आदमी एक, किरदार अनेक ️️️️️️

ज़िन्दगी का हर खेल खेलना जानता हूं,
इतना भी नासमझ नहीं हूं, हर शख्स को पहचानता हूं,

मुलाकाते कम होने से दोस्ती कम नहीं होती,

दर्द सबके दिल में होता है,
कोई बर्दाश्त करता है तो कोई बोल देता है।

बेईमानी के रास्ते अक्सर तबाही की और जाते है।

ये दोस्ती है, बिना वादो के निभाई जाती है,
बेरंग सी महफ़िल को रंगीन बनाती हैं।

हर बात मे तुझे बेपनाह मांगता हूं,
तेरे साथ जीने की खूबसूरत वजह मांगता हूं।

हौसले तुम्हारे बुलंद रखो, वक्त तुम्हारा भी आएगा,
अंधेरे के बाद उम्मीद वाला उजाला भी आएगा।

जब हमारा वक्त अच्छा होता है, तब सभी लोग अच्छे होते है।

खुद से ही जितना है और खुद से ही सीखना है।

हालात को देख अपनी फितरत बदलता है,
ये इन्सान वक्त के साथ भी और वक्त के बाद भी बदलता है।