हमारे उपर जो दुःख आते हे,वे हमारे ही पसंद किये होते हे,वे हमारे कर्मों के फल हे,वे हमारे स्वभाव के अंग हे।

कामयाबी की तलाश में हमनें ताने सहे हे,
दुख में कुछ लोग और ख़ुशी में सारा ज़माने को देखे हे।

-Deeps Gadhvi

काश नासमझ रहते तो अच्छा होता,
क्योंकि समझदारी ने बहोत कुछ छिन लिया है।

-Deeps Gadhvi

कभी ऐसा वक़्त लाओ की किसीको वक़्त दे सको।

-Deeps Gadhvi

वज़ह बनकर काम तो सारी दुनिया आती हे,
अच्छा यह हे कि हम कीसीके बिना वज़ह काम आएँ।

-Deeps Gadhvi

दुख और रोग की दवा है धेर्य,
किन्तु हम अधीक चिंतन करतें हे इसीलिए वेह हमें सताते है।

-Deeps Gadhvi

यदि रोना हे तो भगवान के सामने रोना क्योंकि वहाँ इज्ज़त है तमाशा नहीं।

-Deeps Gadhvi

कुछ रिश्ते हम कमज़ोर धांगे के जैसे नीभाते है,
गांठें बांध बांध कर पुरी उम्र निकल देते है।

-Deeps Gadhvi

प्यार के वो हसीन लम्हे यादों के संदूक बन के रह गए।

-Deeps Gadhvi

अकेलेपन से उदास होने पर कायरता पूर्णरूप से अपने पर हावी होती है,
बहेतर हे की ख़ुद को आईने के सामने खड़ा कर बोलो की मेरे साथ में खुद हुँ।

158th birth
anniversary of swami vivekandji

-swami vivekand ji

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सच्चे प्यार को सिर्फ अहसास ही मिला है,
ना मीरा को मोहन मिला और ना ही राधा को श्याम।

श्री राधै राधै

-Deeps Gadhvi