Ahsaas pyar ka khubsurat sa - 33 in Hindi Novel Episodes by ARUANDHATEE GARG मीठी books and stories PDF | एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 33

एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 33




राजवीर के लगातार कायरा को देख कर डांस करने से आरव का खून खौल रहा था । उसे लग रहा था , कि वह अभी स्टेज पर जाकर , वहीं पर राजवीर का मुंह तोड़ दे । पर अफसोस, की वह इतने सारे लोगों के सामने , ऐसा कुछ भी कर नहीं सकता था । वह तुरंत अपनी चेयर से उठा और सभी से कहा ।

आरव - तुम लोगों को भूक नहीं लगी है???

नील ( अपने पेट पर हाथ फिराते हुए ) - बहुत जोरों की लगी है भाई ....। सुबह घर से नाश्ता करके निकले थे और उसके बाद से अभी तक , कुछ भी नहीं खाया है। ( अपनी रिस्ट वॉच को , आरव को दिखा कर ) देख भाई सात भी बज चुके हैं ....., और अभी तक......।

नील की बात खत्म ही नहीं हो रही थी , तो आदित्य ने झल्लाते हुए कहा ।

आदित्य - चुप हो जा भुक्कड़ इन्सान । एक दिन नहीं खायेगा, तो मर नहीं जाएगा ।

नील ( चिढ़ते हुए ) - नहीं मरूंगा ...., पर मेरे पेट के चूहे जरूर मेरे पेट में दर्द पैदा कर देंगे , कूद - कूद कर ।

आरव ( मुस्कुराते हुए ) - ऐसा कुछ भी नहीं होगा । चलो हम सभी कैंटीन चलते हैं । वहीं पर सभी की पेट पूजा भी हो जाएगी , और तब तक फंक्शन भी खत्म हो जाएगा ।

सभी ने उसकी बात पर हामी भरी और सब कैंटीन की ओर जाने लगे । तभी कायरा ने अंशिका से कहा ।

कायरा - अंशिका !!!! तुम लोग चलो , मैं ये ड्रेस चेंज करके आती हूं ।

अंशिका - पर क्यों दी ???? आप तो इसमें बहुत प्यारे लग रहे हो ।

कायरा - इस ड्रेस में मुझे ऑक्वर्ड सा फील हो रहा है । आदत नहीं है ना मुझे , ज्यादा टाइम तक ऐसे कपड़े पहनने की ।

अंशिका - रहने दो ना दी , ये ड्रेस आप पर बहुत सूट कर रही है । इस लिए इसे मत चेंज करो ।

कायरा ने अंशिका की बात सुनी तो उसने कुछ नहीं कहा। ये सारी बातें आरव भी सुन रहा था। उसने अंशिका से कहा ।

आरव - जब वह उस ड्रेस में कंफरटेबल नहीं है , तो उसे चेंज कर लेने दे ना अंशिका । वरना फालतू मे वह, हम सभी के साथ होकर भी , परेशान रहेगी । कायरा तुम जाओ , जाकर चेंज कर लो ।

अंशिका - वैसे भाई ठीक कह रहे हैं। मैं तो बस ऐसे ही कह रही थी । जाइए आप चेंज कर लीजिए ।

कायरा - थैंक्यू अंशिका मुझे समझने के लिए । ( बदले में अंशिका मुस्कुरा दी । कायरा ने रूही से कहा ) रूही तू भी चल मेरे साथ ।

रूही - ओके । ( सभी से ) तुम सभी चलो , हम आते हैं थोड़ी देर में ।

इतना कह कर कायरा और रूही चले गए और बाकी सब कैंटीन की ओर आ गए। जबकि राजवीर कायरा को जाते हुए बस देखता ही रह गया , क्योंकि वह कायरा को रोक तो सकता नहीं था, वरना उसका डांस बीच में ही रुक जाता ।

इधर कैंटीन पहुंच कर, जैसे ही सभी चेयर्स पर बैठे , वैसे ही सारे दोस्तों ने आरव को घेर लिया । जबकि राहुल और अंशिका को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था, कि यहां हो क्या रहा है ??? आदित्य ने सभी के हिसाब से कुछ ना कुछ खाने का ऑडर दिया और फिर आरव से कहा ।

आदित्य - आरव ...!!!! ये बता , तूने कायरा से अपने दिल को बात कही ...????

आदित्य को बात सुनकर , राहुल को ध्यान आया कि सभी आरव को घेरे क्यों बैठे हैं । तो वहीं आरव के सामने , आज कायरा के साथ बिताए सारे पल , किसी फिल्म की तरह, उसकी नज़रों के सामने घूमने लगे। जबकि अंशिका ने आदित्य की बात सुनकर, उछलते हुए कहा ।

अंशिका - सच भाई ...!!!! आप कायरा दी को प्रपोज करने वाले हो ???? मतलब कि मेरा शक अब पूरी तरह यकीन में बदल गया है । अब मैं खुशी भाभी को बताऊंगी, कि आरव भैया ने मेरे लिए छोटी भाभी ढूंढ ली है ।

आरव ( अपना सिर पीटते हुए ) - आदि ...!!!! तू कुछ टाइम तक शांत नहीं बैठ सकता था । बता दिया ना तूने इसके सामने , अब ये लड़की पूरे घर में स्पीकर बन के सबको बताएगी । भले ही ये आधा अधूरा सच ही क्यों ना हो ....!!!!

सौम्या ( हैरानी से ) - आधा अधूरा सच मतलब....!!!???

आदित्य - भाई तूने कायरा से बात की भी है या नहीं ????

आरव - कैसे करता आदि...!!!!! वो तो मेरी बात ही सुनने को तैयार नहीं है ।

सभी एक साथ - क्या.....??????

