Ahsaas pyar ka khubsurat sa - 44 in Hindi Novel Episodes by ARUANDHATEE GARG मीठी books and stories PDF | एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 44

एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 44





आरव के ये कहते ही , कि वह ये बात जानता है कि उसके बिजनेस को किसने बर्बाद करने की कोशिश की है , ये बात जानकर सभी उसे हैरानी से देखने लगते हैं । आदित्य उससे कहता है ।

आदित्य - किसने किया है ये सब ???? बता आरव......, हम अभी उसकी पुलिस कंप्लेन करेंगे और उसे उसकी इस हरकत की , सज़ा भी देंगे ।

आरव - आदि.....!!!! वक्त नहीं है अभी ये सब बताने का । राहुल तू जाकर रूही को उसके घर ड्रॉप करने के बाद सीधे ऑफिस आ । रेहान, तू अंशिका शिवानी और सौम्या को सही - सलामत घर ड्रॉप करने जा । आदित्य , नील और कायर , तुम लोग ऑफिस पहुंचो , तुरंत .....। मैं एविडेंस लेकर , ऑफिस पहुंचता हूं.....।

रेहान - लेकिन तू जा कहां रहा है ???

आरव ( पार्क के गेट की ओर बढ़ते हुए कहता है ) - राजवीर के घर......।

आरव की ये बात सुनते ही , सभी को ये अंदाजा लग जाता है कि हो न हो इस काम के पीछे राजवीर का ही हाथ है । वहीं सौम्या और रेहान एक - दूसरे को हैरानी और परेशानी के मिश्रित भाव से देखने लगते है । पर इस वक्त , समय किसी के पास नहीं रहता, कि कोई भी इस मैटर पर डिस्कस कर सके । क्योंकि मिस्टर शर्मा ने तुरंत , आरव और उसकी पूरी टीम को , ऑफिस पहुंचने का ऑर्डर दे दिया था । और उनकी बात काटने की हिम्मत किसी में भी नहीं थी । आरव सभी से अपनी बात कहकर , तेज़ क़दमों से अपनी कार की तरफ बढ़ गया , जो पार्क के सामने ही पार्कड् थी । बाकी सबने भी , सारा सामान उठाकर गाड़ियों में रखा और फटाफट मुंबई के लिए निकल गए । तो वहीं उन सभी से दूर , अभी भी पेड़ के पीछे छुपे दो आदमी भी , सभी को जाता देख उनका पीछा करने लगे ।

आरव ने माथेरान से निकलने के बाद, अपनी गाड़ी की स्पीड इतनी बढ़ा दी , कि डेढ़ से दो घंटे के रास्ते को , उसने आधे घंटे में ही पूरा कर लिया और वह राजवीर के घर के एक दम करीब जा पहुंचा । मुंबई हाइवे में एंटर होते ही , राहुल और रेहान ने अपनी गाड़ियों की दिशा बदल दी । और आदित्य नील और कायरा के साथ ऑफिस की ओर जाने लगा । उन्हें ऑफिस पहुंचने में कम से कम अभी एक घंटा और लगना था । उनके पीछे दो गाड़ियां आ रही थी । जिसमें से एक गाड़ी में बॉडी गार्ड थे , जिन्हें आरव और आदित्य ने हायर किया था और उसके पीछे उन आदमियों की गाड़ी आ रही थी , जिन्होने पार्क में कायरा को हार्म पहुंचाने की कोशिश की थी । बॉडी गार्ड्स का ध्यान पूरा का पूरा आदित्य की कार में था , जिसमें उसके और नील के साथ कायरा भी सवार थी । इधर पीछे से उन आदमियों की गाड़ी ने , बॉडी गार्ड्स की गाड़ी को ओवर टेक किया और उनसे काफी दूर आ गए । तभी बॉडी गार्ड्स की गाड़ी का टायर पंचर हो गया , जिसकी वजह से बॉडी गार्ड्स की कार ड्राइव कर रहे ड्राइवर को , गाड़ी रोकनी पड़ी ।

इधर उन दो आदमियों के साथ , अब दो लोग और थे । जो कि आदित्य की गाड़ी के जस्ट पीछे ही थे । उन लोगों ने अचानक से आदित्य की कार को भी ओवर टेक किया और सीधा आदित्य की कार के सामने आकर , अपनी कार रोक दी । आदित्य और नील ने ये देखा , तो घबरा गए । आदित्य ने बहुत तेज़ी से ब्रेक लगाया , और स्टेयरिंग को घुमाते हुए अपनी कार बड़ी मुश्किल से रोकी । क्योंकि कार की स्पीड बहुत ज्यादा तेज़ थी , इस कारण ऐक्सिडेंट होने का खतरा बढ़ गया था । पर शुक्र है भगवान का , जो आदित्य ने ऐक्सिडेंट होने से बचा लिया और और तीनों को किसी भी तरह की चोट नहीं आयी । उन तीनों ने खुद को संभाला और जैसे ही अपनी नजरें ऊपर की ओर उठाई , तभी उन्हें अपनी कार के अलग बगल , चार नकाब पोश हाथों में गन लिए दिखाई दिए । तीनों को ये समझते देर न लगी , कि अचानक से उनकी कार के सामने किसी और कार का रुकना , एक सोची समझी साजिश थी । और अब वो, आदित्य की गाड़ी के बाहर , उन तीनो पर अटैक करने के लिए तैयार खड़े थे । आदित्य ने तुरंत , अपना फोन सामने रखे डेश बोर्ड से उठाया और तुरंत पीछे आ रही बॉडी गार्ड्स में से एक , जो कि बाकी सभी बॉडी गार्ड्स का हेड था , उसे कॉल किया । उस हेड बॉडी गार्ड का नाम जय था । उसने अपना फोन देखा , तो तुरंत कॉल अटेंड किया । पर वह आदित्य से कुछ कहता, उससे पहले ही फोन कट हो गया ।

