हालात
ईश्वर के हौसलों से हालात बदल दिये l
परिस्थिती ने दिए आघात बदल दिये ll
अच्छे कर्मो का फल मीठा ही होता है कि l
उसके रहमो कर्म से साक्षात बदल दिये ll
जब से ईश्वर की रहमत पाई है तब से ही l
जिंदगी में आनेवाले आयात बदल दिये ll
आहिस्ता आहिस्ता आगे बढ़ रहे हैं और l
जीवन में नजरिया जज्बात बदल दिये ll
कुछ साथ नहीं लेकर जानेवाले है तो सखी l
सभी आचार,विचार, आदात बदल दिये ll
१-७-२०२६
मेहंदी
हौसलों की मेहंदी सजाए जीने की शुरुआत कर रहे हैं l
महफिल में पहली बार ही पीने की शुरुआत कर
रहे हैं ll
किसीको को तो पहल करनी पड़ेगी तो आज
ख़ुद ही l
कच्चे रिस्तों को फ़िर से सीने की शुरुआत कर
रहे हैं ll
हुस्न वालों का दिल बहलाने के लिए मस्ती भरे
लम्हों में l
खुली फिजाओ में नशीले गाने की शुरुआत कर
रहे हैं ll
कई दिलों से उदासियों का माहौल बना आस
पास कि l
चहेरे पर खुशी की लाली लानेकी शुरुआत कर
रहे हैं ll
जिस को ख्वाबों ख्यालों में भी छू सकते नहीं
हैं तो l
बड़ी हिम्मत जुटाकर उसे छूने की शुरुआत कर
रहे हैं ll
२-७-२०२६
बेवफ़ा मेहबूबा
बेवफ़ा मेहबूबा की ना आए याद जरूरी तो नहीं l
कोई जिन्दगी भर निभाए साथ जरूरी तो
नहीं ll
तन्हाई और अकेलेपन को साथी बना लेना
चाहिए l
रोज रोज हो मुरादों वाली रात जरूरी तो
नहीं ll
प्यार का मतलब ये नहीं हर मीठी बाते
हो l
प्यारी रसीली नशीली हो बात जरूरी तो
नहीं ll
हमनवाज़ साथ रहकर भी एकदूसरे से
जुदा है l
हाथो में हो हमसफ़र का हाथ जरूरी तो
नहीं ll
परिस्थितियाँ और तक़दीर भी साथ देती
नहीं l
हर लम्हा एक जैसे हो हालात जरूरी तो
नहीं ll
३-७-२०२६
बेवफ़ा मेहबूबा की याद से निकलना चाहता हूँ l
नया सवेरा नई जिंन्दगी में ढलना चाहता हूँ
ll
एक तरफ़ा मोहब्बत का शिकार होकर आज
l
अपनी ही लगाई हुई आग में जलना चाहता हूँ
ll
कोई उम्रभर किसीका हाथ पकड़े नहीं चलता
l
खुद की मर्जी से ख़ुद की राह चलना चाहता हूँ
l
जिंदगी का सफ़र बहुत लम्बा होता है तो सखी
l
अपने पैरों पर खड़ा रहकर संभलना चाहता हूँ
ll
एक जैसे दिन सभी के नहीं होते है तय किया
l
हालात कैसे हो अपने बल पर पलना चाहता हूँ
ll
३-७-२०२६
शराफ़त
शराफ़त से जीने के लिए हौसलों की जरूरत होती हैं ll
कटु शब्द को पीने के लिए हौसलों की जरूरत होती हैं ll
बेवफा मेहबूब दिल तोड़कर चल दी बेपनाह
इश्क़ में l
चाक जिगर सीने के लिए हौसलों की जरूरत होती हैं ll
कायनात में कभी कुछ बिना मेहनत के नहीं
मिलता l
बहाने को पसीने के लिए हौसलों की जरूरत होती हैं ll
तन्हाई का शिकार हो जाता है मोहब्बत टूटने
पर l
गमे इश्क़ उठाने के लिए हौसलों की जरूरत
होती हैं ll
बागबान बड़े प्यार, ममता औ जतन से सीचे
तो भी l
गुलों को खिलने के लिए हौसलों की जरूरत होती हैं ll
४-७-२०२६
अनचाही राह
अनचाही राहों से ख़ुद को हटा देना चाहिए l
दिलों दिमाग से रास्तें ही मिटा देना चाहिए ll
एक की जिम्मेदारी नहीं मोहब्बत निभाने की l
जिसे परवा ना उसे धूल चटा देना चाहिए ll
आख़िर मुलाकात के समय बिछड़ते वक्त l
करनेवाली बात दिल को रटा देना चाहिए ll
काश निगाहों को पढ़कर हाले दिल समझता l
धीमे धीमे राब्ता ख़ुद ही घटा देना चाहिए ll
जानेवाले कभी लौटकर वापिस नहीं आते l
अपनेआप को कैसे भी पटा देना चाहिए ll
५-६-२०२६
जो राज था, वो खुला न था
जो राज था, वो खुला न था, वो बेसाख्ता हो गया l
राज तो राज ही रहा भीतर से ही वास्ता हो
गया ll
राज अपने अंदर छुपाए कहां चले पता ही न
चला l
दिल का तन्हाई और अकेलेपन से राबता हो
गया ll
जब अकेले चलने की शुरुआत की तब से ही
तो l
जिंदगी से बहुत लम्बी सड़कों का भी पता हो
गया ll
मंज़िल तक पहुचने के लिए एक धुन मन में
लिए l
