Charlie Chaplin - Meri Aatmkatha - 69 - last part in Hindi Biography by Suraj Prakash books and stories PDF | चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 69 - अंतिम भाग

चार्ली चैप्लिन - मेरी आत्मकथा - 69 - अंतिम भाग

चार्ली चैप्लिन

मेरी आत्मकथा

अनुवाद सूरज प्रकाश

69

दोस्त अक्सर मुझसे पूछते रहते हैं कि क्या मैं युनाइटेड स्टेट्स - न्यू यार्क को मिस करता हूं। मेरा दो टूक जवाब होता है - नहीं। अमेरिका बदल चुका है; इसी तरह से न्यू यार्क भी। बड़े पैमाने पर औद्योगिक संस्थाओं, प्रेस, टेलिविजन और वाणिज्यिक विज्ञापन बाजी ने मुझे अमेरिकी जीवन शैली से पूरी तरह से दूर कर दिया है। मैं सिक्के का दूसरा पक्ष चाहता हूं। जीवन का आसान व्यक्तिगत भाव चाहता हूं। बड़ी बड़ी गलियां और आकाश छूती इमारतें नहीं जो हमेशा बड़े कारोबार और उनकी और भी बड़ी उपलब्धियों की याद दिलाती रहती हैं।

युनाइटेड स्टेट्स में अपने सभी हितों को समाप्त करने में मुझे एक बरस से भी ज्यादा का समय लग गया। वे लाइमलाइट पर मेरी यूरोपीय आय पर 1955 तक टैक्स लगाना चाहते थे। उनका दावा था कि मैं अभी भी अमेरिकी निवासी हूं। भले ही मुझे उस देश में 1952 में घुसने से मना कर दिया गया था। मेरे पास कोई कानूनी राहत नहीं थी जैसा कि मेरे अमेरिकी वकील ने बताया, मामले में अपना पक्ष रखने के लिए उस देश में वापिस जाने के मेरे बहुत कम आसार थे।

अपनी सभी अमेरिकी कंपनियों को भंग करने और अपने सभी अमेरिकी हितों के निवेश समाप्त कर लेने के बाद मैं इस स्थिति में था कि मैं उन्हें यह कह सकूं कि भाड़ में जाओ लेकिन मैं किसी दूसरे देश की रक्षा के अहसान तले नहीं रहना चाहता था। इसलिए मैंने उनके दावे से काफी कम रकम पर और जितनी राशि मुझे देनी चाहिए थी उससे काफी अधिक पर मैंने समझौता कर लिया।

युनाइटेड स्टेट्स के साथ अपने अंतिम संबंध तोड़ना दुखद था। जब हेलेन, बेवरली हिल्स वाले घर की हमारी नौकरानी ने सुना कि हम वापिस नहीं लौट रहे हैं तो उसने ये पत्र लिखा।