इधर आदित्य ने जैसे ही कॉल किया , और उधर से जय के द्वारा कॉल रिसीव होते ही , एक जोर - दार गन से निकली हुई बुलेट की आवाज़ , तीनों के कानों में पड़ी । जो उन चारों गुंडों में से एक नकाबपोश गुंडे ने आसमान की ओर चलाई थी । अचानक गोली चलने से , आदित्य के हाथ से मोबाइल छूट गया , और आदित्य के उंगलियों के प्रिंट लगने से , कॉल भी कट हो गया । नील ने तुरंत आदित्य और कायर से कहा ।

नील - आदि चल.... । हमें इनसे खुद ही निबटना होगा ।

आदित्य - हां ....., नील । यू आर राइट । ( कायरा की तरफ मुड़ कर ) कायरा किसी भी सूरत पर तुम गाड़ी से नीचे मत उतरना । प्लीज , इट्स रिक्वेस्ट ।

कायरा - पर आदि, मैं भी तुम लोगों की हेल्प के लिए आऊंगी ।

नील - नहीं कायरा ......। अगर तुम्हें एक खरोंच भी आयी, तो आरव हम पर बहुत ज्यादा गुस्सा करेगा । हम ये रिस्क नहीं ले सकते , इस लिए प्लीज तुम कार के अंदर ही रहो और कार का गेट किसी भी हालत में मत ओपन करना । अटलिस्ट , जब तक हम लोग वापस न आ जाएं तब तक तो खास कर इस बात का ध्यान रखना......।

कायरा ने हां कहा , तो नील अपनी तरफ का गेट ओपन कर, बाहर की ओर चला गया । आदित्य ने हेल्प के उद्देश्य से एक लास्ट बार ट्राय करते हुए , अपना फोन उठाया , जो कि उसकी सीट के नीचे गिर गया था । और उसे उठाते ही, उसने आरव को कॉल ट्राय किया । आरव ने कॉल रिसीव कर लिया , पर तभी आदित्य की नज़र बाहर नील पर भारी पड़ रहे गुंडों पर गई , जिनके एक साथ नील पर अटैक करने की वजह से, नील को उन्हें संभालने में समस्या हो रही थी । आदित्य ने अपना फोन तुरंत अपनी सीट पर रखा , और गाड़ी से उतरकर , नील के साथ उन चारों का सामना करने लगा । कायरा को उन दोनों को लेकर बहुत ज्यादा टेंशन हो रही थीं, पर वह नील और आदित्य के, उसे कार में ही बैठने का कहने की वजह से , शांत बैठी हुई थी ।

इधर आरव ने जैसे ही आदित्य का कॉल देखा , उसने अपने कान में तुरंत ब्लूटूथ डिवाइस लगाई और कॉल रिसीव किया । पर आदित्य की तरफ से कोई आवाज़ नहीं आयी । आरव ने तीन चार बार हैलो बोला , पर उस तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी । इधर टेंशन के कारण , कायर का ध्यान आदित्य के फोन पर गया ही नहीं , जो कि आरव के मोबाइल से कनेक्ट था । तभी कायरा की नजर , गाड़ी के बाहर की ओर गई , जहां पर आदित्य एक गुंडे से और नील दूसरे गुंडे से लड़ रहा था । बाकी के दो गुंडे , उनसे थोड़ी दूर में खड़े पता नहीं क्या कर रहे थे । अगले ही पल , उन दूर खड़े हुए आदमियों ने , आदित्य और नील की ओर पीछे से कदम बढ़ाए , और पीछे से ही उन दोनों की नाक पर , एक - एक कर रुमाल रखा । जिससे आदित्य और नील को चक्कर आने लगें, और वे कुछ सेकंड्स बाद ही बेहोश होकर , जमीन पर गिर गए ।

इधर आरव ने जैसे ही फोन कट करना चाहा , ये सोचकर कि आदित्य से गलती से कॉल लग गया होगा । तभी उसे कायरा के चीखने की आवाज़ आयी, कायरा की आवाज़ सुनकर आरव घबरा गया और उसे एक बार फिर बेचैनी होने लगी । इधर आदित्य और नील को बेहोश पड़े देख , कायरा ने तेज़ आवाज़ में आदित्य और नील का नाम लेकर चीखा । आरव ने कायरा के इस तरह से चीखने पर , तुरंत अपनी गाड़ी पर ब्रेक लगाया, जिससे उसकी गाड़ी एक झटके से बीच सड़क पर रुक गई । और आरव फोन पर ही जोर - जोर से बोलने लगा ।

आरव - कायरा ......., कायरा ......., क्या हुआ तुम्हें ??? तुम ठीक हो ???? आदि , नील....। कहां हो तुम लोग ???? कोई मेरी आवाज़ सुन भी रहा है ???? कोई रिप्लाई क्यों नहीं कर रहा ???? कायरा ......, कायरा......., आदि....., नील.......!!!!

