इश्क़ जुनून - 4 in Hindi Love Stories by Mehul Pasaya books and stories Free | इश्क़ जुनून - 4

इश्क़ जुनून - 4

" अरे विवान इ थिंक हमे वहा जाना चाहिये अंकल जी को बहुत देर हो गये है "

" हा भाई चलो देखते है "

" ये लो भाई फॉर्म  भर दिया अब हम यहा आ सकते है ना "

" हा अब आजाओ "

" लिजिये हम आगये इ थिंक अंकल आपने फॉर्म भर दिया। है ना "

" ह बेटा भर दिया अब यहा शिप्ट हो जायेंगे जब तक घूमेंगे उतने दिन ठीक है "

" हा ठीक है "

" ओके सर तो आपका जो भी समान है वोह अंदर रख दिजीये "

" जी बिलकुल "

सम टाईम लेटर...

" अरे वोव अंकल जी क्या लोकेशन है पर्फेक्ट है सब "

"ओके गाइज़ इ हॉप यू एन्जॉय नाव "

" अरे बहुत ज्याद करेंगे एन्जॉय अंकल जी "

" ओके सो लेट्स गो ऐण्ड एन्जॉय थिद मोमेंट्स "

" गाइज़ यहा पे ना सब अलग ही मिलता है देखने का नज़रिया या कोई खरीद ने की चिज हो कुच भी हो सव अच्चे से अच्छा मिलता है "

" हमम ग्रेट "

" और गाइज़ संभाल के यहा पे चोरि भी होती है सो  ज़रा ध्यान रखना ओके "

" जी अंकल हम ध्यान रखेंगे "

                

" अरे विवान चलो ना यहा थोडी मस्ती की जाये है ना "


" अरे जरुर सर क्यू नही "


( क्या कहते हो अंकल जी )


" अरे कहना क्या है हो जाये "


" ओके सो लेट्स स्टार्ट नाव "


               


तू मेरा हुकुम का इक्का तू ही मेरी क्रिकेट का छक्का मैं अलादीन,

तू मेरा जिन्न मैं अधूरा तेरे बिन तू मेरी बोली का सिक्का तू ही दिलदार मेरा पक्का तू अलादीन,

मैं तेरा जिन्न मैं अधूरा तेरे बिन मैं किसी से कम नहीं तूने सिखाया जीने का नुस्खा येही तूने बताया [नाच मेरी जान होक मगन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु] x 2 मार छलांगे छू ले गगन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु नाच मेरी जान होक मगन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु ओ रिश्ता हमारा जैसे के डोरी से जुडी हो पतंग, पतंग, पतंग तुझ से बिछड़ के चल ना सकूँगा एक भी मैं कदम, कदम, कदम रिश्ता हमारा जैसे के डोरी से जुडी हो पतंग, पतंग, पतंग तुझ से बिछड़ के चल ना सकूँगा एक भी मैं कदम, कदम,

कदम पलकों पे मुझको बस तूने बिठाया जीने का नुस्खा येही तूने बताया छेड़ घटा को बनके पवन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु नाच मेरी जान होक मगन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु मार छलांगे छू ले गगन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु नाच मेरी जान होक मगन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु ओ आसमान का तू झिलमिला चंदा मैं हूँ तेरा तारा, तारा, तारा संग तेरे ही जीत है मेरी मैं अकेला हारा, हारा, हारा आसमान का तू झिलमिला चंदा मैं हूँ तेरा तारा, तारा, तारा संग तेरे ही जीत है मेरी मैं अकेला हारा, हारा, हारा तूने पहाड़ा हिम्मत का पढाया जीने का नुस्खा येही तूने बताया जिंदादिली का सीख ले फन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु नाच मेरी जान होक मगन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु मार छलांगे छू ले गगन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु अरे नाच मेरी जान होके मगन तू छोड़ के सारे किन्तु परन्तु

" फाइनली सिर बहुत मज़ा आया सची "

" अरे ये लडके कहा से आये है आते ही धूम मचा दी कसम से पुर एरिया झूम ने लगा क्या बताये अब आपको "

" हा भाई ये दरअसल एक इस्का बॉस है तो दुअर उस्का एम्प्लॉय पर ये कभी नही मानने देते एक दुसरे को की ये एक बॉस और एक एम्प्लॉय "

           

                  To be continue...