स्वर्ण मुद्रा और बिजनेसमैन - भाग 6 in Hindi Novel Episodes by Shakti Singh Negi books and stories Free | स्वर्ण मुद्रा और बिजनेसमैन - भाग 6

स्वर्ण मुद्रा और बिजनेसमैन - भाग 6

मैं एक बहुत संपन्न व्यक्ति हूं. मैंने एक बड़ा सा द्वीप समुद्र में खरीदा. लेकिन इस द्वीप पर बहुत से खतरनाक जानवर रहते थे. मैंने इसके लिए उपाय निकाला. मैंने अपने देश के सभी आवारा कुत्तों को एक बहुत बड़े एयरोप्लेन में जमा किया और एयरोप्लेन को लेकर अपने पर्सनल द्वीप की तरफ उड़ चला. 


   मेरे पास लगभग 10 करोड़ कुत्ते थे. मैंने अपने बड़े से एरोप्लेन का दरवाजा खोला और एक करोड़ कुत्ते उस भयंकर द्वीप पर उतार दिए. भूखे कुत्ते जंगल में उतर गये. थोड़ी देर में वहां मार - धाड़ की आवाजें आने बैठ गई. कुत्तों और वहां के पहले के जंगली जानवरों में लड़ाई होने बैठ गई. कई जंगली खतरनाक जानवर मारे गये और कुछ कुत्ते भी मारे गये. अब मैं एक - एक करोड करके कुत्तों को जंगल में छोड़ने लगा. लास्ट में एरोप्लेन में मेरे पास एक करोड़ कुत्ते रह गये. उन्हें भी मैंने जंगल में छोड़ दिया. 


   जंगली जानवरों और मेरी कुत्तों में आज आखिरी लड़ाई थी. मैंने काउंट किया तो पाया कि पूरे जंगल के सभी खतरनाक जंगली जानवर खत्म हो गए हैं और मेरे पास भी कुल मिलाकर एक लाख कुत्ते ही शेष बचे हैं. अब 10 करोड़ में से केवल एक लाख कुत्ते बच्चे थे और यह सभी बनकर ताकतवर और तगडे थे. समय बीतने के साथ-साथ कुत्ते बूढ़े होने लगे और उनके बच्चे जवान होने लगे. 


   अब मैने कुछ सुंदर से कुत्ते - कुत्तियों को चुना और उनका ही सु - प्रजनन करवाया. धीरे-धीरे सभी बचे हुए कुत्तों की नस्ल सुधर गई. इस चीज से ही फायदा हुआ कि मेरे पूरे देश से आवारा कुत्ते ही खत्म हो गए. आपकी क्या राय है?








      मैं बहुत अमीर आदमी हूं. मेरे कम से कम 5000 छोटे - बड़े प्रतिष्ठान और कंपनियां हैं. मैंने देखा कि मेरे अधिकतर प्रतिष्ठान घाटे में चल रहे हैं और कुछ फायदे में चल रहे हैं और मेरे पास तरल धन की भी कमी है. इसलिए मैंने 10 सबसे ज्यादा फायदे वाले प्रतिष्ठानों को अपने पास रखा और बाकी सब को औने - पौने दाम पर बेच दिया.


    अब मेरा सर - दर्द भी कम हो गया और मेरा कुल बिजनेस भी बहुत फायदे में आ गया और लगभग 50000 करोड़ का तरल धन भी मेरे हाथ में आ गया. अब मैंने बचे हुए 10 प्रतिष्ठानों के अधिकतर शेयर खरीद लिये. अब मेरे पास अपने 10 प्रतिष्ठानों के लगभग 90% शेयर थे. अब मैंने इन प्रतिष्ठानों का नवीनीकरण व आधुनिकीकरण करवाया और उनमें सभी सुविधाएं प्रदान की. 


   इन 10 प्रतिष्ठानों का बिजनेस बूम करने लग गया. बचे हुए पैसे का मैंने सोने की ईंटें खरीदने में इन्वेस्ट किया. आपकी क्या राय है? क्या बिजनेस में मेरा दिमाग ठीक है?








      बहुत समय पहले की बात है लगभग 26 लाख साल पुरानी बात है. मैं बकुल ग्रह पर रहता था.वहां हम ज्यादा नहीं केवल एक हजार मनुष्य थे. एक बार मेरी वहां के राजा से किसी बात पर तनातनी हो गई. मैं पृथ्वी लोक पर आ गया.


    पृथ्वी लोक पर उस समय सुंदर-सुंदर आदिमानव बसे हुए थे. क्योंकि मैं अमर हूं, इसलिए मैं पृथ्वी लोक पर आकर बस गया. यहां मैंने 20 - 25 सुंदर-सुंदर आदिमानव लड़कियों से शादी कर ली और अपना वंश आगे बढ़ाया. आपकी क्या राय है?








      मैं एक वैज्ञानिक भी हूं और एक योद्धा भी. मैंने एक बार एक पनडुब्बी बनाई और सरकार से लाइसेंस प्राप्त कर लिया. इसके बाद मैं पनडुब्बी में बैठकर समुद्र तल की ओर चल पड़ा. समुद्र तल में मुझे विभिन्न प्रकार के जीव - जंतु दिखाई दिए. उन सबके मैंने वीडियो और फोटो बना ली. 


   अचानक मैं एक हरे-भरे मैदान में पहुंच गया. वहां विभिन्न प्रकार के समुद्री फल - फूल लगे हुए थे. वहां एक बहुत बड़ा सोने का शहर बसा हुआ था. उसमें समुद्री जल परियां रहती थी. जल परियों की रानी ने मेरा स्वागत किया और मुझे कुछ समय अपने साथ रहने के लिए न्यौता दिया. 


   मैं जल परियों के शहर में 2 साल रहा. इसलिए सभी जलपरियां मेरी गर्लफ्रेंड बन गई. मैंने वहां जवानी का खूब आनंद उठाया. आपकी क्या राय है?








      यह सन् 2121 का समय है. इस समय पूरे विश्व की आबादी केवल 25 लाख है. सभी लोग स्वस्थ - सुंदर विकसित हैं. पृथ्वी पर चारों तरफ हरियाली छाई हुई है. लेकिन इस सब के पीछे किसी की बहुत मेहनत है.  


   2050 तक विश्व की आबादी 15 अरब हो चुकी थी. चारों तरफ प्रदूषण था. नदियां अशुद्ध और प्रदूषित हो चुकी थी. तभी मैं मंगल ग्रह से पृथ्वी लोक पर आया और मैंने पृथ्वी के वायुमंडल में ऐसी दवाई छिड़की जिससे मनुष्यों के नए बच्चे होना बंद हो गये. इसके बाद मैं मंगल ग्रह वापिस चला गया. 


   50 साल बाद जब 2121 में मैं वापस आया तो सारी पृथ्वी पर जनसंख्या बहुत कम हो चुकी थी और सारी पृथ्वी हरियाली से ढक गई थी. प्रदूषण नाम मात्र का रह गया था. अब मैंने अपनी दवाई का एंटीडोट छिडका. जिससे फिर इंसानों के बच्चे शुरू होने बैठ गये. आज 2121 में इंसानों की आबादी केवल 25 लाख तक ही पहुंच चुकी है और सारी पृथ्वी प्रदूषण मुक्त हरी - भरी हो चुकी है. 


   आपकी क्या राय है? क्या मैंने सही किया?

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Shakti Singh Negi

Shakti Singh Negi Matrubharti Verified 2 months ago