इधर कायरा ने चीखने के बाद , तुरंत गेट ओपन किया और गाड़ी से बाहर निकलने को हुई , कि तभी वो चारों गुंडे गाड़ी के फिर से अलग बगल खड़े हो गए । कायरा ने अपना एक पैर गाड़ी के बाहर रखा ही था, कि उन लोगों को फिर से गन लिए अपने पास खड़े देखकर , तुरंत दरवाज़ा बंद कर लिया । पर वह अपनी सीट के तरफ के दोनों , डोर की विंडो क्लोज करना भूल गई । और इसी बात का फायदा उठाकर, उन गुंडों ने लाॅक्ड डोर को भी ओपन कर लिया । कायरा ने डोर ओपन होते ही तुरंत उन सभी से कहा ।

कायरा - ये क्या कर रहे हो तुम लोग ???? और ये सब क्यों किया तुम लोगों ने ??? क्या चाहते हो तुम लोग मुझसे???

उसमें से एक गुंडे ने कहा - हमें आपको किडनैप करने का ऑर्डर मिला है मैडम । और आपको हम अपने साथ ले जाए बिना तो मानेंगे नहीं .....। इस लिए आपकी भलाई इसी में है , कि आप हमारे साथ सीधे से बिना कोई चालाकी दिखाए , सामने खड़ी गाड़ी पर चलकर बैठ जाएं । वरना आपको को अपने साथ ले जाने का, दूसरा तरीका भी हमें आता है ।

आरव ने फोन की दूसरी तरफ से , जब उन गुंडों की बात सुनी , तो उसने तुरंत अपनी गाड़ी स्टार्ट की और आदित्य के फोन लोकेशन चैक कर , हाईवे की ओर बढ़ गया और उसने फोन से ही तेज़ आवाज़ में कायरा से कहा ।

आरव - कायरा .......। तुम कहीं मत जाना । मैं आ रहा हूं ....। तुम....., तुम कुछ मत करना , बस उन्हें अपनी बातों में उलझा कर रखना.... ।

आरव ये सब कह तो रहा था , पर कायरा तक उसकी बात नहीं पहुंच रही थी । कायरा ने उस गुंडे की बात सुनी , तो तुरंत कहा ।

कायरा - किसने ऑर्डर दिया है तुम्हें ......????

वो गुंडा - ये आपको हमारे साथ जाने पर ही पता चलेगा ।

कायरा - और तुम लोगों को लगता है , कि मैं तुम लोगों के साथ जाऊंगी ......????

उन लोगों ने कायरा की बात सुनकर , मुस्कुराते हुए एक दूसरे की तरफ देखा । तभी कायरा ने देखा , उनका ध्यान कायरा पर नहीं है , तो उसने तुरंत अपने हाथों की जोर - दार मुट्ठी बनाई और एक नकाब पोश गुंडे के मुंह में मार दी । वो आदमी कायरा के इस वार से संभल नहीं पाया , और एक तेज़ चीख के साथ सड़क पर गिर गया । अपने एक साथी को , जमीन पर गिरा देख , बाकी के तीन आदमियों का माथा ठनका और उन लोगों के अपनी बदुकें साइड में रखी, और कायरा से लड़ाई करने लगे । कायरा ने गाड़ी में बैठकर ही , उन लोगों के हर वार का सामना किया , और उन्हें प्रतिक्रिया में उनके वार का जवाब भी दिया । यहां उस आदमी की आवाज़ सुनकर , आरव का दिमाग खराब हो गया । उसने खुद से कहा ।

आरव - मैंने कहा था कायरा , कि कुछ मत करना । मुझे पता है कि तुम बहादुर हो , पर इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है, कि तुम हर वक्त, हर किसी का सामना करने के लिए तैयार खड़ी रहो । पता नहीं तुमने मेरी बात सुनी भी है या नहीं ...।

तभी उसे जय का खयाल आया । उसने आदित्य का कॉल होल्ड पर रखा और जय को कॉल किया । जिसका नंबर आज सुबह ही उसने आदित्य से लिया था । इधर अपने फोन पर आरव का नंबर देखकर , तुरंत जय ने कॉल रिसीव किया , तो आरव के उसके कुछ बोलने से पहले ही कहा ।

आरव - जय....., कहां हो तुम लोग???

