Ghamand Ka Putla by Munshi Premchand in Hindi Short Stories PDF

घंमड का पुतला

by Munshi Premchand Matrubharti Verified in Hindi Short Stories

घंमड का पुतला शाम हो गयी थी। मैं सरयू नदी के किनारे अपने कैम्प में बैठा हुआ नदी के मजे ले रहा था कि मेरे फुटबाल ने दबे पांव पास आकर मुझे सलाम किया कि जैसे वह मुझसे कुछ कहना ...Read More


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