profession અને passion વચ્ચે ચાલતી નિરંતર લડાઈ માં જ્યારે passion ની ક્ષણિક જીત થાય છે, ત્યારે મળતા ખૂબ જ ઓછા સમય વચ્ચે લેખન સર્જન નો પ્રયત્ન કરતો રહું છું વાંચક મિત્રો ના સૂચનો હંમેશા આવકાર્ય રહેશે.

तेरे हर पहलू से पूरी तरह वाकिफ़ था,
पर तेरी बेवफाई के बवंडर से हर तरह से अंजान था...
तेरे नशे की बेहोशी से जब निकला तब जाना,
शायद मैं तो दो चार दिनों का मेहमान था...
~अद्वैत

Read More

आस्मां पर क्या इन्क़िलाब लिखोगे,
तुम्हारे ज़हन में ज़हर भरा जा रहा है..
जरा गले से लगाकर तो देखो अपने भाईओं को,
क्युँ तुम्हारे अंदर का हिन्दुस्तानी मरा जा रहा है??..
कुछ भटक गए,कुछ भटकाए गए,
पता भी नहीं ये रास्ता कहाँ जा रहा है..
किसी को हूर का,किसीको नूर का
"इनाम" मरने के बाद दिया जा रहा है..
पता नही है किसीको मौत के बाद की जन्नत का,
पर जीते जी इस जन्नत से बेदखल किया जा रहा है..
~अद्वैत

Read More

एक मस्जिद के गिरने पर पुरे मुल्क को आग में जलाना,
रामभक्तों से भरे ट्रेन के डिब्बे को सुलगाना,
याद रखा गया है,सब याद रखा गया है..
ज़हर पिलाकर बड़ा किया था तुमको जिन सपेरों ने
आज उनके सर से ताज उतर गया है..
याद रखा गया है,सब याद रखा गया है...
वादियों के वतनीओ को मार के अपने ही घर से भगाना,
उन मासूमों पर बेइंतेहा जुल्म ढाना,
याद रखा गया है,सब याद रखा गया है...
अपने ही घर में बेघर बने उन पंडितो के दर्द पर
मरहम लगानेवाला हक़ीम अब आ गया है..
याद रखा गया है सब कुछ याद रखा गया है...
रात के अंधेरो में उन दुश्मनो को पनाह देना,
और उनके इरादों में जान भरना,
याद रखा गया है,सब याद रखा गया है..
बार बार की हुई गलतियों को भी,
बड़े भाई की हैसियत से नजरअंदाज करना,
अब हद से पार हो गया है,सब याद रखा गया है..
कौन से इंक़लाब की बात करते हो तुम,
तुम्हे हमेशा जरुरत से ज्यादा दिया गया है,
याद रखा गया है,सब कुछ याद रखा गया है...
ज्यादा उछलने से कुछ हांसिल होने वाला नहीं है,
अब थोड़ा वतनपरस्ती दिखाने क वक़्त आ गया है,
वर्ना याद तो रखा ही गया है,सब याद रखा गया है...

Read More

ज़िक्र सुना जब ग़ैरों से उनका,
चहेरे पर एक शिकर छा गई,
जब सुनाने वाले ने कसीदे पढ़े उसके नाम के,
कमीनी जान हलक में आ गई...
~अद्वैत

Read More

ચાલ ને જમા ઉધાર બધો હિસાબ કરી લઈયે,
મારું મને અને તારું તને સુપરત કરી દઈયે,
જોજે પછી થી કાંઈ લેવડ દેવડ બાકી ના નીકળે,
જોડાયેલી યાદો ને પણ સાથે મળી દફન કરી લઈયે...
~અદ્વૈત

Read More