Ahsaas pyar ka khubsurat sa - 10 in Hindi Novel Episodes by ARUANDHATEE GARG मीठी books and stories PDF | एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 10

एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 10

एहसास प्यार का खूबसूरत सा ( भाग - 10 )


राजवीर रूम से निकल कर विनय के साथ बाहर आता है और कहता है ।

राजवीर ( गुस्से से ) - विनय जल्दी चल, कार निकाल मुझे अपने अड्डे पर जाना है।

विनय - पर भाई अभी तो पूरा दिन बचा है कॉलेज का।

राजवीर - मुझे नहीं पता , मुझे अभी पीना है। ( थोड़ी देर पहले हुए इंसिडेंट के बारे में सोचते हुए ) ये सब पक्का उस आरव का किया धरा है, अच्छा - खासा डांस कर रहा था । पता नहीं उसे मुझसे प्रॉब्लम क्या है । ( गुस्से से दांत पीसते हुए ) मैं उसे छोड़ूंगा नहीं । उसने मेरे रास्ते में आकर अच्छा नहीं किया । ( अपना एक हाथ दीवार मर मारते हुए ) उसे इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी होगी । सिर्फ उस लड़की को देखने के लिए मैंने जाने कहां - कहां नहीं चक्कर लगाया है । उसके घर से ले कर उसके ऑफिस तक । उसे देखने के लिए हर पल हर जगह उसके साए की तरह उसका पीछा किया है मैंने जब से वो इस कॉलेज में आई है तब से । ( आरव के ऑफिस के बाहर का इंसिडेंट याद करते हुए ) उसकी स्कूटी खराब की ताकि उसे लिफ्ट दे सकूं और उसे पटा सकूं। पर उस दिन भी इस आरव ने सब कुछ बिगाड़ दिया। आज मैं अपने प्लान में कामयाब हो गया था पर आरव ने उसे भी बिगाड़ दिया सौम्या को भेज कर । मैंने कायरा से झूठ बोला के आरव लोग मेरे दोस्त हैं जबकि आरव और मेरा तो छत्तीस का आंकड़ा है । उस आरव को होगी रिश्तेदारी की फिकर पर मुझे अपने अलावा किसी की फिकर नहीं है । मैं आरव को छोड़ूंगा नहीं ..........।

विनय ( उसके कंधे पर हाथ रख कर उसे समझाते हुए ) - देखी राजवीर , अगर ये लड़की नहीं तो किसी और लड़की के साथ डांस प्रैक्टिस कर लेना , और वैसे भी एक लड़की के लिए इतना गुस्सा ठीक नहीं है । लड़कियों का क्या है वो तो तेरे पास आती - जाती रहती हैं।

विनय अभी भी यही समझ रहा था के राजवीर डांस प्रैक्टिस ना हो पाने के कारण गुस्सा है पर राजवीर उसकी इस बात से गुस्से से उबलने लगता है और उसका गला पकड़ कर उसे दीवार से सटा कर कहता है।

राजवीर ( दांत पीसते हुए ) - तुझे क्या लगता है ? मैं इस लिए परेशान हूं क्योंकि डांस प्रैक्टिस नहीं हुई ? ( विनय जो अपने - आप को छुड़ाने की कोशिश कर रहा था उसके इस सवाल से वो राजवीर की आंखो में बेतहाशा गुस्सा और कायरा को पाने की ललक देखता है , इस लिए वो कुछ नहीं कहता और अपने - आप को छुड़ाना भी बंद कर देता है ) मैं उस लड़की को अपना बनाना चाहता हूं , जब वो पहली बार कॉलेज में आई थी तभी मैंने सोच लिया था के ये लड़की होगी तो मेरी वरना किसी की नहीं होगी। समझ आया तुझे ( राजवीर झटके से विनय को छोड़ देता है , और विनय जोर - जोर से अपना गला पकड़ हांफने लगता है ) कायरा को मैं अपना बनाऊंगा , वो बाकी लड़कियों की तरह नहीं है । ( राजवीर कुटिल मुस्कुराहट के साथ कहता है ) कायरा वो कोहिनूर है जो कि सिर्फ राजा के पास होना चाहिए और वो राजा मैं बनूंगा। वो कोहिनूर सिर्फ मेरा है । उसे तो मैं किसी भी तरह हासिल करके रहूंगा।

उसकी इस बात पर विनय कुछ नहीं कहता क्योंकि वो जान चुका था के राजवीर अब कायरा को पा कर ही दम लेगा इस लिए इससे कुछ भी बोलना अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने बराबर है इस लिए वो कुछ नहीं कहता और सीधे कार निकालने चला जाता है जो पार्किंग में खड़ी थी । राजवीर भी ऑडिटोरियम से निकल कर चारों तरफ नजर दौड़ाता है और उसकी नजरें उसका काम कर भी देती हैं। उसे कायरा कैंटीन पर बैठी मिल जाती है । वो कायरा को घूरते हुए ही सीढ़ियों से नीचे आता है और तब तक विनय भी गाड़ी ले कर आ जाता है वो कार में बैठ कर विनय को अड्डे पर चलने के लिए बोलता है जहां वो लोग शराब पीते थे । विनय उसी तरफ गाड़ी बढ़ा देता है ।