आरव ने एक नजर सबको देखा और फिर उन्हें उस वक्त की बात बताई , जब आरव, रूही और राहुल के स्टेज में जाते ही , कायरा से बात करने की कोशिश कर रहा था और कायर ने साफ मना कर, बाद में बात करेंगे कह दिया था । सारी बातें सुनकर आदित्य ने कहा ।

आदित्य - कोई बात नहीं आरव , तब ना सही तो अब सही ।

आरव ( नासमझ सा उसे देख कर बोला ) - तू क्या कहना चाह रहा है , मुझे ठीक से बता ।

आदित्य - देख ....., अभी भी पूरा टाइम कहां निकला है । अभी भी एक से दो घंटे तो हैं है तेरे पास । जहां तुम और कायरा फ़्री भी हो , और साथ ही कॉलेज में भी हो । तो इस टाइम को तू युट्रिलाइज कर , और जो दिनभर में उससे नहीं कह सका , वो अब बचे हुए समय में कह दे ।

नील - हां ...., ये सही कहा आदित्य ने ।

सभी ने नील के साथ , आदित्य की हां में हां मिलाई । तो आरव ने झल्लाते हुए कहा ।

आरव - पर कैसे.....????? कहना आसान होता है , और करना कठिन । तुम लोग ही बताओ, कैसे मैं उससे बात करूं???? और कहां करूं ???? यहां कैंटीन में, अंदर ऑडिटोरियम में या फिर कॉलेज के मेन गेट पर ....?????

इतना कह कर वह शांत हो गया , तो सौम्या ने कहा ।

सौम्या - मैं बताती हूं , कि तुम कहां और कैसे उससे बात करोगे ।

इसके बाद सौम्या ने सभी से एक आइडिया शेयर किया । सभी ने उसकी बात सुन कर, उसकी तारीफ की और आरव को वो आइडिया ट्राय करने के लिए कहा । आरव ने सभी की ओर देख कर , टेंशन के भाव से कहा ।

आरव - ये आइडिया वर्क तो करेगा ना ....!!!???

शिवानी - ऑफ कोर्स करेगा.....। तुम ट्राय तो करो ......।

आरव ने हम्मम कहा । तभी कायरा और रूही भी उनके पास आ गए । और सभी ने बैठ कर , कॉफी और चाए के साथ , कुछ हल्का फुल्का नाश्ता लिया । आरव ने भी कायरा के जैसे ही चाए ली थी । उसे चाए पीते देख , अंशिका ने हैरानी से कहा।

अंशिका - भाई !!!!! आप चाए कब से पीने लगे ???? जबकि आपको चाए तो बिल्कुल भी पसंद नहीं है ।

नील ( बीच में ही ) - क्योंकि कायरा, चाए ही पीती है........।

इतना कह कर उसने अपना मुंह बंद कर लिया , क्योंकि आरव और कायरा के साथ - साथ, बाकी सब भी उसे घूर रहे थे। अंशिका ने तिरछी नजरों से आरव और कायरा को देख कर , मुस्कुराते हुए कहा।

अंशिका - बहुत कुछ बदल गया है भाई , आपकी लाइफ में। जिसे आपने मुझसे तक छुपा कर रखा हुआ है ।

आरव - नहीं अंशिका ऐसा कुछ नहीं है।

अंशिका ( मुस्कुराकर आरव को छेड़ते हुए ) - वो तो दिख ही रहा है भाई...!!!!

आरव ने उसकी बात के बदले में कुछ नहीं कहा । बल्कि वह कायरा को देखने लगा , जो उसे ही घूरे जा रही थी । बाकी सब, अपनी दबी हुई हंसी हंस रहे थे । आरव ने जब कायरा ने नजरें हटा कर , सभी की तरफ देखा , तो उन्हें देख कर , मन ही मन चिढ़ते हुए खुद से कहा ।

आरव - एक तरफ मुझे प्रपोज करने के लिए कह रहे हैं । और दूसरी तरफ मेरी ही बैंड बजवाने में लगे हैं । सच में , ऐसे दोस्त भगवान किसी को ना दे......😐😑😠।

जब सभी की कॉफी, चाए, नाश्ता फिनिश हुआ , तो कायरा ने कहा ।

कायरा - अब मुझे घर चलना चाहिए । आठ बज चुके हैं , और आई थिंक मेरा यहां पर कोई काम भी नहीं है ।

रूही ( कायरा की हां में हां मिलाते हुए ) - कायरा के साथ ही , मुझे भी घर जाना चाहिए । बहुत टाइम हो चुका है , सुबह से घर से निकले हैं हम , और अभी तक घर नहीं पहुंचे हैं । ( राहुल की ओर देखते हुए ) अगर थोड़ी देर में हम घर नहीं पहुंचे , तो घर वालों से डांट पड़ेगी । सभी चिंता कर रहे होंगे , हमारी ।

राहुल - ओके रूही ...!!!! मैं तुम्हें घर तक छोड़ देता हूं।

अंशिका - अरे ...., पर ऐसे कैसे ???? अभी......, अभी....., तो बहुत कुछ बाकी है । अभी तो पूरा फंक्शन देखना बाकी है ।

रूही - सारे फंक्शन तो हो चुके हैं अंशिका । फिर अब कौन सा फंक्शन बाकी है???

आदित्य - अरे बाकी है ना ....., बाकी है ।

रूही - प्लीज गाइस .....!!! आप सभी इंजॉय कीजिए , पर मुझे घर जाना होगा ।

आरव - कोई बात नहीं रूही , तुम जाओ ।

राहुल - चलो मैं तुम्हें घर ड्रॉप कर देता हूं।

रूही - नहीं राहुल , मेरे पास स्कूटी है , मैं चली जाऊंगी ।

राहुल ( रूही को आंखों से इशारे कर, सभी के सामने रूही से कहता है ) - मैं छोड़ देता हूं ना रूही .....!!! रात ज्यादा हो गई है , इस वक्त तुम्हारा अकेले घर जाना ठीक नहीं होगा ।

रूही उसके इशारे समझ गई , तो उसने राहुल को साथ जाने के लिए हां कह दिया । दोनों ही , सभी को बाय बोलकर वहां से निकल गए । उन्हें जाते देख कायरा ने सभी से कहा ।

