#theUntold क़ाफ़िया #मुझको मेरे वजूद की हद्द तक न जानिए..,. बेहद्द हूँ | बेहिसाब हूँ | बेइंतहा हूँ में |

वैसे तो कईं आंधी-तूफ़ां आये मग़र हम टूट-बिख़र कर भी फ़िर ख़ड़े हों गये..,
ज़िंदगी ने भी क़्या ख़ूब तज़ुर्बे सिखाये कि उम्र-ए-बचपन मे हम बड़े हों गये..!

#TheUntoldकाफ़िया

insta @kafiiya_

#DXB #welivinglife 🤘🏻🍷

Read More

●जिंदगी

रातें बसर कर जान लुटा दी गयी बिछड़कर फिर मिलूं मजबूरी नहीं..,
आँखों से कुछ लोग गिरा दिए जाये हरबार आँशु ही गिरे जरूरी नहीं..।

दरमियाँ सफ़र-ए-मुक्कमल मौत हैं ख़्वाईशें बहोत हैं राबतों से मेरी दूरी नहीं..,
जिश्म को पा लेना ही इश्क़ हैं तो सुनो मेरी रूह बेनकाब हैं अधूरी नहीं..।

दिल पर हों रही बारिश-ए-प्यार.., यहाँ कोई मसअला हैं यारी तो नहीं..,
नशा उतर गया पर ख़ुमार बाकी हैं मैंने सिर्फ फ़रमान किया हैं जारी तो नहीं..।

साक़ी उसे कहना रिश्ता निभा सके तो हीं आये इस मर्तबा ग़द्दारी नहीं..,
मुझसे मिल वो रोनें लगा तो कहाँ नाटक बंध करो तुम्हारी साँसे भारी नहीं..।

ग़र जाना भी चाहों तो शौक से जाओ मुझे भी ऐसी रिश्तेदारी प्यारी नहीं..,
खुश रहों आबाद रहों "काफ़िया" किसीके बिना जिंदगी इतनी भी बुरी नहीं..।

#TheUntoldकाफ़िया

insta @kafiiya_

Read More

•ख़याल

हां महज़ सिर्फ कुछ ख़याल हीं तो थे मग़र क्या ख़याल थे..!जिसमे तुम सिर्फ हमारे हों गये..,
अब मेहफ़िलों में ख़ुदको समेटता रहता हूँ कुछ यूँ टुटा हूँ कि ज़माने भर में नजारे हों गये..!

अधूरे रेह गये कुछ ख़्वाब जो थे तेरे और मेरे सहारे रात में सूरज दिन में सितारें सो गये..,
तुम गई हों जहाँ से तो कुछ यूँ उलझ गया में की सेहरा में संमदर किनारे हों गये..!

रातों के दरमियाँ फिर कभी नींद नसीब ना हुई कब्र पे रखे पथ्थर मीनारे हों गये..,
लिख-लिखकर कैसे बताऊ में की समझते थे जो मुझे ख़ुदा को प्यारे हों गये..!

मेहफ़िल-ए-ज़िक्र हैं तो क्या ही बताऊ मतला की रही जिंदगी गज़ल के सहारे हों गये..,
बेशक़ अश्को से यारी हैं मेरी सुननेवालों से सुना हैं लफ़्ज़ों से खामोश गुज़ारे हों गये..!

अक़्सर ढूंढता रहता हूँ तुमको दरमियाँ जितने भी शहर आये खँडहर सारे हों गये..,
जो ज़ख्म कभी भरते हीं नहीं थे "काफ़िया" गया हूँ मैखाने जब से मय-आशिक़ तुम्हारे हों गये..!

#TheUntoldकाफ़िया

insta @kafiiya_

Read More

•ख़ामोशीया

कुछ शोर हैं शेर-ओ-शायरी में हर ग़ज़ल का मतला रोता क्यूँ हैं..?
अरे बाकायदा तुम तो जाँ हों मिसरे की मौत से पहले सोता क्यूँ है..!

रात की गिरफ्त में क़ैद जज़्बात हैं ज़ाहिर कुछ नहीं होता क्यूँ है..?
एक समंदर जो आँखों में भरा पड़ा हैं दिल से फिर समजोता क्यूँ हैं..!

दौर-ए-शिकस्त की गज़ले क्या सुनाई शहरभर में सन्नाटा क्यूँ हैं..?
तुम तो छोड़कर चले गये अय हमसफ़र दिल-ए-आग बुजाता क्यूँ हैं..!

वो ख़्वाब जो अब कभी पूरे ना होंगे उसमें ख़ुदको खोता क्यूँ हैं..?
जज़्बात पन्नों पर रातभर सुखाकर ख़ामोश चीखता-चिल्लाता क्यूँ हैं..!

मैखाना हैं तो फिर यहाँ शराब ही मिलेगी मौत को गले लगाता क्यूँ हैं..!
मोहब्बत__मोहब्बत हैं "काफ़िया" हरकिसीको गज़ले सुनाता क्यूँ हैं..?

#TheUntoldकाफ़िया

Insta @kafiiya_

Read More

•છૂટ છે તને..!

એકાંત માં એકાદ-બે પળ હું ચાહું શ્વાસો બધાજ તારા છે લૂટવાની છૂટ છે તને..,
એક અરસાથી આમ તો ભૂલી નથી શકતો એ નામનો કક્કો ઘૂટવાની છૂટ છે તને..!

