इन्तजार एक हद तक - 9 - (महामारी)

by RACHNA ROY Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

रमेश के हाथ कांप रहे थे और उसने वो चिट्ठी खोली।लिखावट तो किसी और की थी। उर्मी की नहीं थी।लिखा थाबेटा रमेश...तू तो नही आया अब हमलोग तेरा आसरा भी नहीं देख सकते हैं।तुमको एक खुशखबरी देना था पर ...Read More