Ahsaas pyar ka khubsurat sa - 12 in Hindi Novel Episodes by ARUANDHATEE GARG मीठी books and stories PDF | एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 12

एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 12


एहसास प्यार का खूबसूरत सा ( भाग - 12 )





आखिर कार थोड़ी लम्बी रात के बाद या ये कहें सभी की कल की थकान के बाद एक मीठी सी, गुनगुनाती सी, हल्की सी ठंडक और हल्की सी धूप के साथ सुबह हो ही जाती है । जिससे सभी की नींद खुल जाती है और सभी लोग अपने - अपने कामों में व्यस्त हो जाते हैं ।

इधर तब तक आरव भी उठ जाता है और रात भर बिना डिस्टर्बेंस के सोने के कारण उसकी नींद भी रोज से थोड़ा जल्दी ही खुल जाती है । उठते ही साथ आरव घड़ी की ओर देखता है जिसमें सुबह के पांच बज कर पंद्रह मिनट हो रहे थे। उठ कर वह सबसे पहले किचेन में जाता है और अपने लिए एक कड़क कॉफी बनाता है । उसके बाद कॉफी ख़तम करके वो अपने घर में बने थर्ड फ्लोर पर आरव और अरनव के लिए सेट किए हुए जिम में जाता है और वहीं एक्सरसाइज करने लगता है ।

जबकि इधर कायरा के तो मानो नींद में देखे गए सपने ही ख़तम होने का नाम ना ले रहे हों, ऐसे मैडम जी सो रही थीं । घड़ी में सात बज रहे थे और कायरा अब तक नहीं उठी थी । आखिर कार ना - नुकुर करते हुए उसकी नींद खुल ही गई। जब खिड़की से सूरज की सीधी रोशनी उसके आंखों में पड़ी तब मैडम जी ने बिस्तर छोड़ा, और घड़ी की तरफ देखते ही जो साढ़े सात बजा रही थी उसे देख पहले तो खुद को देखा फिर जो भागी के पंद्रह मिनट में ही तैयार हो कर डाइनिंग टेबल पर हाजिर हो गई ।

मालती जी उसे इस तरह से हड़बड़ाता हुआ देख उसके पास आयिं और उसके सिर पर प्यार से हांथ फेरते हुए बोलीं ।

मालती जी - उठ गई बेटा ??!!!

कायरा ( मासूमियत से ) - क्या मम्मा आज फिर मैं लेट हो गई , आपने उठाया भी नहीं ।

मालती जी ( आरती की थाल पूजा घर में रख , कायरा के लिए नाश्ता परोसते हुए ) - बेटा , तुम्हें इस समय, खुद का होश ही नहीं रहता है , अभी निकलती हो तो सीधे रात के आठ बजे या नौ बजे या फिर कई बार तो तुम्हें साढ़े नौ भी बज जातें हैं तब आती हो । अब दिनभर तो तुम रेस्ट करती नहीं हो तो सुबह ही थोड़ा लेट तक सोने दूं, सोच कर तुम्हे नहीं उठाया ।

कायरा ( नाश्ता करते हुए ) - आप कितनी अच्छी हो, मेरे बारे में कितना सोचती हो , कल रात में भी आपको अपने - आप ही पता चल गया था के मुझे हल्दी वाले दूध की जरूरत है ।

मालती जी ( हैरानी से ) - मतलब ??? मैंने तो बस ये सोच कर दूध में हल्दी डाली थी ताकि थोड़ी थकान कम हो और तुम्हे जल्दी ही नींद आ जाए ।

कायरा ( अपनी बात को कवर करते हुए ) - हां वही तो बोल रही हूं , के आपको कैसे पता चल गया के मुझे कल बहुत थकान महसूस हो रही थी ।

मालती जी ( कायरा का टिफिन पैक करते हुए ) - अरे अभी तो बताया ना , तुम दिनभर घर से बाहर रहती हो तो मुझे समझ आ जाता है के तुम्हें थकान है । बस सिम्पल ।

कायरा ( किचेन से हांथ धो कर आती है , और मालती जी को साइड से गले लगा , गाल में किस कर कहती है ) - थैंक्यू मम्मा , मेरा इतना ध्यान रखने के लिए , आप ना मेरे लिए वर्ल्ड की बेस्ट मम्मा हो ।

मालती जी ( उसे टिफिन देते हुए मुस्कुरा कर ) - चलो - चलो , ज्यादा मस्का मत लगाओ , तुम्हे कॉलेज के लिए लेट हो रहा है ।

कायरा एक बार फिर उन्हें साइड से हग करती है और अपना समान ले कॉलेज के लिए निकलने लगती है के मालती जी पीछे से आवाज़ देकर पूछती हैं ।

मालती जी - कायरा ! तूने बाजार से राखी ले ली ????( कहते - कहते दरवाज़े तक आ जाती हैं )

कायरा ( पीछे मुड़ कर सोचते हुए ) - राखी , पर अभी क्यों मम्मा ???

मालती जी ( उसके सिर पर हल्की सी चपत लगाते हुए ) - तुझे ना सच में आज कल किसी भी चीज का होश नहीं रहता । परसों रक्षाबंधन है और तूने अभी तक राखी नहीं ली ।

कायरा ( खुद के सिर में मारते हुए ) - हे भगवान , मुझे तो सच में इस बार याद ही नहीं रहा । आप ना मम्मा मुझे लिस्ट सेंड कर देना , कि राखी के अलावा और क्या - क्या चाहिए ??? मैं ऑफिस से लौटते टाइम ले आऊंगी ।

मालती जी हां में सिर हिला देती है और कायरा पार्किंग से अपनी स्कूटी निकाल कॉलेज के लिए चली जाती है ।

वहीं आरव भी रेडी हो कर कॉलेज के लिए निकल जाता है । इत्तेफाक से कायरा और आरव सेम टाइम पर कॉलेज पहुंचते हैं । जहां आरव को कायरा को सही सलामत देखने की बेचैनी होती है क्योंकि उसे कल का सपना जिम में एक्सरसाइज करने के दौरान ध्यान आ जाता है तो वहीं कायरा को आरव से बात करने की और उसे जल्दी ही मनाने की बेचैनी होती है । दोनों ही जल्दी से अपनी - अपनी गाड़ी पार्क कर पार्किंग एरिया से बाहर निकलते हैं । एक - दूसरे से मिलने की जल्दी इतनी होती है के कब सोचते - सोचते पास आ जाते हैं पता ही नहीं चलता दोनों को। हड़बड़ाहट में गेट से निकलते वक़्त दोनों ही एक दूसरे से टकरा जाते हैं जिससे दोनों ही गिर जाते हैं । दोनों ही एक - दूसरे को बिना देखे ही एक - दूसरे पर चिल्लाने लगते हैं ।

