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मी माझ्या लेखनाची शुरवात २०१८ मध्ये माझी पहिली स्वःलिखित कथा "गुलाबी" सोबत केली, व त्यानंतर मी माझ्या आयुष्यातली पहिली प्रेम कथा "अरुल सरू" प्रकाशित केली, या कथेला इमाध्यमात भरपूर सराहना भेटल्या तसाच व मागो मागो मी कथा व कविता लिहीत गेलो... मी एक लेखक रुपी स्वतःला कधीच निरखून पाहिलं नव्हतं, माझ्या आतल्या लेखकाला समजण्यात आणि त्याला जागृत करण्यात माझी एका जवळ ची मैत्रीण चा हाथ आहे... आणि त्या साठी मी नेहमी तिचा आभारी आहे...

#काव्योत्सव२

ज़हर...

सुनी है सदा... आज भी खोया हुवा गम है...
ना तुम खोये ना हम खोये.....
वो भी एक पल था ये भी एक पल है...
रह जाती है धरि... आसुओं में आँखें नाम ये....
कभी तुम रोये कभी हम रोये...
वो भी एक पल था ये भी एक पल है...
अल्फ़ाज़ों में लिपटी शाम दामन में छुपी रात है...
कभी तुम जागे तो कभी हम जागे रात....
वो भी एक पल था ये भी एक पल है....
कहने को था बहोत कुछ... बोल न पाए ये बात और है...
वो भी एक पल था ये भी एक पल है...
लिपटती थी बाहों में अंगडायों की शाम थी...
प्यार के घेरे में बस तेरी मेरी बात थी...
ख़्वाइशों में सजी प्यार की सौगात थी...
आंसुओं में डूब गई ये बारिश... गमों की बात तो और थी...
वो भी एक पल था ये भी एक पल है...
ये पल अजीब है...
वो पल खुशनसीब था...
ये पल गमगीन है...
वो पल हसीन था...
ये पल वो पल सब लम्हो की दास्तान है...
जिसमें जिये हम और तुम...
ये यादें क्या जुदाई से नासाज है....
यही यादें जिंदगी का साज़ है...
कल लाएगी हसी यह दोनों के चेहरे पे कभी...
जब गम मैं होगी सदा खुशियों से होगा बेर याद आएंगे ये पल जो आज लगते है ज़हर...

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#काव्योत्सव२

प्रेम...

प्रेम हे संदेश जाणून.... त्याने भर भरून वाचलं
कथन केल्या नंतर कळलं की जे वाचलं ते कधीच न साठलं....
प्रेम हे संदेश म्हणून कोणी मनात तर कोणी जीवनात आणलं
कथन केल्या नंतर कळलं की जे आणलं ते कधी न थांबलं.....
प्रेम हे रंग म्हणून त्यांनी त्याचं जीवन रंगवलं...
जतन केल्या नंतर कळलं की ज्याला रंग म्हणलं ते रंग कधीच ना ठरलं....
प्रेम हे विश्वास म्हणून त्यांनी ओळखलं....
पण ज्याला विश्वास म्हणलं ते विश्वास खरा नाय ठरला....
प्रेम हे स्वाश म्हणून त्यांनी जीवनात ओळलं...
पण ज्याला स्वाश म्हणलं ते स्वाश एका ओळीतच दमला....
प्रेम हे जीवनभर चा साथ मानून त्यांनी हाथ धरला....
पण ज्या साथ चा त्यांनी हाथ धरला ते एक पाऊलं पण नाही चालला....
प्रेमाची भावना त्याची मनातच रहायली... शेवटी चूक त्याचीच निघाली... आखं आयुष्य ज्या सोबत घडवण्याचं स्वप्न बघितलं त्यांनीचं त्याच्या स्वप्नयांना आग लावली...

हर्षद मोळीश्री....

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#काव्योत्सव२


गरीबों की बस्ती...

कहते है कि....