जैसे जैसे आगे बढ़ते गया वैसे वैसे रास्ता हो
गया ll
जिंदगी में सुख दुःख के इतने रंग दिखा दिये
कि l
अपनेआप को ही सब सीखते हुए शास्ता हो
गया ll
६-७-२०२६
शब्दों का सफ़र
दिल तक शब्दों का सफ़र तय करने में वक्त लगता हैं l
नशीली यादों का सफ़र तय करने में वक्त लगता हैं ll
मोहब्बत में दो दिलों को रिश्तों में दरार हो
तब l
प्यार में वादों का सफ़र तय करने में वक्त
लगता हैं ll
हुस्न तक जाती हुई सभी राहों के रोडो को
हटाकर l
मुलायम हाथों का सफ़र तय करने में वक्त
लगता हैं ll
नजरों की गुज़ारिश को समझकर मिलने
आए तब l
चाँदनी रातों का सफ़र तय करने में वक्त
लगता हैं ll
जिंदगी चलता हुआ कारवाँ बनती जा रही
हो वहां l
रंगीले से गानों का सफ़र तय करने में वक्त
लगता हैं ll
७-७-२०२६
मौसम का मिजाज़
मौसम का मिजाज़ बदलने में देर नहीं लगती हैं l
प्रकृति का जिगर छलकने में देर नहीं लगती हैं ll
कभी धूप कभी छाव कभी तेज़ हवा का झोंका l
बयारों का रुख पलटने में देर नहीं लगती हैं ll
आँधी, तूफान, मूसलाधार बारिश के कहर से l
बुलंद हौसलों से छटकने में देर नहीं लगती हैं ll
क्यूँ मिजाज़ आज रूंआसा रूंआ सा है कि l
कड़ी धूप में बारिश बरसने में देर नहीं लगती हैं ll
फ़िजाओ का रंग बदल रहा हवाए जोरो से चली l
दिल में धड़कन गरजने में देर नहीं लगती हैं ll
८-७-२०२६
सुलगता इश्क़
सुलगते इश्क़ से सीने में सुनामी आई हैं l
छलकते इश्क़ से सीने में सुनामी आई हैं ll
मुलाकात की तड़प इस तरह बढ़ गई कि l
तडपते इश्क़ से सीने में सुनामी आई हैं ll
युगों से तरस गई निगाहें देखने के लिए l
तरसते इश्क़ से सीने में सुनामी आई हैं ll
९-७-२०२६
आसमान
जीने के लिए एक मुट्ठी आसमान चाहिए l
कलि को खिलने के लिए बागबान चाहिए ll
प्यार मोहब्बत तो बच्चों का खेल नहीं है l
हुस्न का दिल जीतने को आहवान चाहिए ll
पैसे की बोलबाला इंसान की किमत नहीं l
आज कल सब को बड़ा खानदान चाहिए ll
चार दिन जीने को आये है जहान में तो l
जिंदगी शान से जीने आनबान चाहिए ll
कोई किसीको भी नहीं समझ शकता है l
खुद को समझने को आत्मज्ञान चाहिए ll
१०-७-२०२६
जिंदगी के सलीब
जिंदगी के सलीब के साथ जीना सीख लो l
कड़वे मीठे सभी बोल को पीना सीख लो ll
बड़े से बड़ा ज़ख्म भी वक्त भर देगा तो l
खामोश रहकर ही मुँह सीना सीख लो ll
ये वो दौर नहीं रहा कोई सलाह भी सुने l
जरा बातचीत करने का तरीका सीख लो ll
कायनात में हर चीज़ बदलती रहती है तो l
परिस्थिती बदले तो भी बीना सीख लो ll
११-७-२०२६
बधाई हो बधाई
बधाई हो बधाई विरा शज़र पर बहार आई l
खुशीयों के मारे बयार ने शहनाई बजाई ll
चौतरफ फ़िज़ाओं में खुशनुमा खुशबु फेला l
उपवन में रंगबिरंगी फूलों से डाली सजाई ll
हवाएँ भी रंगीन मिजाज की होती है कि l
कायनात में चारो ओर की खुशबु लाई ll
खुशी की आंधी में सभी जगह जगह पर l
वन उपवन की फ़िज़ाओं ने रागिनी गाई ll
कायनात को हरा भरा आहलदायक बना l
सभी जिव को बहार की रीत है भाई ll
१३-७-२०२६
तेरे मेरे सपने
तेरे मेरे सपने एक होकर क़ायनात को जीने लायक बनाएंगे l
लाज़वाब लचीला हरियाला सौंदर्य को पीने
लायक बनाएंगे ll
१४-६-२०२६
बरसात में
बरसात में इश्क़ वालों के हौसले बढ़ जाते हैं l
हुस्न वाले निगाहों से मोहब्बत पढ़ जाते हैं ll
मौसम की या इश्क़ की इंतिहा ही कहो कि l
बादलों के पार पहुँचने ऊपर चढ़ जाते हैं ll
आहलदायक नशीले से माहौल में दौनों ही l
बारिस में भिगकर भिगोकर सज जाते हैं ll
बड़ा लुफ़्त आ रहा है एक छाते के अंदर की l
तेज़ तूफानी बारिस से कहर से बज जाते हैं ll
जब कन्हैया से मिलना हो खुशी में वहां वो l
तब कुंज बिहारी की गलियों में बज्र जाते हैं ll
१५-७-२०२६