कायरा ( चेयर पर बैठ कर सभी से पूछती है ) - कोई मुझे बताएगा के इतनी छोटी सी बात पर सभी ओवररिएक्ट क्यों कर रहे हैं ? मेरी तरफ देख भी नहीं रहे ( अपना झूठ - मूठ का गुस्सा दिख कर मुंह बिगाड़ते हुए ) और एक तो बिना कुछ बोले ही चले गए है । ( कोई कुछ नहीं बोलता ,तो कायरा फिर से बोलती है ) से समथिंग !!!! कुछ तो बोलो तुम लोग । आखिर मैंने किया क्या है ? सिर्फ दोस्ती ही तो की है और उसी के नाते उसकी हेल्प की है । बस.......।

रूही ( कायरा को घूरते हुए ) - तेरे पास दिमाग नहीं है ? या फिर आज तेरा दिमाग काम नहीं कर रहा है । तू बिना बताए कहीं भी चली जाती है । और किसी से भी दोस्ती कर लेती है । एक बार भी ये नहीं सोचा तूने के तू किस इंसान से दोस्ती कर रही है । वो तेरी दोस्ती के लायक है भी या नहीं। मुझे तुझसे ऐसी उम्मीद नहीं थी कायरा । अरे तू तो जल्दी दोस्ती भी नहीं करती फिर उस इंसान से कैसे दोस्ती कर ली ?

कायरा - अरे , वो इतने अच्छे से बात कर रहा था । फिर उसे मेरी हेल्प चाहिए थी तो मैंने उसकी हेल्प कर दी बस ।

मीशा - अरे ये इसी टाइप की लड़की है । जिसे ऐसे ही लड़के मिलते हैं दोस्त बनाने के लिए और हेल्प करने के लिए जो कि पूरे कॉलेज में बदनाम हो ।

रूही ( मीशा से ) - ये उससे दोस्ती करने नहीं गई थी । वो खुद आया था इससे दोस्ती करने । और दूसरों पर उंगली उठाने से पहले देख लिया करो के खुद कितने पानी में हो ?

मीशा - मैंने जो कहा सही कहा और मुझे तुमसे सीखने की जरूरत नहीं है के मुझे कब क्या बोलना चाहिए । ( कायरा को देखते हुए ) ये लड़की ही इसी तरह की है तभी इसने उस जैसे इंसान से दोस्ती की है । वरना कोई जबरदस्ती किसी से दोस्ती करने के लिए फोर्स नहीं करता है ।

राहुल ( गुस्से से ) - स्टॉप इट मीशा , तुम शायद कुछ ज्यादा ही बोल रही हो ।

मीशा ( ऐटिट्यूड के साथ ) - मैं ज्यादा बोल रही हूं ? ( रूही की तरफ इशारा करके ) के ये ज्यादा बोल रही है ??!!!!

आदित्या ( मीशा को लगभग समझाते हुए ) - मीशा , हमे टॉपिक क्लोज करना चाहिए ना कि बढ़ाना चाहिए इस लिए प्लीज बहस करना बंद करो ।

मीशा ( गुस्से से ) - आदि मैं बहस कर रही हूं? अच्छा है, गलती कोई और करे और उसका पक्ष लो तुम सब । ( कायरा और रूही की तरफ इशारा करते हुए ) मुश्किल से चार दिन आए हुए हैं इन लड़कियों को और तुम सब दिनभर इन्हीं की माला जपते रहते हो । मुझे नहीं बैठना यहां जहां मेरे दोस्त मेरी नहीं इन चीप लैस लड़कियों की बात सुने ।

रेहान ( गुस्से से ) - मीशा ........।

रेहान को गुस्सा करते देख आदित्या उसे शांत रहने को कहता है । मीशा अपने दोस्तों का अपने प्रति बिहेव देख कर नागिन की तरह फुफकारते हुए चली जाती है । बाकी सब उसके इस बिहेव से थोड़ा हैरान तो होते हैं पर उसका स्वभाव ही ऐसा है सोचकर कुछ नहीं कहते ।

कायरा - इसके इतना सब कहने का क्या मतलब था ? और तुम सब इतना ज्यादा गुस्सा क्यों कर रहे हो और आपस में लड़ाई क्यों कर रहे हो ।

रूही ( लाल आंखो से कायरा को घूरते हुए तेज़ आवाज़ में ) - कायरा .........।

रूही का इतना ज्यादा गुस्सा देख कायरा डर जाती है क्योंकि उसने कभी रूही को इतने गुस्से में नहीं देखा था । रूही को सौम्या और शिवानी शांत कराते हैं और उसे पानी पीने के लिए देते हैं ।

आदित्या ( कायरा को समझाते हुए ) - कायरा , राजवीर ने भले ही तुम्हारे सामने अच्छा बनने का नाटक किया हो पर वो इंसान अच्छा नहीं है । और वो अपने कारनामों के लिए पूरे कॉलेज में बदनाम हैं ।