कायरा ( अपने कल के लगे घाव की ओर देखते हुए ) - शिट.......। ये भी अभी ही होना था ।( आरव की तरफ देखते साथ ही ) तुम्हारी हिम्मत कैसे...........( बाकी के शब्द उसके हलक में ही अटक जाते हैं आरव को देख कर )।

आरव ( कायरा के साथ ही बोलते हुए ) - ओ....फ्फो.....।
अब ये क्या हुआ ??? वैसे भी मुझे जल्दी है और पता नहीं किसको मेरी बैंड बजाने की पड़ी है । ( कायरा की ओर नजरें उठाते हुए ) ,तेरी तो.........( बाकी के शब्द ही भूल जाता है जब कायरा को वो देखता है ) ।

दोनों ही एक दूसरे को देखते हैं तो देखते ही रह जाते हैं । थोड़ी देर बाद किसी की गाड़ी के हॉर्न की आवाज़ आती है जो जाने कब से उन दोनों के सामने खड़ी थी और उसका ड्राइवर रास्ता खाली करने के लिए बार - बार हॉर्न मारे जा रहा था और वहां मौजूद लोगों में से एक आदमी उनसे कहता है ।

आदमी - अब क्या ऐसे ही जमीन में बैठ कर एक - दूसरे को ताकते रहने का इरादा है क्या ? या फिर उठना भी है ???

उसकी इस बात पर वहां से आ - जा रहे कुछ लोग उसकी बातों में ध्यान देते हैं और जैसे ही कायरा और आरव को देखते हैं तो हंसने लगते हैं । आरव और कायरा की हॉर्न की आवाज़ से तंद्रा टूटती है और अपने - आपको को जमीन में बैठा देख हड़बड़ाते हुए उठते हैं । जहां कायरा थोड़ी असहज होती है वहीं आरव को गुस्सा आ जाता है । वो गुस्से - से ही अपनी मुट्ठी भीचें बिना किसी की देखे उठता है और सीधे दनदनाते हुए ऑडिटोरियम की ओर निकल जाता है । कायरा उठ कर पहले तो अपने कपड़े ठीक करती है और फिर अपना जमीन में गिरा हुआ समान उठा पार्किंग एरिया से बाहर निकलती है । बाहर निकलते ही उसे दूर से कैंटीन में बैठे सारे दोस्त वेट करते हुए दिखते हैं । वो उन्हीं के पास चली जाती है । जबकि सारे दोस्त आरव को ऑडिटोरियम में गुस्से से तमतमाते हुए जाते हुए देख रहे होते हैं । जब उनकी नज़र आरव के बाद आती कायरा पर पड़ती है तो उसे देखते ही सौम्या ने उससे पूछती है ।

सौम्या ( कायरा से ) - कायरा ! आरव को क्या हुआ है ? तुम्हें कुछ पता है क्या ?

कायरा कुछ कहने को हुई के तभी नील कहता है ।

नील ( याद दिलाते हुए ) - अरे!!! इन दोनों की तो कल से बात हो ही नहीं रही है । ( कायरा से ) कायरा तुम दोनों का कल का झगड़ा ख़तम हुआ? थोड़ा सा भी ???

कायरा न में सिर हिला देती है । तभी आदित्य कहता है ।

आदित्य ( नील के सिर में हल्के से मारते हुए ) - जब तेरे जैसे दोस्त हों तो काहे का झगड़ा ख़तम होगा और काहे को बात होगी । बैठे हो यहां प्रवचन मारते सब , ये नहीं के उसके गुस्से का कारण जान कर उसका गुस्सा थोड़ी कम करो ।

कायरा ( रूही के पास वाली चेयर पर बैठते हुए ) - मुझे पता है उनके अभी के गुस्से का कारण ।

रूही ( नासमझ सी ) - अभी के !!! मतलब ???

कायरा उन सभी को अभी पार्किंग में जो कुछ भी हुआ सब बताती है । उनकी बात से सभी सोच में पड़ जाते हैं के आरव के गुस्से को कैसे ठीक करें ??? सभी को चिंता में देख आदित्य सभी से कहता है ।

आदित्य - अभी के लिए हम सभी उसके पास चलते हैं। फिर देखते हैं के क्या करना है , मैं उससे बात करूंगा । तुम लोग टेंशन मत लो।

राहुल - हां भाई , तू ही उसे समझा सकता है । फैमिली के बाद तो वो तेरी ही सुनता है ।

नील ( मायूस सा चेहरा बनाते हुए ) - हां हमारी तो वो कभी नहीं सुनता ।

रेहान ( उनकी पीठ पर जोर का मुक्का मारते हुए ) - तेरे जैसे गधे की बात सुनेगा भी कौन ?????

उसकी इस बात पर सभी हंस देते हैं पर शिवानी मुंह बना लेती है जिसे सौम्या देख लेती है पर कहती कुछ नहीं है तभी मीशा सबसे कहती है ।

मीशा ( आरव की चिंता करते हुए ) - चलो चलते हैं ना आरव के पास, बेचारा वहां अकेला होगा और गुस्सा भी कितना है वो , पता नहीं कहीं खुद पर अपना गुस्सा ना उतारने लगे ।

इतना कह कर वो कायरा की तरफ नफरत भरी नजरों से देखती है जबकि कायरा उसकी बात सुन मीशा को देखती है जो उसे ही देख रही होती है । कायरा बिना उससे कुछ भी कहे सभी से कहती है ।

कायरा ( अपना बैग उठाते हुए ) - चलो....।

मीशा ( ताना मारते हुए ) - हां, अब गुस्सा दिलाया है , तो मनाने का ठेका भी तो लेना होगा ना !!!