गरीबों की बस्ती मे...
भूक और प्यास बस्ती है...
आँखों में नींद मगर आँखें सोने को तरसती है...
गरीबों की बस्ती मे...
बीमारी पलती है...
बीमारी से कम यहा भूक से ज्यादा जान जलती है...
गरीबों की बस्ती मे...
लाचारी बस्ती है...
पैसे की लेनदेन मे ही जिंदगी यहा कटती है...
गरीबों की बस्ती मे...
शोर शराबा चलता है...
भूक और लाचारी का शोर लोगों को ढोंग लगता है...
गरीबों की बस्ती मे...
फटे कपड़ो मे जब बेटी चलती है...
परवाह उसकी इज्जत की कोन करे जब इज्जत को दुनिया कपड़ों सो टोलती है...
गरीबों की बस्ती मे...
हर एक ख्वाब उचाई छूने का देखा जाता है...
कोन बताए गरीब से की ऊँचाई से हर बंदा गरीब नजर आता है...
गरीबों की बस्ती मे...
सपने टूट जाते है...
यही टूटे सपने के कांच कचरे मे कभी कोहिनूर बन खिल आते है....
गरीबों की बस्ती मे...
हर चीज़ सस्ती होती है
रोटी से लेके इज्जत तक हर चीज का दाम ये रोज चुकोती है....
गरीबों की बस्ती मे...
कही कोई अमीर पल रहा होता है...
यही अमीर कल औरों को गरीब बोलता है...
गरीबों की बस्ती मे...
ऐश आराम की कमी है...
इनकी जरूरत कम मगर फिर भी कुछ मांग अधूरी है...
गरीबों की बस्ती मे...
नफरत के बीज बोते है...
हर दिल को छान मारो यहा लोग अक्सर मिलके रोते है...
गरीबों की बस्ती मे...
बेशक गम के रास्ते और मुश्किलों के पहाड़ है...
इन्ही रास्तों मैं प्यार और जीने की राह है....

हर्षद मोलिश्री...

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#kavyotsav2

Till The End....

Love till the end...
Wait till it remains...
No matter someone doesn't love uhh...
But don't do that, that someone does to you...
Love till the end...
Try till the end...
Don't stop for a while...
Its your life..
Its your race...
Give your best...
No matter if you loose...
Try till the end...
Live till the end...
Live every moment of the life...
No matter day is worst...
No matter day is hard...
No matter you cry...
But don't die...
Untill you live your last breath...
Live till the end...

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#kavyotsav2

Dear to Fear...

All his life he done nothing great
Still he was child of god
An ordinary man
An ordinary person
Because it has said that, we all are child of god...

He lived how others live...
He prayed god how others does...
He made no efforts to be like god...
Still he was child of god...

He was good son
He was good father
He was good husband
He was good person
But what was too good to be like a god...

One day he died...
Everyone cried
A man of god was on way of peace..
His family cried...
Wanted him back...
Everyone prayed...
But he never came back...

All he gave his memories to all
Everyone remembered him as a person of god...
But after a time...
Everyone forgot...
No more memories and no more hopes...

One day he camed to meet all his loved one...
He appeared how he was...
But all where in fear
By telling him a ghost
Because no wonder he was a dear
Everyone seeing him where in fear...

How a man of god...
Becamed a man of dark
All where in shock to see him like this
No one remembered the memories of him

He was a child of god...
But after dying...
He becamed a ghost..
All he did is nothing to became a god or ghost...

But I who made him all I want...
It all was my thinking
It all was my soul...
The thinking of mine made him dear to fear...

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#kavyotsav2

Blank Pages...

Life is a book...
We come all blank...
All is writable until its in our hand...

Some pages may become dark..
Some may become colorful...
Some may be remain blank...

Because still there is something remains to write...
Life is a book...
Everything is writable...

Some pages are unforgettable...
Some we want to forgot...
Some are close to our heart...

Some are just waste...
Some are really good...
But some pages are absolutely best...

Life is a book...
Everything is writable...

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