Unfortunate Love - 26 in Hindi Love Stories by Veena books and stories PDF | अनफॉरट्यूनेटली इन लव - (बदलाव_१) 26

अनफॉरट्यूनेटली इन लव - (बदलाव_१) 26

एक जवान रात तीन पुराने दोस्त और नॉर्वे की खुली सड़क। इंसान को इस से ज्यादा और क्या चाहिए जिन्दगी गुजारने के लिए। हान शंग्यान, मैक्स और ऑल तीनो एक बड़ी सी गाड़ी मे निकले। पहले पब गए वहा ढेर सारा खाना खाया फिर शराब की बोतले लि और तीनो एक बड़ी सी बिल्डिंग पर चढ़ गए।

" आज यहां से जब इस दुनिया को देखता हूं ना, तो लगता है मैने उस वक्त गलत निर्णय ले लिया।" मैक्स ने शराब पीते हुए कहा।

" तुम्हे चढ़ गई है। अब मत पिओ।" ऑल ने उसके हाथो से वो बोतल छीनी।

" तुम्हे कभी नही लगा शंग्यान। तुमने भी गलत निर्णय लिया।" मैक्स।

" वो सही कह रहा है। तुम्हे चढ़ गई है। अब बस करो।" गन ने अपने जेब से कैंडी का डिब्बा निकालते हुए कहा।

" तुम्हारी ये आदत मुझे समझ नहीं आई। हमेशा इन्हे क्यों खाते हो ????" मैक्स।

" इसलिए क्योंकि इनकी मिठास मेरा खराब मूड भी अच्छा कर देती है और इन्हे मुंह मे रख कर तुम लोगो से बात नही कर सकते। कोशिश कर लो।" गन ने कैंडी मैक्स की तरफ करते हुए बड़ी होशियारी से बात बदल दी।

" तुम मेरे पक्के दोस्त हो।" मैक्स ने उसे गले लगा लिया और वही सो गया। गन ने ऑल पर एक नजर डाली पर वो तो शायद काफ़ी पहले सो गया था। गन ने अपने ड्राइवर को कॉल किया और वो भी वही सो गया दोनो के पास। दूसरे दिन सुबह सुबह सोलो टीम जापान के लिए रवाना हो गई। वही नॉर्वे में काम की वजह से हान शंग्यान और K एंड K को रुकना पड़ा। आखिरकार वो 4 मार्च की तारीख आ गई। उन दिनों जापान मे मानो बारिश ने कहर मचाया था। उस दिन भी दोपहर से जो बारिश शुरू हुई थी बस रुकने का नाम नहीं ले रही थी। ऐसे मे नियान सज सवर कर उस से मिलने देर से ही सही पर एयरपोर्ट पोहची। तब तक सब बाहर जाकर टीम बस में बैठ चुके थे। इंतेजार था तो वू बाई याने DT का जो मीडिया से बचने के लिए देरी से बस मे आया। उसे एअरपोर्ट पर नियान दिखी।

" तुम यहां क्या कर रही हो ?" उसने आशचर्य से पूछा।

" वो तुम लोगो के स्वागत के लिए आई थी। मुबारक हो।" उसने सफेद फूलो का एक गुलदस्ता DT के हाथ मे रखा और आस पास ढूढने लगी।

" गन को ढूंढ रही हो ?" DT ने उसकी बैचैनी को भांपते हुए कहा।

" हा। बस मिलना था।" नियान।

" चलो मेरे साथ।" DT उसे अपने साथ K एंड K की बस तक ले गया।

बस मे चढ़ते ही उसने पहली सीट पर बैठे गन से कहा, " तुम्हारी गर्लफ्रेंड आई है।" पर गन अपने सर दर्द से ऐसा परेशान था, की उसने DT की बातो पर ध्यान नहीं दिया। नियान वही बस के बाहर खड़ी थी। DT गन के पास वाली सीट पर बैठ गया।

पीछे से ग्रंट और 97 बार बार भाभी को हाई हेलो कर रहे थे। आख़िर ग्रंट उठ कर गन के पास गया।
" बॉस भाभी आपका इंतजार कर रही है। उन्हे देखिए तो सही।"

गन ने आंखे खोली नियान को देखा। उसे देख गन को अच्छा तो लगा पर वो समझ नही पा रहा था की नियान वहा क्या कर रही है।

" तुम यहां कैसे ?" गन ने पूछा।

" में यहां तुम्हारा स्वागत करने आई थी।" नियान ने DT के हाथो मे रखे हुए गुलदस्ते की तरफ इशारा किया। DT ने तुरंत उस गुलदस्ते को गन के हाथो मे रख दिया।

" शुक्रिया।" गन गुलदस्ते को देखे जा रहा था।

" अब अंदर आ जाओ। अगर गन तुम्हे उठा कर बस मे बिठाएगा सोच रही हो तो ठंड के मारे वही जम जाओगी।" DT की कही एक बात ने हर किसी को हसा दिया। सिर्फ नियान और गन का चेहरा था जो लाल हुवा जा रहा था। गन की हा मिलते ही नियान बस मे चढ़कर उसकी दायनी तरफ वाली सीट पर बैठ गई। गन ने फिर से एक नजर उसे देखा।