कायरा - मुझे भी जाना चाहिए ।

सौम्या - कुछ देर हमारे साथ और रुक जाओ कायरा , फिर चली जाना ।

कायरा - लेट हो रहा है सौम्या ।

शिवानी - तो क्या हुआ??? हम सब खुद, तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ने चलेंगे । तब तक तुम हमारे साथ इंजॉय करो ।

शिवानी ने इतने अपनेपन से कायरा से कहा, कि वह मना नहीं कर पाई और सभी लोग , वापस ऑडिटोरियम आ गए । जहां पर , सीनियर्स सारे फ्रेशर्स को , वेलकम स्पीच देने के साथ ही , सभी के परफॉरमेंस की तारीफ भी कर रहे थे । कुछ ही पल में फंक्शन फिनिश हुआ और प्रिंसिपल सर ने , आरव को अपने पास बुलाकर , उसकी तारीफ करने के साथ ही उसे थैंक्यू कहा , पूरे फंक्शन में हेल्प करने के लिए । इधर कायरा ने अपना सामान उठाया और वह जैसे ही , मेकअप रूम से बाहर आयी , उसे सौम्या ने रोक कर कहा ।

सौम्या - तुम कहां जा रही हो???

कायरा - घर ....!!!! फंक्शन तो फिनिश हो चुका है , फिर मेरा अब यहां क्या काम ????

सौम्या - अरे कोई काम नहीं है तुम्हारा , और हमारा भी यहां पर कोई काम नहीं है। पर.....।

तभी आदित्य वहां आया और उसने , कायरा से कहा।

आदित्य - तुम यहां क्या कर रही हो ???? तुम्हें आरव बुला रहा है । फिफ्थ फ्लोर पर , गीता हॉल में ।

कायरा - पर क्यों ????

आदित्य - उसे तुमसे कुछ काम है ।

कायरा - इस वक्त ...!!!!! उन्होंने तुम्हें बताया आदित्य, कि इस वक्त उन्हें मुझसे क्या काम है ???

आदित्य - कायरा......!!!! अगर आरव ने मुझे बताया होता , तो मैं तुम्हें उसके पास जाने के लिए क्यों कहता ???
अब जल्दी जाओ , इससे पहले कि वह मुझ पर गुस्सा हो ।

कायरा ( अपना सामान सौम्या को थमाकर ) - ओके ....!!! मैं जाती हूं , तुम इसे संभालो सौम्या ।

इतना कह कर कायरा, गीता हॉल की ओर चली गई । और इधर रेहान , अंशिका , नील और शिवानी सभी आदित्य और सौम्या के पास आए , जो इन सभी से दूर खड़े हुए थे । सभी ने एक - दूसरे के हाथ पर ताली मारी , और एक साथ हंसने लगे । तभी आरव वहां आया , तो उसे देख कर रेहान ने तुरंत कहा ।

रेहान - तुम यहां क्या कर रहे हो????

सौम्या - हां आरव ...!!!! हमने कायरा को हॉल की तरफ भेज दिया है और तुम अब तक यही हो । जाओ जल्दी , वरना अगर वह, वहां तुम्हें नहीं देखेगी , तो वापस नीचे जायेगी । इस लिए उसके वापस आने से पहले, तुम उसके पास जाओ ।

इतना कह कर , सौम्या ने उसे उस ओर भेज दिया , जहां कायरा गई हुई थी । आरव के जाने के बाद , शिवानी ने कहा।

शिवानी - मुझे भी घर जाना है , मॉम का कई बार फोन आ चुका है ।

नील ( आंखें चमकाते हुए ) - चलो , मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देता हूं ।

शिवानी उसकी बात पर खुश हो गई , क्योंकि शायद चाहती तो वह भी यही थी , कि उसे नील के साथ थोड़ा और टाइम स्पेंड करने को मिले । उसने नील की बात पर हामी भरी , तो नील की खुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं रहा। शिवानी सभी को बाय कह कर चली गई , तो नील ने आदित्य को बत्तीसी दिखाते हुए, एक आंख मारी । और जल्दी से शिवानी के पीछे - पीछे चला गया। आदित्य उसकी बात समझ गया और बाकी सब भी उसकी इस हरकत को समझ कर हंस दिए।

इधर कायरा गीता हॉल में पहुंची , जहां पर रात के अंधेरे के कारण , रूम में भी अंधेरा पसरा हुआ था । उसने हॉल के अंदर आकर , आरव को आवाज़ दी ।

कायरा - आरव ....., आरव ......., कहां है आप ???? आपने मुझे बुलाया था ना !!!! और यहां पर इतना अंधेरा क्यों है ????

तभी एक झटके से दरवाज़ा बंद हुआ । कायरा ने जब डोर बंद होने की आवाज़ सुनी ,तो वह घबरा गई । वह जैसे ही उस डोर की ओर बढ़ी, जहां से वो इस हॉल में आयी थी , तभी एक झटके से लाइट्स ऑन हुई । और कायरा की नज़र , पूरे हॉल में बिखरी हुई सजावट पर गई । जिसे देख कर लग रहा था , कि यहां पर किसी ने अपने लवर के साथ, वक्त बिताने के लिए , ये सब किया हो । उसे वह सब देख कर, थोड़ा अजीब लगा । तभी उसकी नज़र दरवाज़े की ओर गई , जहां का एक आदमी पीठ करके खड़ा हुआ था । वह अचानक से कायरा की ओर पलटा । उसके पलटते ही, कायरा ने उसका चेहरा देखा और वह हैरान हो गई । उसने गुस्से से कहा ।

कायर - तुम ...........!!!!!!! तुम यहां क्या कर रहे हो राजवीर ??? ( सजावट देख कर ) और ये सब क्या है ????