उसकी बात पर कायरा एक नज़र मीशा को देखती है फिर बिना उससे कुछ कहे ऑडिटोरियम की ओर बढ़ जाती है । बाकी दोस्त भी बिना मीशा से कुछ कहे कायरा के पीछे - पीछे चले जातें हैं। जबकि मीशा पैर पटक कर रह जाती है । उन सभी को ऑडिटोरियम के गेट तक पहुंचा देख मीशा भी भागती हुई उनके पास जाती है और अंदर पहुंचते ही सबसे पहले आरव को ढूढ़ती है जो एक कोने में खड़ा गुस्से से दीवार में हांथ मार रहा था । कायरा और सभी के उस तक पहुंचने से पहले ही मीशा उसे जाकर गले लगा लेती है जिससे एक पल को सभी हतप्रभ से मीशा को देखते हैं वहीं आरव का गुस्सा और बढ़ जाता है और वो उसी तरह गुस्से में मीशा को अपने आप से अलग करता है और कहता है ।

आरव ( गुस्से से उसका हांथ पकड़ते हुए ) - आर यू मैड ??? मैं यहां परेशान हूं और तुम मुझे गले लगा रही हो !!! मीशा इतनी पागलों जैसी हरकतें तुम कब से करने लगी ? आज कल जब देखो तब गले पड़ जाती हो । दिमाग क्या घुटनों पर पहुंच चुका है तुम्हारा ????

उसकी इस तरह की बात से सभी हैरान परेशान से उसे देखते हैं क्योंकि आरव के मीशा से इस तरह से बात करने से साफ पता चल रहा था के वो बेहद गुस्से में है । जबकि मीशा गुस्से और जलन के मिले जुले भाव से कायरा को देख रही थी और मन ही मन आरव के इस तरह के बर्ताव के लिए कायरा को ही दोशी ठहरा रही थी, वहीं कायरा बहुत ही ज्यादा टेंशन में आ गई आरव के इस गुस्से को देख कर , तभी राहुल आरव से कहता है ।

राहुल - आरव! शांत हो जाओ , तुम मीशा से इस तरह से बात कर अपनी दोस्त को हर्ट कर रहे हो ।

आरव राहुल की बात सुन झटके से मीशा का हांथ छोड़ देता है और दीवार पर फिर से अपना हांथ दे मारता है जिससे राहुल नील आदित्य और रेहान उसके पास आतें है और उसके हांथ को कस कर पकड़ते है जिससे आरव दोबारा ऐसा ना करे। मीशा कायरा को जितनी एक्साइटमेंट के साथ नीचा दिखाने की भावना से अंदर आयि थी और उसके सामने आरव के गले लगी थी, उतनी ही उदासी के साथ वो उल्टे पैर ऑडिटोरियम के बाहर चली जाती है । उसे उदास सा जाता हुआ देख कायरा उसके पीछे - पीछे जाती है । तभी रूही उसका हांथ पकड़ उसे रोकती है और कहती है ।

रूही ( कायरा से ) - तू क्यूं उसके पीछे जा रही है ? तुझे अभी थोड़ी देर पहले का उसका ताना याद नहीं है क्या जो उसने तुझे मारा था ? और ठीक ही हुआ उसके साथ , ऐसे गुस्से से आग - बबूला आदमी को कौन गले लगाता है भला ????

कायरा ( अपना हांथ छुड़ाने की कोशिश करते हुए ) - इंसानियत के नाते जा रही हूं यार , कुछ भी हो आरव ने उससे गलत तरह से बात की और वो भी तो कहीं ना कहीं हमारी दोस्त ही है। उस नाते मुझे जाना चाहिए , प्लीज मेरा हांथ छोड़ दे ना ।

रूही ( उसका हांथ छोड़ उससे कहती है ) - तू पागल हो गई है क्या ? उसके पास जायेगी जो तुझे कुछ नहीं समझती ।

कायरा ( रूही से मिन्नतें करते हुए ) - तू तो मुझे समझती है ना प्लीज मुझे जाने देना ,प्लीज ....।

इतना कह कर बिना रूही की बात सुने ही कायरा मीशा के पीछे चली जाती है । इधर आदित्य आरव से कहता है ।

आदित्य - प्लीज आरव , खुद को शांत रख , हमें बताया कायरा ने , इसमें तेरी या कायरा की कोई गलती नहीं है ।

आरव ( आदित्या की तरफ मुड़ते हुए ) - रियली , इसमें किसी की कोई गलती नहीं है !!! मुझे उस समय ना ऐसा लग रहा था के उन सभी लोगों के मुंह तोड़ दूं , क्योंकि उनकी वजह से कायरा को असहज होना पड़ रहा था और वो लोग कैसी बेतुकी बातें कर रहे थे,पता है तुझे?? मेरा तो सोच - सोच कर दिमाग अपसेट हुआ जा रहा है ।

तभी रेहान उसके कंधे पर हांथ रखता है और उससे कहता है ।

रेहान - रिलेक्स आरव , सब ठीक हो जायेगा । तू चिंता मत कर , ज्यादा गुस्सा ठीक नहीं होता है इंसान के लिए ।

रेहान का हांथ अपने कंधे पर महसूस होते ही आरव को थोड़ा रिलेक्स महसूस होता है जैसे उसके दोस्त सब कुछ ठीक कर देंगे । तभी राहुल कहता है।

राहुल - आरव, चल वहां स्टेज के पास चलते है ।

नील - हां आरव ! वहीं चल कर तू बैठ और रिलेक्स कर, हम सभी तब तक अपने डांस की प्रैक्टिस करेंगे।

सभी स्टेज की ओर बढ़ जाते हैं और रेहान आरव को अपने बैग से पानी की बॉटल निकाल कर देता है । आरव पानी पी कर थोड़ा रिलेक्स फील कर रहा होता है । बाकी सब उसे चेयर पर रिलेक्स बैठे हुए देख अपनी प्रैक्टिस में लग जाते हैं ।

कायरा जब ऑडिटोरियम के बाहर पहुंचती है तो देखती है के मीशा कैंटीन में अकेली बैठी है और गुस्से से टिशू पेपर को हांंथों से फाड़ - फाड़ कर जमीन में फेंक रही है । कायरा उसके पास जाती है और उसके बगल में खड़ी हो जाती है । मीशा उसे देखते ही गुस्से से फुफकारते हुए कहती है ।

मीशा - अब क्यों आयि हो यहां ??? मिल तो गया होगा तुम्हें सुकून , आरव को मुझे हर्ट करते देख !!!