नील ( कायरा से ) - इसी लिए हम सभी तुमसे नाराज़ हैं के तुमने उससे दोस्ती क्यूं कर ली ।

कायरा - पर मुझे उसके बारे में कुछ नहीं पता था । और वो इतना अच्छा बिहेव कर रहा था के मैं उसे मना नहीं कर पाई । ( अपनी गलती की माफी मांगते हुए ) सॉरी गाइज , मुझसे गलती हो गई ।

आदित्या - इसमें तुम्हारी भी कोई गलती नहीं है कायरा । हो जाता कभी - कभी ऐसा । ( सारे दोस्तों से ) आई थिंक हम सभी को भी कायरा को माफ कर देना चाहिए ।

कायरा ( आस भरी नजरों से रूही को देखते हुए ) - माफ़ कर देना रूही । गलती हो गई मुझसे । तू तो जानती हैं ना मुझे ।

रूही - जानती हूं इसी लिए और ज्यादा गुस्सा आ रहा है ।

कायरा ( अपने कान पकड़ कर रूही से कहती है ) - प्लीज रूही मान जा ना ।

रूही - ठीक है पर उसके लिए मेरी एक शर्त है ।

कायरा - और वो शर्त क्या है?

रूही - यही के तुझे अगर माफी चाहिए तो तुझे राजवीर से दोस्ती तोड़नी होगी । वरना हम सभी से तेरी दोस्ती ख़तम हो जाएगी और फिर माफी तो तू भूल ही जाना।

कायरा ( हैरानी के साथ ) - पर रूही .......। इतनी सी बात के लिए तुम मुझसे दोस्ती क्यों तोड़ रही हो ? और सभी को इसमें शामिल भी कर रही हो !!!

रूही ( बेपरवाही और गुस्से के मिले जुले भाव के साथ ) - तुझे मेरी बात मानना है तो मान वरना तू जान , मैंने जो कह दिया सो कह दिया ।

उसकी इस बात पर सभी कभी रूही को तो कभी कायरा को देख रहे थे । कायरा रूही के सामने रिक्वेस्ट के साथ ।

कायरा - देख अगर मैं ऐसा कर सकती तो कर देती , पर आज ही मैंने दोस्ती की है और आज ही मैं दोस्ती तोड़ दूं , ये तो किसी दुश्मन के साथ भी नहीं करना चाहिए ना । फिर वो तो अभी - अभी दोस्त बना है । ( आदि को देख कर ) और आदि वो तो तुम सबका दोस्त भी है और पुराना क्लास मेट भी ।

कायरा की कहीं गई लास्ट वाली लाइन पर सभी उसे हैरानी से देखते हैं । तभी राहुल कहता है ।

राहुल - कायरा हां वो हम सभी का क्लास मेट था पर......। ( बाकी के शब्द वो अपने अंदर ही चबा जाता है क्योंकि आदित्या उसे इशारे से चुप रहने के लिए कहता है ।)

आदित्या ( कायरा से ) - हां कायरा वो हम सभी का दोस्त है । ( फिर रूही को छोड़ सभी दोस्तो की और देखता है जो कि उसके झूठ बोलने पर उसे हैरानी से देख रहे थे । आदित्या सभी को आंखो से चुप रहने और सब ठीक होने का आश्वासन देता है । और फिर रूही से कहता है ) देखो रूही ! कायरा ठीक कह रही है । मानते हैं वो इंसान अच्छा नहीं है , पर जैसा भी है , उसने कायरा से अच्छे से बात की है , जो कि कायरा बता रही है और कायरा की आज ही उससे दोस्ती हुई है तो इस हिसाब से उसे कुछ दिन राजवीर का दोस्त रहने दो । और फिर ये कायरा की मर्ज़ी के वो उसे दोस्त बनाए रखना चाहती है या दोस्ती तोड़ना चाहती है । हमे किसी के भी ऊपर अपना फैसला नहीं थोपना चाहिए । ये एक हिसाब से ठीक नहीं है ।

रूही - पर......।

कायरा ( रूही का हांथ पकड़ते हुए ) - प्लीज रूही मान जा ना , अभी अचानक से दोस्ती तोड़ूंगी और वो भी बिना किसी रीज़न के तो हो सकता है उसे अच्छा ना लगे , भले ही वो किसी भी बात को ले कर बदनाम है तो क्या हुआ , पर है तो इंसान ही ना ? और वैसे भी मुझे अभी उसके बारे में अगर कुछ अच्छा नहीं पता तो इतना कुछ बुरा भी नहीं पता के मैं उससे दोस्ती तोड़ दूं । पर हां अगर वो इंसान मेरे साथ या हमारे किसी भी फ्रैंड के साथ कुछ बुरा करेगा तो मैं जरूर उससे दोस्ती तोड़ दूंगी ।

रूही - पक्का......!!??

