Ahsaas pyar ka khubsurat sa - 30 in Hindi Novel Episodes by ARUANDHATEE GARG मीठी books and stories PDF | एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 30

एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 30


जब रूही ने राहुल की बात का कोई जवाब नहीं दिया , और उसने राहुल के सीने पर अपना सिर छुपाए रखा , तो राहुल को रूही पर प्यार के साथ - साथ, गुस्सा भी बेहद आया । पर राहुल के इस गुस्से की वजह , रूही के फ़िक्र थी । उसने एक झटके से रूही को अलग किया और कहा ।

राहुल - बताओ रूही !!!! मैं कुछ ग़लत कह रहा हूं क्या??

रूही ( सिसकते हुए ) - गलत आप नहीं कह रहे......!!!!!! बल्कि गलत मेरी किस्मत, मेरे साथ कर रही है । लेकिन तब भी, जो भी हो..... , मेरे परिवार वाले जैसे भी हो , पर हैं तो मेरे अपने ही । रिश्ते जुड़ें हैं मेरे उनके साथ । इस लिए मैं, ये कभी नहीं चाहूंगी...., कि उन्हें मेरी वजह से, कोई भी तकलीफ हो।

राहुल ( रूही की आंखों में देखते हुए ) - भले ही तुम्हें उनकी वजह से, चाहे जितनी भी तकलीफें झेलनी पड़े?? ( राहुल की बात सुन रूही आंखें चुराने लगी , तो राहुल ने कहा ) जिस बात को तुम, मुझसे आंखें मिला कर बोलने से कतरा रही हो...... ,उस बात के लिए तुम, खुद को क्या भरोसा दिलाओगी रूही !!!!! बस..., बहुत हुआ.... । मैं ये सब अब नहीं देख सकता , और ना ही अब तुम्हें बेड़ियों में बंधने दे सकता हूं । इस लिए मैं कल ही तुम्हारे घर आऊंगा और तुम्हें हमेशा के लिए उस जेल से बाहर निकालूंगा ।

रूही - आप ऐसा कुछ नहीं करेंगे राहुल ।

राहुल - मैं ऐसा ही करूंगा रूही ।

रूही - नहीं राहुल , अगर आप ऐसा करेंगे तो सब कुछ संभलने से पहले ही बिखर जाएगा ।

राहुल ( गुस्से से चिल्लाते हुए ) - तो बिखरने दो रूही , संभलने के लिए, अब तुम्हारी ज़िन्दगी में, बचा ही क्या है !!???

रूही ( सिसकते हुए ) - मेरी ज़िन्दगी में भले ही कुछ ना बचा हो , पर आपकी ज़िन्दगी में अभी बहुत कुछ बचा है । आपके ऐसे कदम उठाने से , आपको और आपके पूरे परिवार को, परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है राहुल......।

राहुल - मुझे फर्क नहीं पड़ता रूही , और मैं और मेरा परिवार इन सारी चीज़ों को, झेलने के लिए सक्षम है । कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता , खुद तुम्हारे पिता भी नहीं...... ।

रूही - आप नहीं जानते हैं राहुल , हमारे बापू सा को , वे कुछ भी कर सकते हैं ।

राहुल - तो करने दो, ये राहुल चौहान...... , उनके द्वारा खड़ी की गई, सारी मुश्किलों का सामना करने को तैयार है । तुम मुझे मत रोको रूही ......., मैं अब तुम्हें और उस जगह पर नहीं रहने दे सकता , जहां तुम्हारी बिल्कुल भी रिस्पेक्ट ना हो।

रूही ( राहुल का हाथ पकड़ते हुए ) - प्लीज राहुल आप ऐसा कुछ नहीं करेंगे ।

राहुल ( अपना हाथ झटक कर, गुस्से से बोला ) - मैं तुम्हें पहले भी कह चुका हूं और अब भी कह रहा हूं , कि मैं अब ऐसा ही करूंगा ।

रूही - आपको मेरी कसम राहुल , आप ऐसा कुछ नहीं करेंगे ।

राहुल की, रूही की बात सुन कर जबान बंद हो गई । और उसका गुस्सा भी अब पिघलने सा लगा। उसे एक बार फिर समझ नहीं आ रहा था, कि वह कैसे रिएक्ट करे । उसने एक बार फिर रूही को अपने गले से लगा लिया और कहा ।

राहुल - क्या तुम्हारा मुझे, अपनी ये कसम देना जरूरी था ??!!!

रूही ( राहुल की पीठ पर अपनी बांहे कसते हुए बोली ) - अगर आप ऐसे ही मेरी बात मान लेते , तो शायद मुझे ये कसम, आपको देने की जरूर ही नहीं पड़ती । पर आपको रोकने के लिए मुझे ये करना पड़ा । मैं बिल्कुल भी नहीं चाहती , कि मेरी वजह से आपके ऊपर कोई भी आंच आए । और रही मेरी बात , तो मुझे भगवान पर पूरा भरोसा है , कि एक ना एक दिन, वे मुझे इन सब से जरूर बाहर निकालेंगे।

