anokhi mitrata - 9 in Hindi Short Stories by Payal Sakariya books and stories PDF | अनोखी मित्रता - 9

अनोखी मित्रता - 9

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Don't make friends
before understanding.
& Don't break friendship
after misunderstanding...!
वो ओटो वाले अंकल चले जाते है ।
दिशा आगे चलने लगी।
आकाश :- दिशा मेरी बात तो सुनो. …!
दिशा:- कहने के लिए कुछ बचा है क्या .. ?
आकाश :- सुनो तो पता चले ना.. !
दिशा मुंह दुसरी और रखकर खड़ी होकर कहती:- हं…. बोलो
आकाश :- इस तरफ देखो तो सही …
दिशा :- नहीं …
आकाश :- तो आकाश की तरफ तो देख ही सकती हो …🙃
दिशा ऊपर वाले आकाश को देखने लगी ।
आकाश :- दिशा छोड़ ना ये बचपना …. और चल मेरे साथ ..
दिशा :- 😀😀
तुम्हें पता है, की मुझे किसी की सिफारिश पर जोब नहीं चाहिए ।
आकाश :- I’m sorry for that 😧
Disha :- it’s ohk…

आरुष की मम्मी उसके साथ कुछ बहस कर रहे थे।
आरुष :- मम्मी आप क्यूं अभी इस बारे में बात कर रहे हो…?
मम्मी :- तो तु ही मुझे बता कि सही समय कब आएगा …?
अरे … तु मुझे सिर्फ यह कह दे की तुझे दिशा पसंद है, फिर तुझे परेशान नहीं करुंगी ।
तभी दिशा आती है और बात सुन लेती है , पर थोड़ी गलत – वो दिशा की जगह निशा सुनती है ।
मम्मी :- तु क्यूं नहीं मान रहा मेरी बात …?
दिशा :- आंटी आप चिंता मत करो इसे तो मैं समझा दूंगी ।
आरुष की मम्मी :- अच्छा हुआ कि तुम आ गई । अब तु ही समझा इसे …
दिशा :- आरुष ये क्या बात है , तुम आंटी की बात क्यू नही मान रहे हो ..?
क्या खराबी है उसमें , तुम्हें अच्छी तरह समझती है, और आंटी को भी पसंद है ।
आरुष की मम्मी :- दिशा तु तैयार है ना ..?
दिशा :- अरे आंटी में तो कितने दिनों से इंतजार कर रही हूं ।
मम्मी :- मेरा मतलब तुम्हें ये रिश्ता मंजूर है ना …?
दिशा :- 💯%
आप तो बस शादी के कार्ड छपवाने की तैयारी में रहना ….😍
मम्मी :- अब जाकर मन को शांति मिली … तुम दोनों बातें करो में अभी आई ।
आरुष :- दिशा को __ एक काम कर बहुत बोल चुकी , अब यहां बैठ और ये ले पानी … पीले ।।
दिशा बैठ गई । और पानी पी रही थी ।
आरुष :- दिशा , क्या तुम्हें पता है मम्मी किसकी बात कर रही थी ।
दिशा :- हां … तुम्हारी और निशा की ….
आरुष :- एक काम कर निशा में। @ नि @ हटाकर @ दि @ लगाकर बोल …
दिशा :-। @ दिशा @ और क्या…?
फिर खुद ही चौंक कर खड़ी हो गई ।
आरुष :- अब जाकर मम्मी को बोल देता हूं शादी के कार्ड छपवाने के लिए … कहकर आरुष चलने लगा ..
दिशा उसका हाथ पकड़ कर रोकते हुए कहती है __ तुम भी ना यार…
मुझे पहले बताना चाहिए ना ।
आरुष :- नहीं- नहीं … तुम तो बिना stop button के बोली ही जा रही थी ।
दिशा बैठ गई … अब क्या होगा …? क्या कहूंगी में आंटी से …
आरुष :- तु उसकी चिंता मत कर में मम्मी को समझा लूंगा।
दिशा की तरफ देखकर हंसता है ।
तु शादी से इतनी डरती क्यूं है .??🙄
दिशा :- क्या आरुष , I can’t handle that … 😢

दूसरे दिन आकाश का birthday था ।
वो wait कर रहा था कि कब दिशा उसे wish करें , वंशिका ने तो पहले से ही wishes दे दी थी ।
पुरा दिन चला गया पर दिशा इस बात से अंजान थी उसे नहीं पता था कि आज आकाश का जन्मदिन है । शाम को आरुष दिशा को फोन करता है।
आरुष :- दिशा चल हमें आकाश की birthday party में जाना है।
दिशा :- उसे अब पता चला कि आज आकाश का जन्मदिन है। वो आरुष को कहती है – नहीं मुझे नहीं आना ,, मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं लग रही ,, तो आप लोग जाकर आइए।
Ohk… take rest 😊
आकाश देखता है , दिशा पार्टी में भी नहीं आईं थीं ।
अब थोड़ा बुरा तो लगता है ना जब हमारा दोस्त ना आएं ।

दिशा आकाश को सिर्फ Happy birthday का मेसेज कर देती है ।
दूसरी सुबह दिशा आकाश को फोन करती है ।
आकाश :- हां ….. बोलो busy person 😏
दिशा :- में s.g . Road पर तुम्हारी राह देख रही हूं। जल्दी से आ जाओ ।।
आकाश :- I’m not free ,, so I will not come
Byee
कहकर उसने फोन रख दिया ।
दिशा तो उसकी राह देखती वहां पर ही खड़ी थी।
थोड़ी देर बाद आकाश आता है पर वो दूर खड़ा हो गया ।
वो सोचता था कि थोड़ी देर में दिशा उसके न आने से चली जाएगी।
वो दूर खड़ा था- पर दिशा वहां पर ही थी ।
आकाश दिशा के पास जाकर गाड़ी रोकता है।
बोलो कहां जाना है।
दिशा :- thanks for the coming 😊 – उसे address देती है।
आकाश कुछ नहीं बोल रहा था, उसके चहरे पर कल का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था।
दिशा :- कया आपकी गाड़ी में बात करना मना है …?😜
आकाश :- जी नहीं ,।।। तुम किसी से भी बात कर सकती हो पर मुझे छोड़कर…😏
दिशा :- कोई बात नहीं में उपर वाले आकाश से ही माफी मांग लेती हूं ।
I’m sorry Aakash ☹️
तभी अचानक से आकाश ने गाड़ी रोक दी ,
दिशा :- क्या हुआ …?
Aakash :- See on your right side …..
दिशा को जहां जाना था वो जगह आ गई थी।
दिशा :- यहां तक आएं है , तो अंदर भी चलिए…!
आकाश :- तुम कल पुरा दिन जैसे busy thi ,,, I also have a tight schedule today …
दिशा गाड़ी में से उतर कर .. पीछे की ओर जाकर खड़ी हो गई ।

आकाश :- वहां क्यूं खड़ी हो ।
दिशा :- वो मैंने अंदर दो लोगों के जाने की permission ली थी । अब आप तो नहीं आ रहे,।।। तो किसी का इंतजार कर रही हूं।
आकाश गाड़ी पार्क करके अंदर जाने लगा ।
दिशा :- again thanks 🤗😊
थोड़ा आगे जाकर दिशा आकाश कि आंखों पर पट्टी बांध देती है।
आकाश :- अब ये क्या बचपना है , दिशा …..’
दिशा :- अरे बाबा चलो तो सही …. कहकर उसे अंदर ले कर जाती है ।

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