कायरा ( शांति से उसके बगल वाली चेयर पर बैठते हुए ) - देखो मीशा , मुझे तुम्हें हर्ट होते देख किसी भी प्रकार का सुकून नहीं मिला है , तभी तो मैं तुम्हारे पास आई हूं, आखिर तुम भी तो हमारी दोस्त हो ना और एक दोस्त को दूसरा दोस्त परेशान कैसे देख सकता हैं!!!???

मीशा ( झटके से चेयर से उठकर कायरा पर तेज़ आवाज़ में चिल्लाते हुए ) - तुम मेरी दोस्त नहीं हो, समझी ना। और ये सारे पैंतरे मेरे दोस्तों पर चलाया करो जो इस समय तुम और तुम्हारी उस सो कॉल्ड बेस्ट फ्रेंड पर लट्टू हुए फिर रहे हैं , मेरे सामने तुम्हारी ये चिकनी चुपड़ी बातें नहीं चलेगी । अंडरस्टैंड!!!

इतना कह कर वो दोबारा ऑडिटोरियम की ओर चली जाती है और वहां जा कर रेहान के साथ डांस करने लगती है । कायरा उसके इस तरह के व्यवहार से थोड़ा अपसेट तो होती है पर उसका स्वभाव ही ऐसा है सोच कर वो भी उसे इग्नोर कर देती है और ऑडिटोरियम की ओर चली है ।

कायरा वहां पहुंच कर देखती है के आरव अकेला बैठा हुआ है तो वो उसी के पास जा कर उसके बगल में बैठ जाती है । आरव उसके बगल में बैठने पर कुछ नहीं कहता और सभी की डांस प्रैक्टिस देख रहा होता है शायद कल का गुस्सा आज भी उसका ख़तम नहीं हुआ था या फिर उसका ईगो उसके सामने आ रहा था जिससे वो कायरा की तरफ देख भी नहीं रहा था । कायरा पहले तो आरव के कुछ बोलने का वेट करती है पर जब आरव बहुत देर तक कुछ नहीं कहता तो बड़ी हिम्मत करके आरव से बात करने की वह कोशिश करती है ।

कायरा ( हिचकिचाहट और डर के मिले जुले भाव के साथ ) - वो ...... वो ......आरव ।

आरव उसके तरफ देखता है और बिना किसी भाव के हम्मम कहता है । कायरा का तो मुंह ही सिल जाता है क्योंकि उसे एक्सपेक्टेशन थी कि आरव कुछ तो आगे बोलेगा पर आरव बिना किसी भाव के सिर्फ हम्मम बोलता है तो उसकी रही सही हिम्मत भी जवाब देने लगती है । थोड़ी देर में अपने मन को समझाते हुए थोड़ी रूड बनने की कोशिश करते हुए आरव से कहती है ।

कायरा - वो ..... वो.....।

आरव ( थोड़ा सा इरिटेट होकर ) - क्या है ??? कुछ बोलना है तुम्हें????

कायरा ( तपाक से ) - मुझे डांस करना है ।

आरव ( स्टेज की तरफ इशारा करते हुए ) - तो जाओ, करो डांस ।

कायरा ( हिचकिचाते हुए पर ऐटिट्यूड दिखाते हुए ) - मुझे आपके साथ डांस करना है ।

आरव एक पल के लिए अपनी आंखें बड़ी कर कायरा को हैरानी से देखता है फिर बोलता है ।

आरव - मेरे साथ !!! पर क्यों ????

शायद आरव किसी और चीज की एक्सपेक्टेशन में था पर डांस और वो भी कायरा के साथ , ये सुन उसे खुशी तो हुई पर कल की कायरा की लापरवाही याद आने के बाद सारी एक्सपेक्टेशन गुस्से में तब्दील हो गई ।

कायरा ( डरते हुए पर फिर भी कॉन्फिडेंस दिखाते हुए ) - हां , मेरे साथ ।

आरव ( गुस्से से ) - नहीं !!! ( अपने दोनो हांथ की मुट्ठियां भींचते हुए ) जाओ ना, करो ना अपने उस नए दोस्त के साथ डांस । बड़ा ही अच्छा बोल रहा था ना वो । बहुत अच्छा है तुम्हारी नज़रों में तो वो इंसान, हैं ना !!!???

कायरा ( आरव के थोड़ा करीब आकर उसके हाथ में अपना हाथ रखते हुए ) - प्लीज आरव , फाॕरगिव मी , मुझे नहीं पता था उसके बारे में । बाद में सब पता चला ।

आरव ( एक झटके से अपना हाथ कायरा से छुड़ा कर खड़े होते हुए कहता है ) - जब उसके बारे में कुछ पता ही नहीं था तुम्हें , कुछ जानती ही नहीं थी ( कायरा की तरफ मुड़ते हुए ) तो क्यों दोस्ती की उससे और तो और डांस करने भी चली गई ।

कायरा ( थोड़ी सी रूआसी हो कर आरव के सामने खड़ी हो अपने आंसू छुपाते हुए कहती है ) - प्लीज आरव , माफ कर दीजिए ना, गलती हो गई मुझसे ।

आरव ( गुस्से के साथ ) - नहीं कायरा , मैं उस जैसे इंसान के साथ अपने किसी भी दोस्त को बर्दास्त नहीं कर सकता । तुम अभी - भी उसके बारे में कुछ नहीं जानती , समझी ना ।

इतना कह कर आरव गुस्से से जाने लगता है के पीछे से कायरा उसका हाथ पकड़ लेती है । आरव का गुस्सा तो कायरा का दोबारा स्पर्श पाते ही छूमंतर हो जाता है या ये कहें के पिघल जाता है पर इतनी आसानी से मानने पर शायद सारा मजा किरकिरा हो जायेगा सोच कर वो झूठा गुस्सा दिखाता है और पीछे नहीं मुड़ता । कायरा उसे रोक कर हल्के गुस्से के साथ उसके सामने आती है और अकड़ के साथ उससे कहती है ।

कायरा - आपको तो मेरे साथ डांस करना ही होगा और वो भी अभी, इसी वक़्त हम डांस की प्रैक्टिस करेंगें।

आरव ( बिना किसी भाव के कहता है ) - कोई जबदस्ती है क्या ?????