राहुल ( रूही के माथे पर, प्यार से किस करते हुए बोला ) - और मुझे तुम पर पूरा भरोसा है । ( रूही को खुद से अलग कर , उसके हाथो में अपने हाथ रख कर ) पर रूही मैं तुमसे वादा करता हूं , कि मैं तुम्हारे अलावा किसी और को अपने दिल में कभी जगह नहीं दूंगा । और अगर तुम्हारे सब संभालने के चलते , अगर तुम पर कोई भी आंच आयी, या किसी ने तुम्हारा दिल दुखाया , तो मैं भी शांत नहीं बैठूंगा । मैं सभी से, तुम्हारे ऊपर लगाई गई, पिछली सारी बंदिशों का हिसाब सूत समेत लूंगा ।

रूही ( मुस्कुराते हुए ) - मुझे आप पर पूरा भरोसा है राहुल । और अगर सच में बात मेरे हाथों से बाहर निकली भी ...., तो मैं आपको मेरी फ़िक्र करने और मेरे लिए स्टैंड लेने के लिए, कभी भी नहीं रोकूंगी ।

राहुल रूही की बात सुन मुस्कुरा दिया , तो उसकी स्माइल देख रूही को भी सुकून मिला , और उसके चेहरे पर भी स्माइल आ गई । दोनों वहीं टेरेस की रेलिंग से टिक कर बैठ गए । तभी राहुल ने उससे कहा।

राहुल - मुझे तुमसे यही उम्मीद थी । ( रूही ने मुस्कुराते हुए राहुल को देखा और एक बड़ी सी मुस्कुराहट उसके होंठो पर आ गई , तो राहुल ने उसके गालों पर हाथ रखकर कहा ) ऐसे ही मुस्कुराती रहा करो , अच्छी लगती हो । ( रूही राहुल की बात सुन शर्मा गई , तो राहुल उसकी इस अदा पर हंस दिया । और उसने आगे कहा ) अच्छा रूही , चलो नीचे चलते हैं और सभी दोस्तों को ये बताते हैं , कि हमारे साथ एक राजकुमारी पढ़ती है ।

रूही ( राहुल का हाथ पकड़ कर बोली ) - नहीं राहुल , हम किसी को कुछ नहीं बताएंगे ।

राहुल ( सवालिया निगाहों से रूही को देख कर बोला ) - पर क्यों ???

रूही - जिस तरह आपने मेरे बारे में सारा सच जाना , और फिर आप गुस्से से उत्तेजित हो गए । वैसे ही वे सब भी अपना गुस्सा कंट्रोल नहीं कर पाएंगे और उनके गुस्से की वजह से सब बिगड़ जाएगा । और स्पेशली कायर ...., वह खुद के साथ कुछ भी सह सकती है , पर दूसरों के साथ कभी भी, गलत होता हुआ नहीं देख सकती । और मैं नहीं चाहती, के वे सब इस मैटर में इन्वॉल्व हो , और उस वजह से उन पर, कोई भी मुसीबत आए ।

राहुल - ओके, ठीक है...... । पर रूही मुझे एक बात बताओ ।

रूही - पूछिए !!!!

राहुल - तुम्हें कैसे पता चला, कि मुझे तुमसे प्यार हो गया है???

रूही ( मुस्कुराते हुए बोली ) - आपके आंखों में दिखता है राहुल , कि आप हमसे कितना प्यार करते हैं । जब किसी भी इन्सान को मोहब्बत होती है ना , तो उसकी आंखें सारे राज़ खोल देती हैं , और उसकी मन की बातें आंखों में झलकने लगती हैं । आपका हाल भी कुछ ऐसा ही है राहुल ।

राहुल ( मुस्कराते हुए रूही को देख बोला ) - और शायद इसी लिए तुम्हारी आंखें भी मुझसे बातें करती हैं ।है ना!!!!

रूही ने राहुल की बात सुन, मुस्कुराते हुए हां में सिर हिला दिया, तो राहुल आगे बोला ।

राहुल - एक और सवाल ।

रूही - पूछिए !!!

राहुल - क्या तुम्हारे बापू सा के आदमी, जो तुम पर निगरानी रखते हैं, उन्हें पता है, कि तुम यहां पर मेरे साथ हो ??

रूही - नहीं ....!!!! उन्हें नहीं पता , क्योंकि मैं उनसे छुप कर यहां पर आयी हूं ।

राहुल ( रूही को ध्यान से देखते हुए, एक बार फिर से बोला ) - एक आखिरी क्वेश्चन ......।

रूही ( राहुल को घूरकर देखा और कहा ) - अब अभी भी, आपको और सवाल करना है । आपके सवाल खत्म क्यों नहीं हो रहे राहुल ???

राहुल ( कंधे उचकाते हुए ) - अब क्या करूं , इतने सारे सवाल दिमाग में आ रहे हैं , तो उसके जवाब जानने की ललक भी बढ़ती ही जा रही है ।

रूही ( राहुल की बात पर मुस्कराते हुए ) - पूछिए ....।

राहुल ( ध्यान से रूही को देख कर , सोचने की एक्टिंग करते हुए बोला ) - मुझे एक बात समझ में नहीं आयी, कि तुम कभी खुद के लिए ' मैं 'का संबोधन करती हो और कभी ' हम ' का । जैसे कि तुमने जब मुझे अपनी सारी सच्चाई बताई , तो तुम खुद के लिए ' हम ' का संबोधन कर रही थी और अब मुझसे बात करते हुए तुम ' मैं ' का संबोधन कर रही हो । ऐसा क्यों ???