राजवीर - रिलेक्स कायरा ...!!!! ये सब तुम्हारे लिए है । ( कायरा की ओर अपने कदम बढ़ाते हुए ) मैं तुम्हें कुछ बताना चाहता हूं । जिसके लिए मुझे तुम्हारा , कीमती वक्त चाहिए ।

कायरा ( गुस्से से अपने कदम पीछे बढ़ाते हुए ) - पर मुझे कुछ नहीं सुनना है राजवीर । और मेरे करीब आने की कोशिश भी मत करना तुम ।

राजवीर ( चलते - चलते रुक गया , और उसने कायरा से कहा ) - प्लीज कायरा .....!!!! मेरी बात सुनो ।

कायरा - क्यों ....???? क्यों सुनू मैं तुम्हारी बात ??? आज तक तुमने ऐसा कोई काम किया है , कि मैं तुम्हारी एक भी बात सुनने के लिए राज़ी हो जाऊं !!!!!

राजवीर - मानता हूं कायरा , कि मैंने तुम्हारे साथ कई बार बत्तमीजियां की है । बट ट्रस्ट मी....., आज मैं ऐसा कुछ भी करने नहीं आया हूं । बल्कि मैं तुम्हें कुछ बताने आया हूं ।

कायरा - मुझे तुम्हारी बात सुनने में कोई इंट्रस्ट नहीं है राजवीर। इस लिए अच्छा यही होगा , कि तुम फालतू की कोशिशें बंद करो और मुझे यहां से जाने दो ।

तभी आरव , गीता हॉल के दूसरे डोर से एंटर हुआ , तो उसे सामने कायरा और राजवीर दिखाई दिए , वह राजवीर को देख गुस्से से भर गया । और उसने राजवीर की ओर कदम बढ़ाए , कि तभी राजवीर की बात सुनकर वह रुक गया । और वह देखने लगा , कि राजवीर आखिर करना क्या चाहता है । वह डोर के पास ही छुप गया और दोनों की बातें सुनने लगा । इधर राजवीर ने लगभग गिड़गिड़ाते हुए कायरा से कहा ।

राजवीर - तुम बस एक बार मेरी बात सुन लो , फिर मैं तुम्हें नहीं रोकूंगा ।

कायरा ( चिढ़ते हुए ) - बोलो.....!!!!

और इतना कह कर, कायरा अपने हाथो की घड़ी बांधे , राजवीर से मुंह फेरकर खड़ी हो गई । कायरा के कहने पर , राजवीर कायरा के सामने आया और फिर एक घुटने पर बैठकर , रेड रोज अपने हाथों में पकड़ कर , उसे देखते हुए उसने कहा।

राजवीर - आई लव यू कायरा ....!!!! मैं तुमसे बेहद प्यार करता हूं । तुम्हें जब पहली बार देखा था, तब ही मैंने तुम्हें अपना दिल दे दिया था । और तुम भी ........।

राजवीर की बात सुनकर , आरव को बहुत गुस्सा आया और वह राजवीर की ओर बढ़ने लगा , कि तभी उसके कदम रुक गए। ये सोचकर , कि कायरा इसका क्या जवाब देगी । यही सोचकर वह एक बार फिर छुपकर , दोनों की बातें सुनने लगा। जबकि कायर ने जब उसकी बात सुनी , तो उसका खून खौल उठा । उसने राजवीर की ओर अपना मुंह किया , और राजवीर को, उसकी शर्ट की कॉलर से पकड़ कर उठाया , और उसके बाएं गाल पर एक जोरदार थप्पड़ रसीद कर दिया । कायरा के द्वारा थप्पड़ मारने से राजवीर बौखलाया सा उसे देखने लगा, जबकि आरव कायरा की इस हरकत से बहुत खुश हुआ। कायरा ने जलती हुई आंखों से, उसे देख कर कहा ।

कायरा - तुम्हें शर्म नहीं आती ना राजवीर ...!!!??? इतनी बार मैंने तुम्हें मुझसे दूर रहने के लिए कहा , तुम्हारी इंसल्ट की । तब भी तुम अपनी हरकतों से बाज नहीं आए ना । और तुमने ये सोचा भी कैसे ??? कि तुम एक बार फिर मेरे सामने अच्छा बनने का ढोंग करोगे , और मैं तुम्हारी बात पर विश्वास कर लूंगी । और ये सब......, ये सब करने का तुमने सोचा भी कैसे ??? तुम क्या समझते हो...!!??? कि तुम ये....., इस तरह सजावट करके , ऐसे मुझे प्रपोज करोगे और मैं इंप्रेस हो जाऊंगी । बहुत बड़ी गलतफहमी है तुम्हारी राजवीर। मैं तुम्हारी हर हरकत से वाकिफ हूं और मुझे तुम्हारी फितरत तो, उसी दिन अच्छे से समझ आ गई थी , जब तुमने ऑफिस के मीटिंग हॉल में , मेरे साथ बत्तमीजी की थी । मैंने तुम्हें उस दिन भी समझा दिया था , कि मेरे लिए ये सारी चीज़ें , पैसा......, ये सब बिल्कुल भी मायने नहीं रखता । तब भी तुमने ये सजावट करके, हाथों में ये फूल लेके, मुझे इंप्रेस करना चाहा । तुमने मुझसे अभी कहा ना , कि तुम मुझसे प्यार करते हो । अगर तुम मुझसे प्यार करते होते , तो मेरे साथ बत्तमीजियां नहीं करते । और एक बात राजवीर , मेरे लिए ये प्यार , ये सजावट , टेबल पर रखे हुए वो तोहफ़े, ये सब बिल्कुल भी मायने नहीं रखते है । और तुमने सोच भी कैसे लिया , कि मैं तुम्हारा प्रपोजल एक्सेप्ट करूंगी । और बदले में तुमसे प्यार करूंगी । मेरी ज़िन्दगी में , प्यार कि कोई जगह नहीं है , ये बात तुम अपने दिमाग में फिट कर लो । नफ़रत करती हूं मैं प्यार जैसे शब्द से, सिर्फ और सिर्फ नफ़रत ........। और एक बात राजवीर तिवारी........, आजके बाद तुमने अगर ऐसी हरकत करने की दोबारा कोशिश भी की , तो मुझे बुरा तुम्हारे लिए कोई नहीं होगा । और फिर तुम्हारी बर्बादी का कारण भी मैं ही बनूंगी मिस्टर राजवीर तिवारी ....!!!!