कायरा ( उसका हांथ छोड़ अपने हाथों की घड़ी बनाते हुए ) - हां है जबरदस्ती ।

आरव तो उसके हक जताने भर से और उसके ऐटिट्यूड को देख उसका कायल हो जाता है पर फिर भी कुछ कहता नहीं है और अपने चेहरे पर बराबर गुस्से के भाव को बनाए रखता है जिससे कायरा को कोई डाउट ना हो ।

कायरा - चल रहें हैं आप के मैं आपको खींच कर लेकर जाऊं ।

आरव कुछ नहीं कहता तो कायरा उसका हांथ पकड़ती है और उसे खींच कर स्टेज में ले जाती है और उसके साथ जबरदस्ती डांस करने लगती है । जबकि बाकी सब इन सब से अनजान अपनी ही प्रैक्टिस में लगे हुए थे पर आरव तो मन ही मन मुस्कुरा रहा था । कायरा उसका हाथ पकड़ती है और अपना एक हाथ आरव के कंधे पर रखती है । अभी तक तो आरव बहुत ही मज़े से कायरा के अटिट्यूड मिक्स गुस्से को बखूबी एन्जॉय कर रहा था पर जैसे ही कायरा अपना हाथ आरव के कंधे पर रखती है उसकी तो धड़कने ऐरोप्लेन से भी तेज स्पीड में भागने लगती हैं । जबकि कायरा को आरव के रूड होने पर गुस्सा आ रहा होता है और वो गुस्से में आरव के साथ डांस कर रही होती है । डांस करते - करते ही गलती से कायरा का पैर आरव के पैर से फंस जाता है और वो गिरने लगती है साथ ही उसकी चींख भी निकल जाती है के आरव उसे पकड़ कर अपने करीब खींच लेता है जिससे आरव और कायरा दोनों की धड़कने तेज़ हो जाती हैं और दोनों ही एक बार फिर एक - दूसरे में खो जाते हैं । वहीं सभी दोस्तों का ध्यान उन दोनों की ओर जाता जब वो लोग कायरा की आवाज़ सुनते हैं । सभी दोस्त उन लोगों के पास आते हैं और सभी एक साथ पूछने लगते हैं ।

सब दोस्त एक साथ - क्या हुआ ??????

कायरा और आरव उनकी आवाज़ से होश में आते हैं । आरव सकपकाते हुए कहता है और साथ में कायरा का हांथ भी छोड़ देता है।

आरव ( सभी की तरफ देखते हुए ) - कुछ नहीं ( फिर कायरा की तरफ देख उसके हांथ को पकड़ते हुए ) तुम ठीक हो ???

गलती से आरव कायरा का वो हांथ पकड़ लेता है जिसमें उसे कल रात चोट लगी हुई थी और गलती से आरव ने उसकी चोट अनजाने में ही दुखा दी थी। कायरा की एक बार फिर से चींख निकल जाती है

कायरा ( दर्द के साथ ) - आह.......।

उसके इस तरह से चीखने से सभी डर जाते हैं और आरव का तो कलेजा ही मुंह को आ जाता है । वो तुरंत उसके करीब आ कर उससे कहता है।

आरव ( चिंता के साथ ) - कायरा , क्या हुआ ? तुम्हें कहीं चोट लगी है क्या ? दिखाओ!!! ( फिर उसके हांथ को देखते हुए ) क्या हुआ है , बताओ ना , इस हांथ में तो कुछ भी नहीं है ।( फिर उसके दूसरे हांथ को देखने लगता है जिसमें चोट लगी हुई थी ) दिखाओ ये वाला हांथ , कहीं इसमें तो तुम्हें चोट नहीं लगी है ????

कायरा ( अपना हांथ छुपाते हुए कहती है ) - न.....नहीं , कुछ नहीं हुआ है , बस ऐसे ही।

आरव ( उसके चोट वाले हांथ को जबरदस्ती पकड़ते हुए ) - अरे ऐसे कैसे नहीं , तुम अपना हांथ दिखाओ ( आरव उसकी चोट को देखता है जिसमें से हल्का सा ब्लड निकलने लगा था ) अरे तुम्हें ये चोट कैसे लगी ? इसे देख कर यह तो नहीं लग रहा के ये अभी लगी है । ( कायरा के चेहरे की ओर देखते हुए ) ये चोट कब लगी तुम्हें कायरा?? और तुमने इसमें दवाई लगाई थी के नहीं ।

आरव का खुद के लिए चिंता करना कायरा को अच्छा महसूस करा रहा था तो वहीं मीशा को और ज्यादा जला रहा था वह वहीं खड़ी अपने नाखूनों से खुद के हांथ को खरोंच रही थी । तो वहीं आरव कायरा को स्टेज से नीचे ले जा कर चेयर पर बैठाता है और खुद उसके घुटनो के पास जमीन पर बैठ जाता है , वहीं सारे दोस्त भी आ कर खड़े हो जाते हैं।

आरव ( नील से ) - नील!!! जा, जाकर फर्स्ट एड बॉक्स ले कर आ , सुरेश काका से ।( नील जल्दी से ऑडिटोरियम से बाहर फर्स्ट एड बॉक्स लेने चला जाता है , आरव कायरा के घाव देख कर उससे कहता है ) इसमें तो पट्टी करनी पड़ेगी ( जबकि कायरा आरव को एक टक देख रही होती है , आरव उससे फिर से कहता है ) तुमने बताया नहीं , ये चोट तुम्हें कैसे लगी ? और कब लगी???

कायरा कोई जवाब नहीं देती तो रूही कायरा के कंधे पर हांथ रखती है और उससे कहती है।

रूही ( चिंता के साथ ) - कायरा , आरव कुछ पूछ रहा है , बता ना ये चोट कैसे लगी तुझे और कब लगी ? तूने मुझे बताया क्यों नहीं ???