रूही ( मुंह बनाते हुए ) - क्या करूं राहुल !!!! घर में सभी के सामने ' हम ' बोलना पड़ता है , क्योंकि यह हमारे राजघराने की परंपरा है । और घर से बाहर , जब हम सभी से ' हम ' कह कर बात करते हैं , तो उन्हें हमारी बात ही समझ नहीं आती है । इस लिए बाहर हमें खुद को ' मैं ' बोलकर संबोधित करना पड़ता है । पर कभी - कभी ' हम ' और ' मैं ' के चक्कर में, हमारा दिमाग ऐसा पिसता है , कि दोनों ही मिक्सअप हो जाते हैं । और इसी लिए यह बात, कायरा हमेशा हमसे पूछती रहती है और डांटती भी है।( मासूमियत से राहुल की ओर, टिमटिमाती हुई आंखों से देख कर ) अब आपको भी सभी की तरह हमारे, हम और मैं कहने से प्रॉब्लम है???

रूही की बात सुन राहुल हंस देता है । जिससे रूही पहले तो उसे, झूठा गुस्सा दिखा कर आंखें दिखाती है और फिर दोनों ही खिलखिलाकर कर हंस देते हैं । राहुल मुस्कुराते हुए उससे कहता है।

राहुल - नहीं..... , मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। इनफेक्ट......, तुम जिसमें भी कंफरटेबल हो या तुम्हें जो अच्छा लगे, तुम वो बोलना। मैं सब समझ जाऊंगा , आखिर तुमसे प्यार किया है , समझना तो होगा ही ।

रूही - हां समझना तो होगा ही.....। ( एक बार फिर दोनों एक दूसरे को देख कर, रूही की बात पर हंस देते हैं , फिर रूही राहुल की आंखो में देख कर, राहुल से कहती है ) आई लव यू राहुल 😍😍😍।

राहुल ( मुस्कुराकर प्यार से रूही को एक बार फिर गले लगाकर कहता है ) - आई ऑलसो लव यू रूही ❤️। ( रूही को खड़े कर , खुद भी खड़े होकर कहता है ) अच्छा रूही , हम बहुत देर से यहां पर बैठे हैं , नीचे शायद हमें सब ढूंढ रहे होंगे । हमें अब चलना चाहिए ।

रूही - हम्ममम, आप सही कह रहे हैं चलिए । ( राहुल जाने लगता है तो रूही उससे कहती है ) रुकिए..... !!!!

राहुल रूही की आवाज़ सुन, रुक जाता है और उससे कहता है।

राहुल - क्या हुआ ???

रूही कुछ नहीं कहती और एक बार फिर राहुल को कस कर गले लगाती है । राहुल भी प्यार से रूही को अपनी बाहों में भर लेता है , और कुछ पल बाद, रूही उससे अलग होकर नीचे चलने को कहती है और दोनों मुस्कुराते हुए टेरेस से नीचे आते हैं ।

यहां कायरा जब अपने आपको आइने में देखती है , तो बहुत खुश होती है । वह मुस्कुराते हुए आरव से कहती है ।

कायरा - मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा , कि आपने इतना सुंदर मेकअप किया है । आपने तो मुझसे और रूही से भी अच्छा मेकअप किया है ।

आरव ( खुद की तारीफ करते हुए ) - अब ये मेकअप आरव शर्मा ने किया है , तो वो तो अच्छा होना ही था । वैसे भी आरव शर्मा जिस पर हाथ लगा देता है, वह चीज बेहतर से बेहतरीन हो जाती है।

कायरा ( उसकी बात सुन , मुंह बना कर उससे कहती है ) - अब ज्यादा शेखी बघारना बंद कीजिए , ( चेयर से उठ कर दरवाज़े की ओर इशारा करते हुए ) चलिए , बाहर सभी हमारा इंतजार कर रहे होंगे ....., और इस तरह.....।

इतना कहते - कहते कायरा चुप हो जाती है , क्योंकि जब से कायरा चेयर से उठ कर खड़ी हुई थी, तब से आरव उसे ही, अपनी आंखों में बेशुमार प्यार लिए देखे जा रहा था । आरव का इस तरह से कायरा को देखना , कायरा की बोलती बंद कराने के लिए काफी था । आरव कायरा को एक टक देखे जा रहा था , क्योंकि उसकी ली हुई ड्रेस में वह काफी खूबसूरत लग रही थी । उस दिन आरव ने कायरा के ऊपर ड्रेस को लगा कर बस, ऐसे ही देखा था । पर आज कायरा उस ड्रेस को वियर करने के बाद, स्वर्ग की किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी ।

रेड ड्रेस , उस पर बालों को समेटा हुआ प्यार सा बन , और उस पर सामने से हल्की सी निकली हुईं, बालों की दो लटें, जो बार - बार कायरा के गालों के साथ खेल रही थी । आंखों पर गहरा काजल , हल्का सा मेकअप , ब्राऊन आईब्रो , लाल सुर्ख होठ , कानों में ड्रेस के मोतियों से मैचिंग प्यारी सी ईयररिंग्स, हाथों में प्यार सा मोतियों का ब्रेसलेट और साथ में उसके चेहरे की मासूमियत , उसे बेहद प्यारा बना रही थी । कुल - मिला कर कायरा इतनी सुन्दर लग रही थी , कि आरव की नजरें उस पर परमानेंट टिक गई थी , जिसे कायरा चाह कर भी, हटा नहीं पा रही थी । और हटाती भी कैसे , वो तो खुद उसकी नजरों में और उसके लुक को देख कर , उसमें खो चुकी थी ।

