मी माझ्या लेखनाची शुरवात २०१८ मध्ये माझी पहिली स्वःलिखित कथा "गुलाबी" सोबत केली, व त्यानंतर मी माझ्या आयुष्यातली पहिली प्रेम कथा "अरुल सरू" प्रकाशित केली, या कथेला इमाध्यमात भरपूर सराहना भेटल्या तसाच व मागो मागो मी कथा व कविता लिहीत गेलो... मी एक लेखक रुपी स्वतःला कधीच निरखून पाहिलं नव्हतं, माझ्या आतल्या लेखकाला समजण्यात आणि त्याला जागृत करण्यात माझी एका जवळ ची मैत्रीण चा हाथ आहे... आणि त्या साठी मी नेहमी तिचा आभारी आहे...

Hawaye ajj kal kuch dard bhari hai
Kayion ke dard ko yeh le uddi hai

Maut ka mausam chal raha hai
Saasein kayion ki atki padi hai

Bojh ban lag raha hai jeen
Logon ko Ghar par qaid hona

Jindagi sekdo logon ki haathon
Main tumhare aa padi hai

Toh kuch waqt ko pinjre main yun reh ke dekh lo
Kuch waqt ko yeh dard seh ke dekh lo

Aane waale pal main beshak khushiyaan hogi
Kuch waqt zindagi jeene ke liye ghar par reh lo....

#stayhome #staysafe #coronaoutbreak

Read More

काफी है

मै फिक्र अब नही करता
तेरा ज़िक्र अब नही करता
ये दिखावा सिर्फ दुनिया के लिए है

ये ना सोच तू सोचना ही मत
मैं सोचता भी हूँ तुझे ऐसा सोचना भी मत
मेरी सोच मैं तू है इतना काफी है

तेरे जाने के बाद भी चाहत मेरी जिंदा है इतना काफी है
वो यादें आँखों को आज भी भीगा जाती है इतना काफी है
तेरी खुशबू आज भी साँसों मै बसी है इतना काफी है

तू भूल जाए मुझे यही अच्छा है
याद न करे मुझे यही अच्छा है
मुझे पता है ये दर्द तुझसे सहा नही जाएगा
इस दर्द के बिना ही तुझे जिंदगी जीने का सहारा मील जाए
मेरे लिए इतना काफी है....

Read More

Kaash naa samjhi main hi beet jaye ye zindagi
Samajhdaari ne toh bahot kuch cheen kiya humse....

Happy Republic Day 🇮🇳
भारत देश हमारा है...
टुकड़ो मै बटा है देश...
फिर भी कहते एक है ये
नक्शा करे हाल बयान
देश है सरहदों से घिरा
यहा हर भाषा मै देश है
मगर देश मै भाषा हज़ार है
यहा सभी जाति मै देश है
मगर देश मे जाती हज़ार है
हिंदी में कहु या कहु उर्दू में
जय हिंद एक ही नारा है
मराठी मे कहु या कहु गुजराती मे
हिंद ही हमारा प्यारा है
हर रंग जुदा
हर ढंग जुदा
धरम जुदा
भगवान जुदा
मगर एक ही इनका करमा है
देश के आगे झुके सभी
यही गीता यही कलमा है
सरहद जुदा
हर प्रान्त जुदा
रीत जुदा
रिवाज जुदा
जुदा इनका पहनावा है
मगर करते सभी सलाम...
जहा तिरंगा लहराता है...
जवान का है देश ये
जवान यहा जान खोता है
किसान की है ये मिट्टी
किसान यहा रोता है
फिर भी उठते एक साथ कदम
जब दुश्मन आग उगलता है
सब के मन में बसा ये देश...
ये देश हमारा प्यारा है
भारत देश हमारा है.....

हर्षद मोलिश्री...

Read More

वक़्त के साथ वक़्त का जनाज़ा भी उठ जाता है
कितना भी समेट ले यहां मुठी से छूट जाता है...

राह पर चलते हुए रोशनी से अंधेरे में चले जाना
अपनो पे भरोसा आ जाये तो फिर लौट आना
ये जताना की तेरे दामन मै तारे बहोत है
वो चाँद की चाह करे तो तू अपने आसमान में लौट आना...

Read More

तेरी मर्ज़ी तू देख या ना देख
मुझे देखने से ना रोक पाएगी
मै देखता हूं तुझे जिंदगी की तरह
तू सपना है हक़ीक़त ना बन पाएगी...

Read More

Death is a wonderful gift for those who have lived there life very well...

मेरे सबसे कमजोर हिस्से की कड़ी है वो
टूट गई बहार आने से पहले वो कली है वो
मेरी जिंदगी पलटने वाली वो बारिश
जिसमें तूफान जलजला बिजलियाँ खुप कड़की
मेरी जिंदगी पलटने वाली है वो
मुझे अपने से वाकिफ करवाया उसने
प्यार था उसका या क्या था पता नही
मगर मुझे मुझसे ही वाकिफ करवाया उसने
मुझे मुझसे बेहतर समझने वाली है वो
मेरे जिस्म से लेके रूह तक को जिसने पढ़ा
मेरे जिंदगी के हर बारीक लम्हे को जिसने छुवा
मेरे लम्हो को गुजारने वाली है वो
और आखिर मे जो उससे ना बन पड़ी वो शक्शियत हूँ मै
उससे जो ना बन पड़ी वो शक्शियत हूँ मै
मुझे अपने खातिर बीच रास्ते पर छोड़ जाने वाली है वो...

Read More