जय - सर हमारी गाड़ी खराब हो गई है , ( तभी जय की नजर रोड पर पड़ी हुई , लोहे की कीलों पर गई । उसने उनमें से, एक कील को उठाया और आरव से कहा ) सर हमारी गाड़ी अपने आप खराब नहीं हुई है, बल्कि सड़क पर लोहे की कील फैलाकर , खराब की गई है । इसी वजह से हमारी कार के सारे टायर, पंचर हो गए हैं ।

आरव - तुम्हें आदित्य की कार , अपने आस - पास दिख रही है ???

जय - नो सर....। लगभग बीस मिनट पहले ही हमारी कार, मुंबई हाइवे में पहुंचने के , यही कुछ पांच किलो मीटर चलने के बाद खराब हो चुकी थी । इस वजह से हम उनके पीछे नहीं जा पाए । लेकिन अब तक तो वो लोग , मुंबई पहुंच गए होंगे । हम लोग मुंबई से पुणे जाने वाले हाईवे पर खड़े हैं ।

आरव - मैंने तुमसे कहा था ना सुबह ही , कि तुम चौकन्ने रहना । लेकिन तुमने मेरी बात ध्यान से नहीं सुनी । तुम्हारी कार इस लिए खराब की गई है, ताकि कायरा लोगों पर अटैक किया जा सके । और तुम लोग उनके पास, टाइम पर पहुंच न सको ।

जय - व्हाट.....???? आदित्य सर की कार पर अटैक हुआ है....!!!???

आरव - सिर्फ इतना ही नहीं , वो लोग कायरा को किडनैप भी करने वाले हैं , ये खुद उन लोगों ने कायरा से कहा है । तुमने दूसरी गाड़ी अपने लिए, और अपने साथ वाले आदमियों के लिए मंगवाई ???

जय - यस सर ......!!!! ( तभी उसे सामने से एक गाड़ी अपनी ओर आती दिखीं , तो जय ने उसकी तरफ देखकर तुरंत कहा ) मेरी मंगवाई हुई कार , आ भी गई है सर....।

आरव - ओके.....। तुम लोग उसमें बैठकर , तुरंत आदित्य की गाड़ी के पास जाओ और मेरे आने तक कायरा को प्रोटेक्ट करो । मैं उसी डायरेक्शन में अपनी कार ड्राइव कर रहा हूं । कुछ मिनट्स में, मैं भी वहां पहुंच जाऊंगा ।

जय ने यस सर कहा , और तुरंत गाड़ी में वो और उसके आदमी बैठ गए । और ड्राइवर ने कार हाईवे में बढ़ा दी । इधर आरव ने तुरंत आदित्य का कॉल होल्ड से हटाया , और कायरा की तरफ की आवाज़ें उसके कानो में पड़ने लगीं, जिसमें सिर्फ मार - पिटाई की आवाज़ आ रही थी । इधर कायरा उन लोगों पर भारी पड़ रही थी , वो उन गुंडों को खुद को हाथ भी नहीं लगाने दे रही थी । जब उन गुंडों ने इस बात को महसूस किया , तो तुरंत एक दूसरे को इशारा किया । उनमें से एक आदमी ने अपने कदम गाड़ी के पीछे की ओर बढ़ा दिए और अपनी जेब से एक और रुमाल और अपनी पैंट की दूसरी जेब से क्लोरोफॉर्म की वहीं सीशी निकाली , जिससे उन्होने आदित्य और नील को बेहोश किया था । उसने , उस शीशी में से थोड़ा ज्यादा सा क्लोरोफॉर्म अपने हाथ में पकड़े हुए रुमाल में डाला , और उन तीनो आदमियों के पास आकर, उन्हें इशारा किया । अब बाकी के तीनों आदमी कायरा को पकड़ने की कोशिश करने लगे । पर कायर अब भी उन्हें , खुद को हाथ लगाने नहीं दे रही थी । तो एक गुंडे ने सड़क के पास में पड़ा हुआ , बड़ा सा पत्थर उठाया और आदित्य की कार के फ्रंट कांच पर दे मारा । जिससे कांच चकनाचूर हो गया , और वह गाड़ी के अंदर और बाहर , सभी जगह फैल गया । गनीमत ये थी , कि कायरा को उससे कोई चोट नहीं आयी । कांच के टूटने की आवाज़ सुनते ही कायरा का ध्यान कांच की ओर गया और इसी बात का फायदा उठाकर , उन गुंडों ने कायरा को पकड़ लिया और चौथे आदमी ने कायरा को भी आदित्य और नील की तरह क्लोरोफॉर्म सूंघा दिया । कायरा " छोड़ो ....., मुझे छोड़ो......., " की आवाज़ कर चीखने लगी , पर कुछ सेकंड्स बाद ही उसके आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा, जिससे उसकी आंखें बंद हो गई और वह बेहोश होकर , उसी सीट पर निढाल हो गई । आरव ने जब कायरा की आवाज़ सुनी , तो उसने तुरंत फोन पर कहा ।

आरव - कायरा......, कायरा....!!!! आर यू ओके...??? ( स्टेयरिंग पर जोर से हाथ मारते हुए ) यार ये हो क्या रहा है ??? आदि और नील कहां है ...!!!??? और ये कायरा की ऐसी आवाज़ क्यों आ रही थी ??? और अब एक दम से , उसकी कोई भी आवाज़ क्यों नहीं आ रही ....??? जय वहां पहुंचा भी है कि नहीं ???