प्रिय मिस्टर और मिसेज चैप्लिन,

मैंने आपको कई पत्र लिखे हैं लेकिन उन्हें कभी भी डाक में नहीं डाला। ऐसा लगता है कि आप लोगों के जाने के बाद सब कुछ गलत होता चला गया है- मैंने आज तक अपने परिवार के अलावा और किसी के लिए इतनी पीड़ा नहीं भोगी है। लेकिन सब कुछ इतना अनावश्यक, बेकार और गलत होता चला गया है कि मैं इन सबसे उबर ही नहीं पा रही हूं। और जब हमें ये दुखद समाचार मिलता है, हमें ये डर था कि कभी न कभी ये समाचार आयेगा ही कि हम सब कुछ पैक कर दें - ये बिल्कुल भी संभव नहीं है, ऐसा हो ही नहीं पायेगा, हमने जो भी सामान पैक किया है, सब कुछ आंसुओं से धुल गया है और अभी भी तकलीफ से मेरा सिर दुख रहा है। मुझे नहीं पता कि आप लोग इसे किस तरह से लेंगे। प्लीज़, प्लीज़, मिसेज़ स़ी अगर आप कुछ कर सकती हैं तो मिस्टर स़ी को ये घर मत बेचने दीजिये। हरेक कमरा अभी भी अपने व्यक्तित्व को बनाये रखे हुए है, भले ही उनमें अब कालीन और पर्दे वगैरह ही बचे हैं। मैं इस घर को ले कर इतनी ज्यादा अपनेपन की भावना से भरी हुई हूं कि मैं किसी और को ये घर लेने ही नहीं दूंगी। काश, मेरे खुद के पास इतने पैसे होते, लेकिन ये सोचना ही बेवकूफी है। आप सारी फालतू चीज़ें और स्टाफ निकाल दीजिये। अगर आप चाहें तो ऐसा हो सकता है। लेकिन प्लीज़, घर को रख लीजिये। मैं जानती हूं कि मुझे ये सब नहीं कहना चाहिये लेकिन मैं अपने आपको रोक नहीं पा रही हूं। मैं कभी भी ये ख्याल नहीं छोड़ूंगी कि आप सब कभी तो लौट कर आयेंगे। मिसेज स़ी फिलहाल के लिए इतना ही काफी है। मुझे आपको तीन खत भेजने हैं लेकिन उनके लिए मुझे बड़े लिफाफे की ज़रूरत पड़ेगी। सबको मेरा प्रणाम कहियेगा और इस पैन्सिल से लिखने के कारण मुझे माफ कीजियेगा। मेरा पैन भी तो खराब हो गया है।

सादर

हेलेन

हमें अपने बटलर हेनरी से भी एक खत मिला। उसने लिखा था:

डीयर मिस्टर एंड मिसेज चैप्लिन,

मैंने अरसे से आपको नहीं लिखा है क्योंकि मुझे अपनी स्विस अंग्रेजी में अपने आपको ठीक तरह से अभिव्यक्त करने में अच्छा खासा वक्त लग गया। कुछ सप्ताह पहले मेरे साथ एक बहुत ही मज़ेदार घटना घटी। मुझे लाइमलाइट फिल्म देखने का मौका मिला। ये एक निजी प्रदर्शन था। मिस रुन्सर ने मुझे आमंत्रित किया था। वहां पर बीसेक लोग मौजूद थे। मैं सिर्फ मिस्टर और मिसेज सिडनी चैप्लिन, मिस रुन्सर और रौली को ही जानता था। मैंने अपने लिए सबसे पीछे वाली सीट चुनी ताकि मैं अपने ख्यालों के साथ अकेले रह सकूं। फिल्म वाकई शानदार थी। शायद मैं सबसे ज्यादा ऊंची आवाज़ में हँसा होऊंगा लेकिन सबसे ज्यादा आंसू भी मेरी ही आंखों में आये होंगे। ये मेरी देखी अब तक की सबसे अच्छी फिल्म थी। इसे लॉस एंजेल्स में कभी भी नहीं दिखाया गया। लाइमलाइट के संगीत पर आधारित कई रिकार्ड बजाये जाते हैं। बहुत कर्णप्रिय संगीत। जब मैं सुनता हूं तो जैसे बदन में बिजली दौड़ने लगती है। लेकिन ये नहीं बताया जाता कि ये संगीत रचना मिस्टर सी की है। मुझे ये जान कर सुख मिला कि बच्चों को स्विट्ज़रलैंड अच्छा लगा है। बेशक, बड़ों को किसी दूसरे देश में जा कर सेट होने में ज्यादा वक्त लगता है। मेरा तो ये कहना है कि स्विट्ज़रलैंड दुनिया के सबसे खूबसूरत देशों में से एक है। वहां पर पूरी दुनिया से अच्छे स्कूल हैं। और ये सबसे पुराना गणतंत्र भी है ।1191 से। जब यहां 4 जुलाई होती है तो वहां पहली अगस्त होती है। स्वतंत्रता दिवस। हालांकि छुट्टी नहीं होती। लेकिन आप सभी पहाड़ों के ऊपर जलती आग देखेंगे। कुल मिला कर सबसे पुरतनपंथी और सबसे सम्पन्न देश। मैं वहां से दक्षिण अमेरिका के लिए 1918 में निकला था। तब से मैं दो बार वापिस गया हूं। मैंने स्विस आर्मी में भी दो बार नौकरी की है। मेरा जन्म सेंट गैलेन, स्विट्ज़रलैंड के पूर्वी हिस्से में हुआ था। बर्न में मेरा एक छोटा भाई है और एक भाई सेंट गैलन में है।

