रामायण - अध्याय 2 - अयोध्याकांड - भाग 6

by MB (Official) Matrubharti Verified in Hindi Spiritual Stories

(6) श्री राम-कौसल्या-सीता संवाद* कहि प्रिय बचन प्रिया समुझाई। लगे मातु पद आसिष पाई॥बेगि प्रजा दुख मेटब आई। जननी निठुर बिसरि जनि जाई॥3॥ भावार्थ:-श्री रामचन्द्रजी ने प्रिय वचन कहकर प्रियतमा सीताजी को समझाया। फिर माता के पैरों लगकर आशीर्वाद ...Read More