इतना कह कर कायरा राजवीर को इग्नोर कर, गुस्से से दरवाज़े की ओर बढ़ने लगी , कि तभी राजवीर ने उसका पीछे से हाथ पकड़ा और उसे अपने करीब खीच कर , जहरीली आंखों से देखकर कहा ।

राजवीर ( बौखलाते हुए ) - तुम्हारी हिम्मत भी कैसे हुई , एक बार फिर मुझपर हाथ उठाने की ??? तुम अपने आप को समझती क्या हो , कि तुम मुझ पर हाथ उठाओगी , इतना कुछ मुझे सुनाओगी और मैं तुम्हें इतनी आसानी से जाने दूंगा !!!!! गलती कर दी तुमने , मुझसे ऐसी उम्मीद रख कर। मैं तो तुम्हें , प्यार से अपनी फीलिंग्स बता रहा था । पर मुझे लगता है, कि तुम मेरे प्यार से सने हुए शब्दो से, नहीं मानने वाली हो । अब मैं तुम्हारे साथ वो करूंगा , जो तुमने कभी सोचा भी नहीं होगा।

इतना कह कर राजवीर, कायरा की बाहें पकड़ कर जबरदस्ती उसके करीब आने लगा । कायर ने छटपटाते हुए राजवीर से कहा।

कायरा - मुझे छोड़ दो राजवीर...!!!! जाने दो ...!!! वरना तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा ।

राजवीर - अच्छा तो तुम्हारे साथ अब मैं करूंगा कायरा । अपने आपको जंगल की शेरनी समझती हो ना तुम । अब निकालता हूं , तुम्हारी शेरनी गिरी ।

इतना कह कर , राजवीर कायरा के चेहरे की ओर, अपना चेहरा बढ़ाने लगा । तभी एक जोरदार मुक्का , उसके मुंह पर पड़ा , जिससे वह सीधे अपनी सजाई हुई टेबल पर जाकर गिरा । उसके नाक से खून रिसने लगा , जिसे राजवीर ने अपनी उंगली से छुआ , तो उसकी उंगलियां उस खून से लाल हो गई । राजवीर, गुस्से से उस इन्सान को देखने लगा, जिसने उसे अभी मारा था। कायर ने नजरें उठाकर , उस ओर देखा, जिस ओर से राजवीर को मार पड़ी थी । तो वह हैरान हो गई , क्योंकि वहां आरव , गुस्से से उबलता हुआ खड़ा था। आरव कायरा को इग्नोर कर राजवीर के पास आया , और उसकी कॉलर अपने दोनो हाथो से पकड़ कर , उसे सीधे खड़े कर गुस्से से राजवीर की आंखों में देखते हुए बोला ।

आरव - हिम्मत भी कैसे हुई तेरी , कायरा के साथ एक बार फिर बत्तमीजी करने की ???

राजवीर ( चालाक हंसी हंसते हुए ) - आ गए तुम आरव ..!!!! बस तुम्हारी ही कमी थी । देखो मैं कायरा से अपनी दिल की बात कह रहा था और ये लड़की है कि समझती ही नहीं है । बिना बात के इसने मुझे, इतना कुछ सुना दिया ।

आरव ने जब उसकी बात सुनी , उसके पेट पर मुक्का मारा और गुस्से से उससे कहा ।

आरव - उसने जो भी कहा , एक दम ठीक कहा । तेरे जैसे इन्सान से कायरा तो क्या , कोई भी लड़की प्यार ना करे । क्योंकि तू उस लायक है ही नहीं ।

इतना कह कर आरव ने एक पैर , राजवीर के सीने में मार दिया । जिससे राजवीर सीधे, दीवाल से जाकर टकराया । फिर राजवीर ने खुद को संभाला और जैसे ही आरव की ओर पलटकर वार करने के लिए उठा , वैसे ही आरव ने उसे एक मुक्का, उसके पेट पर मार दिया । जिससे राजवीर एक बार फिर दीवाल से जाकर टकरा गया। राजवीर वही पर, उठकर खड़ा हुआ और चिल्लाते हुए उसने आरव से कहा ।

राजवीर - तू इस लड़की के पीछे , मुझे मरेगा । अपनी भाभी के भाई को । ये जानते हुए भी, कि तेरे ऐसा करने से , हमारे घर के लोगों के रिश्तों के बीच ,कितनी दरारें आ सकती है । और तू ये क्यों भुल रहा है आरव , कि अब हम बिजनेस पार्टनर्स भी हैं ।

आरव ( गुस्से से अपने दांत पीसते हुए ) - इन सबका लिहाज , तो तुझे करना चाहिए था राजवीर । अरे जो इन्सान , किसी लड़की को ओर गलत नज़रों से देखेगा और उसके साथ बत्तमीजी करेगा , तो उसे क्या मैं शांत खड़ा देखता रहूंगा । ( राजवीर के पास आकर , उसे कॉलर से उठाकर , उसके मुंह में एक और घूंसा मारते हुए ) नहीं राजवीर ......, नहीं....., मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा । एक लड़की की इज्जत से बढ़ कर, मेरे लिए कुछ भी नहीं है । रिश्तेदारी और बिजनेस भी नहीं । और फिर ये तो तू , कायरा के साथ कर रहा था, जिसे मैं जीते जी कभी बर्दास्त नहीं कर सकता ।

इतना कह कर आरव ने उसे दीवाल से टिका कर , फिर से मरना शुरू कर दिया । उसे इस तरह से राजवीर को मारते देख , कायरा घबरा गई । वह उन दोनों के पास आयी, और आरव को रोकते हुए बोली ।

कायरा - बस हो गया आरव , बहुत मार लिया आपने इसे। अब छोड़ दीजिए इसे । वरना मर जाएगा ये ।

आरव ( कायरा का हाथ झटक कर , राजवीर को वापस मारते हुए ) - अगर मर जाता है, तो मर जाने दो । इसने तुम्हारे साथ गलत करने की कोशिश की है। इसकी तो मैं वो हालत करूंगा , जो इसने अपने सपने में भी कभी नहीं सोचा होगा।

