Vah ab bhi vahi hai - 3 by Pradeep Shrivastava in Hindi Novel Episodes PDF

वह अब भी वहीं है - 3

by Pradeep Shrivastava Matrubharti Verified in Hindi Novel Episodes

भाग - 3 कहने को वह धर्मशाला था, लेकिन वास्तव में वह शराबियों-मवालियों का अड्डा था। मैं जिस कमरे में था उसमें आमने-सामने छह तखत पडे़ थे, सब के सिरहाने एक-एक अलमारी बनी थी। सफाई नाम की कोई चीज ...Read More


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