मातृभूमि सर्वोपरि

हर किसी का दिल टुटा मिला,
"इश्क़" और "प्यार"में,
कोई तो होगा, जो सिर्फ_खुश होगा,
ऐ "इश्क़_तेरी_कतार में.....अजीत सिंह गौतम्

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यूँ तो काफी मिर्च-मसाले हैं इस जिंदगी में....
तुम्हारे बिना जायका फिर भी फीका ही लगता है....अजीत सिंह गौतम्

कुछ ख़्वाब तुमने तोड़ दिये
बाकी मैंने देखने छोड़ दिये ....अजीत सिंह ગૌતમ્

कहां तक ठहरेगी ये नजर.
कहां तक तेरा बसेरा है.
इन खामोश आंखों में.
सिर्फ तेरा ही तेरा चेहरा है..अजीत सिंह गौतम्

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तेरा शौक बन गया हैं अपनी मर्ज़ी से बात करना
अपनी आदतें बदल ले मेरे बदलने से पहले.....!!अजीत सिंह गौतम्

मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम,
यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा,
मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी,
कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा !!❤️?अजीत सिंह गौतम्

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ऐसा नही की तारीफों का मौसम गुजर गया ,

बस हुआ यूं कि उनका हकदार बदल गया..अजीत सिंह गौतम्

रहेगा यही गिला ,
अपनी तकदीर से हमेशा ।
कि जिसे चाहा उम्र भर ,
उसी के लिए तरसे भी उम्र भर ।।अजीत सिंह गौतम्

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कुछ खामोश रहने की आदत थी हमारी,
कुछ खामोश रहने की तुम सज़ा सुना गये !!अजीत सिंह गौतम्

फक़त एक मुस्कराहट पर गुलों को बांध रखा है ,,,

तेरी तस्वीर देखूं तो लगे कि ज़मी पर चांद रखा है...अजीत सिंह गौतम्

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