यही सब सोचते हुए उसने अपनी कार की स्पीड और तेज़ कर दी । यहां कायरा के बेहोश होते ही , उन चारों गुंडों ने कायरा को कार से बाहर निकाला और अपनी गाड़ी में शिफ्ट कर , नागपुर हाईवे की ओर अपनी कार बढ़ा दी । उनके जाते ही , वहां पर जय और उसके आदमी अपनी कार से पहुंचे और वहां का नज़ारा देखकर , उनके होश फाख्ता हो गए । जय और उसके आदमियों ने तुरंत नील और आदित्य को उठाया और अपनी कार पर शिफ्ट किया । उसके बाद उन्होंने आदित्य और नील के चेहरे पर , गाड़ी में रखे हुए पानी की बॉटल से पानी अपने हाथ में लेकर, उनके ऊपर छींटे डाले । जिससे आदित्य और नील को होश आया । दोनों ने उठते ही , कायरा के बारे में पूछा । जय कुछ कहता , उसके पहले ही आरव ने उनके गाड़ी के सामने आकर , तेज़ी से अपनी गाड़ी का ब्रेक लगाया , जिससे तेज़ आवाज़ के साथ गाड़ी उनके सामने आकर रूकी । कोई कुछ कहता , उसके पहले ही आरव आदित्य की गाड़ी की ओर बढ़ा और उसने आदित्य की गाड़ी से उसका फोन निकाला । उसके बाद उसने उसका कॉल , अपने कॉल से डिस्कनेक्ट किया , और गाड़ी के अंदर चारों तरफ देखने लगा , पर उसे कायरा कहीं नहीं दिखी । दिखती भी कैसे , क्योंकि कायरा तो वहां थी ही नहीं । आरव उस सीट पर आया , जहां कायरा बैठी थी । उसने सीट के आस - पास ऊपर नीचे देखा , ताकि उसे कोई क्लू मिल सके , पर उसके हाथ कुछ नहीं लगा । तभी उसकी नजर , कायरा के फोन पर पड़ी , जो कि उन गुंडों से हाथापाई करने में सीट के नीचे , किनारे की ओर गिर गया था । आरव ने फोन उठाया और खुद से कहा ।

आरव - शिट्..........। एक यही जरिया था , उसे ढूंढने का । वो भी अब फ़ैल हो गया । क्या करूं ....??? कहां ढूंढू कायरा को....???

तभी उसके पास जय आया , और दोनों ही भाग कर आदित्य और नील के पास आए । आरव ने तुरंत सभी से पूछा ।

आरव - कायरा कहां है...???

जय - सर.....!!!! हमारे आने से पहले ही वो लोग , मैम को लेकर भाग गए ।

आरव - डेमिड.......। आदि , नील ......!!!! तुम दोनो ठीक हो ????

आदित्य और नील ( एक साथ ) - हां हम ठीक है ।

आरव - उन किडनैपर्स का कोई क्लू, या फिर कुछ ऐसा जो उनके बारे में तुम लोगों को याद हो ....!!!

आदित्य - हां....., वो लोग चार लोग थे और उन सभी ने ब्लैक कलर के नकाब बांधे हुए थे ।

आरव ने जैसे ही आदित्य के मुंह से नकाब वाली बात सुनी , उसे तुरंत राजवीर के द्वारा उस रात कायरा के ऊपर करवाया गया अटैक उसे याद आया । आरव गुस्से से , अपनी मुट्ठी बांध कर तेज़ आवाज़ में चीखा ।

आरव - राजवीर.........!!!!! इस बार ये हरकत तुम्हें बहुत महंगी पड़ेगी ....।

इतना कहते ही उसने अपनी नजरें आदित्य की गाड़ी की ओर की । तभी उसे , आदित्य की गाड़ी के सामने, गाड़ी के चक्कों के कुछ स्क्रेच दिखे , जो हमेशा तेज़ गाड़ी ड्राइव करने पर , या फिर जोर से गाड़ी का ब्रेक प्रेस करने पर , अक्सर सड़कों पर पड़ जाते हैं । उसने उन एक्रेचेस को देखने के बाद , अपने चारों तरफ देखा , तब उसे उस स्क्रेच के साथ और भी स्क्रेचेस सड़क पर दिखे । जो कि आदित्य के गाड़ी के सामने के सड़क पर दिख रहे स्क्रेचेस से , हूबहू मेल खा रहे थे । आरव ने पैदल चलते हुए , उन स्क्रेचेस को अपनी नज़रों से फॉलो किया , तो पाया कि वो स्क्रेच नागपुर हाईवे की ओर इशारा कर रहे हैं । आरव तुरंत आदित्य लोगों के पास आया और उसने जय से कहा ।

आरव - जय......, तुम लोग आदि और नील को लेकर ऑफिस पहुंचो , मैं कायरा को लेकर आता हूं ।

