गया! अगर मुझे पता चल गया कि वह कौन कमीना है, तो मैं उसे छोडूंगा नहीं! मुझे पता है कि मुझे इस वक्त मजबूत बनके रहना होगा, वरना मॉम- डैड को कौन सांत्वना देगा? मेरी प्यारी छोटी बहन. अगर उसे कुछ हो गया तो मैं अपने आप को कभी माफ नहीं कर पाऊंगा. क्यों. मैं थोडी देर पहले क्यों नहीं आ पाया! काश मैं थोडी देर पहले आ जाता तो मैं उसे अपने घर ले जाकर समझाता और यह हादसा होता ही नहीं!
वह गुस्से में अपनी सिगरेट नीचे फेंकता है और किसी तरह अपनी हालत को ठीक करते हुए Hospital के अंदर जाता है.
तभी अचानक Hospital के एंट्रेंस पर तेजी से एक गाडी आती है और उसमें से दो लोग बाहर निकलते हैं. वे दोनों तेजी से भागते हुए मानवी के भाई अशोक को आकर पकडते हैं—वे मैनेजर के माता- पिता थे. मैनेजर की माँ रोते हुए चीखती हैं, हमारा बेटा कैसा है? बताओ ना अशोक, क्या हुआ है उसे?
अशोक खुद को संभालते हुए कहता है, अंकल, आंटी. वह अभी सर्जरी Room में है. डॉक्टर्स उसका ऑपरेशन कर रहे हैं।
यह सुनते ही वे दोनों तेजी से भागते हुए कॉरिडोर की तरफ जाते हैं और सीधे सर्जरी Room के दरवाजे के सामने जाकर खडे हो जाते हैं. मैनेजर की माँ का रो- रोकर बुरा हाल था, वह बहुत तेजी से रो रही थीं. उनके पिता अपनी पत्नी को किसी तरह बाहों में संभालते हैं, जबकि उनकी खुद की आँखों से भी आँसू बह रहे थे.
तभी अशोक पीछे से अंदर आता है और उनसे कहता है, अंकल, आंटी. प्लीज अपने आप को संभालिए।
दोनों ही सर्जरी Room के अंदर डॉक्टर्स पूरी लगन से ऑपरेशन कर रहे थे. बाहर वे तीनों बैठे ही थे कि ऐसे ही देखते- देखते दो घंटे बीत गए.
तभी एक Room से डॉक्टर बाहर निकलते हैं. मैनेजर की माँ तुरंत डॉक्टर से पूछती हैं, मेरा बेटा रोहित कैसा है?
डॉक्टर जवाब देते हैं, अब वह खतरे से बाहर है।
रोहित की माँ राहत की सांस लेते हुए अपने पति के गले लग जाती हैं और डॉक्टर को थैंक You कहती हैं. वे दोनों मिलकर डॉक्टर को धन्यवाद कहते हैं.
तभी थोडी देर बाद दूसरे Room से डॉक्टर बाहर निकलते हैं. अशोक तुरंत उनके पास जाता है और पूछता है, मेरी बहन मानवी कैसी है?
डॉक्टर जवाब देते हैं, देखिए, सर्जरी तो हो चुकी है. मगर उनकी हालत अभी बिल्कुल भी अच्छी नहीं है. उन्हें बहुत ज्यादा चोटें लगी थीं, उनके लिए अगले चौबीस घंटे खतरे से भरे हुए हैं।
इतना कहकर डॉक्टर वहाँ से चले जाते हैं. डॉक्टर की यह बात सुनते ही अशोक अपने आप को संभाल नहीं पाता और उसके कदम लडखडाने लगते हैं.
तभी सीन बदलता है और हमें किसी की आँखें खुलती हुई दिखती हैं. वह धीरे- धीरे अपनी आँखें खोलती है और कहती है, क्या. क्या मैं बच गई हूँ?
