The miracle of Hanuman ji, the trouble-solver in Hindi Spiritual Stories by palak baisla books and stories PDF | संकट मोचन हनुमान जी का चमत्कार

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संकट मोचन हनुमान जी का चमत्कार

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव रामपुर में मोहन नाम का एक गरीब लड़का रहता था। मोहन बचपन से ही हनुमान जी का बहुत बड़ा भक्त था। उसके घर में कुछ नहीं था, लेकिन उसके दिल में हनुमान जी के लिए अटूट श्रद्धा थी। वह रोज सुबह 4 बजे उठकर हनुमान चालीसा का पाठ करता था और हर मंगलवार को बिना नागा किए हनुमान मंदिर में सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाता था।

मोहन का एक ही सपना था कि वह अपनी माँ का इलाज करा सके। उसकी माँ बहुत बीमार थी और डॉक्टर ने कहा था कि शहर के बड़े अस्पताल में इलाज होगा जिसके लिए 50,000 रुपये चाहिए। मोहन के पास एक रुपया भी नहीं था। गाँव के लोग उसका मजाक उड़ाते थे कि तेरा हनुमान तुझे पैसा देगा क्या।

एक रात उसकी माँ की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई। साँस लेना भी मुश्किल हो रहा था। डॉक्टर ने कहा अगर सुबह तक शहर नहीं ले गए तो माँ नहीं बचेगी। बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी, नदियाँ उफान पर थीं। कोई गाड़ी वाला गाँव से बाहर जाने को तैयार नहीं था।

मोहन रोता हुआ हनुमान जी के मंदिर में गया। वहाँ घुटनों पर बैठकर रोने लगा। उसने कहा, "हे बजरंगबली, आपने तो हमेशा अपने भक्तों की रक्षा की है। आज मेरी माँ की रक्षा कौन करेगा। अगर आप सच में हो तो मेरी मदद करो।"

रोते-रोते उसकी आँख लग गई। सपने में उसने देखा कि एक विशाल वानर जिसका शरीर पर्वत जैसा है, लाल सिंदूर लगा हुआ है, उसके सामने खड़ा है। उन्होंने कहा, "बेटा मोहन, डर मत। मैं हूँ ना। सुबह तक सब ठीक हो जाएगा। तू मेरी सिंदूर वाली चौकी से थोड़ी सी मिट्टी ले जा और अपनी माँ के माथे पर लगा दे।"

मोहन की आँख खुली तो मंदिर की चौकी पर सच में सिंदूर की मिट्टी चमक रही थी। वह जल्दी से थोड़ी मिट्टी लेकर घर भागा और अपनी माँ के माथे पर लगा दी। चमत्कार देखो, माँ की साँसे धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं। बुखार उतर गया।

सुबह जब बारिश रुकी तो गाँव के मुखिया का आदमी मोहन के घर आया। मुखिया ने कहा, "मोहन, कल रात मेरे सपने में हनुमान जी आए थे। उन्होंने कहा कि मोहन की मदद कर। ये ले 50,000 रुपये, अपनी माँ का इलाज करा ले।"

मोहन की आँखों में आँसू आ गए। वह समझ गया कि यह कोई और नहीं, स्वयं संकट मोचन हनुमान जी की लीला है। उसने माँ का इलाज कराया और माँ बिल्कुल ठीक हो गई।

आज भी मोहन हर मंगलवार को हनुमान जी को लड्डू का भोग लगाता है और कहता है, जो सच्चे दिल से हनुमान जी को याद करता है, उसके सारे संकट हनुमान जी खुद हर लेते हैं।उसके बाद पूरे गाँव में यह बात आग की तरह फैल गई। सभी लोग मोहन के घर हनुमान जी का चमत्कार देखने आने लगे। गाँव के लोगों ने भी हनुमान जी की भक्ति शुरू कर दी। मोहन ने अपने घर में हर दिन हनुमान जी का भजन-कीर्तन शुरू कर दिया और उसकी माँ अब सबको कहती है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती।

बोलो संकट मोचन हनुमान जी की जय, जय श्री राम।