कायरा ( एक बार फिर आरव को रोकते हुए ) - आरव ऐसा मत कीजिए , आप गलत कर रहे हैं। अगर इसे कुछ हो गया , तो एक नई परेशानी खड़ी हो जाएगी ।

आरव एक बार फिर कायरा का हाथ झटक कर , उसे पीछे की ओर धकेल देता है और राजवीर को उठाकर , दूसरी साइड की दीवाल की ओर पटकते हुए कहता है ।

आरव - गलत तो आज इसने करने की कोशिश की है, और वो भी तुम्हारे साथ । जिसकी सजा मैं इसे देकर रहूंगा ।

आरव के उसे, दीवाल की ओर पटकने से , राजवीर दीवाल से टकरा कर , वहीं कराहने लगा , उसके मुंह से बेतहाशा खून निकल रहा था, इतना ज्यादा आरव ने उसे मारा था । और यहां पर आरव कायरा से इतना कह कर , जैसे ही राजवीर की ओर एक बार फिर बढ़ा । तो कायरा ने पीछे से उसकी बाहें पकड़ कर , उसे रोकते हुए कहा ।

कायरा - प्लीज आरव.....!!! इतना ज्यादा मार कर आपने, उसे सज़ा दे दी है। अब अगर आपने और उसे मारा , तो वो मर जाएगा । उसे उसके हाल में छोड़ दीजिए , और चलिए यहां से ।

आरव ( कायरा का हाथ झटक कर , गुस्से से कायरा से बोला ) - तुम बीच में मत बोलो । मुझे अच्छे से पता है , मुझे क्या करना है । तुम यहां से जाओ ।

कायरा - मैं आपको ऐसे छोड़ कर , कहीं नहीं जाऊंगी आरव ।

आरव - तुम चुप - चाप यहां से जाओ कायरा । इससे पहले कि राजवीर को लेकर , मेरा गुस्सा तुम्हारे ऊपर उतरे, तुम यहां से चली जाओ ।

इतना कह कर, आरव एक बार फिर राजवीर की ओर बढ़ने लगा , तभी कायरा ने उसे पीछे से आवाज़ देकर कहा ।

कायरा - समझने की कोशिश कीजिए आरव !!!!! ये आप ठीक नहीं कर रहे हैं ।

आरव ( चलते - चलते रुक गया , और कायर की ओर पलट कर बोला ) - मुझे समझाने की जरूरत नहीं है कायरा !!!! तुम बस यहां से चली जाओ , और नीचे मेरा वेट करो।

कायरा - पर......!!!!!

आरव ( तेज़ आवाज़ में चिल्लाते हुए ) - जाओ........!!!!!

कायरा ने जब आरव की गुस्से से भरी आवाज़ सुनी , तो वह सहम गई । और उसने धीरे - धीरे करके अपने कदम, हॉल के दरवाज़े की ओर बढ़ा लिए । और फिर दरवाज़े से निकल कर , वह तेजी से नीचे की ओर आयी। इधर कायरा के जाने के बाद जैसे ही आरव राजवीर की ओर पलटा , वैसे उसे राजवीर ने एक मुक्का , उसके सीने पर मार दिया । जिससे आरव थोड़ा , पीछे की ओर खिसक गया । उसने जलती हुई आंखों से राजवीर को देखा , और फिर से उसकी ओर बढ़ कर , उसे मारने लगा । राजवीर ने फिर से उसे मारने की कोशिश की , पर वह नाकामियाब रहा । जबकि आरव उसे बेतहाशा मारे जा रहा था । तभी राजवीर ने आरव को पीछे की ओर धक्का दिया और कहा ।

राजवीर - तू जिस लड़की के लिए मुझसे उलझ रहा है, ये जानते हुए भी कि इसकी कितनी बड़ी क़ीमत तुझे चुकानी पड़ सकती है । तो ये बता , कि वो लड़की तेरी लगती कौन है ????? क्या रिश्ता है तेरा उससे ???

आरव ( एक बार फिर राजवीर की कॉलर पकड़ कर , उसे उठाते हुए कहता है ) - तुम होते कौन हो , ये सवाल करने वाले ???? और कीमत ......., कीमत तो अब तुम चुकाओगे राजवीर ......। कायरा को गलत इरादे से छूने की । ( आरव ने एक बार फिर , राजवीर के मुंह में एक मुक्का मारा , जिससे राजवीर जमीन पर गिर गया । आरव ने उसे उठाया और उसकी गर्दन दबोच कर उससे कहा ) तुझे ये जानने का कोई हक़ नहीं है , कि कायरा और मेरे बीच क्या रिश्ता है। फिर भी मैं तुझे बताता हूं , कि कायरा और मेरे बीच दोस्ती का रिश्ता है । और हां कायरा मेरे लिए क्या है , ये मैं तुझे अब बताता हूं । ( राजवीर की गर्दन पर , अपनी पकड़ मजबूत करते हुए ) प्यार है वो मेरा । बेइंतहा मोहब्बत करता हूं मैं उससे । और वह भी मुझसे बेइंतहा मोहब्बत करती है। जिसे तू कभी नहीं समझेगा।

राजवीर ( पहले तो हंसता है , फिर अपने आपको आरव की पकड़ से छुड़ा कर , आरव को देखकर कहता है ) - प्यार करता है ना तू उससे !!!!! पर क्या वो तुझसे प्यार करती है ??? अरे जिस लड़की ने तुझसे कभी कहा ही नहीं , कि वो तुझसे प्यार करती है । तो तू ये बात, कि तू कैसे इतने यकीन के साथ कह सकता है, कि वह भी तुझसे बेइंतहा मोहब्बत करती है। और इसी तरह , अपने प्यार का गाना गा - गा कर , किस किस को यकीन दिलाएगा और किस किस से उलझेगा !!!!!

