#Repost
मैं जानता तो हूं, मगर फिर भी चाहता हूं
तू आइना देख के बता मेरी पसंद कैसी है

मजबूरियां
नाकामयाबी से बचनेका सबसे कारगर लफ्ज़ हे.

हमे सिर्फ़ वही लोग पसंद आते है जो हमारी वास्तविक जीवन शैलीमे मदद करते रहते हे। बाकी सबको एक वक्तके बाद भूल ही जाते है। चाहे वो प्यार हो, व्याहार हो,माता पिता हो ,या हो किसी की मौत। और यही सच है।

-Dipak Makwana

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हम बहुत लोगो से मिलते है। पर सकल ,मन ,याद ,प्यार , और इज्जत उन्हिकी याद कर करते हे। जो हमारी अच्छी,बुरी,दुखी यादों से जुड़ गए होते हे। वे लोग कभी मरते नहीं जो जिंदा दिल होते है।

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सोचता हु..
क्या सच में प्रेम इतना दर्द और मायूसी भर देता है किसीकी जिंदगी में ?? हर किसी की लिखावट एक जैसी ही क्यों लगती हैं? ये लोग किसी खुश प्रेमी को कब लिखेंगे? कब लड़की ख़ुशी ख़ुशी कोई लड़के के प्रेमको पन्नोमें लिखेगी ??

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दो परिस्थितियां बहुत दर्दनीय होती है। एक प्यार मे रोता हुआ लड़का । और दूसरी प्यार में कठोर हो गई स्त्री..

-Dipak Makwana

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-Dipak Makwana

दिल से तो हर मामला कर चले साफ हम
.कहने में उनके सामने बात बदल बदल गई..