लेखन विधा- कहानी, लेख, छंदमुक्त कविता...आकाशवाणी से कहानियों का प्रसारण, दूरदर्शन से वार्ता प्रसारित, एक कहानी संग्रह मुम्बई से, सरिता,कादम्बिनी,नंदन,रूपायन अन्य बहुत पत्रिकाओं में प्रकाशित..........उपन्यास प्रेस में.......छाया अग्रवाल

पूर्णिमा आनन्द रस से आत्म विभोर हो उठी। दोनो हाथोँ से गालो को थामें झूम उठी। अनैतिक कहा जाने वाला सम्बन्ध, भत्सर्ना के रंग सब फीके लग रहे थे। वो विनोद से लिपट गई। आलिंगन पाश के लिये तड़प उठी। समाज की रुढ़ीवादी मान्यताएं इस विराट प्रेम के समक्ष तुच्छ सी लग रही थीं। 'विनोद मुझे लाल रंग के सिंदूर से क्या लेना...?परिपक्वता, आत्म सम्मान और सानिध्य है हमारे पास। जी लेंगे हम,

पढ़े कहानी बेशर्म.....केवल मातृभारती पर

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एक बूँद इश्क को आप सब का अथाह प्यार मिल रहा है नतीजनन इस बार हमारा नाम छठे पायदान पर...बहुत खुशी के साथ सभी पाठकों का धन्यवाद.....सच्चे पवित्र और बेहिसाब प्रेम के लिये पढ़ते रहे 'एक बूँद इश्क'

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Chaya Agarwal लिखित कहानी "वारिस" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19894064/varis

आज लिविग रिलेशनशिप, अनयंत्र प्रेम संबध और रईसाना शौक कोई नये नही हैं....पहले भी ऐसे संबध खूब फलते-फूलते थे वेशक वह काठ के मोटे दरवाजों में छिपे रहते थे..ऐसे ही एक ठाकुराना घराने की कहानी मैं लेकर आ रही हूँ जहाँ प्रेम है या शारीरिक सुख? भावनायें हैं या स्वार्थ आप खुद ही पढ़िये आज रात 11:00 बजे 'वारिस' सिर्फ मातृभारती पर

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Chaya Agarwal लिखित कहानी "एक बूँद इश्क - 24 - अंतिम भाग" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19893422/ek-bund-ishq-24-last-part
पढ़िये एक बूँद इश्क का अन्तिम भाग

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आज शुक्रवार सुबह सात बजे एक बूँद इश्क का अंतिम भाग

Chaya Agarwal लिखित कहानी "एक बूँद इश्क - 23" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19893222/ek-bund-ishq-23
दोस्तों जल्दी से पढ़ डालिये एक बूँद इश्क का 23वाँ भाग

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इस सप्ताह फिर पाँचवें स्थान पर,,,, आप सभी का दिल से आभार है मित्रों

Chaya Agarwal लिखित कहानी "एक बूँद इश्क - 22" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
https://www.matrubharti.com/book/19893114/ek-bund-ishq-22
आज 22वाँ भाग...कहानी अपनी मंजिल की तरफ मुखरित हो चुकी है पढ़िये दोस्तों...

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इस सप्ताह एक और छलांग ....पाचवें न. पर ,,, आप सभी पाठकों का दिल से आभार...आप न होते तो ये स्थान भी न बदलता