आप सबको मेरी बहुत बहुत शुभकामनाएं

सादर आपका

हेनरी

कैलिफोर्निया में जितने भी लोग मेरे साथ काम करते थे, अभी भी मुझे वेतन ले रहे थे लेकिन अब मेरे स्विट्ज़रलैंड का वासी बन जाने के बाद मैं उन सबको वेतन देना जारी नहीं रख सकता था। इसलिए मैंने सबके सेवा त्याग वेतन का इंतज़ाम किया और सबको बोनस दिया। इससे मुझे कुल 80,000 डॉलर खर्च करने पड़े। एडना पुर्विएंस अपना बोनस लेने के अलावा अपनी मृत्यु के दिन तक मेरे रोज़गार में रही।

मोन्स्योर वेरडाउ के लिए कास्ट का चयन करते समय, मैंने एडना के लिए मैडम ग्रॉसने की महत्त्वपूर्ण भूमिका चुनी थी। मैं उससे बीस बरस से नहीं मिला था क्योंकि वह कभी भी स्टूडियो नहीं आती थी और ऑफिस की तरफ से उसे साप्ताहिक चेक भिजवा दिया जाता था। बाद में उसने स्वीकार किया था कि जब उसे स्टूडियो फोन कॉल मिला तो वह रोमांचित होने के बजाये डर गयी थी।

जब एडना आयी तो कैमरामैन रॉली मेरे ड्रेसिंग रूम में आया। उसने भी एडना को बीस बरस से नहीं देखा था। 'वो आयी हैं,' उसकी आंखें चमक रही थीं, 'बेशक वे पहले जैसी तो नहीं हैं लेकिन वे फिर भी गज़ब दिखती हैं।' रॉली ने बताया कि वे अपने ड्रेसिंग रूम के बाहर लॉन में इंतज़ार कर रही हैं।

मैं कोई भावुक पुनर्मिलन नहीं चाहता था इसलिए मैंने कारोबारी रुख अपनाया, मानो हम कुछ ही हफ्ते पहले मिले हों,' अरे, कैसी हो, आखिर हमने तुम्हें खोज ही लिया,' मैंने खुशी जताते हुए कहा।

धूप में मैंने देखा कि मुस्कुराते हुए उसके होंठ कांप रहे थे; तब मैंने उसे बताया कि मैंने उसे क्यों याद किया है। मैंने उसे फिल्म के बारे में बताया। 'ये तो बहुत ही शानदार प्रतीत होती है।' एडना हमेशा उत्साह में रहा करती थी।

उसने अपने पात्र के अंश पढ़ कर सुनाये। खराब नहीं था उसका पाठ। लेकिन साथ ही साथ उसकी मौजूदगी से मुझ पर पुराने दिनों की हताश करने वाली यादें हावी होने लगीं। वे दिन जब सब कुछ भविष्य के गर्भ में समाया होता था।

एडना ने अपने आपको भूमिका में झोंक दिया, लेकिन बात नहीं बनी। इस भूमिका के लिए यूरोपीय आभिजात्य की ज़रूरत थी और ये कभी भी एडना में नहीं था। उसके साथ तीन या चार दिन तक काम करने के बाद मुझे ये मानने पर मजबूर होना पड़ा कि वह इस भूमिका के लायक नहीं थी। एडना भी निराश होने के बजाये राहत ज्यादा महसूस कर रही थी। मुझसे वह दोबारा नहीं मिली और न ही उसके समाचार ही मिले जब तक उसने अपनी सेवा समाप्ति के वेतन के लिए आभार मानते हुए स्विट्ज़रलैंड में पत्र लिखा:

