Yayawar जिसे कही आराम नहीं... जो बस भटकना जानता है अब ठेहेर ना सिख रहा है... लिखना सिख रहा है... उस्मे छिपी awargi को पेहचान के yayawargi बनके जीना सिख रहा है... for more follow me on insta... with name yayawar.gi

मेरी ज़िंदगी एक रंगमंच है क्योंकि मे पेदा हि विश्व रंगमंच के दिन पे हुइ थी...ओर इस रंगमंच को आज 22 साल खत्म हुए जिस्के थे कुछ खास किरदार कुछ खास कहानीया...
इस साल हालाकी कुछ किरदार नए आए पुराने आधे छुटे...
एक साल ओर बित गया कहानी आगे बढ़ती रही...
आज सबने उम्दा शब्दो मे इस धरा पे हमारे अवतरन को नवाज़ा,
लेकिन ये बात अलग है कि ये सारि बाते काल्पनिक थि वास्त्विकता ओर कोइ भी जीवित या म्रुत व्यकती से कुछ लेना देना नही था...

digits हमारे जिवन मे कितना महत्व रखते है marksheet or salary मे बढ़ जाये तो खुशी दुगनी कर देते है लेकिन उम्र को बढ़ा दे तो दुखी? क्यों?

किस बात का सोग करु मै, मुजे जिंदगी मिली इस बात का या हमउम्र लोगो से अलग अतुली हू उस का...
छोडो जश्न मनाओ यारो...

हर चिज़ मे drama डाल देना आदत है but i write to express not to impress!

Read More

"॥धूणी॥" by Yayawargi (Divangi Joshi) read free on Matrubharti
https://www.matrubharti.com/book/19880650/dhuni
ek kahani likhi hai !

सुकूनकी तलाश मे न हमपे बेढंग सा जुनून सवार हो जाता है लेकिन क्या करना है ये तो हमने कब है जाना बस किसी ओर की ज़िंदगी को देखके हमे है रोना ओर तुम ज़िंदगी मे कुछ भी कर लो कोई होगा जो हमेशा तुमसे आगे होगा तो उसे देखके रोना ,कभी नहीं रोना क्यूकी वहा थोड़े नीचे भी कोई है जिससे तुम अच्छे हो जिससे अच्छा तुम कर रहे हो या फिर तुम जो कर रहे हो वो करना भी जिसे तुम जी रहे हो उसके लिए सिर्फ एक सपना मात्र है! अब सोग मनाओ या फिर खुश रहो आपके हाथ मे है, वो गाना है ना थोड़ा पुराना है के ‘बर्बादीयों का सोग मनाना फिजूल था , मे बर्बादीयों का जश्न मनाता चला गया !

Read More

अपने परिवार के साथ समय बिताओ,
अधूरे सारे काम कर जाओ,
फ़ोन पे लम्बी गप-शप चलाओ ,
ये इतवार घर पे मनाओ....
#curfew

"॥धूणी॥" by Yayawargi (Divangi Joshi) read free on Matrubharti
https://www.matrubharti.com/book/19880650/dhuni

एक राज़ की बात बताऊ ?
फर्स्ट किस बोहोत खास होती है लेकिन वो कभी होठो पे नहीं होती !
#kiss

for more read..
https://www.matrubharti.com/book/19868213/my-first-kiss

Read More

8 book and 10.8 K downloads 4.5 star and 1.2k follower... *verified* *account*

who says digit can't give happiness!
😊😊

thanks everyone who read my books and follow me!

ज़िंदगी में सफल या निष्फल...?

जब मान जाऊ हार तो तू हँसा देती है
तो फ़िर खुशियों में कैसे रुला देती है
जितना तुजे जानू, तू अनजाने सी लगे
तुजे मिलने की आश में मन बावरा सा यहा-वहा भागे..
नए-नए किरदार दिखाये तू रोज़...
कभी पुराने यार से भी मिला दे !

बाकी हर रिश्ते झूठे तुजसे अटूट बंधन है
फिर भी कभी बेगाना सा कर दे...!
मुझे जूठा मुस्कुराना, नज़रे चुराना, डरना, घबराना ,हिचकिचाना सीखा देती है... समजोता करना भी और?
ओर पता नहीं क्या क्या ??

पर फिर भी जब में खूबसूरत नजारे देखती हूँ !
पर फिर भी जब कुछ मुस्कुराहटें देखती हूँ !
ओरो के अंदर बसा मेरे लिये प्यार देखती हू!

मैं तेरे साथ होती हूँ
सुन ओय



ज़िंदगी


में तेरे साथ होती हूँ


-दिवांगी जोशी

Read More

Proud to be an overthinker with tremendous ability of procrastination.

जीवन... जिसमे हज़ारो ख्वाहिसे... ना पुरी होने कि फ़रियादे... कभी लगे के क्या सपने देखना गलत है... दिल भारी सा हो जाये... कभी कही कोइ मिल जाय... जो आज मे जिना भी सिखा जाए... सपने देखना गलत नही बस उसका सोग मनाना फ़िज़ुल है! फ़िर्क को धुए में उड़ाओ ओर चिल मारो... यारो...

Read More

"somewhat लव" by Yayawargi (Divangi Joshi) read free on Matrubharti
https://www.matrubharti.com/novels/240/somewhat-love-by-yayawargi-divangi-joshi

आज भी 100 नोवेल मे से एक है.. एक साल से ज़ादा वक्त गुजर गया फ़िर भी प्यार, somewhat ही है!

Read More