कायरा को अब होश आता और वो रूही को देख उससे कहती है ।

कायरा - वो मुझे ये चोट कल ऑफिस से लौटते टाइम लगी थी ( और वो रात की सारी घटना कह सुनाती है जिससे सभी हैरान हो जाते हैं ) और तब मुझे लगा के ये चोट ऐसे ही होगी ठीक हो जाएगी और रात में मैंने एंटीसेप्टिक भी लगाई थी , पर पता नहीं शायद घाव अब ज्यादा बढ़ गया है।

आदित्य - कायरा मैंने कल कहा था ना के आराम से जाना , तब भी तुमने मेरी बात नहीं मानी।

आदित्य के इस तरह कहने से सभी उसे देखने लगते हैं और राहुल उससे पूछता है।

राहुल - तूने कायरा से कहा था !!! पर कब?? हम सभी तो कल साथ में ही अपने - अपने घर के लिए निकले थे ना ।

अब आदित्य को समझ आता है के वो कायरा की चिंता में क्या कह गया वो कुछ कहता उससे पहले ही कायरा राहुल से कहती है ।

कायरा - वो फोन.... , फोन पर बोला था आदि ने मुझे ।

आदित्य ( कायरा की हां में हां मिलाते हुए ) - हां...., हां तुम लोगो के जाने के बाद काम के लिए मैंने कायरा को फोन किया था तब उससे कहा था ।

ये सब यही बात कर रहे होते हैं पर आरव अपने कल रात के सपने के बारे में सोच रहा होता है । आरव मन में सोचते हुए ।

आरव ( मन में ) - इसका मतलब , वो सपना मुझे ऐसे ही नहीं आया था , कायरा सच में कल मुसीबत में थी । ( आसमान की ओर देखते हुए ) थैंक्यू भगवान , आपने कल मेरे प्यार को बचा लिया, थैक्यू सो मच आपका ।

तभी नील फर्स्ट एड बॉक्स ले कर आ जाता है और आरव के सामने रख देता है । रेहान आरव से कहता है जो अपने में ही खोया हुआ था ।

रेहान - आरव , कहां खोया है ?? पट्टी कर ना कायरा के चोट पर ।

आरव उसके कहने पर अपनी सोच से बाहर आता है और फर्स्ट एड बॉक्स से डेटॉल ले कर कायरा की चोट पर लगाता है । जैसे ही डेटॉल कायरा के चोट पर लगता है उसे जलन महसूस होने लगती है और उसके मुंह से हल्की सी आह.... निकल जाती है । आरव के हांथ कायरा के चिल्लाने से ठिठक जाते हैं और फिर वो कायरा से कहता है ।

आरव - ज्यादा दुख रहा है ???

कायरा न में सिर हिला देती है जबकि शिवानी मीशा और रूही को छोड़ सारे दोस्त उन्हें देख मुस्कुरा रहे होते हैं । आरव हल्के हाथों से फूंक मारते हुए उसके घाव को डेटॉल से साफ करता है और उस पर एंटीसेप्टिक लगा कर उसके घाव में पट्टी करता है । आरव फर्स्ट एड बॉक्स नील को देता है और खुद खड़ा हो जाता है । कायरा उसकी तरफ देख कर उससे कहती है ।

कायरा - थैंक्स ।

आरव बदले में कुछ नहीं कहता तभी सारे दोस्त उससे डांस प्रैक्टिस में जाने को कह कर चले जाते हैं । कायरा आरव से फिर से कहती है।

कायरा - थैंक्स आरव ।

आरव ( झूठा गुस्सा दिखाते हुए उससे कहता है ) - तुमने किसी को भी कुछ बताता क्यों नहीं ? और तुम्हारे घर में किसी को पता है तुम्हारी चोट के बारे में ? ( कायरा नहीं में सिर हिला देती है तो आरव फिर से उसके पैरों के पास बैठते हुए उससे कहता है ) ये ग़लत बात है ना कायरा , कल कुछ भी हो सकता था । उस टाइम अगर थोड़ी सी भी लापवाही तुमसे हो जाती तो आज हम सभी हॉस्पिटल के चक्कर काट रहे होते । तुम्हें किसी को नहीं तो कम से कम मुझे तो कॉल करके बता देना चाहिए था । कम से कम तुम्हारी चोट की ढंग से पट्टी तो करा देता या फिर खुद ही किसी क्लीनिक चली जाती । ( चोट की तरफ इशारा करते हुए ) अगर आज मैं इसे नहीं देखता तो हमें तो पता ही नहीं चलता तुम्हारी चोट के बारे में और कल के ऐक्सिडेंट के बारे में और तुमने जब अपने घर में किसी को नहीं बताया है तो फिर हमें भी कभी नहीं बताती ।

कायरा ( आंखें नीचे करते हुए ) - मैं डर गई थी , कहीं डांट ना पड़ जाए मुझे घर वालों से या फिर सभी परेशान ना हो जाएं इस लिए नहीं बताया ।

आरव ( उसकी आंखों में झांकते हुए ) - और हमें ...., हमें क्यों नहीं बताया , या फिर अपनी बेस्ट फ्रेंड रूही को ही बता देती ।

कायरा - वो आते ही पार्किंग एरिया में ( आरव की ओर इशारा करते हुए ) हम दोनों टकरा गए और फिर आप गुस्सा हो यहां आ गए , फिर उसके बाद इतनी सारी चीजें एक साथ हुई के मुझे याद ही नहीं रहा ।

आरव - तुम बहाना मत बनाओ कायरा , अगर तुम्हें बताना होता तो तुम पहले ही किसी ना किसी को बता चुकी होती ।

कायरा - नहीं आरव , मुझे सच में याद ही नहीं रहा , सॉरी ।

आरव ( कायरा के बगल में चेयर खींच कर उसके पास बैठते हुए ) - इट्स ओके।

कायरा ( आरव की तरफ मुड़ते हुए उससे कहती है ) - कल के लिए भी सॉरी आरव , मुझे सच में राजवीर के बारे में कुछ भी पता नहीं था , वरना मैं उससे कभी दोस्ती नहीं करती ।

आरव ( अनायास ही उसके हांथ में अपना हांथ रखते हुए उससे कहता है ) - ठीक है कायरा , पर ये पहली और आखिरी बार है । किसी भी अनजान इंसान से तुम कभी दोस्ती मत करना चाहे वो कितने ही सलीके से तुमसे पेश क्यों ना आए , तुम बिल्कुल भी दोस्ती का हांथ ऐसे इंसान की ओर नहीं बढ़ाओगी जिसे तुम नहीं जानती और एक बात और कोई भी ऐसी बात जो राजवीर की तरह प्रॉब्लम वाली हो या फ़िर कल रात की तरह की घटना के बारे में हो, वो सारी बातें तुम मुझसे, अपने घर वालों से और रूही से नहीं छुपाओगी । ( अपना हाथ आगे करते हुए ) प्रॉमिस करो मुझसे।