वह लेटने (या उठने) की कोशिश करती है, मगर उसका पूरा शरीर जैसे जाम हो चुका था, वह चाहकर भी उठ नहीं पा रही थी. जब वह अपने शरीर को महसूस करने के लिए अपना हाथ उठाने की कोशिश करती है, तो अचानक अपने हाथों को देखकर उसके होश उड जाते हैं.
वह घबराहट में अपनी थोडी सी गर्दन हिलाती है. तभी उसकी नजर पास में ही रखे एक आईने (शीशे) पर पडती है. जैसे ही वह आईने में खुद को देखती है, वह बुरी तरह चौंक जाती है!
Hospital के उस शांत कमरे में जब वह लडकी आईने में अपना चेहरा देखती है, तो वह पूरी तरह चौंक जाती है. वह गहरी सोच में डूब जाती है.
लडकी (मन ही मन): यह क्या. क्या मेरा एक्सीडेंट में इतना खराब चेहरा हो गया था जिसकी वजह से डॉक्टरों को प्लास्टिक सर्जरी करनी पडी? नहीं. जहाँ तक मुझे याद है, मेरे चेहरे पर इतनी ज्यादा चोट तो नहीं लगी थी!
तभी अचानक उस लडकी का सिर बहुत तेजी से दर्द करने लगता है. वह अपने हाथ उठाने की कोशिश करती है, लेकिन कमजोरी की वजह से पहले उसका हाथ उठ नहीं पा रहा था. वह जैसे- तैसे करके अपनी पूरी ताकत लगाती है और अपना हाथ उठाकर अपने सिर पर रखती है.
लडकी: आह! मेरा सर. मेरा sir बहुत ज्यादा दर्द कर रहा है!
जैसे ही वह अपने सिर को पकडती है, उसे कुछ धुंधली यादें दिखाई देने लगती हैं. वह घबरा जाती है क्योंकि वे यादें उसकी अपनी नहीं थीं.
लडकी (मन ही मन): ये यादें किसकी हैं? यह सब तो मेरा अतीत नहीं है.
उसकी आँखों के सामने जो यादें चल रही थीं, उसमें वह लडकी अपने परिवार के साथ थी. उसकी जिंदगी बहुत अच्छी cut रही थी. उसका बचपन, स्कूल के दिन, सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था. फिर अचानक उस लडकी की जिंदगी में एक लडका आया और उसे वह लडका पसंद आ गया. उस लडकी ने उस लडके के लिए बहुत कुछ किया और कुछ साल बाद दोनों ने आपस में शादी कर ली.
मगर शादी के बाद वह लडका उसे अच्छे से ट्रीट नहीं करता था. उस घर में लडकी की हालत बहुत खराब थी. एक दिन वह लडका तैयार होकर उसके पास आता है.
पति: मैं कंपनी जा रहा हूँ. और सुनो, इस घर में अच्छे से पोछा लगाओ. मैंने तुमसे कितनी बार कहा है कि हाथ से पोछा लगाया करो!
वह लडका इतना कहकर और पैर पटककर वहाँ से चला जाता है. तभी उस लडकी की नजर सोफे पर पडती है और वह देखती है कि उसके Husband अपनी जरूरी फाइल वहीं भूल गए हैं. वह फाइल उठाती है और अपने पति को आवाज देते हुए रोकने की कोशिश करती है, मगर उसका पति गाडी में बैठकर कब का जा चुका था.
वह घबराकर आस- पास देखती है, तो उसे सडक पर एक ऑटो खडा दिखाई देता है. वह भागकर ऑटो वाले के पास जाती है.
लडकी: भैया, प्लीज उस गाडी के पीछे ले चलो!
रास्ते में वह अपने पति को फोन लगाने की कोशिश करती है, लेकिन जैसे ही बैग में हाथ डालती है, उसे अपनी भूल का एहसास होता है.
लडकी: ओह माय गॉड! मैं तो अपना फोन घर पर ही भूल गई।
कुछ देर बाद वह देखती है कि उसका Husband ऑफिस जाने के बजाय एक आलीशान फ्लैट पर जा रहा है. वह ऑटो से उतरती है और चुपके से