कायरा ( मुस्कुराते हुए ) - पक्का ( कायरा की इस बात पर रूही मुस्कुरा कर उसे गले लगा लेती है । जब रूही कायरा को अपने से अलग करती है तो कायरा सभी दोस्तों से कहती है ) अब तुम सब भी मुझे माफ़ कर दो , क्योंकि मेरी वजह से तुम सब की प्रैक्टिस भी नहीं हो पाई , और परेशान हुए वो अलग ।

सौम्या ( कायरा का हांथ पकड़ कर कहती है ) - नहीं कायरा , हम अपने फ्रेंड को ले कर चिंता में थे जिसे परेशान होना नहीं कहते हैं और अगर तुम्हारे हिसाब से वो परेशानी है तो उसे हम सब तुम्हे और हमारे सभी फ्रेंड्स को प्रोटेक्ट करने के लिए ऐसी सारी परेशानियां झेलने को तैयार ।

रूही और कायरा को छोड़ सब एक साथ कहते हैं - यस , सौम्या इस राइट ।

शिवानी ( परेशान होते हुए ) - मुझे तो सिर्फ आरव की टेंशन है , वो बहुत ही ज्यादा गुस्से में यहां से गया है।

शिवानी की बात सुन कायरा भी टेंशन में आ जाती है और बाकी सब भी । तभी आदित्या सभी से कहता है ।

आदित्या - डोंट वरी , उसे मैं समझाऊंगा, और वो समझेगा भी । तुम सभी टेंशन मत लो । नील, राहुल चलो हमे भी ऑफिस चलना चाहिए टाइम हो गया है । कायरा तुम ....।

कायरा - मैं अपनी स्कूटी से आ जाऊंगी । तुम लोग निकलो मैं भी निकलती हूं । ( आदित्या , नील , राहुल पार्किंग की ओर चले जाते हैं । कायरा रूही से गले मिल कर और सभी से कहती है ) मैं भी चलती हूं , आज मुझे अपने खडूस बॉस को मनाना भी तो है । बाय......🖐️।

सभी उसे बाय बोलते हैं और सौम्या उसकी बात पर मन ही मन मुस्कुराती है । आदित्या, नील राहुल कायरा से पहले ही ऑफिस पहुंच जाते हैं । तो वहीं कायरा रास्ते में होती हैं । आदित्या वहां पहुंचते ही नील और राहुल से कहता है ।

आदित्या - मैं आरव से बात करने उसके केबिन में जा रहा हूं , तब तक किसी को भी अंदर मत भेजना ।

नील और राहुल ( एक साथ ) - ओके ।

आदित्या अपने केबिन में अपना बैग रख कर सीधे आरव के केबिन में जाता है । तभी कायरा ऑफिस में आती जहां उसे राहुल और नील दोनों ही साथ दिखते हैं । कायरा उन दोनों से पूछती है।

कायरा - आरव सर ?????

राहुल - वो अभी - भी गुस्से में ही होगा , इस लिए आदि उससे बात करने गया है ।

कायरा ( टेंशन के साथ ) - मुझे भी बात करनी थी ।

राहुल - आई थिंक कायरा, तुम्हे थोड़ा वेट करना चाहिए , आदि ने किसी को भी केबिन में आने से मना किया है । इसी लिए हम दोनों भी अभी तक आरव से नहीं मिले हैं।

कायरा ( उदासी के साथ ) - अच्छा ठीक है । मैं बाद में बात कर लूंगी ।

इतना कह कर वो अपने केबिन में चली जाती है । राहुल और नील उसे उदास सा जाते हुए देखते रहते हैं और खुद कायरा की उदासी कम करने के लिए कुछ ना कर पाने के लिए उन्हें मन ही मन बुरा भी लग रहा होता है। कायरा अपने केबिन में पहुंच कर पेंडिंग पड़े काम को करने लगती है । आदित्य जब आरव के केबिन में पहुंचता है तो देखता है के आरव गुस्से से कभी ये फाइल तो कभी वो फाइल को यहां से वहां उठा - पटक कर रहा था । आदित्य उसके हाथ से सारी फाइल छीन कर टेबल पर रखता है और उसे सोफे पर बैठता है और उसे पानी देता है पीने के लिए ।

आरव ( पानी का ग्लास झटकते हुए ) - मुझे नहीं पीना । ( और गुस्से में अपनी मुट्ठी बंद कर लेता है )

आदित्या ( ग्लास को टेबल पर रख कर आरव को समझाने की कोशिश करते हुए कहता है ) - आरव ! तू ओवर रिएक्ट कर रहा है भाई , ऐसा कुछ नहीं हुआ है कि जिससे तू इतना परेशान हो जाए, शांत हो जा भाई ।