कायरा ( अपना हाथ आरव की हथेली में रखते हुए कहती है ) - प्रॉमिस आरव , मैं अब से आपसे , रूही से और अपनी फैमली से कुछ भी नहीं छुपाऊंगीं । और किसी भी अनजान इंसान से दोस्ती भी नहीं करूंगी । ( बदले में आरव मुस्कुरा देता है, तभी कायरा अपना हांथ पीछे कर दूसरे हांथ से उसका हांथ पकड़ कर खड़ी होती है और उससे कहती है ) चलिए ना , डांस करते हैं , सभी को देख कर मेरा भी डांस में पार्टिसिपेट करने का मन कर रहा है।

आरव ( आंखें बड़ी करते हुए ) - पर कायरा तुम्हें तो चोट लगी है ना , और डांस लिस्ट भी फंक्शन के हेड प्रोफेसर के पास जा चुकी है ।

कायरा ( उससे बच्चों कि तरह मिन्नतें करते हुए ) - प्लीज ना , चलिए ना , चोट हांथ में लगी है पैर में नहीं, मैं डांस कर सकती हूं और वैसे भी लिस्ट में नाम एड करवा लेंगे ना और आदि ने ....( इतना बोल कर वो चुप हो जाती है और अपने ही सिर में एक हल्की से चपत मार कर मन में कहती है ) ये तू क्या बोल रही है कायरा , आदि ने मना किया था ना ।

आरव ( उसे सवालिया निगाहों से देखते हुए उससे पूछता है ) - आदि...., क्या , आदि ने क्या ?????

कायरा ( बात बदलते हुए और मासूम सा चेहरा बनाते हुए कहती है ) - कुछ नहीं , आप चलिए ना और नाम वगेरह बाद में देख लेंगे , पहले प्रैक्टिस तो कर लें , और आप अपनी दोस्त के लिए इतना भी नहीं कर सकते ???

आरव तो उसकी मासूमियत में खोने ही लगता है के कायरा उसका हांथ स्टेज पर ले जाने के लिए खींचती है तो आरव को भी होश आता है और वो उससे कहता है ।

आरव ( चेयर से उठकर मुस्कुराते हुए ) - अच्छा ठीक है , इमोशनल ब्लैकमेल मत करो , चलो ......।

दोनों ही स्टेज पर चले जाते हैं और फिर कभी आरव कायरा को तो कभी कायरा आरव को डांस स्टेप्स सिखा रही होती है और दोनों अपने में ही खोए डांस कर रहे होते हैं , दोनों को ही एक दूसरे का साथ अच्छा लग रहा होता पर इस बारे में कहते एक - दूसरे कुछ नहीं है ।

तो वहीं राहुल तो आज रूही की खूबसूरती में खोया सा डांस कर रहा होता है कई बार तो राहुल इतना खो जाता था के वो एक टक रूही को ही देखता रहता है और रूही उससे इरिटेट होकर उसके पैर में तो कभी उसके कंधे पर मरती ही रहती है । शायद आज राहुल रूही को मन की आंखों से निहार रहा था और उसकी खूबसूरती को अपनी आंखों में कैद करना चाहता था अब ऐसा करना क्यों चाहता था इसकी उसे खबर नहीं थी पर तब भी वो उसे बस आज निहारने का ही काम कर रहा था ।

यहां सौम्या और आदित्य बहुत ही खूबसूरत डांस कर रहे थे तभी सौम्या की नज़र आरव और कायरा पर जाती है जो कभी एक दूसरे की आंखों में देख कर डांस कर रहे थे तो कभी बच्चों की तरह एक दूसरे को डांस सिखा रहे थे । सौम्या उन्हें देख कर डांस करते हुए ही आदित्य से कहती है ।

सौम्या ( मुस्कुराते हुए ) - तो आखिर आरव और कायरा में फिर से दोस्ती हो ही गई , ( सौम्या के कहने पर आदित्य भी उन दोनों को देखता है जो कि उस वक़्त एक दूसरे में खोए हुए से डांस कर रहे थे ) और ये सब भी तुम्हारा ही किया धरा है ,( आदित्या की तरफ देख अपनी आईब्रो चढ़ाते हुए ) है ना मिस्टर ????

आदित्य ( सकपकाते हुए ) - मैंने..... , मैंने कुछ नहीं किया।

सौम्या - झूठ मत बोलो , सब किया धरा तुम्हारा ही है ।

आदित्य ( सवालिया निगाहों से उसे देखते हुए ) - पर तुम्हे पता कैसे चला , किसने बताया , कायरा ने !!!????

सौम्या ( इतराते हुए ) - अब तुमसे प्यार करती हूं जनाब , और अपने प्यार के खून के नस - नस से वाकिफ हूं । कब क्या करते हो सब पता चल जाता है मुझे ।

आदित्य - पर तब भी बताओ ना , तुम्हें पता कैसे चला ????

सौम्या - कल रात , जब तुम दोबारा ऑफिस गए और फिर लेट आने को कहा तभी मुझे डाउट हो गया था के तुम्हारे दिमाग में कुछ तो चल रहा है और फिर तुम रात में मुझसे बिना बात किए ही सो गए थे जबकि तुम मुझसे बिना बात किए कभी नहीं सोते या फिर तब ही सोते हो जब तुम परेशान रहो या मुझसे कुछ छुपाओ । बस तब ही मैं फिफ्टी पर्सेंट श्योर हो गई थी। पर हंड्रेड पर्सेंट तब श्योर हुई जब तुमने कायरा से सब के सामने कल अच्छे से जाने वाली बात कही , फिर तुम्हारी बात को कायरा ने छुपा लिया । सभी तो कायरा की बात को ही सच मानने लगे पर मैं सब समझ गई थी । ( आदित्य को उंगली दिखाते हुए ) तुम कुछ बताओ या ना बताओ पर मैं तुम्हारे बारे में सब जानती हूं आखिर प्यार जो करती हूं तुमसे और मेरा प्यार कोई दिखावे का नहीं है, सच्चा है ।