आरव ( राजवीर के सिर के बाल पकड़ कर , गुस्से से उसकी आंखों में देख कर बोला ) - प्यार करने के लिए , एक दूसरे से कहना जरूरी नहीं है। मैंने उसकी आंखों में देखा है अपने लिए प्यार , और मैं ये पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं , कि वो भी मुझसे प्यार करती है।

राजवीर ( भी आरव की आंखों में , गुस्सा से देखते हुए ) - अगर ऐसा है , तो मैं तुम दोनों के प्यार को, कभी भी अंजाम तक नहीं पहुंचने दूंगा। मैं कभी भी तुम दोनो को, एक दूसरे के करीब आने का मौका नहीं दूंगा । और तू इतना याद रख आरव शर्मा ......!!!! कायरा प्यार चाहे जिससे भी करे , पर होगी तो वो सिर्फ और सिर्फ मेरी ही। मैं तुम दोनों को हमेशा के लिए, एक दूसरे से अलग कर दूंगा। हमेशा हमेशा के लिए ........!!!!!!!

आरव ने राजवीर की बात सुनी , तो उसका गुस्सा उसके कंट्रोल से बाहर हो गया । और उसने राजवीर को मार - मार कर उसकी हालत, बत से बत्तर कर दी ।

इधर कायरा नीचे आदित्य, सौम्या और रेहान के पास आयी । अंशिका तब तक , अपनी दोस्त के पास चली गई थी । कायरा ने सभी के सामने आकर , हड़बड़ाते हुए और घबराहट से भरे हुए लहज़े में कहा ।

कायरा - रेहान भाई .......!!!! आदि..... त्य.......!!!!!! वो ......वो आरव !!!!!

उसकी घबराई हुई सी आवाज़ सुनकर , तीनों टेंशन में आ गए और आदित्य ने उससे कहा।

आदित्य - क्या हुआ है कायरा???? और तुम अकेले क्यों आयी हो ??? आरव कहां है ????

कायरा ( रोते हुए ) - प्लीज आप लोग जल्दी चलिए ना ...!!!! वहां आरव और राजवीर .....!!!!

रेहान - राजवीर ....!!!!! राजवीर वहां क्या कर रहा है ? और तुम क्या कहना चाह रही हो, कायरा ??? आरव और राजवीर क्या ????

रेहान की बात पर , कायरा ने सिसकते हुए उन तीनो को राजवीर की हरकत और आरव का उसे मारना , ये सब बता दिया । कायरा की बात सुन , तीनों तुरंत हॉल की तरफ भागे । कायरा भी उनके पीछे - पीछे आयी।

इधर आरव ने राजवीर को मारते हुए कहा ।

आरव - तू हमें अलग करेगा !!!!!! तू हमारे प्यार को अंजाम तक पहुंचने से रोकेगा !!!! तेरी हिम्मत भी कैसे हुई , ऐसी बात बोलने की । इसके लिए मैं आज तेरी वो हालत करूंगा राजवीर , कि तू हमें अलग करना तो क्या , हमारे आस - पास नहीं भटकने का खयाल भी , अपने जहन से निकाल देगा ।

इतना कह कर , आरव ने राजवीर का दाहिना हाथ पकड़ा और उस हाथ को वह, लकड़ी की तरह, अपने घुटने से तोड़ने के लिए जैसे ही बढ़ा, वैसे ही आदित्य ने उसका हाथ पकड़ कर उसे पीछे किया । और रेहान ने राजवीर को उससे दूर किया । आरव ने राजवीर को मार - मार कर अधमरा कर दिया था। राजवीर की हालत देख, सभी को समझते देर न लगी , कि राजवीर ने पक्का कुछ ऐसी बात कही है , जो आरव के बर्दास्त से बाहर हो गई है , तभी वह राजवीर को इतना ज्यादा मार रहा है । आरव राजवीर को मारने के लिए छटपटाने लगा, तो आदित्य ने उसे मजबूती से पकड़ कर पीछे की ओर किया । कायरा और सौम्या ने भी उसकी दोनो बाहें मजबूती से पकड़ ली । जिससे आरव आगे नहीं बढ़ पाया । कायरा की , उसकी बाहें पकड़ने से , आरव का गुस्सा थोड़ा सा शांत हो गया था। आदित्य उससे दूर हुआ , और राजवीर की ओर बढ़ा । तो देखा की राजवीर के शरीर से , जगह - जगह से खून निकल रहा है। उसने और रेहान ने , राजवीर को दीवाल के सहारे बैठाया और आदित्य ने गुस्से से दोनों से कहा ।

आदित्य - पागल हो गए हो तुम दोनो ???? अपने गुस्से पर काबू नहीं है तुम दोनो का???? आरव ........!!!! कितनी बार कहा है तुझे , कि अपने गुस्से को कंट्रोल में रखा कर । अगर इसे अभी कुछ हो जाता तो...... , क्या जवाब देता तू अपनी भाभी को , और उनके मायके वालों को ????

राजवीर - वही तो मैं कब से इसे, समझाने की कोशिश कर रहा था।

आरव ( एक बार फिर गुस्से से उबलकर , राजवीर की ओर बढ़ते हुए ) - इसकी तो...............।

तभी उसे कायरा और सौम्या कस कर पकड़ लेती है , जिससे आरव आगे नहीं बढ़ पाता । रेहान राजवीर से कहता है ।

रेहान - तुम तो चुप ही रहो राजवीर !!!!! तुम्हें हम बहुत अच्छी तरह से जानते हैं , इस लिए हमारे सामने तुम सीधे बनने की कोशिश तो मत ही करना ।

आदित्य - राजवीर को तो हम बहुत अच्छी तरह से जानते हैं , पर आरव तू ......!!!! तू तो खुद पर काबू पा सकता था ना ।

सौम्या - आदि..!!!! जो हुआ , जैसे हुआ, जिस वजह से हुआ । उसे दरकिनार कर , हमें अभी , राजवीर को हॉस्पिटल लेकर जाना चाहिए और साथ ही, अभी रात बहुत हो चुकी है । इस लिए ये सारी बातें, बाद में करते हैं । अगर कॉलेज में से किसी को भी कुछ भी पता चला , तो बहुत बड़ा हंगामा हो जाएगा । इस लिए अभी बात को और तूल देने से अच्छा है, कि हम इसे यहीं पर स्टॉप करें ।

