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कागज की कश्ती

by डॉ अनामिका in Hindi Poems

शीर्षक :मजदूर-------------------------------------------------------------------------उम्र का कोई भी पडा़वमेहनतकश के आगेलाचार नहीं होता... ... ताकत है ,जब तक धमनियों मेंवह मेरुदंड का आधार नहीं होता.... "परिश्रम उसकी पूंजी हैआमदनी उसकी खुशियां"चवन्नी-अठन्नी कमा कर भीखुश रखना..उसके परिवार को आता है... जब भी वह ...Read More


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