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*વીજળી ઝબકી ને વાદળ મા શમી...*
*જાણે "રાધા શ્યામ " મા ભળી...**

-- Nidhi

માતૃભારતી થકી પ્રસારિત થઇ https://www.matrubharti.com/bites/111121204

तुम #ज़माने से जा मिले वरना...
....,,..
#ज़माने को तुमसे हम मिलवाते..!!

हसते तो हम आज भी है पर
वो मुस्कान खो बैठे जो तेरी वजह से आती थी.....

लिखा है डॉक्टर ने दवा की जगह तुम्हारा नाम
और ये भी लिखा है
सुबह, दोपहर, शाम.

दूरियों " का ग़म नहीं अगर "फ़ासले" दिल में न हो l

नज़दीकियां" बेकार है अगर जगह दिल में ना हो ।