तभी आदित्य और नील ने एक साथ कहा ।

आदित्य और नील - हम भी तेरे साथ जाएंगे .....।

आरव - नहीं ....., मेरे साथ कोई नहीं जाएगा ।

आरव के मना करने पर आदित्य और नील की दोबारा कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई । और आरव तेज़ रफ़्तार से अपनी गाड़ी की ओर बढ़ने लगा । तभी जय उसके पीछे दौड़ पड़ा , और आरव से पहले उसके साथ वाली सीट पर जाकर बैठ गया । आरव ने जैसे ही उसे , ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट पर बैठे देखा , तो उसे गुस्से से घूरा । तो जय ने तुरंत कहा ।

जय - सर ...., मुझे आपने मैम की सेफ्टी के लिए ही अप्वाइंट किया है । और अगर मैं यहां , हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा , तो मेरे ये जॉब ज्वॉइन करने का कोई मतलब नहीं होगा । और वैसे भी आप अकेले जा रहे हैं । इससे अच्छा है , एक से भले दो सही । मैं भी आपके ही साथ चलूंगा ।

आरव ने उसकी बात पर कुछ नहीं कहा , और अपनी कार की ड्राइविंग सीट पर बैठकर , सीट ब्लेट बांधा और अपनी कार नागपुर हाईवे की ओर बढ़ा दी । आरव और जय के जाने के बाद , आदित्य और नील भी जय के बाकी के आदमियों के साथ , ऑफिस की ओर बढ़ गए । इधर उन गुंडों की कार में कायरा बेहोश पड़ी थी , और उसके हाथ पैर रस्सी से बांधकर , कार की सबसे लास्ट वाली सीट पर उसे लेटाया गया था । उसके होठों पर भी , टेप लगा हुआ था । ताकि अगर कायरा उठे भी , तो न ही कुछ बोल पाए और न ही कोई हरकत कर पाए । तभी उनमें से एक गुंडे ने अपने बॉस को कॉल किया और उसके बॉस के कॉल रिसीव करते ही उसने मुस्कुराते हुए कहा ।

गुंडा - आपका सेवेंटी फाइव पर्सेंट काम हो गया है , मिशा मैम । हमने ठीक वैसे ही अपने चेहरे पर नकाब बांधा हुआ था , जैसे आपने हमें बांधने के लिए कहा था । और हम हूबहू राजवीर के गुंडों की तरह ही दिख रहे थे , जैसा कि आपने उनके गुंडों का हुलिया हमें बताया था । कायरा मैम हमारे साथ ही है, और आदित्य सर और नील सर को हम सड़क पर बेहोशी की हालत में छोड़ कर आए हैं । अगर वो दोनो उठे भी , तब भी वो हम तक नहीं पहुंच पाएंगे और उनके अलावा आरव सर और उनके द्वारा हायर किए गए बॉडी गार्ड्स भी , हमारा पता नहीं लगा पाएंगे । साथ ही आदित्य सर और नील सर के बताए हुए हमारे हुलिए के मुताबिक , आरव सर और बाकी लोगों का शक सीधे राजवीर पर जाएगा , जैसा कि आप चाहती थी और आपने इसी लिए कल विनय को मॉल भेजा था और हमारा हुलिया भी राजवीर के गुंडों की तरह बनाने के लिए कहा था । माथेरान के पार्क में भले ही हम , अपने प्लान में फैल हो गए थे । पर अब हम अपने प्लान में पूरी तरह से सफल हो गए हैं .....। कायरा मैम को हमने रस्सी से बांध दिया है और उनके मुंह पर टेप भी लगा दिया है । ताकि होश आने पर वो कोई रिएक्ट न कर सकें .....।

ये वही आदमी था , जो कल मिशा के कहने पर , विनय से वो सारे काम करवा रहा था , जो मिशा ने उसे करने के लिए कहे थे । कायरा का किडनैप भी मिशा ने ही करवाया था और उसने ऐसे ये सब प्लान किया था , कि सारा ब्लेम राजवीर की ऊपर जाए और मिशा को किसी पर रंच मात्र भी शक न हो । मिशा ने अपने आदमी की बात सुनकर उससे फोन के दूसरी तरफ से कहा ।

मिशा - पहले तो उस कायरा को, मैम कहकर , इतनी रिस्पेक्ट देना बंद करो ।

आदमी - सॉरी मैम.....।

मिशा - और उसे , नागपुर हाईवे में हमारी बंद पड़ी फैक्ट्री पर लेकर जाओ । कुछ घंटों बाद , मौका देखकर मैं वहां पहुंचती हूं । ध्यान रखना , नागपुर वाली फैक्ट्री का एड्रेस किसी को भी पता नहीं चलना चाहिए । और किसी को भी कानों कान खबर नहीं होनी चाहिए , कि ये किडनैप मैंने करवाया है ।