आरव ( सोफे से उठ कर केबिन में तेज़ क़दमों से चलते हुए ) - तो क्या कुछ होने का वेट करू ? ( आदित्या की तरफ देखते हुए ) तू तो जनता है ना आदि के राजवीर किस किस्म का इंसान है , उसके लिए लड़कियां सिर्फ कपड़ों के समान है , जो भी पसंद आई , उससे दोस्ती कर लिया और फिर उसे यूज किया , और जब उसका काम ख़तम हो गया तो जब मर्ज़ी , पुराने कपड़े की तरह फेंक दिया । ( अपनी हाथो की मुट्ठी को भींचते हुए ) अरे उसके खिलाफ कितने सारे केसेस हो चुके हैं लेकिन अपनी गुंडा - गर्दी के कारण एक भी केस उसने फाइल नहीं होने दिए , और हर बार बच जाता है । मैं कभी उसके रास्ते में नहीं आता और ना हीं उससे कुछ कहता हूं , क्योंकि उससे कुछ कहने का मतलब ही नहीं है , ना ही मैंने आज तक कोई एक्शन लिया है उसके खिलाफ , क्योंकि कुछ भी हो वो अपनी बहन से बहुत प्यार करता है । ( अपनी मुट्ठी को जोर से टेबल पर मारते हुए ) और भाभी के कारण ही मैं उसे कुछ कह नहीं पाता । उसके पिता को भी उसकी इन करतूतों के बारे में पता नहीं है । वरना मिस्टर तिवारी ने तो कब का इसे अपने घर से निकाल दिया होता , भले ही ये उनका लड़का ही क्यूं ना हो , उन्हें गलती और गलती करने वाले दोनों ही पसंद नहीं है । ( गुस्से से लाल आंखों के साथ ) अरे इसके ऊपर तो ऐसे - ऐसे केसेस चार्ज होते - होते बचे है जिन्हे मुझे याद करते हुए भी घिन आती है । इसके लिए लड़कियों की इज्जत की कीमत कुछ भी नहीं है । ( आदित्या के पास आकर उसका हाथ पकड़ते हुए ) पर इस बार बात कायरा की है आदि , इस लिए नहीं के मैं उससे प्यार करता हूं , बल्कि इस लिए के मैं अपने फ्रेंड्स में से किसी भी लड़की को उसके कारण परेशानी में नहीं देख सकता । वो ऐसे ही पहले सब से दोस्ती करता है और फिर लड़कियों को अपने जाल में फंसाता है ।

आदित्या ( उसका हाथ कस कर पकड़ते हुए ) - हां भाई , तू सही कह रहा है , पर इसमें कायरा की क्या गलती है , उसे तो उसके बारे में कुछ पता भी नहीं था । वो तो बस ......

आरव ( गुस्से आदित्या का हाथ झटकते हुए अपनी वर्किंग टेबल के पास जाता है और वहां पड़े कांच के गिलास को जमीन में फेंक कर कहता है ) - गलती कैसे नहीं है उसकी ? बिना किसी के बारे में जाने वो कैसे किसी से भी दोस्ती कर सकती है और बिना बताए कहीं भी किसी के भी साथ कैसे जा सकती है ? मुझसे दोस्ती करने के लिए तो कितने नखरे दिखाए थे उसने , फिर एक अजनबी इंसान के साथ उसने कैसे दोस्ती कर ली ? उसकी जगह अगर हमारे फ्रेंड्स में से कोई और भी होता ना तो अभी तक मैं उसे जाने कितनी बातें सुना चुका होता ।

आदित्या ( सोफे से उठ कर आरव के पास आता है और उसके कंधे पर हाथ रख कर कहता है ) - रिलेक्स आरव , रिलेक्स , शांत हो जा , तू अपना गुस्सा कंट्रोल कर , सब ठीक हो जायेगा ।

आरव ( सोफे पर बैठ कर अपने दोनो हाथों से अपने चेहरे को ढकते हुए परेशानी के साथ आदित्या से कहता है ) - कैसे शांत हो जाऊं आदि ? ( फिर अपना चेहरा ऊपर कर आदित्या को भीगी पलकों से देखते हुए कहता है ) कैसे रिलेक्स करूं , कल जब मिस्टर तिवारी के साथ डील फाइनल हो जायेगी तो मुझे ना चाहते हुए भी उस राजवीर को इस ऑफिस में अपनी नज़रों के सामने झेलना पड़ेगा और ना चाहते हुए भी मैं उसे कायरा से मिलने से नहीं रोक पाऊंगा ।

आदित्या ( सोफे पर आरव के पास बैठ कर उसके हांथों के ऊपर अपने हांथ रखते हुए ) - तो उसे राजवीर की सच्चाई बता देते हैं ।

आरव - नहीं भाई , मैं नहीं चाहता के उसे कुछ भी पता चले , फालतू में कहीं वो परेशान ना हो जाए।

आदित्या ( परेशान होते हुए ) - तो फिर क्या करें , तू ही बता ।

आरव - वैसे तो मैं पूरी कोशिश करूंगा के राजवीर कायरा से कम ही बात करे , पर तू भी अपने हिसाब से थोड़ा केयरफुल रहना , राजवीर का कोई भरोसा नहीं है ।

आदित्या ( मन में कुछ डिसाइड करते हुए ) - तू टेंशन मत ले आरव , मैं पूरी कोशिश करूंगा के कायरा राजवीर से दूर रहे । फिरहाल तू अपने आंसू साफ कर और अपना चेहरा ठीक कर , मिस्टर शेखावत मीटिंग के लिए आते ही होंगे ।

