NeverTrustAnyoneElseMoreThanYourself

जाना चाहता है हर कोई
आज जुर्म कि तह तक
जरा आंखे भी खोल लीजिए...
.
हम भी ज़िम्मेदार कुछ हद तक
पहले इस बात का स्वीकार कीजिए...

शायद होगा कानून कुछ हद तक अधूरा
पर हमारी भी गलती ये है
.
आंख मोड़ कर, चल दिए थे जिस पल
गुन्हेगार हम तबसे बने हैं

चलो, अहसास तो हो गया कितनों को
यही तस्सली के लिए काफी है कहना
.
सचमुच बदलाव चाहते हो तो बस
बेझिझक,
बाघी बनकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना

#तह

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अगर कोई सचमुच ज्योतिष जानता है
तो बस एक सवाल का जवाब दे

बलात्कार कब रुकेंगे?
.
ऐसी कौनसी अग्नीपरिक्षा देनी होगी
आज की हर सीता को
ऐसा कौनसा विष का प्याला पिना पडेगा
कलयुग की मीरा को
.
गुनाह क्या है उसका
के वो आजाद रहना चाहती है
क्या कसूर हैं उसका
जो वो सपने देखना चाहती है ?


#ज्योतिष

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कुछ यूं छूना हैं आसमानी बुलंदियों को

जहासे ,
हमपर हसने वाले भी बौने दिखाई दे
-Smile

रोके कदम ऊंचाईयों के
फ़ासलों की चट्टान है

ना डगमगाए इरादे
ये हौसलों की उड़ान हैं.

-Smile

वक़्त की अहमियत तब समझ आती है,
जब आपको बस आधे मिनट की देरी हो जाती हैं
और आपकी ट्रेन छूट जाती हैं....

-Smile

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अक्सर रिश्ते टूट जाते हैं
जब हम अपने ही दिल से मतलब निकाल लेते हैं
हकीकत से तो हम
वाकिफ भी नहीं होते

एक बार बात करके तो देख लो
शायद, कोई सच ऐसा भी हो
जिससे सारी दुनिया भी अनजान हो...

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गुलज़ार जी के कुछ खास अल्फ़ाज़ :
💜💜💜💜💜💜💜💜💜💜

1) हर बात का कोई जवाब नही होता.
हर इश्क का नाम खराब नही होता.
यूं तो झूम लेते है नशे में पीनेवाले,
मगर हर नशे का नाम शराब नही होता...!

2) खामोश चेहरे पर हजारों पहरे होते है.
हंसती आखों में भी जख्म गहरे होते है.
जिनसे अक्सर रुठ जाते है हम,
असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते है....!

3) किसी ने खुदा से दुआ मांगी.
दुआ में अपनी मौत मांगी.
खुदा ने कहा, मौत तो तुझे दे दु मगर,
उसे क्या कहु जिसने तेरी जिंदगी मांगी...!

4) हर इंन्सान का दिल बुरा नही होता.
हर एक इन्सान बुरा नही होता.
बुझ जाते है दीये कभी तेल की कमी से,
हर बार कुसुर हवा का नही होता...!

- ✍गुलजार✍

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या जन्मावर... या जगण्यावर...
शतदा, प्रेम करावे...

घर के मुफ़्त स्वादिष्ट खाने के कीमत
तब समझ आती हैं
जब,
होस्टल की ज्यादा पानी वाली दाल
और कड़क चपाती पैसे भार के
बिना कोई शिकायत खानी पड़ती है

#स्वादिष्ट

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क्या रखें हिसाब
क्या मेरा क्या तुम्हारा...

सदियां बीत जाती है
इन बातों में...

बस तोड़ना ना कभी
नाज़ुक रिश्ता हमारा...

क्योंकी,
सच्चाई का चांद खो जाता है
शक की अंधेरी रातों में...

#तुम्हारा

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