आदमी - श्योर मैम......। किसी को भी इस बात की खबर नहीं लगेगी ।

इतना कह कर आदमी ने फोन कट कर दिया । और मिशा ने आदमी के फोन कट करते ही , किसी को कॉल किया और उससे कुछ सामान मंगवाया । जो कि शायद कायरा को हार्म पहुंचाने के लिए था । इधर आदमी ने कॉल डिस्कनेक्ट करने के बाद अपना फोन अपनी जेब में रखा , तभी उसे अपने सामने से एक गाड़ी आते हुई दिखाई दी । उसे और उसके बगल में बैठे ड्राइवर को , उस गाड़ी के अंदर बैठे लोग तो नहीं दिखे , पर उस गाड़ी को देख कर उस गुंडे को किसी अनहोनी की आशंका हुई । वो और बाकी के तीन गुंडे उस गाड़ी के बारे में एक दूसरे से अपनी आशंका जाहिर कर ही रहे थें, कि तभी वो गाड़ी उनके कार के ठीक सामने आकर खड़ी हुई । और उसमें से तुरंत अपनी तरफ का डोर ओपन कर आरव और दूसरी तरफ का डोर ओपन कर जय बाहर आया । दोनों ही शॉर्ट कट रास्ते से , नागपुर हाईवे पर आए थे । आरव अपनी गाड़ी के सामने , अपनी जींस की जेब में हाथ डाले , उन गुंडों की गाड़ी को घूरते हुए खड़ा हो गया , और जय गाड़ी के बगल में ही खड़ा रहा । उन दोनों को देखते ही , चारों गुंडों के होश फाख्ता हो गए । और गाड़ी ड्राइव कर रहे गुंडे ने , तुरंत कार का ब्रेक दबाया । जिससे कार के चक्के , घिसटटे हुए , सीधे आरव से कुछ इंच की दूरी पर जाकर रुके । जिससे कार के अंदर बैठे आदमियों को जोर का झटका लगा और चारों आगे की ओर खिसक गए। सामने बैठे गुंडों में से , एक का सर सीधे डैश बोर्ड से जाकर टकराया और वहीं दूसरी ओर ड्राइविंग सीट पर बैठे गुंडे का सर, सीधे स्टेयरिंग से जाकर टकराया । दोनों के सर पर गहरी चोट लग गई , जिससे दोनों के सर से खून बहने लगा । तो वहीं , मिडिल सीट पर बैठे बचे हुए दोनों गुंडे , सामने वाली की सीट से जाकर टकरा गए , पर उन्हें कोई चोट नहीं आयी । जय ने जब उन लोगों की ऐसी हालत देखी , तो उसकी हंसी छूट गई । जबकि आरव जलती हुई आंखों से , गाड़ी के अंदर बैठे उन चारों आदमियों को देख रहा था । इन सब में कायरा को कोई चोट नहीं आयी थी , क्योंकि वो भी अपनी सामने वाली सीट से ही टकराई थी , पर उसे होश अब तक नहीं आया था ।

डर के मारे वो उन चारों गुंडों की हिम्मत ही नहीं हुई , अपनी कार से बाहर निकलने की । और जब आरव ने उन्हें कार में ही बंद देखा , तो उसने अपने कदम कार की ओर बढ़ा दिए । उसे कार की तरफ बढ़ते देख , जय भी उसके पीछे चल दिया । आरव ने एक तरफ की स्टार्टिंग की सीट का, एक झटके से डोर ओपन किया और वहां बैठे हुए आदमी को बाहर निकाला । जय ने भी , ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए आदमी के साइड का डोर ओपन किया और उसे कॉलर से पकड़ कर कार से बाहर निकाला । दोनों ने उनसे न ही कुछ कहा और न ही कुछ पूछा और अपने लातों और घुसों की बरसात उन दोनों आदमियों पर कर दी । जिससे उन दोनों आदमियों की मार खा कर , हालत खराब होने लगी । अपने आदमियों को पिटता देख , बाकी के बचे हुए दो आदमी भी अपनी बंदूक संभाले , कार से बाहर आ गए और वे जय और आरव के सिर को , अपने गन प्वाइंट पर रखकर कहने लगे ।

दोनों आदमी ( आरव और जय से ) - अब अगर तुम लोगों ने हमारे आदमीयों को और मारने की कोशिश की , तो हमारी बंदूक की गोली , तुम लोगों के सिर के आर - पार हो जाएगी ।