उस वक्त आरव , रेड शर्ट , ब्लैक ब्लेजर और ब्लैक जीन्स में , किसी बॉलीवुड हीरो से कम नहीं लग रहा था । उस पर से उसके गोरे चेहरे पर क्लीन सेव , उसके लुक को और भी हैंडसम बना रहे थे । साथ ही स्टाइल से सेट किए हुए सिर के बाल , और उसकी समंदर से भी गहरी नीली आंखें , कायरा को उसकी तरफ देख कर , खो जाने के लिए मजबूर कर रही थी । बेचारी कायरा भी उसके इस हैंडसम लुक पर खो चुकी थी । पहले कायरा के ड्रेस के इशु के चलते , दोनों ने एक दूसरे के लुक के ऊपर ध्यान नहीं दिया था और अब जो दोनों की नजरें एक दूसरे के लुक पर गई , तो जैसे जम सी गई, एक दूसरे के चेहरे पर और एक दूसरे की आंखों की गहराइयों में ।

आरव धीरे - धीरे कायरा की ओर प्यार भरी नज़रों से, देखते हुए बढ़ा । और उसे अपने करीब आता देख कर , कायरा की धड़कने एक बार फिर बढ़ने लगी थी । पर वह उसका विरोध नहीं कर पा रही थी , क्योंकि एक बार फिर उसके होठ उसका साथ नहीं दे रहे थे । धीरे - धीरे आरव, एक दम कायरा के सामने आ गया , और झटके से उसकी बांह पकड़कर, उसने कायरा को अपनी ओर खींचा । कायरा उसके इतने करीब आने के बाद , एक टक आरव के चेहरे को देखने लगी ।

उस वक्त दोनों को ना ही खुद का होश था और ना ही एक दूसरे का । आरव ने एक हाथ से, कायरा को पीठ से पकड़ कर, अपने और करीब किया । जिससे इस वक्त , दोनों के बीच, हवा के निकलने की भी जगह नहीं बची थी। कायरा को अब, एक अजीब सा एहसास महसूस हो रहा था , जो शायद उसे पहले कभी महसूस नहीं हुआ था । और यही कुछ हाल आरव का भी था । आरव एक हाथ से कायरा को अपने करीब किए हुआ था, और दूसरे हाथ से वह कायरा के हाथ को , अपनी उंगलियों से स्पर्श कर रहा था । और धीरे - धीरे वह , अपनी उंगलियों को, कायरा के हाथ में चलाते हुए , कायरा के गर्दन के पास लाया , और फिर उसने अपनी इन्हीं उंगलियों से, प्यार से कायरा के चेहरे पर उंगलियां चलानी चालू की , तो कायरा ने अपनी बढ़ी हुई सासों के साथ , अपनी आंखें बंद कर ली । आरव ने कायरा के होठों को , अपने उंगलियों से स्पर्श किया और धीरे - धीरे अपने होठ कायरा के होठों की ओर बढ़ाने लगा । कायरा को भी आरव की सांसें अब अपने चेहरे पर महसूस होने लगी । इस लिए कायरा ने अपनी आंखें और कस कर बंद कर ली ।

दोनों की सासों की आवाज़ इतनी तेज़ थी , कि दोनों को ही वह आवाज़ें महसूस है रही थी । आरव अब कायरा के होठों के एकदम करीब आ चुका था , और जैसे ही उसने सपने होठ कायरा के होठों पर रखने चाहे , वैसे ही आरव का फोन बजने लगा । फोन की आवाज़ सुन आरव को होश आया, तो उसने कायरा को अपने करीब पाया । उसने झटके से कायरा को खुद से अलग किया और फोन को उठा का , उसकी स्क्रीन को देखने लगा ।

कायरा को भी फोन की आवाज़ सुनकर, एक झटका सा लगा और वह भी अब आरव से थोड़ी दूर में खड़ी होकर सोचने लगी, कि अभी यहां क्या होने वाला था , और इन सबके लिए कायरा ने विरोध भी नहीं किया , यही सोच - सोच कर उसे खुद पर गुस्सा आ रहा था ।

इधर आरव के फोन पर आदित्य का नाम उभर रहा था । आरव ने आदित्य का फोन कट कर दिया , तो आदित्य का मैसेज आया , कि "कहां है तू , सभी तुझे पूछ रहे हैं" । उसने रिप्लाई में "आ रहा हूं" बस लिखा । और कायरा से नजरें चुराते हुए , दरवाज़े की ओर बढ़ने लगा , साथ ही वह खुद से बातें करते हुए जा रहा था , कि वह आज क्या करने वाला था , उसे खुद पर हल्का गुस्सा भी आ रहा था । पर उस गुस्से से ज्यादा उसे, एक अजीब सी खुशी महसूस हो रही थी , जिसे वह महसूस कर खुश भी हो रहा था । उसने यही सब सोचते हुए , दरवाज़े का हैंडल दबाया और वह दरवाज़ा एक झटके से खुल गया , आरव खुद में बड़बड़ाया ।