डीयर चार्ली,

पहली बार मैं तुम्हारी इतने बरसों पुरानी दोस्ती के लिए और तुमने मेरे लिए जो कुछ भी किया उसके लिए आभार के दो शब्द लिखने की स्थिति में हुई हूं। हमारी शुरुआती ज़िंदगी में हमारे सामने इतनी तकलीफें नज़र नहीं आतीं, और मुझे पता है कि तुम्हें अपनी तकलीफों का हिस्सा मिल चुका है। मुझे विश्वास है कि बेहद प्यारी पत्नी और परिवार के साथ तुम्हारी खुशियों का प्याला भी छलक रहा होगा।

(यहां उसने अपनी बीमारी और डॉक्टरों और नर्सों के खर्चों के बारे में लिखा था लेकिन पत्र की समाप्ति उसने एक लतीफे से की थी जैसा कि वह हमेशा किया करती थी।)

ये मैंने अभी हाल ही में सुना था: एक आदमी को रॉकेट में सीलबंद करके ऊपर आकाश में यह देखने के लिए भेज दिया गया कि देखें, ये कितने ऊपर तक जा सकता है। उससे कहा गया कि वह ऊंचाई को नापता चले। इसलिए वह गिनता रहा, 25000, 30000, 100,000, 500,000। जब वह इतने ऊपर पहुंच गया तो उसने अपने आपसे कहा, 'ओह,यीशू मसीह' तभी एक बहुत ही पतली आवाज़ ने जवाब दिया, 'येस कहिये????'

प्लीज़, प्लीज़, प्लीज़ मुझे भविष्य में तुम्हारी तरफ से ज़रूर समाचार मिलें। और सुनो, यहां वापिस आ जाओ। तुम इसी जगह से नाता रखते हो।

तुम्हारी अभिन्न और सच्ची प्रशंसक

प्यार

एडना

इन सब बरसों में मैंने एडना को कभी भी पत्र नहीं लिखा। मैं हमेशा उसके साथ स्टूडियो के जरिये सम्पर्क करता रहा। उसका अंतिम पत्र इस बात का धन्यवाद देने के लिए था कि वह अभी भी वेतन पर है।

13 नवम्बर 1956

डीयर चार्ली

मैं एक बार फिर हाज़िर हूं तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हुए और वापिस अस्पताल में। (लेबनॉन का कैडर्स)। मैं अपनी गरदन के इलाज के लिए एक्सरे ले रही हूं। इतनी तकलीफ कि इसके बाद नरक भी कुछ नहीं होगा। बेहद तकलीफदेह। अलबत्ता, मुझे जो बीमारी है, उसका यही सबसे अच्छा इलाज बताया जाता है। उम्मीद करती हूं कि सप्ताह के अंत में घर जा सकूंगी और उसके बाद आउट पेशेंट (हाय कितना मज़ेदार)। ऊपर वाले का शुक्रिया कि मेरे बाकी अंग ठीक हैं। ये रोग लोकल है। वे लोग तो यही कहते हैं। मुझे उस शख्स की याद आती है जो एक चौराहे पर खड़ा कागज़ की चिंदिंया उड़ा रहा था। एक पुलिस वाला आया और पूछने लगा: 'भई माजरा क्या है?' उसने जवाब दिया,'कुछ खास नहीं, बस हाथियों को दूर कर रहा हूं।'

'लेकिन इस शहर में तो कहीं हाथी हैं ही नहीं,' तो बंदे ने जवाब दिया, 'इसका मतलब मेरी तरकीब काम कर रही है, नहीं क्या?' आज के लिए मेरा यही बेवकूफी भरा लतीफा। मुझे माफ करना।

उम्मीद है, तुम और तुम्हारा परिवार खूब अच्छे से हैं और उस सब का आनंद उठा रहा है जिसके लिए तुमने इतने पापड़ बेले हैं।

हमेशा प्यार सहित

एडना

मुझे इस पत्र के मिलने के कुछ ही दिन बाद उसकी मृत्यु हो गयी थी। और इस तरह से दुनिया जवान होती है। और युवावस्था सामने आती है। और हम, जो थोड़ा सा ज्यादा जी लेते हैं, जैसे जैसे अपनी यात्रा पर आगे बढ़ते हैं, थोड़े और वैरागी हो जाते हैं।

