कुल चारण, जन्म से गुजराती, तन, मन, धन, कर्म से हिंदू और स्वभावसे राष्ट्रप्रेमी बस इतनिसी हैं पहचान मेरी, मेरा राष्ट्र है बस जान मेरी। जय भवानी, वंदे मातरम्।

    • (17)
    • 642
    • (18)
    • 750
    • (13)
    • 842
    • (33)
    • 1.5k
    • (15)
    • 1.5k
    • (16)
    • 952
    • (16)
    • 1.3k
    • (14)
    • 1.5k
    • (15)
    • 858
    • (17)
    • 1.6k