आरव - बड़ी अजीब बात है , अभी थोड़ी देर पहले जब मैंने ये डोर ओपन करना चाहा , तो ये बंद था और अब एक झटके में ही खुल गया । ( फिर खुद की अक्ल में पड़े पर्दे को याद कर , खुद का सिर पीटते हुए, खुद से ही बड़बड़ाया ) क्या दिमाग पाया है तूने आरव ......!!!! मतलब फोन हाथ में था , और तुम्हें ये अक्ल तक नहीं आयी , कि तू फोन करके बाहर से किसी को बुला भी सकता था , और यहां से पहले ही आजाद होकर , कायरा की हेल्प के लिए सौम्या , शिवानी , रूही और अंशिका में से, किसी को भी भेज सकता था । पर पता नहीं क्यों , उस वक्त तेरी अक्ल कहां घांस चरने गई थी .....😐😑😤।

कायरा ने जब आरव की आवाज़ सुनी, तो उसने अपनी बढ़ी हुई धड़कनों को शांत कर आरव से कहा ।

कायरा - क्या हुआ?? आपने कुछ कहा आरव ???!!!

आरव ( ने पीछे मुड़ कर, बत्तीसी चमकाते हुए कहा ) - नहीं ....। तुम बाहर आ जाओ , सभी हमारा वेट कर रहे हैं ।

इतना कह कर आरव चला गया , और कायरा खुद को नॉर्मल कर आरव के जाने के कुछ मिनट्स बाद, रूम से बाहर आ गई । जहां पर रूही और राहुल भी अब तक वापस, आ चुके थे । जबकि सौम्या और शिवानी आरव और कायरा को देख कर मुस्कुरा रही थी । कायरा रूही के पास आयी और आरव आदित्य के पास आया । जैसे ही आदित्य ने, आरव से कुछ पूछने के लिए अपना मुंह खोला , वैसे ही आरव का नाम, सिंगिंग के लिए अनाउंस हुआ । इस बात पर आरव के साथ - साथ सभी दोस्त हैरान थे , कि आरव ने तो अपना नाम एड करवाया ही नहीं था सिंगिंग के लिए , फिर उसका नाम किसने एड करवा दिया था !!??? पर उन सब के बीच आदित्य मुस्कुरा रहा तब, और उसे देख कर सौम्या सारा माजरा समझ रही थी ।

लेकिन आरव का सिंगिंग के लिए नाम अनाउंस होने पर , कॉलेज के सभी स्टूडेंट्स आरव के लिए हूटिंग करने लगे थे । क्योंकि सभी आरव का गाना सुनने के किए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे । तभी आरव का नाम एक बार फिर अनाउंस हुआ । तो आरव ने एक नजर सारे दोस्तों को, गुस्से से देखा और फिर स्टेज की ओर चला गया । वहां पहुंच कर उसने फिर से सारे दोस्तों को घूरा , और इशारे से पूछा , कि ये किसकी हरकत है ??? पर सभी दोस्तो ने, उसकी नजरें अपनी ओर पाकर, अपना सिर ना में हिला दिया । जब आरव की नज़र आदित्य पर पड़ी , तो उसने पाया, कि वह आरव को देख कर, अपनी बत्तीसी दिखा रहा है । आरव को समझते देर न लगी , कि ये सारी कारस्तानी आदित्य की ही है। उसने इशारे से उसे कहा , कि " रुक अभी तू......, बताता हूं आज तुझे मैं!!! तू तो आज गया बेटा"। आदित्य उसका इशारा समझ कर सकपका गया और इधर उधर देखने लगा ।

आरव ने उससे अपनी नजरें हटाई और वहीं पर बैंड प्ले कर रहे लड़कों से , गिटार मंगाया । उनमें से एक लड़के ने, गिटार आरव के हाथो में थमाया। तो आरव ने एक नजर कायरा को देखा और फिर गिटार की धुन सेट करने लगा । धुन सेट करते हुए वह सोच रहा था , कि वह कौन सा सॉन्ग गाए । तभी उसे थोड़ी देर पहले के, कायरा के साथ बिताए हुए पल याद आ गए । उसने उन पलों को याद कर कायरा को देखा , जो उस समय उसे ही देख रही थी । और उसे अपनी ओर देखता पाकर, आरव के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान फैल गई । उसने कायरा को देखते हुए ही गाना स्टार्ट किया ।

अभी कुछ दिनों से लग रहा है
बदले-बदले से हम हैं
हम बैठे-बैठे दिन में सपने
देखते नींदें कम हैं

आरव की आवाज़ सुनकर कायरा के चेहरे पर आश्चर्य के भाव आ गए , वह मन ही मन सोचने लगी ।

कायरा ( मन ही मन खुद से बातें करते हुए ) - इतनी बेहतरीन आवाज़ तो मैंने कभी सुनी ही नहीं । शिट यार....., मैं फालतू अनय के साथ गा रही हूं , जबकि मुझे तो आरव के साथ गाना चाहिए था । खैर छोड़ो , मेरी ही किस्मत फूटी थी , जो अनय जैसे इन्सान के साथ मुझे कॉम्प्रोमाइज करना पड़ेगा । वैसे उसकी आवाज़ भी अच्छी है , पर आरव के आवाज़ के आगे उसकी आवाज़ फीकी सी है ।

