માતૃભારતી ઉપર જ નહીં આ મારા જીવનની પ્રથમ નવલકથા હું લખી રહીં છું. દરેક વ્યક્તિના જીવનમાં કોઇ વખત એવો સમય જરૂરથી આવે છે, જ્યારે તેણે ૨ કે ૩ વિકલ્પમાંથી કોઇ એક વિકલ્પની પસંદગી કરવી પડે છે, બસ આવા જ પ્રસંગ ઉપર આ નવલકથા લખવાનો એક પ્રયત્ન મેં કર્યો છે.

#शब्दरंग

जब तेरी खुशबू हवाओं में मिलकर मुझे छूती हैं,

तब सांस देर से लेती हूं पहले तेरी याद आती हैं।

-Dr Hina Darji

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#शब्दरंग

क्या फर्क पड़ता है तुं किसी ओर से प्यार करता है,

इस बात की तसल्ली है तुं प्यार के दर्द को समजता है।

-Dr Hina Darji

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#शब्दरंग

मेरी ख्वाबों कि कश्तीका पतवार तुं बन जा,

मजधार में फसी तमन्नाओंको किनारा तुं दिला जा।

-Dr Hina Darji

#શબ્દરંગ

પ્રેમની કબુલાત કોણ કરે ?
શબ્દો થકી રજૂઆત કોણ કરે ?

વાત કરવા છીએ બન્ને તત્પર,
પણ વાતની શરૂઆત કોણ કરે ?

-Dr Hina Darji

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#शब्दरंग
आदत नहीं है मुझे यूं हरबार आपसे हार जाने की,

जज़्बात लब्स बनकर उभर आऐ तो बरदाश्त नहीं होगा।
-Dr Hina Darji

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#शब्दरंग

कुछ इस तरह अलग हुए आप,
जैसे पतझड़ में शाखों से पत्ते।

किस्मत थी या साजिश हवाओं कि,
दूर हुए जब उम्मीद थी करीब आने कि।

-Dr Hina Darji

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#शब्दरंग

जब भी दूर से मुझे देखते रहते हो,
पास से गुजरने की कोशिश करती हूँ।

दुःख ये नहीं कि तुम रास्ता बदल देते हो,
खुशी ये है कि तुम मुझे पहचान लेते हो।

-Dr Hina Darji

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#शब्दरंग

ज़िन्दगी... बहुत खूबसूरत है,
कभी हंसाती है, तो कभी रुलाती है,

लेकिन जो ज़िन्दगी की भीड़़ में खुश रहता है,
ज़िन्दगी उसी के आगे सिर झुकाती है।

-Dr Hina Darji

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#शब्दरंग

जिवन में खुश रहने के लिए
बहुत सारे भ्रम पाले है मेंने,

जब भी किसी सच्चाई से रूबरू होती हुं,
एक नया भ्रम पालती हुं।

-Dr Hina Darji

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#शब्दरंग

हर इंसान को तुने एक
जैसा ही प्यार दिया है 'कान्हा',

फिर भी किसी को कम,
किसी को ज्यादा क्यों लगता है 'कान्हा'?

-Dr Hina Darji

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