तो! अब मैं अपनी ये राम कहानी समाप्त करता हूं। मुझे लगता है कि समय और परिस्थितियों ने मेरा साथ दिया है। मैं इस दुनिया के स्नेह, प्यार और नफरत में पलता रहा हूं। इसके बावजूद दुनिया ने मुझे अपना ज्यादा प्यार और कम नफरत दी है। मेरी जो भी कमज़ोरियां थीं, मेरा ये मानना है कि भाग्य और दुर्भाग्य बादलों की तरह आते जाते रहे हैं। मैं इस बात को जानता था इसलिए कभी भी जो कुछ बुरा हुआ मेरे साथ, उससे मुझे धक्के नहीं लगे और जो भी अच्छा होता रहा, उस पर मुझे हैरानी होती रही। मेरे जीवन की कोई लीक नहीं थी। कोई दर्शन नहीं था। हम साधु हों या शैतान, जीवन में संघर्ष तो सभी को करना ही पड़ता है। मैं विपरीत परिस्थितियों में भी डिगा नहीं। कई बार छोटी छोटी बातें मुझे व्यथित कर जाती थीं और कई बार बड़ी बड़ी घटनाएं भी मुझे छू नहीं पायीं।

जो भी हो, मेरा आज की जीवन पहले के जीवन से ज्यादा रोमांचपूर्ण है। मेरा स्वास्थ्य बहुत अच्छा है। मैं अभी भी सृजनशील हूं तथा मेरी और फिल्में बनाने की योजना है। शायद अपने लिए न भी बनाऊं, लेकिन अपने परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए लिख और निर्देशित कर सकता हूं। उनमें से कइयों का थियेटर की तरफ रुझान है। मैं अभी भी बहुत महत्त्वाकांक्षी हूं। मैं कभी रिटायर हो ही नहीं सकता। कई चीज़ें हैं जो मैं करना चाहता हूं। सिनेमा की अपनी अधूरी पटकथाओं को पूरा करना चाहता हूं। मुझे एक नाटक लिखना और हो सके तो ओपेरा लिखना अच्छा लगेगा। देखें, समय मेरे लिए क्या तय करता है।

शॉपेनहावर ने कहा था कि, खुशी एक नकारात्मक स्थिति है- लेकिन मैं उनसे सहमत नहीं हूं। पिछले बीस बरस से मैं जानता हूं कि खुशी क्या होती है। मैं किस्मत का धनी रहा कि मुझे इतनी शानदार बीवी मिली। काश, मैं इस बारे में और ज्यादा लिख पाता लेकिन इससे प्यार जुड़ा हुआ है और परफैक्ट प्यार सारी कुंठाओं से ज्यादा सुंदर होता है क्योंकि इसे जितना ज्यादा अभिव्यक्त किया जाये, उससे अधिक ही होता है। मैं ऊना के साथ रहता हूं और उसके चरित्र की गहराई और सौन्दर्य मेरे सामने हमेशा नये नये रूपों में आते रहते हैं। यहां तक कि जब वह वेवेय की तंग गलियों में मेरे आगे आगे चल रही होती है तो अपनी सादगी पूर्ण गरिमा के साथ अपनी दुबली पतली सीधी काया के साथ, चल रही होती है, उसके लम्बे काले बाल जिसमें एकाध सफेद बाल नज़र आ जाता है, उसकी तरफ से प्यार और प्रशंसा की एक लहर अचानक चल कर मेरी तरफ आती है। वह इसी स्नेह की ही तो मूर्ति है। और मेरा गला रुंध जाता है।

इस तरह की खुशी के साथ, कई बार मैं सूर्यास्त के समय अपने टैरेस पर बैठ जाता हूं और दूर विस्तृत लॉन के परे झील में और उसके भी परे आश्वस्त करते से पहाड़ों की तरफ देखता हूं और इस मूड में किसी भी चीज़ के बारे में नहीं सोचता और पहाड़ों की अद्भुत स्थिरता का आनंद उठाता रहता हूं।