यही सब सोचते हुए उसके चेहरे पर चमक और होठों पर मुस्कान आ गई । और वह एक टक, आरव को गाते हुए देखने लगी । जबकि आरव ने उसे अपने आपको को यूं, इस देखते हुए पाया , तो बहुत खुश हुआ , और वह उसे देख कर ही, गाने की आगे की लाइन्स गाने लगा । जबकि बाकी दोस्त उसकी इस हरकत को देख कर मुस्कुरा रहे थे , और ऑडियंस तो बस आरव के गाने के मज़े ले रही थी ।

अभी कुछ दिनों से सुना है दिल का
रौब ही कुछ नया है
कोई राज़ कमबख्त है छुपाये
खुदा ही जाने कि क्या है
है दिल पे शक मेरा
इसे प्यार हो गया

आरव की ये लाइन सुनकर कायरा मुस्कुरा दी , तो आरव ने उसे मुस्कुराते हुए देख कर आगे गाया....।

अभी कुछ दिनों से मैं सोचता हूँ
कि दिल की थोड़ी सी सुन लूँ
यहाँ रहने आएगी
दिल सजा लूँ मैं
ख्वाब थोड़े से बुन लूँ
है दिल पे शक मेरा
इसे प्यार हो गया

इस बार कायरा और आरव की नजरें एक दूसरे से मिल गई और दोनों ही के दिल में बहुत से एहसास उमड़ने लगे । आरव ने गिटार की धुन की आवाज़ तेज़ की और स्टेज के उस तरफ के किनारे पर आया, जिस तरफ कायरा खड़ी थी । आरव ने उसे देख ही कर कहा ....।

तू बेखबर, या सब खबर
इक दिन ज़रा मेरे मासूम दिल पे गौर कर
पर्दों में मैं, रख लूँ तुझे
के दिल तेरा आ ना जाए कहीं ये गैर पर
हम भोले हैं, शर्मीले हैं
हम हैं ज़रा सीधे मासूम इतनी खैर कर
जिस दिन कभी जिद पे अड़े
हम आएँगे आग का तेरा दरिया तैर कर

आरव की ये लाइन सुन कर, कायरा को आरव की उस दिन की हरकतें याद आने लगी , जब वह आरव के साथ ऑफिस जाने के लिए मना कर रही थी और आरव ने उसे जबरदस्ती खींच कर अपनी गाड़ी में बैठाया था , और उसे ऑफिस की जगह मॉल लेकर गया था। उस दिन के सारे लम्हें , जो कायरा ने आरव के साथ बिताए थे , वे सब कायरा की आंखों के सामने घूमने लगे । आरव ने उसे खुद में खोए हुए देखा तो कहा ....।

अभी कुछ दिनों से लगे मेरा दिल
धुत हो जैसे नशे में
क्यूँ लड़खड़ाए ये बहके गाये
है तेरे हर रास्ते में
है दिल पे शक मेरा
इसे प्यार हो गया

तभी आरव को वो दिन याद आया , जब रात में कायर की स्कूटी का टायर पंचर हो चुका था , और उसे आरव घर छोड़ने गया था । उसने उस दिन को याद करते हुए ही , आगे की लाइन्स गायी ....।

बन के शहर चल रात भर
तू और मैं दो मुसाफिर भटकते हम फिरे
चल रास्ते जहाँ ले चले
सपनों के फिर तेरी आहों में थक के हम गिरे
कोई प्यार की, तरकीब हो
नुस्खे कोई जो सिखाये तो हम भी सीख लें
ये प्यार है, रहता कहाँ
कोई हमसे कहे उससे जा के पूछ लें

आरव के गाने के बोल सुनकर , कायरा को भी वही दिन याद आ गया था , जो ये अंतरा गाने से पहले आरव को याद आया था । जबकि आरव ने कायरा को मुस्कुराकर देखा , और आंखों के इशारे से, अभी थोड़ी देर पहले रूम में हुए वाक़िए को याद कर, सॉरी कहा और साथ ही आगे का गाना गुनगुनाते हुए उससे दोस्ती के नाते अपील की ....।

मैं सम्भालूँ पाँव फिसल न जाऊँ
नयी-नयी दोस्ती है
ज़रा देखभाल संभल के चलना
कह रही ज़िन्दगी है

तो कायरा ने उसकी अपील और उसके इशारे को समझ कर , मुस्कुराते हुए आरव को देख कर हामी भरी , जैसे कह रही हो कि "कोई बात नहीं , मैंने आपको माफ किया" । आरव ने जब उसका इशारा समझा, तो वह मन ही मन खुशी से उछल पड़ा , और उसने खुश होते हुए गाने की आखिरी लाइन कंप्लीट की....।

है दिल पे शक मेरा
इसे प्यार हो गया .....।

आरव ने गाना खत्म कर, मुस्कुराकर कायरा को देखा और फिर गिटार वापस लड़के को देकर, जैसे ही स्टेज से उतरने लगा, तभी उसके कानों में तेज़ तालियों के गड़गाहट की आवाज़ पड़ी । आरव आवाज़ सुन, रुक गया और सामने ऑडियंस की ओर देखने लगा । तो ऑडियंस में से सभी लोगों ने तेज़ आवाज़ में हूटिंग की , और वन्स मोर , वन्स मोर के शब्दों का उच्चारण कर , तेज़ आवाज़ में चिल्लाने लगे । आरव वापस अपनी जगह पर आया , और मुस्कुराते उन्हें देख कर माइक को अपने हाथ में लिया, और "फिर कभी" कह कर माइक वापस एंकर को थमाकर, वापस स्टेज से नीचे आ गया । उसके नीचे आते ही सारे बॉयज दोस्तों ने, उसे पकड़ लिया और एक साथ गले लगाया । आरव मुस्करा दिया और उसे मुस्कुराता देख कायरा भी मुस्कुरा दी । आरव उन सभी से अलग हुआ और उसने अपनी नजरें कायरा की ओर फिराई , तो पाया कि वह भी उसे ही देख कर मुस्कुरा रही थी । दोनों की आंखें एक बार फिर आपस में टकरा गई और एक बार फिर दोनों एक दूसरे को बिना पलकें झपकाए देखने लगे ।