तभी केबिन में राहुल आता है और बोलता है ।

राहुल - आदि, आरव !!! मिस्टर शेखावत आ गए हैं और वो तुम लोगों के लिए पूछ रहे हैं ।

आदित्या - तू जा कर उन्हें मीटिंग हॉल में बैठा , हम अभी आते हैं ।

राहुल ओके कह कर केबिन से बाहर चला जाता है । आदित्या आरव से कहता है ।

आदित्या ( आरव के कंधे पर फिर से हाथ रखते हुए ) - आरव ये डील हमारे लिए कितनी इंपोर्टेंट है , ये मुझे तुम्हे याद दिलाने की जरूरत नहीं है , अभी के लिए सब कुछ भूल कर इस मीटिंग पर ध्यान दे , आज की सारी मीटिंग्स हमारी कंपनी के लिए बहुत ही ज्यादा इंपोर्टेंट है । तू जल्दी से अपना हुलिया ठीक कर कॉन्फ्रेंस रूम में आ , वरना बाहर ऑफिस के लोग तुझे इस तरह से देखेंगे तो फालतू की बाते बनाएंगे । मैं तुझे मिस्टर शेखावत के साथ कॉन्फ्रेंस रूम में मिलता हूं , तू जल्दी आ ।

आरव उसके समझाने पर अपने आंसुओं को अपने हाथों से साफ कर करता है । आदित्या आरव के केबिन से सीधे मिस्टर शेखावत के पास जाता है जहां मिस्टर शर्मा , अरनव भी बैठे हुए रहते हैं। आरव सोफे से उठ कर सीधे वॉशरूम में जाता है और अपना चेहरा धो कर अपने बाल ठीक करता है । और फिर अपना हुलिया ठीक कर वॉशरूम से बाहर आता है । फिर सोफे पर पड़ा हुआ अपना कोर्ट उठाता है और कॉन्फ्रेंस रूम में जाता है ।

वहां पहुंच कर वो उस हाल का गेट ओपन कर अन्दर आता है। तो देखता है वहां , मिस्टर शर्मा , अरनव , मिस्टर शेखावत और उनके सेकेट्री राघव , राहुल , नील , आदित्य साथ में कायरा और उस डील से रिलेटेड कुछ ऑफिस के एम्प्लॉयज बैठे हुए हैं । वो जा कर सीधे मिस्टर शेखावत से हाथ मिलाता है और जा कर अपनी चेयर पर बैठ जाता है । मिस्टर शेखावत आरव को देखते हुए मिस्टर शर्मा से कहते हैं ।

मिस्टर शेखावत - बहुत तरक्की कर रहा है बेटा आपका , इतने कम टाइम में ही मार्केट में अपनी कंपनी का अच्छा खासा नाम कमा लिया है ।

मिस्टर शर्मा ( मुस्कुराते हुए ) - बस बच्चों कि मेहनत और लगन का ही नतीजा है ।

मिस्टर शेखावत ( आरव से ) - वैसे आपका और आपकी कंपनी का बहुत नाम चल रहा है अभी के समय में , कहीं ये मिस्टर शर्मा के टेक्सटाइल कंपनी के कारण तो नहीं है ।

अरनव - अरे ऐसा नहीं है शेखावत जी , मेरा भाई और उसकी टीम ने पहले दिन से ही मेहनत करना स्टार्ट कर दिया था इसी वजह से उनकी कंपनी का नाम इतनी जगह फैल चुका है ।

मिस्टर शेखावत - आई होप यही हो , वैसे आरव शर्मा , आशा है के आप हमें निराशा नहीं करेंगे ।

आरव ( मुस्कुराते हुए फूल एटिट्यूड के साथ ) - जी जरूर , वैसे जब आप हमारी डिजायन्स देखेंगें तो आपके न बोलने का और निराश होने का कोई कारण ही नहीं रहेगा ।

मिस्टर शेखावत - इतना ऐटिट्यूड ??? कमाल है , कहीं ये ओवर ना हो जाए !

आरव - जी नहीं , ये ऐटिट्यूड नहीं अपने काम को ले कर कॉन्फिडेंस है । क्योंकि हम सभी ने इतनी मेहनत की है के सामने वाला हमें ना कह ही नहीं सकता ।

मिस्टर शेखावत - लेट्स सी ।

आरव बदले में मुस्कुरा देता है और राहुल को प्रेजेंटेशन के लिए कहता है । राहुल एक फाइल आदि को देता है । आदि उस फाइल को मिस्टर शेखावत को देता हैं जिसमें कायरा के बनाए बहुत से डिजायन्स थे । मिस्टर शेखावत उस फाइल को देख रहे होते हैं । राहुल प्रोजेक्टर के पास जाता है और कायरा को प्रोजेक्टर ऑन करने के लिए कहता है । कायरा प्रोजेक्टर ऑन कर लेपटॉप की सहायता से प्रेजेंटेशन चालू करती है और राहुल उस प्रेजेंटेशन को एक्सप्लेन करता है जिससे सभी राहुल को और प्रेजेंटेशन को देख रहे होते हैं ।

