Yayawar जिसे कही आराम नहीं... जो बस भटकना जानता है अब ठेहेर ना सिख रहा है... लिखना सिख रहा है... उस्मे छिपी awargi को पेहचान के yayawargi बनके जीना सिख रहा है... for more follow me on insta... with name yayawar.gi

प्यार दो लोग करते है और शादी हमेशा साथ ओर समाज मे वेलीदेशन के लिए करते हे पर शादी तो दो परिवार का मेल है ! और
‘शादी = घर की इज्जत’
ये थियरी पायथागोरस को भी समज मे नही आती मतलब केसे घर की इज्जत को केसे आप शादी से जोड़ सकते हो और शादी मे भले प्यार हो या न हो पर बाकी सब हो न जरूरी है!

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https://www.matrubharti.com/book/19919504/prem-dhuni

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सिर्फ जीवन के साथ कि आस टूटी है ,
प्यार और विश्वास नहीं ।
हा रास्तो पे नज़रे अनजाने चेहरो मे ढूंढे तुझे,
वो चेहरा जिसे नाम से जोड़ना था दिख जाए बस आखरी बार,

भीड़ मे टकरा जाए वो तेरा छूअन फिर से मिल जाए एक बार ।

हा आज भी तकिये को कस के गले लगाती हूँ,
तुझे कल्पनाओ मे रख के सो जाती हूँ ,
तू और तेरे ख्याल हर जगह साथ होते है मेरे,
संग संग ऐसे जैसे तू साथ चलें मेरे।
इश्क़ है जनाब कोई नादानी या गलती नहीं ,
खैर छोड़ए आप समझेंगे नहीं ।

यायावरगी

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"पिंजरे कि चिड़िया" by Yayawargi (Divangi Joshi) read free on Matrubharti
https://www.matrubharti.com/book/19919060/pinjare-ki-chidiya

बिन मंजिल सफर मेरा
कहा जाना है केसे जाना है
किसका होना है क्यूँ होना है
ना जानू मे किसे पूछूँ
बस चलती रहु थमी -थमी
आँखो मे लिए हलकी नमी
कुछ राही मुझे मिले
थोड़ा बहुत दोनों खिले
हमेशा साथ का वादा किया
आधे रास्ते छोड़ आधा किया
लोग कहे वहाँ जा
सुकून दिखेगा
उस रास्ते पैसा मिलेगा
ऊपर नीचे
आगे पीछे दौड़ी थी मैं
आधे मुकाम पे हांफी थी मे
पर अब ना मंजिल है ना साथी है
ना रास्ता है ना राही है
ज़िंदा लाश सी जींदगी है
घसीटते कट रही है

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Hello everyone
Raksha bandhan special from yayawargi

https://youtu.be/VTlDABx6xTM


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हेय साढ़े बारा बज ने को आ गए है अगर फिर भी नींद नहीं आ रही तो मेरे ओपन माइक मे मैंने एक कहानी सुनाई थी तो सब सुनते सुनते सो गए थे वहीं कहानी आँख बंध करके देखनी हो तो इस लिंक पर क्लीक करदो यायावरगी कि कहानियाँ सुनकर देखो ।


https://youtu.be/c8vABH5vMAg

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Sorry for bed hand writing let me decode this for you

कहे कलम के कृष्ण को कुछ केह,
पर कृष्ण से परे कलम क्या कहे ?
किसी किसी ने कभी कभी कहा है कुछ कुछ ,
पर क्या केह सका कहाँ कोई सब कुछ !
कलम कहे कर एक ये काम ,
जोड़ रा को धा से पूरा कर कृष्ण का आधा नाम ।

।। जै श्री राधाकृष्ण ।।

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Hey इस बार अपना नहीं पर किसी अपने का लिखा आपसे बाँट रही हूँ,
मेरी दि ईशा देसाई ने कुछ लिखा है अच्छा सा, लिंक दे रही हूँ अगर सराहना देने मे कंजूसी ना करें

😘😘🤗🤗🤗😘😘
https://youtu.be/Wcv3HP5Z-F4

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Never romanticize the concept of staying late in office , you have perents who wants to to eat thier dinner with you, you have kids who are waiting to play with you , you have spouse who need to talk with you, you have siblings who just eager to fight with you , you have your own self to spare me time with you...

-yayawargi 🤗

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सुबह से सीधी रात होती है
अब कहाँ दुपहर और शाम होती है।

If you have to chack the clock before wishing good noon or good evening then thay does not exist for you my dear.


-Yayawargi