Hey, I am on Matrubharti!

मै और मेरी तन्हाई।
जीनेका कुछ अलग तरीका रखते हैं,
हम उम्मीद पर नही अपनी महेनत पर जीते हैं।

-Daxa Bhati

आंखोमे हरदम एक नमी सी रहती है
सब कुछ है फिर भी कमी सी रहती है,
दीन कट जाते है घर के काम मे
मगर रात जिंदगीके इंतजार मे रहती है
मजबूर लबोको हिलते नही देखा
मगर उसकी नजर सो दास्ताँ कहती है,
उनका दील कितना पाक होगा,
जीनकी आंखोमे हरदम गंगा बहती है़़

-Daxa Bhati

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नाराजगी खत्म हो जायेगी
दुर जानेसे कुछ नही होगा...
याद तो फिर भी अाएगी
भुल जानेसे कुछ नही होगा...
रिस्ता तो फिर भी रहेगा
छूट जानेसे कुछ नही होगा...
अगर साथ लीखा होगा
जिंदगीके सफर मे...
किस्मत फिर ढूंढ लाएगी
दुर जानेसे कुछ नही होगा...

-Daxa Bhati

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समज नही पा रही कि़...
जाना कहा चाह रही थी और
ना जाने कहा जा रही हूं।
दुसरोकी किस्मत लिखना चाहती थी,
पर अब खुदकी ही लकीरे पढ रही हूं।
गुस्सा सबसे हूं,
पर खुदसे ही लड रही हूं।
हासिल तो नही कर पाई कुछ भी,
फिर क्या खोनेसे डर रही हूं।
मेरी धडकनो पर मत जाओ,
जिंदा हूं मगर अंदरसे मर रही हूं।

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My strength did NOT come from lifting weights.
My strength came from lifting MYSELF UP every time I was knocked down!

હું અને મારી એકલતા
નિતી,સ્તિથી,પરિસ્થિતી અને આપવિતી કોઈ દિવસ ભૂલવી નહી.

-Daxa Bhati

मैं और मेरी तन्हाई
पानी और रिस्ते एक जैसे ही हैं दोनोका ना कोई रंग है ना रूप हे पर जीने के लीए महत्वपुर्ण है।

-Daxa Bhati

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मैं और मेरी तन्हाई।
"जब भी तुम्हारा हौंसला आंसमान तक जाएगा,
याद रखना कोईना कोई तुम्हारे पंख काटनेे जरुर आएगा"

-Daxa Bhati

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मैं और मेरी तन्हाई।
परिस्थितया जीतना ज्यादा आपको तोडती हैं..
यकीन मानो
उससे कही ज्यादा आपको मजबूत बनाती हैं।

-Daxa Bhati

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जीवनमें है बहोत अंधेरा अब तो उजाला होना चाहीए
जैसे भी हौ मगर ये मौषम बदलना चाहीए
लोग रोज बदलते है चेहरे कपडो की तरह
अब तो उनका पर्दा फास होना चाहीए
अब भी अच्छे लोग है जहान मे
अब तो बुराई का अंत होना चाहीए
मासुम बन के जो जीया वो यहा मसला गया
सच्चाईको अब फौलादके सांचे मे ढलना चाहीए
गर छीने कोई हक तुम्हारा तो उस वक्त
आंखसे आंसु नही शोला निकलना चाहीए
अगर मेरी याद करे बेचेन तुझे तो
तुझको मुझसे उसी वक्त आके मीलना चाहीए

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