लगभग डेढ़ घंटे तक प्रेजेंटेशन चलती है । प्रेजेंटेशन ख़तम कर राहुल थैंक्यू बोल अपनी चेयर पर बैठ जाता है और कायरा भी अपनी सीट पर आ कर बैठ जाती है । मिस्टर शर्मा प्रेजेंटेशन देख कर कोई जवाब नहीं देते और फिर से फाइल देखने लगते हैं उस वक़्त उनके चेहरे पर कोई भाव नहीं रहते है । सभी उनकी प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतेज़ार कर रहे होते हैं क्योंकि उनके चेहरे से कोई भाव नहीं छलक रहे थे जिससे कोई भी अंदाजा नहीं लगा पा रहा था के उन्हें ये प्रेजेंटेशन पसंद आई है या नहीं ।

लगभग पांच मिनट बाद मिस्टर शेखावत फाइल को बंद कर सामने टेबल पर रखते हैं और मुस्कुराते हुए मिस्टर शर्मा से हांथ मिलाते हैं और कहते हैं ।

मिस्टर शेखावत - आपके बेटे ने सही कहा था , प्रेजेंटेशन देखने के बाद ना कहने का मेरे पास कोई रीज़न ही नहीं रह गया। मैं बहुत देर से प्रेजेंटेशन में ( टेबल पर रखी फाइल की ओर इशारा करते हुए ) और इस फाइल में खामियां निकालने की कोशिश कर रहा था पर अफसोस के निकाल नहीं पाया । मुझे आपके बेटे का काम बहुत पसंद आया । ( आरव से हांथ मिलाते हुए ) आपने बहुत अच्छा वर्क किया है । आप अपनी कंपनी को बहुत आगे ले कर जायेंगे ।

आरव ( नम्रता के साथ हांथ मिलाते हुए ) - थैंक्यू वेरी मच सर , वैसे ये मेरे अकेले का काम नहीं है । ( राहुल , नील , आदित्या और कायरा की ओर इशारा करते हुए ) इसमें मेरी पूरी टीम की मेहनत है । ये प्रेजेंटेशन इन्होंने ही रेडी की है ।

मिस्टर शेखावत ( राहुल , नील , आदित्या और कायरा से ) - गुड जॉब ।

राहुल , नील , आदित्या और कायरा ( एक साथ मुस्कुराते हुए ) - थैंक्यू सर ।

मिस्टर शेखावत ( मिस्टर शर्मा से ) - वैसे डील साइन करने से पहले मैं ये जानना चाहूंगा ( फाइल की ओर इशारा करते हुए ) के इस फाइल में जो डिज़ाइन हैं वो किसने बनाए है ?

आरव ( कायरा की ओर इशारा करते हुए ) - ये डिज़ाइन हमारी कंपनी की न्यू डिज़ाइनर एंड मेरी पीए मिस कायरा गर्ग ने बनाए हैं।

मिस्टर शेखावत ( कायरा से ) - गुड जॉब , आपने तो बहुत ही बढ़िया डिजायन्स बनाए हैं । मुझे तो एक नज़र में ही पसंद आ गए , साथ ही इतनी बारीकी और सफाई से ये डिजायन्स बने हुए हैं के मैं इसमें बहुत ही बारीकी से गलती निकालने की कोशिश कर रहा था पर असफल रहा । बहुत ही अच्छा काम है आपका ।

कायरा ( मुस्कुराते हुए ) - थैंक्यू वेरी मच सर।

अरनव ( मिस्टर शेखावत से ) - तो फिर डील फाइनल समझे ???

मिस्टर शेखावत ( मुस्कुराते हुए ) - इसमें भी शक कोई गुंजाइश है मिस्टर अरनव !!!!

अरनव ( भी उसी अंदाज में मुस्कुराते हुए ) - तो फिर डील साइन कर लेते हैं ।

मिस्टर शेखावत - जी ।

आरव आदित्या को इशारा करता है तो आदित्या डील के पेपर्स मिस्टर शेखावत को देता है । मिस्टर शेखावत डील के पेपर्स पढ़ कर उसमें साइन कर देते हैं । उनके साइन करते ही वहां मौजूद हर किसी के चेहरे पर स्माइल आ जाती है। आदित्या फाइल को वापस ले लेता है । मिस्टर शेखावत मिस्टर शर्मा से कहते हैं ।

मिस्टर शेखावत ( विनम्रता के साथ ) - बहुत अच्छा लगा आपके बेटे और उसके स्टाफ से मिल कर । हमे भी अब नई पीढ़ी से कुछ नया सीखने को मिलेगा । ( बदले में मिस्टर शर्मा मुस्कुरा देते हैं ) अब हमे जाने की इजाजत दीजिए , ऑफिस का और भी काम है । उस वजह से ज्यादा समय नहीं दे पाएंगे ।

मिस्टर शर्मा - अरे आप तो ऐसा कह कर हमे शर्मिंदा कर रहे हैं । आपने इतना टाइम निकाला और हमारी कंपनी के साथ डील साइन की हमारे लिए तो यही सौभाग्य की बात है।