दूर से कोई उन्हें , इस तरह से एक दूसरे को एक टक देखते हुए पाकर, गुस्से में घूर रहा था। और वह था राजवीर , जो कि आरव लोगों के, दूसरी तरफ पर खड़ा था , जिसकी वजह से वह, सभी से दूर था। और उसकी तरफ किसी भी, अभी तक नजरें भी नहीं पड़ी थी । राजवीर ने उन्हें गुस्से में देखकर , अपने दांत पीसते हुए खुद से कहा ।

राजवीर - अभी जितनी तुम्हें कायरा से नजरें मिलानी हो , अपने एहसास उसके सामने जताने हो या फिर उसकी खूबसूरती को देखना हो....!!!! तो जी भरकर उसे देख लो आरव शर्मा और अपनी सारी ख्वाहिशें पूरी कर लो । क्योंकि एक बार कायरा अगर मेरी बात मान गई , तो मैं तुम्हें कायरा के करीब आना तो दूर , उसे एक नजर देखने तक नहीं दूंगा । हां आरव ....., मैं आज कुछ ऐसा करने वाला हूं , जिससे तुम कायरा को नजर भर देखने तक के लिए तरस जाओगे ।

राजवीर यही सब सोचकर , गुस्से में भी जहरीली मुस्कान बिखेर रहा था । तो वहीं एक कोने में खड़ी मीशा भी, कायरा को हैरानी और गुस्से के भाव से देख रही थी और उसने खुद से बड़बड़ाते हुए कहा ।

मिशा - ये कायरा यहां कैसे????? इसे तो अभी ........!!!!!

इतना कह कर मीशा शांत हो गई और गुस्से से भरकर, कायरा को घूरने लगी । कि तभी आदित्य और सौम्या को डांस परफर्मेंस के लिए स्टेज पर बुलाया गया । और माइक की आवाज़ से , कायरा और आरव की नजरें भी एक दूसरे से हट कर आदित्य और सौम्या पर चली गई । सभी दोस्तों के साथ ही आरव और कायरा ने उन्हें बेस्ट ऑफ लक कहा । तो दोनों ही ने , सभी दोस्तों को थैंक्यू कहा और आदित्य व सौम्या स्टेज की ओर बढ़ गए।

सौम्या ने फिरोजी कलर का, प्यार सा गाउन पहना हुआ था और उसने हल्का सा मेकअप किया हुआ था , साथ ही होठों पर हल्के पिंक कलर की लिपस्टिक , आंखों में गहरा काजल , कानों में ड्रेस से मैचिंग प्यारे से इरिंग्स के साथ ही उसने आधे बालों की प्यारी सी हेयरस्टाईल बनाई हुई थी और बाकी के बचे हुए बालों को खुला छोड़ दिया था । सौम्या आज इस लुक में गजब ढा रही थी । तो वहीं आदित्य ने सौम्या के ड्रेस से मैचिंग , फिरोजी कलर की शर्ट और व्हाइट कलर का जीन्स पहना हुआ था । वह भी आज वह, बेहद हैंडसम लग रहा था । दोनों एक साथ बहुत प्यारे लग रहे थे , एक परफेक्ट कपल की तरह। इसीलिए उनके स्टेज पर पहुंचते ही , जोर - जोर से हूटिंग होने लगी । क्योंकि दोनों की लव स्टोरी के चर्चे, पूरे कॉलेज में फेमस थे , और उन्हें साथ देखकर सभी कॉलेज के स्टूडेंट्स, "परफेक्ट कपल" बोलकर हूटिंग कर रहे थे। जबकि आदित्य और सौम्या ये सब सुनकर मुस्कुरा रहे थे । तभी गाने की आवाज़ उनके कानों में पड़ी और दोनों ने मुस्कुराकर, एक दूसरे का हाथ थामा और डांस करने लगे ।

आदित्य सौम्या के करीब आया और मुस्कुराते हुए, प्यारा सा डांस स्टेप करके, सौम्या की आंखों में देख कर, गाने के बोल के साथ कहा.....

आँखें कहती है बैठे तू मेरे रूबरू
तुझको देखूं इबादत करता रहूँ

आदित्य की नज़रों के द्वारा, कही गई बातों को समझ कर, सौम्या मुस्कुरा दी । तो आदित्य ने उसे मुस्कुराकर देखा और उसके साथ डांस करते हुए कहा ...