" तुम्हे ठंड नही लग रही है क्या ??? इन कपड़ो मे।" गन ने उस से पूछा।

" नही मेरे पास स्कार्फ है ना ये मुझे गरम रखता है। ये कपड़े तुम्हे पसंद नही आए ?" नियान ने पूछा।

" नही ऐसी कोई बात नही है। तुम जो चाहे पहन सकती हो। मुझे कोई परेशानी नहीं है। में तो सिर्फ तुम्हे अच्छा लग रहा है ना ये पूछ रहा था।" गन को अपनी कही बात पर अफसोस हो रहा था।

" नही में बिलकुल ठीक हु। तुम्हे अगर और किसी तरह के कपड़े पसंद हो तो बताओ मुझे। में अगली बार तुम्हारी पसंद का ध्यान रखूंगी।" नियान की कही वो बात सुन कर DT अपनी जगह छोड़ सबसे पीछे वाली सीट पर जाकर बैठ गया।

वही ग्रंट और 97 पीछे बैठ उन दोनो का मज़ाक उड़ा रहे थे।

" सुनो क्या तुम्हे अंदाजा भी है। तुमने अभी भी मुझे जो कहा वो कितना गलत था?" गन ने उस से पूछा।

" नही। सॉरी। मैने कुछ गलत कह दिया क्या ?" नियान।

" जाने दो। बस ये याद रखो, भविष्य मे किसी भी लड़के या मर्द से अपने कपड़ों के बारे मे कोई बात मत करना। समझी।" नियान बस सर हिलाकर हा कहा, उसके बस मे चढ़ने के बाद से ही गन का सारा ध्यान उसे देखने मे था। सर का दर्द मानो हवा मे गायब हो गया था। गन पूरे रास्ते यही सोच रहा था, अब इसे छोटे कपड़े ना पहने ये बात समझावू कैसे। देखते ही देखते वो लोग K एंड K के ऑफिस पोहोच गए। क्यों की अब नियान वहा तक पोहोच गई थी, और गन को एक अर्जेंट कॉल अटेंड करना था। तो उसने नियान को ऑफिस मे रुकने के लिए कहा।

लड़के अपने अपने कमरों मे वापस चले गए थे। लेकिन भाभी यहां आई है ये बात चिंगारी की तरह पूरे क्लब मे फैल गई। बॉस के होते हुए अभी किसी की भी भाभी से मिलने की हिम्मत नही हुई।

दूसरी तरफ गन मीटिंग रूम मे कॉल अटेंड कर रहा था। नियान मीटिंग रूम के बाहर घूम कर उनका प्रैक्टिस एरिया देख रही थी। तभी उसने चुपके से गन की एक तस्वीर ले ली। पहली तस्वीर लेने मे वो कामयाब हो गई थी। इसी भरोसे के साथ उसने गन की और एक तस्वीर खींची और वही वो पकड़ी गई। गन ने उसे इशारा कर मीटिंग रूम मे बुलाया। पर वो उसके इशारे समझ नही पाई, फिर पास ही मे रखे बोर्ड पर गन ने लिखा। "अंदर आओ"। वो तुरंत अंदर पोहोच गई। जैसे ही गन ने अपना कॉल खत्म किया।

" मोबाइल?????" उसने नियान की तरफ हाथ आगे बढ़ाते हुए कहा।

" मैने दो ही तस्वीरे ली थी, वो भी तुरंत डिलीट कर दी। सच मे देखो।" उसने मोबाइल गन के हाथो मे रखा। तभी उसकी मैसेज टोन बजी।

" तुम्हे किसी का मैसेज आया है।" गन ने मोबाईल वापस उसे दे दिया और अपना लैपटॉप ओपन किया।

उसने जल्दी जल्दी मे अपने मोबाइल का साउंड चेक किए बगैर वो मैसेज खोला। ब्लूबेरी ने उसे वॉइस मैसेज भेजा था,
" हेलो स्क्विड। सोचा फोन कर के दोनो लव बर्डस को डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए इसीलिए ये मैसेज भेज रही हु। क्या तुमने उसे अपनी बॉडी दिखाई ????? सच बताओ वो फिदा हो गया ना।" नियान उस मैसेज को बंद करे उस से पहले ब्लूबेरी के शब्द गन के कानो तक पोहोच गए थे। मैसेज टोन एक बार फिर बजी और एक के पीछे एक मैसेज अपने आप खुलते गए।
" चलो उसे दिखा दो तुम्हारे पास क्या क्या है। तुम ऑनलाइन डीवा हो। कोई भला तुम्हे वापस ना देखे ऐसा हो नहीं सकता। क्रॉप टॉप शॉर्ट स्कर्ट आउट और मिस्टर इन। समझ गई ना। जल्द कॉल कर के अपनी डेट के बारे मे बताना। बाय"