आदित्य ( उसे हल्के से गले लगाते हुए ) - कमाल है यार , मानना पड़ेगा तुम्हें तो , मेरे बिना बताए ही सब कुछ जान गई तुम तो ।

सौम्या ( उससे अपने आपको छुड़ा कर फिर से डांस करते हुए कहती है ) - अब अभी मैंने कहा ना के मैं तुमसे दिखावे का नहीं सच्चा प्यार करती हूं तो अपने प्यार के रग - रग से वाकिफ होना तो मेरा फ़र्ज़ बनता है ।

आदित्य ( उसकी हथेली को अपने हांथ से कस कर पकड़ते हुए ) - मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूं , और सच कहूं तो मैं बहुत किस्मत वाला हूं जो मुझे तुम मिली , जो कि मुझे समझती भी है और हर दम मेरे साथ खड़ी भी रहती है । और कोई होती तो अब तक जाने क्या - क्या नहीं बोल चुकी होती । पर सच सौम्या तुम जैसी प्यार करने वाली जीवन साथी पारकर मैं तो अपने आपको बहुत ही खुशनसीब समझता हूं।

सौम्या ( उसकी नाक पकड़ हल्के से खींचते हुए ) - होने वाले पति देव , अभी हमारी इंगेजमेंट भी नहीं हुई है , जीवन साथी बनने में अभी टाइम है इसलिए फिरहाल तो मुझे अपनी गर्लफ्रेंड ही बने रहने दीजिए । ( आदित्य उसकी बात पर मुस्कुरा देता है के सौम्या फिर से आरव और कायरा की तरफ देखते हुए कहती है ) वैसे कुछ भी कहो दोनों साथ में बहुत ही अच्छे लगते हैं जैसे भगवान ने दोनों को एक दूसरे के लिए ही बनाया हो ।

आदित्य ( आरव और कायरा की तरफ नज़रें घुमाते हुए ) - सही कह रही हो तुम , दोनों ही मेड फॉर ईच अदर लगते हैं ।

सौम्या - हम्मम , एक को तो अपने प्यार का अहसास हो गया है , अब पता नहीं दूसरे को कब उससे प्यार होगा ।

आदित्य ( सौम्या की तरफ देखते हुए ) - मैं ना श्योर तो नहीं हूं पर शायद कायरा के मन में भी ना आरव को ले कर कुछ तो फीलिंग्स है ।

सौम्या ( आदित्य की आंखों में झांकते हुए ) - तुम्हें कैसे पता ।

आदित्य - कल मेरी जब कॉफी शॉप में उससे आरव के बारे में बात हो रही थी तब उसकी बातों से कहीं ना कहीं मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वो आरव को ले कर कुछ तो फील करती है । और पता है कल वो आरव के गुस्सा करने पर बहुत परेशान भी थी और उसके दिनभर बात ना कर पाने पर भी टेंस्ड थी । वरना नॉर्मली इंसान को किसी के गुस्सा होने से या बात ना करने से खासा कोई फर्क पड़ता तो नहीं है । ( कायरा की ओर इशारा करते हुए ) और अब देखो कैसे उसमें खोई हुई है और उसके साथ खुश भी दिख रही है ।

सौम्या ( कायरा की तरफ देखते हुए ) - यू आर राइट , भगवान करे दोनों जल्दी ही एक हो जाएं।

आदित्य उसकी बात पर मुस्कुरा देता है के तभी सौम्या की नज़र नील और शिवानी पर जाती है जो अपने स्टेप्स में उलझे पड़े थे और नील शिवानी को समझा रहा था पर शिवानी है के अपना सिर पकड़ कर जमीन में बैठी थी । सौम्या उन्हें देख आदित्य से कहती है ।

सौम्या ( नील और शिवानी की तरफ अपनी उंगली से इशारा करते हुए ) - वो देखो नील और शिवानी को , सच कहूं इनका कुछ नहीं हो सकता । मुझे तो बेचारे नील के ऊपर दया आती है के उसे भी प्यार करने के लिए यही लड़की मिली जो उसके प्यार को समझना तो दूर प्यार का पी भी नहीं जानती हैं ।

तभी शिवानी नील को एक - टक देखने लगती है और उसकी बातें सुनने लगती है जैसे वो उसे इसी तरह अपलक निहारना चाहती हो। जबकि नील अपनी ही धुन में बिना उसकी ओर ध्यान दिए उसे सुनाए जा रहा होता है ।

आदित्य ( नील और शिवानी की ओर देखते हुए ) - पर मुझे ना सौम्या ऐसा लगता है जैसे शिवानी सब कुछ जान कर भी अनजान बनती है । वो ना हम सबसे कुछ छुपाती है । ( नील और शिवानी की ओर सौम्या को दिखाते हुए ) वो देखो , शिवानी कैसे नील को एक - टक देख रही है । इससे तो साफ पता चलता है के उसके दिल में भी नील के लिए कुछ तो है ।

सौम्या ( शिवानी की ओर देखते हुए ) - पर आदि , अगर ऐसा कुछ होता तो वो मुझे बताती ना , ( आदित्य की तरफ देखते हुए ) वो मेरी बेस्ट फ्रैंड हैं , कभी कुछ नहीं छुपाती है , इनफेक्ट छोटे से छोटा काम भी मुझसे पूछ कर ही करती है , अगर वो नील के लिए कुछ फील करती तो तुरंत मुझे बताती। और उसे तो प्यार वगेरह कुछ समझ ही नहीं आता या फिर कहूं के उसे पसंद ही नहीं है ।

आदित्य ( डांस छोड़ उसके गालों में हाथ रख उससे कहता है ) - शायद सौम्या !!! उसे खुद अपनी फीलिंग्स के बारे में पता ना हो , ( शिवानी की ओर इशारा करते हुए ) पर जो हम देख रहे हैं , उसे झुठला भी नहीं सकते ना ।

सौम्या ( आदित्य के हाथ को पकड़ते हुए ) - शायद तुम ठीक ही कह रहे हो ।

आदित्य और सौम्या फिर से डांस प्रैक्टिस स्टार्ट कर देते हैं । तभी सौम्या की नज़र राहुल और रूही पर जाती है ........।

क्रमशः


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