ફકત અંધારું સહિયારું સાંપડ્યું છે મને આકાશે તારાઓ ચૂંટવાની છૂટ છે તને..,
મધદરિયે લાગણીઓની છતાંય તરસ લાગી છે ઝાકળ જેમ ખૂટવાની છૂટ છે તને..!

સાચ્ચું કઉં તો આગ સરીખું જીવતર જાય છે જ્વાળામાંથી ઉઠવાની છૂટ છે તને..,
ક્યારેક હું સાવ એકલો હોઉં છું સતત ત્યારે અજવાળાં પૂરવાની છૂટ છે તને..!

કંઈક વર્ષોથી જામી છે ધૂળ એક સંભારણા પર છબીમાંથી ફૂટવાની છૂટ છે તને..,
હું ખુશ છું ખરેખર હું ખુશ છું..?! જીવતી લાશ છું ને છાતી કુટવાની છૂટ છે તને..!

આમ તો હું મનાવી જ લઈશ છતાંય જો ઈચ્છે તો મારાથી રુઠવાની છૂટ છે તને..,
'ઘા' તો ઘણા સહન કરી ગયો "કાફિયા" આવ અંગતમાં તૂટવાની છૂટ છે તને..!

#TheUntoldકાફિયા

#roughnote #random

insta @kafiiya_

Read More

આમ તો હું મનાવી જ લઈશ છતાંય જો ઈચ્છે તો મારાથી રુઠવાની છૂટ છે તને..,
'ઘા' તો ઘણા સહન કરી ગયો "કાફિયા" અંગતમાં અરીસા જેમ તૂટવાની છૂટ છે તને..!

#TheUntoldકાફિયા
#Random

Insta @kafiiya_

Read More

•जज़्बात

कुछ जज़्बात हैं कि आंखों से छलकने लगे हैं..,
नाम सुनकर ख़याल-ए-गुलज़ार बहकने लगे हैं..!

बे इब्ब्तिला ग़ैर रातों से रुख़सत क्या हों गई
वो आवारा हैं कि हरकिसीसे दिल लगाने लगे हैं..!

ज़ालिम ये दुनिया भी क्या क़हर ढ़ा रही हैं..,
मुकर जाते हैं वादा कर के और मुस्कुराने लगे हैं..!

कोई आये ग़र ये घर खाली खंडहर पड़ा हैं..,
मेहफ़िल-ए-आवाज़ सुनेनो को हम तरसने लगे हैं..!

बे-घर था इश्क़ मोहब्बत मैखानों का वगरना
हालात-ए-हाल को देख "काफ़िया" लोग आने-जाने लगे हैं..!

#TheUntoldकाफ़िया

Insta @kafiiya_

#Gujarat #india #hongkong

Read More

•સંસાર

ગળે ડૂમા ડુસકાનું રાજ ને ઊંડા હ્રદયે કંઈ કેટલાય ચિત્કાર; જાણે જીવ્યો જીંદગીનો સાર..!

વિચાર વમળો બની ઊછળ્યા ને પ્રેમ નામે લાગણીઓ અપાર; જાણે આંખે છલકાયો ધોધમાર..!

હા એક અજાણ્યો માણસ જીંદગીના પન્ને રંગમંચનો કલાકાર; જાણે અવતર્યો કઠપૂતળી અવતાર..!

એકાંતે ભુતકાળ વાગોળ્યો કરવા પશ્ચાતાપ કરેલી ભૂલો હજાર; જાણે ઓશીકે નવા સ્વપ્નોની ભરમાર..!

રાહ નવી ને આકાર આપવા ડગ માંડ્યા કરી કાંટા સડક પાર; જાણે મુશાફર એકલો જ કિરદાર..!

એક પડછાયો પોતાનો ઓળખવા ગયો છેક મોતની લગાર; ઓ ઈશ્વર તારો ખૂબ ખૂબ આભાર..!

#TheUntoldકાફિયા

Insta @kafiiya_

Read More

•तोहफ़ा

सोचा कल जन्मदिन हैं तुम्हारा हसीं कोई ख़िताब भेजूँ..,
झुमखा भेजूँ.., साड़ी भेजूँ या तोहफ़े में किताब भेजूँ..!

दीद-ए-उम्मीद में रात हों गई ख़्वाईश मेरी बे-नक़ाब भेजूँ..,
इश्क़ का दरिया ख़याल-ब-ज़रिया या कोई ख़्वाब भेजूँ..!

तुम्हारे शहर में सर्द ये मौसम हैं गर्म साँसे लाज़वाब भेजूँ..,
अंधेरी रातों में पूरा सा चाँद तुम कहो तो आफ़ताब भेजूँ..!

तुमने ने जब से मेरे होंठों को चूमा हैं और तो क्या ही में सबाब भेजूँ..?
दिल तोड़ तुझे जाने की इजाज़त आज भी हैं चाहों तो ये जवाब भेजूँ..!

कम्बख़त तुम तो ख़ुद एक गुलज़ार हों तुमको कौनसा ग़ुलाब भेजूँ..!
तुमको पढ़ना पसंद हैं "काफ़िया" तो सोचा तोहफ़े लिखी ये किताब भेजूँ..।

#TheUntoldकाफ़िया

Insta @kafiiya_

#poem #gazal #writer

Read More

सोचा कल जन्मदिन हैं तुम्हारा हसीं कोई ख़िताब भेजूँ..,
झुमखा भेजूँ.., साड़ी भेजूँ या तोहफ़े में किताब भेजूँ..?

#TheUntoldकाफ़िया

Insta @kafiiya_

#Goodmorning ❄️

Read More