उन दोनों आदमियों की बात सुनकर , आरव ने जय को इशारा किया और तुरंत अपने बगल में , हाथ में गन लिए हुए आदमी के पैर पर, अपने पैर से जोर से वार किया । आरव का इशारा पाते ही , जय ने भी आरव की तरह ही अपने बगल मे खड़े हुए आदमी पर वार किया । आरव और जय के वार से दोनों आदमी अपना पैर पकड़ कर चिल्ला उठे और उनके हाथ से गन छूट गई । दोनों ही जमीन पर कराहते हुए बैठ गए । उसके जमीन में बैठते ही , आरव और जय ने बिना एक भी सेकंड गंवाए , दोनों को बेतहाशा मारना शुरू कर दिया । कुछ ही पलों में , चारों आदमी , उस सड़क पर चारों - खाने - चित्त नज़र आए । आरव ने उन लोगों को जब , सड़क पर निढाल पड़े देखा, तो वह तुरंत कायरा की ओर बढ़ गया । जबकि जय आरव की कार की ओर पानी की बॉटल लेने के लिए बढ़ गया , जो उसे गाड़ी के गेयर के पीछे ही रखी हुई मिल गई । वह उसे लेकर आरव और कायरा की ओर तेज़ कदमों से बढ़ गया । इधर आरव ने कायरा को पूरे गाड़ी में देख डाला , पर उसे कायरा कहीं नहीं दिखी । तभी उसकी नजर सबसे लास्ट वाली सीट पर गई , जहां पर कायरा बेहोश पड़ी हुई थी । आरव तुरंत गाड़ी के पीछे आया और उसने गाड़ी का पिछला डोर ओपन किया । उसने फटाफट से कायरा के हाथ पैर में बंधी , रस्सी खोली और उसके मुंह से टेप हटाया । और कायरा को अपनी बाहों में लेकर , उसे गाड़ी से बाहर निकाला । आरव कायरा को अपनी बाहों में लेकर , गाड़ी के पीछे जमीन पर ही बैठ गया और उसके गाल थप - थपाते हुए , परेशानी से कायरा को पुकारने लगा ।

आरव - कायरा ......, कायरा उठो ....। देखो मैं आ गया हूं । प्लीज आंखें खोलो कायरा ......।

कायरा ने कोई रिएक्शन नहीं दिया , तभी जय उन दोनों के पास आया और उसने आरव की ओर पानी के बॉटल का ढककर खोल कर , बॉटल आरव की ओर बढ़ा दी और कहा ।

जय - सर ....., पानी की छींटे मारिये मैम के चेहरे पर । इससे मैम तुरंत होश में आ जाएंगी ।

आरव ने जय की बात सुनी , तो तुरंत बॉटल से अपने एक हाथ में पानी डाला और कायरा के चेहरे पर उसके छींटे मारने लगा । पानी के छींटें पड़ते ही , कायरा को होश आया और वह खांसते हुए उठ गई । उसके उठते ही आरव ने उसे अपने सीने से लगा लिया । और जय ने आसमान की ओर देखते हुए, अपने हाथ जोड़ लिए । आरव ने कायरा को अपने सीने से अलग किया और उसके गालों पर, अपने दोनो हाथ रखकर तुरंत बोला ।

आरव - मैं तुम्हें मना कर रहा था न , कि तुम कुछ मत करो , उन लोगों से मत उलझो , पर तुमने आज फिर से मेरी एक भी बात नहीं सुनी ।

कायरा - पर आपने मुझसे ऐसा कब कहा आरव ...???

आरव - जब आदित्य का कॉल चालू था , तब .....!!!!!

कायरा - क्या.....??? आदित्य का कॉल आपके फोन से कनेक्ट था । लेकिन मुझे इस बारे में कुछ पता ही नहीं था । शायद आदित्य का फोन स्पीकर पर नहीं था, इस लिए मुझे आपकी आवाज़ सुनाई नहीं दी ।

कायरा ये सब कह ही रही थी , कि तभी आरव के फोन पर वापस से आदित्य का कॉल आया । आरव ने नागपुर हाईवे से निकलते वक्त , आदित्य को उसका फोन लौटा दिया था । इसी वजह से आदित्य उसे फोन कर पा रहा था । आरव ने आदित्य का कॉल बिना आंसर दिए ही, कट कर दिया । और कायरा को लेकर , वह अपनी कार की ओर बढ़ गया । कायरा इस बार फिर बस उसे देखती ही रह गई। क्योंकि अब आरव के चेहरे पर , दोबारा से गुस्सा छलक रहा था । उसे गुस्से में देखकर कायरा की कुछ कहने की हिम्मत ही नहीं हुई , और वह आरव के साथ चलने लगी । जय भी उनके पीछे - पीछे आरव की कार तक आ गया । तीनों कार में बैठे और आरव ने अपनी कार मुंबई की ओर बढ़ा दी । मुंबई आने के बाद , आरव ने अपनी कार अपने ऑफिस की तरफ न लेजाकर , किसी और तरफ मोड़ दी । कायरा ने देखा , तो उसने तुरंत आराव से पूछा ।

कायरा - ये तो ऑफिस का रास्ता नहीं है । हम कहां जा रहे हैं आरव ???

आरव ( सामने की ओर देखते हुए ) - हम राजवीर के घर जा रहे हैं ???

कायरा - कर क्यों ????

आरव - तुम चुप - चाप अपना मुंह बंद करके बैठी रहो कायरा । हम वहां, क्यों और किस लिए जा रहे हैं , ये सब थोड़ी देर में तुम्हें पता चल जाएगा ।

कायरा ने सुना तो चुप हो गई । क्योंकि आरव ने किसी अजनबी के सामने उसे सुना दिया था , जिसका कायरा को बुरा भी लगा । पर उसने आरव के गुस्से को देखकर , अभी शांत रहना ही ठीक समझा .......।

क्रमशः

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