मिस्टर शेखावत ( हंसते हुए ) - शर्मिंदा तो आप हमें कर रहे हैं अपने आप से ऊपर बता कर ।

मिस्टर शर्मा ( हंसते हुए ) - कुछ भी हो पर हम दोनों ही अपनी पोजीशन और मेहनत के हिसाब से एक ही जगह पर खड़े हैं , तो सामने वाले को अपने आप से कमतर समझना मेरे हिसाब से तो भूल होगी ।

मिस्टर शर्मा ( ठहाका मार कर हंसते हुए ) - आप भी शर्मा जी 😄 !!!! अच्छा अब इजाजत दीजिए 🙏🏻 ।

मिस्टर शर्मा - जी बिल्कुल ।

मिस्टर शेखावत मिस्टर शर्मा , अरनव और आरव से हांथ मिला कर मीटिंग हॉल से बाहर आ जाते हैं । अरनव और मिस्टर शर्मा उन्हें बाहर तक ड्रॉप करने जाते हैं और फिर वहीं से अपने ऑफिस निकाल जाते हैं । मीटिंग रूम में कायरा , आरव, नील, राहुल और आदित्या को छोड़ कर सभी मीटिंग हॉल से बाहर निकलकर अपने - अपने काम में लग जाते हैं । सभी के जाते ही नील और राहुल उछल - उछल कर खुशी मना रहे होते हैं , आदित्या वहीं खड़ा उन्हें देख हंस रहा होता है । कायरा भी अपनी सीट के पास खड़ी मुस्कुरा रही होती है । जबकि आरव सभी के जाते ही अपनी चेयर पर बैठ जाता है और नील और राहुल कि हरकतों पर मुस्कुरा रहा होता है। नील सभी से उछलते हुए कहता है।

नील ( अपनी आंखें बड़ी करते हुए खुशी के साथ ) - मुझे तो विश्वाश ही नहीं हो रहा है के इतने बड़े बिजनेस मेन के साथ हमने इतनी जल्दी ही डील साइन कर ली और अब उनके साथ हमारी कंपनी को काम करने का मौका भी मिलेगा ।

राहुल ( चेयर पर बैठते हुए ) - तू सही कह रहा है भाई। अभी तक तो मैंने मिस्टर शेखावत के बारे में सुना ही था आज देख भी लिया । इतनी बड़ी कंपनी , और उनका नाम आरव के पापा के कंपनी के सिमिलर है तब भी उनमें जरा सा भी ऐटिट्यूड नहीं है । सच कहूं तो उनसे मिल कर बहुत अच्छा लगा ।

आदित्या - हां बात तो सही है ।

आरव जो उन सभी को मुस्कुरा कर देख रहा था उसकी नज़र जब कायरा पर जाती है तो उसे सुबह की हुई घटना याद आ जाती है । खास कर वो फोन कि स्क्रीन वाली । वो एक बार फिर से गुस्से से भर उठता है । और चेयर से झटके से उठते हुए सभी से कहता है ।

आरव - हमें और भी कंपनी के साथ आज डील करनी है । तो मैं जा रहा हूं । आगे की डील की प्रेजेंटेशन जिसके भी पास हो वो मेरे साथ आज मीटिंग के लिए चलेगा।

नील ( तपाक से ) - प्रेजेंटेशन राहुल और कायरा ने बनाई है । तो तेरे साथ कायरा जायेगी।

आरव ये सुन कर गुस्से से नील को घूरता है। नील अपनी चेयर पर चुप - चाप बैठ जाता है । आरव फिर से सभी से कहता है ।

आरव - मेरे साथ राहुल जाएगा और अब इस बारे में कोई बहस नहीं होगी । ( उसकी बात सुन कर कायरा के आंखों में आंसू आ जाते हैं ) राहुल मैं तेरा पार्किंग में वेट कर रहा हूं ।

राहुल - ठीक है तू चल मैं लेपटॉप और फाइल ले कर आता हूं ।

इतना सुन कर आरव तेज़ क़दमों के साथ हॉल से बाहर निकल जाता है । राहुल भी भागते हुए उसके पीछे - पीछे जाता है । नील हॉल से निकल कर अपने काम में लग जाता है । आरव का व्यवहार देख कर कायरा के आंखों में बरबस ही आंसू आ जाते हैं । आदित्या उससे कहता है ।

आदित्या - कायरा तुम टेंशन मत लो , उसका गुस्सा थोड़ा ज्यादा रहता है पर वक़्त के साथ उसका गुस्सा पिघल भी जाता है । सब ठीक हो जायेगा डोंट वरी ।

कायरा ( अपने आंसू साफ करते हुए ) - आई होप सो ।

दोनों ही हॉल से बाहर निकलते हैं। तब तक आरव और राहुल मीटिंग के लिए निकल चुके होते हैं। कायरा अपने केबिन में जाती है और आदित्या अपने केबिन में जाता है। कायरा अपने केबिन में पहुंच कर अपनी चेयर पर बैठ कर आरव के बारे में सोच ही रही होती है तभी आदित्या कुछ फाइलों के साथ कायरा के केबिन में आता है .......।

क्रमशः

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