" ब्लूबेरी पागल है, उस पर ध्यान मत दो। तुम तुम्हारी मीटिंग जारी रखो ना।" नियान ने हिचकिचाहट के साथ कहा।

" बैठो। ये तुम्हारी वही दोस्त है क्या जो हमे इवेंट पर मिली थी। क्या तुम अपने दोस्तो से मेरे बारे मे बात करती हो?" गन ने पूछा।

" हा। वही है। में अपने सब दोस्तो से तुम्हारी बाते नही करती। सिर्फ कुछ ख़ास। ब्लूबेरी उन मे से एक है।" नियान नजरे झुकाएं हुए थी।

" मेरे बारे मे क्या बाते करते हो ?? बस यूंही जानना चाहता था।" गन।

" मतलब ब्लू बेरी का हसबैंड तुम्हारा फैन है। उस ने ही तुम्हारी सारी जानकारी दी थी मुझे। हम भी अक्सर यही बाते करते है। तुम्हारी पसंद ना पसंद के बारे मे।" नियान।

" ये कपड़े तुमने मेरे लिए पहने है?" गन अपनी हसी को रोके हुए था।

" हा। उसने कहा मर्दों को बड़े पैर और पतली कमर अच्छी लगती है। जितना दिखाओगी उतना पसंद करेगा।" अभी भी नजरे उठाने की उसकी हिम्मत नही हो रही थी।

" तो दिखाओ।" गन के ये कहते ही नियान ने उसे देखा।" दिखाओ।"

" में समझी नहीं।" नियान।

गन अपनी जगह से उठा, उसने अपना कोट उठाया और नियान को ओढ़ा दिया। उसके सामने अपने घुटनों पर बैठ गया। "तुम्हारी दोस्त सही कहती है, कोई तुम्हे वापस ना देखे ऐसा हो नहीं सकता। लेकिन में तुम्हे देखू उसके लिए तुम्हे ऐसे कपड़े पहनने की कोई जरूरत नही है। मुझे आरामदाई और ज्यादा तर तुम्हे जो भी पसंद हो वो पूरे कपड़े पसंद आएंगे।" जब उसने नियान से ये कहा वो बस उसे देखे जा रही थी। बिना पलके झपकाए। बाहर से लड़को ने बॉस की आखों का ये खेल देखा।

" क्या वो दोनो किस करने वाले है ??????" 97 ने ग्रंट से पूछा।

" लग तो कुछ ऐसा ही रहा है। पर अब बॉस के ऐसे मूड मे उन्हे मेसेज देने कौन जायेगा।" ग्रंट के पूछते ही वन, 97 और बाकी के लड़के अपनी जगह से पीछे हो गए। डेमो वही खड़ा था। " बोहोत अच्छे डेमो मुझे पता था, ऐसे वक्त मे तुम ही आगे आओगे।" डेमो कुछ समझ पाए उस से पहले लड़को ने उसे मीटिंग रूम के अंदर धक्का दिया। डेमो के अचानक अंदर आ जाने से दोनो डर गए।

" तुम्हे कितनी बार कहा है, पूछ के अंदर आओ।" गन ने अपने गुस्से पर काबू करते हुए कहा। " अब बोलो भी क्या काम है?"

डेमो बस दोनो को घुरे जा रहा था। " वो नॉर्वे मे सब आपके कॉल का इंतजार कर रहे है। ये मैसेज देना था।"

" दे दिया। अब जाओ।" गन।

जैसे ही डेमो वहा से गया गन ने अपने सर पर हाथ लगाते हुए बाहर नजर डाली। मीटिंग रूम के बाहर खड़े से सब लड़को ने वहा से भागना ही सही समझा।

" मुझे कॉल अटेंड करना है। क्या तुम ठीक हो।" गन ने नियान से पूछा।

" हा। बिल्कुल ठीक। तुम कॉल कर लो में डिस्टर्ब नहीं करूंगी।" नियान गन से दूर हो कर बैठ गई। गन की मीटिंग खत्म होने तक नियान वही टेबल पर सर रख कर सो गई। गन अपनी जगह से उठा, कितनी खूबसूरत लगती है वो सोते हुए। उसने उसकी आंख पर आए हुए उसके बाल हटाए। वो अभी भी सो रही थी। गन ने पहली मंजिल पर फोन लगाया।
नीचे से भाग कर लड़के वहा खेल खेल रहे थे।

" देखा उन्होंने कैसे भाभी के सामने हमे डाटा तक नहीं। मुझे लगता है, भाभी को रोज यहां आना चाहिए। तुम्हारा क्या ख्याल है वन ?" डेमो ने पूछा।

" बिल्कुल सही।" वन।

" हा। बॉस अपना रिश्ता आगे बढ़ाए और हमारे रिश्तों से बोहोत दूर रहे। मुझे बस इतना ही चाहिए।" ग्रंट ने तुरंत अपना पक्ष रखा। तभी फोन की घंटी बजी।

डेमो ने कॉल उठाया। " हेलो।"