चार्ली चैप्लिन की फिल्में

कीस्टोन के बैनर तले बनी फिल्में

1914

मेकिंग अ' लिविंग (एक रील)

किड ऑटो रेसेस एक वेनिस (अधूरी रील)

माबेल्'स स्ट्रेंज प्रिडिक्टामेंट (एक रील)

बिटवीन शॉवर्स (एक रील)

ए फिल्म जॉनी (एक रील)

टैंगो टैंगल्स (एक रील)

हिज़ फेवरिट पास्टाइम (एक रील)

क्रुएल, क्रुएल लव (एक रील)

द' स्टार बोर्डर (एक रील)

माबेल एट द' व्हील (दो रील)

ट्वेंटी मिनट्स ऑफ लव (एक रील)

कॉट इन द' कैबरे (दो रील)

कॉट इन द' रेन (एक रील)

ए बिज़ी डे (अधूरी रील)

फैटल मैलेट (एक रील)

हर फ्रैंड द' बैंडिट (एक रील)

द' नॉकआउट (दो रील)

माबेल्'स बिज़ी डे (एक रील)

माबेल्'स मैरिड लाइफ (एक रील)

लॉफिंग गैस (एक रील)

द' प्रापर्टी मैन (दो रील)

द' फेस ऑन द' बार रूम फ्लोर (एक रील)

रिक्रीएशन (अधूरी रील)

द' मास्कुएरेडर (एक रील)

हिज़ न्यू प्रोफेशन (एक रील)

द' राउंडर्स (एक रील)

द' न्यू जेनिटर (एक रील)

दोज़ लव पैंग्स (एक रील)

डाव एंड डाइनामाइट (दो रील)

जेंटलमैन ऑफ नर्व (एक रील)

हिज़ म्युज़िकल कैरियर (एक रील)

हिज़ ट्राइस्टिंग प्लेस (दो रील)

टिल्ली'ज़ पंक्चर्ड रोमांस (छ: रील)

गैटिंग एक्वेंटेड (एक रील)

हिज़ प्रिहिस्टॉरिक पास्ट (दो रील)

द' ऐसेने फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्में

हिज़ न्यू जॉब (दो रील)

ए नाइट आउट (दो रील)

द' चैम्पियन (दो रील)

इन द' पार्क (एक रील)

द' जिट्ने एलोपमेंट (दो रील)

द' ट्रैम्प (दो रील)

बाय द' सी (एक रील)

वर्क (दो रील)

ए वूमेन (दो रील)

द' बैंक (दो रील)

शांघाईड (दो रील)

ए नाइट इन द' शो (दो रील)प

कारमैन (चार रील)

पुलिस (दो रील)

ट्रिपल ट्रबल (दो रील)

द' म्यूचुअल फिल्म्स

द' फ्लोर वॉकर (दो रील)

द' फायरमैन (दो रील)

द' वैगाबौंड (दो रील)

वन ए एम (दो रील)

द' काउंट (दो रील)

द' पॉन शॉप (दो रील)

बिहाइंड द' क्रीन (दो रील)

द' रिंक (दो रील)

ईज़ी स्ट्रीट (दो रील)

द' क्योर (दो रील)

द' इमीग्रैंट (दो रील)

द' एडवंचरर (दो रील)

द' फर्स्ट नेशनल फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्में

ए डॉग्स लाइफ (तीन रील)

द' बाँड (तीन रील)

सनीसाइड (तीन रील)

ए डे'ज़ प्लेज़र (दो रील)

द' किड (छ: रील)

द' आइडिल क्लास (दो रील)

पे डे (दो रील)

इ' पिलग्रिम (चार रील)

द' युनाइटेड आर्टिस्ट्स फिल्म्सके बैनर तले बनी फिल्में (सभी पूरी लम्बाई की फिल्में)

ए वुमैन ऑफ पेरिस

द' गोल्ड रश

द' सरकस

माडर्न टाइम्स

द' ग्रेट डिक्टेटर

मोन्स्यो वरडॉक्स

1953 लाइमलाइट

1957 द' किंग इन द' न्यू यार्क

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