Gairat Ki Katar by Munshi Premchand in Hindi Short Stories PDF

गैरत की कटार

by Munshi Premchand Matrubharti Verified in Hindi Short Stories

गैरत की कटार कितनी अफ़सोसनाक, कितनी दर्दभरी बात है कि वही औरत जो कभी हमारे पहलू में बसती थी उसी के पहलू में चुभने के लिए हमारा तेज खंजर बेचैन हो रहा है। जिसकी आंखें हमारे लिए अमृत के छलकते ...Read More


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