ओ आँखें कहती है बैठे तू मेरे रूबरू
तुझको देखूं इबादत करता रहूँ

आदित्य ने अपने दिल पर हाथ रखकर सौम्या के साथ डांस करते हुए , उससे कहा ....,

तेरे सजदों में धड़के दिल ये मेरा
मेरी साँसों में चलता है बस एक तू

आदित्य ने सौम्या से , उसके चेहरे की खुबसूरती की तारीफ करते हुए कहा ....,

इश्क दा रंग तेरे मुखड़े ते छाया
जदों दा मैं तक्केया ऐ चैन नि आया

फिर आदित्य ने अपने हाथो के इशारों से, सौम्या को आंख मारते हुए कहा ......,

किन्ना सोणा .........,

सौम्या ने जब उसकी बात समझी, तो वह शरारत से मुस्कुरा दी । तो आदित्य ने भी मुस्कुराकर, उसके साथ डांस करते हुए कहा...,

किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया
जी करे देखदा रवां
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया

आदित्य ने सौम्या को खुद के करीब खींचा , और उसका हाथ अपने दिल पर रखा , तो सौम्या एक बार फिर शरारत से मुस्कुरा दी , तो आदित्य ने उसे मुस्कराते देख कर कहा .......,

जदों दा तेरे ते दिल आया
हो जदों दा तेरे ते दिल आया
जी करे वेखदा रवां
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया

तभी दोनों ने डांस स्टेप चेंज किए और सौम्या ने आदित्य को डांस करते हुए ही, इशारे में अपने हाथों की उंगलियों को, अपने खुद के होठों से लगा कर कहा .....,

मेरे होंठों की खामोशियों में
जो बातें हैं वो आँखों से बता तू

आदित्य उसकी इस अदा पर , आंखें फाड़े उसे देखता रहा , तो सौम्या ने उसे अपने करीब खींचा और उसे होश में लाई , और फिर शरारत से उसके साथ डांस करते हुए बोली....,

मेरे होंठों की खामोशियों में
जो बातें हैं वो आँखों से बता तू
मेरे दिल की है यही ख्वाहिशें
तेरी धड़कन में हर लम्हा मैं बिता दूँ

आदित्य डांस करते हुए ही , सौम्या के करीब आया और उसके चेहरे को अपने हाथो से छू कर, बड़े प्यार से कहा ......,

तेरे चेहरे से आगे जा नहीं पाया
जदों दा मैं तक्केया ऐ चैन नि आया

आदित्य की इस हरकत पर , ऑडियंस की तरफ से जबरदस्त हूटिंग का शोर हुआ , जिसकी वजह से सभी की नजरें आदित्य और सौम्या से हट कर, एक बार को ऑडियंस की तरफ चली गई , जबकि कायरा और आरव आदित्य और सौम्या को देखने के साथ - साथ, खुद को भी देखने लगे । तो वहीं आदित्य और सौम्या ऑडियंस का शोर देख , मुस्कुरा दिए और हंसते हुए साथ में डांस करने लगे .......,

किन्ना सोणा
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया
जी करे वेखदा रवां
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया

आदित्य ने डांस के साथ - साथ गाने के बोल को गाते हुए , सौम्या की तारीफ की , तो सौम्या प्यारी सी अदा के साथ शर्मा गई । सौम्या को शरमाते हुए देखकर , आदित्य ने उसके साथ प्यारा सा डांस किया और मुस्कुराते हुए उसकी तारीफ में गाने के बोल के साथ, वह भी गाने लगा .....,

सोणी तेरी अँखियाँ ते
सोणे तेरे ख्वाब वे
तेरीया दा तारीफां ते
लिखदा किताब वे

लव जा ते प्यार वाला रंग चढ़वाया
लव जा ते प्यार वाला रंग चढ़वाया

किन्ना सोणा
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया
जी करे वेखदा रवां
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया

जदों दा तेरे ते दिल आया
हो जदों दा तेरे ते दिल आया
जी करे वेखदा रवां
किन्ना सोणा तैनू रब ने बनाया।

गाना खत्म हुआ , साथ ही आदित्य और सौम्या का डांस भी । पर उनका डांस इतना प्यार था , कि पूरा हॉल एक बार फिर , तेज़ तालियों के गड़गाहट और लोगों के हूटिंग के शोर से गूंज उठा । आदित्य और सौम्या ने, प्यार से एक नजर एक दूसरे को देखा और फिर ऑडियंस की तरफ देख कर मुस्कराते हुए थैंक्यू कहा , और फिर दोनों ही स्टेज से नीचे आ गए।

उनके स्टेज से नीचे आते ही , सारे दोस्तों ने भाग कर दोनों को गले लगाया और फिर सभी अपनी सीट पर आ गए । आरव ने रेहान को रेडी होने के लिए भेजा , और शिवानी से कहा, कि वह मीशा को रेडी होने के किए कहे । रेहान और शिवानी वहां से उठ कर चले गए , और कायरा और आरव सभी दोस्तों के साथ बैठ कर, बाकी के प्रोग्राम्स इंजॉय करने लगे । अंशिका ने कायरा की तारीफ की , तो कायरा ने मुस्कुराकर, उसे थैंक्यू कहा और दोनों ही बातें करते हुए फंक्शन इंजोए करने लगे । तभी आरव की नजर, सारे दोस्तों पर पड़ी । उसने सभी को गौर से देखा , तो पाया कि वहां पर आदित्य और सौम्या है ही नहीं । दोनों ही वहां से नदारद थे , उसने सभी जगह नजरें दौड़ाई, पर उसे वो दोनो कहीं नहीं दिखे ........।

क्रमशः


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