कायरा - सौम्या ठीक कर रही है आदित्य । अभी हमें बात को यहीं ख़तम कर देना चाहिए ।

आरव ( गुस्से से ) - बात यहीं खत्म नहीं होगी , इसकी हिम्मत भी कैसे हुई , तुम्हें हाथ लगाने की ।और हमारे बारे में कुछ भी कहने की ।

आदित्य ( आरव के पास आकर उसे संभालते हुए ) - आरव शांत हो जा । उसे उसके किए की सजा , तू दे चुका है। इस लिए अभी के लिए, इस बात को, यहीं खत्म कर भाई । प्लीज हाथ जोड़ता हूं मैं तेरे आगे..... । अगर तेरे घर में ये बात पता चली , तो बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो जाएगी ।

रेहान - हां आरव !!!!! बात को समझने की कोशिश कर ... और अपने गुस्से को शांत कर ।अंशिका अभी यहीं है, कॉलेज में ही । अगर उसे भी ये सब मालूम हुआ , तो वह डेफिनेटली घबरा जायेगी और फिर हो भी सकता है कि वह घर में सब कुछ बता दे। इस लिए , इससे पहले कि अंशिका हमें ढूंढती हुई यहां आए , हम सभी को यहां से निकलना चाहिए ।

आदित्य ने भी उसकी बात का समर्थन किया , और सौम्या और कायरा से उसे नीचे ले जाने के लिए कहा । कायरा और सौम्या, आरव को लेकर नीचे आ गए। और आदित्य और रेहान ने राजवीर को वहां से उठाया , और तुरंत उसे लेकर , आदित्य की कार में , पीछे की सीट में लेटा दिया । राजवीर अब तक , इतनी मार खाने के बाद , बेहोश हो चुका था । आदित्य और रेहान आरव , कायरा और सौम्या के पास आए। तब तक अंशिका भी उनके पास आ चुकी थी । अंशिका को देखते ही, सभी ने नॉर्मल बिहेव करना शुरू कर दिया, पर आरव के चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था । अंशिका उससे कुछ पूछती , उससे पहले ही आदित्य ने कहा ।

आदित्य - रेहान !!!!! तू सौम्या की कार से , अंशिका और सौम्या को उसके घर छोड़ दे । और फिर तू मुझे थोड़ी देर बाद मिलना, मैं तुझे लोकेशन सेंड कर दूंगा । और आरव , तू कायरा को घर छोड़ दे । रात बहुत हो चुकी है, कायरा का अकेले घर जाना ठीक नहीं होगा, इस वक्त ।

कायरा - नहीं आदित्य , मैं चली जाऊंगी ।

आरव ( गुस्सा से अपनी जींस की पॉकेट से , कार की चाभी निकालते हुए ) - तुम अकेले कहीं नहीं जाओगी, ( कायरा का हाथ पकड़ कर , उसे जबरदस्ती अपनी कार की ओर ले जाते हुए ) मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ने जाऊंगा । इस लिए चुप - चाप गाड़ी में बैठो ।

अंशिका ( हैरानी से उन दोनों को जाते हुए देखकर कहती है ) - आरव भाई , कायरा दी को , उस तरह क्यों लेकर जा रहे हैं????

सौम्या - अरे कुछ नहीं । वो उन दोनों के बीच में छोटा सा झगड़ा हो गया था । इस लिए आरव कायरा पर गुस्सा कर रहा है ।

अंशिका - पर इस तरह .......!!!!

आदित्य - लाडो ..!!!!! तू सवाल बहुत करती है। आज तुझे घर नहीं जाना है, क्या ???

अंशिका ( मासूमियत से ) - जाना है भाई।

आदित्य - तो चल फिर ......!!!!!

इतना कह कर वो चारों भी अपनी गाड़ी की ओर निकल गए । आदित्य राजवीर को लेकर हॉस्पिटल गया । और रेहान, सौम्या और अंशिका को लेकर उनके घर । इधर आरव ने कायरा को अपनी कार में बैठाया और फिर खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ कर कार स्टार्ट की । और तेज़ी से उसने कार को सड़कों पर दौड़ा दिया । जबकि कायरा ने उससे कुछ भी नहीं कहां, और शांति से बैठी रही । उसे शांत बैठा देख कर , आरव का गुस्सा थोड़ा सा शांत हो चुका था । इस लिए उसने कायरा से बात करने की कोशिश की ।

आरव - कायरा .....!!!!! आई एम् सॉरी .......। मुझे उस वक्त राजवीर की हरकतें देखकर , बहुत गुस्सा आया। और उसका तुम्हें हर्ट करना , मेरे बर्दास्त से बाहर हो गया था , इस लिए मैं अपना गुस्सा कंट्रोल नहीं कर पाया और उसे मारने लगा ।

आरव बोले जा रहा था, जबकि कायरा उसकी बातें सुनकर भी कुछ नहीं कह रही थी । आरव ने जब ये महसूस किया , तो उसने कायर से, एक बार फिर बोलने की कोशिश करते हुए कहा।

आरव - कायरा !!!!! मैं तुमसे कुछ बात कर रहा हूं । तुम सुन रही हो ना ......!!!!

कायरा ने उसकी बात सुनकर , गुस्से से भरी हुई आंखों से आरव को देखा ।आरव ने जैसे ही उसकी आंखें देखी , तो उसमें आरव के लिए गुस्से के साथ - साथ आसूं भी थे । जिसे देखकर वह शांत हो गया और इससे आगे, कायरा से कुछ कहने की, उसकी हिम्मत ही नहीं हुई । और वह चुप - चाप कार की स्पीड बढ़ा कर , तेज़ी से अपनी कार, कायरा के घर की ओर ले जाने लगा........ ।

क्रमशः

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story is very good

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