ઈચ્છા એવી બિલકુલ નથી, કે વખાણ બધા જ કરે... પણ પ્રયત્ન એ જરુર છે, કે ખોટો છે એવુ કોઈ ના કહે...!

વળાંક તો બધા ની જીંદગીમાં આવે જ છે,

પણ કોઈ માટે સબક હોય છે,
તો કોઈ માટે શુરુઆત હોય છે...

रेत सा क्यू लगता है प्यार तुम्हारा,

कभी मिला तो मुट्ठीभर
तो कभी चुटकी भी नसीब नहीं...

रिश्ता नहीं कोई मगर मोहब्बत निभा रहे हैं,



उनके होकर भी किरदार अजनबी का निभा रहे हैं...

ક્યારેક જીવન જીવવાની રીત,
અણગમતી અપનાવી લઉં છું...


સત્ય ને મૂકી રેઢું,
સમાધાન તરફ ઢસડાઈ જાવ છું...

लोग कहते है,
समज सको तो खामोशिया भी बोलती है,

मैं अरसे से ख़ामोश हूं,
वो बरसों से बेखबर है...

सौ सौ एहसास छूपे है,
मेरे एक एक लफ्ज़ में...
ख़ुदा जाने

तुम कितना समज पाते हो...

कुछ अनकहे अल्फ़ाजो का,
अब यूं हाल ना तू पूछ...

तुझे अरसा हुआ मुझे जाने,
अब कोई सवाल ना तू पूछ...

दर्द मोहब्बत का ए दोस्त,
क्या खूब होगा...

न चुभेगा,न दिखेगा
बस महसूस होगा...

મતભેદમાં થીજવાં કરતાં,

લાગણીમાં પીગળવું એ
સાચા સંબંધ ની નિશાની છે...

हकीकत नहीं वो ख़्वाब जैसी है,
वो लड़की एक दम गुलाब जैसी है...

मिट जाती सारी तन्हाई जिसे देखकर,
वो लड़की कुछ कुछ शराब जैसी है...

सो जाता हूं हर रोज़ में जिसे पढ़ते पढ़ते,
वो लड़की उस पसंदीदा किताब जैसी है...

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