Unfortunate Love - 34 in Hindi Love Stories by Veena books and stories PDF | अनफॉरट्यूनेटली इन लव - (कैंसल दी ब्रेक अप ?_३) 34

अनफॉरट्यूनेटली इन लव - (कैंसल दी ब्रेक अप ?_३) 34

" क्या मज़ाक है ? मैने कब कहा की हम शादी करेंगे ?" हान शंग्यान ।

दादाजी का गुस्सा सातवें आसमान पर था। " क्या मतलब तुम्हारा की शादी नही करुंगा? किसी की लड़की के साथ इतने दिनो से घूम रहे हो और तुम्हे अपनी जिम्मेदारी भी नही उठानी? आखिर किस तरह के मर्द हो तुम ?"

" आप कभी नही समझते और आपको समझा के मतलब नहीं हैं।" वो खाना आधा छोड़ वहा से अपने कमरे की तरफ जाने लगा।

" खाना आधा छोड़ कहा जा रहे हो ?" दादाजी ने फिर से पूछा।

" मेरी मीटिंग है और आपकी बाते सुन मेरा पेट भर गया।" गन ने उल्टा जवाब दे वहा से चले जाना सही समझा।

" तुम वापस आओ यहां...." दादाजी खड़े होने गए तभी नियान ने उन्हे रोका।

" दादाजी। दादाजी। उसे जाने दीजिए। उसे जरूरी काम होगा।" नियम अपनी जगह से उठ दादाजी के पास वाली कुर्सी पर बैठ गई। " चलिए हम दोनो साथ में लंच पूरा करते है।"

अचानक से दादाजी की आवाज के बीच नियान की बाते सुन हान शंग्यान तीसरी मंजिल पर अपने कमरे में ना जाकर पहली मंजिल पर ही रुक गया।

दादाजी फिर अपनी जगह बैठ गए। " मुझे माफ कर दो नियान मेरे नाकारा पोते की वजह से तुम्हारा जन्मदिन भी खराब हो गया। पता नही उसे अपनी जिम्मेदारियां क्यो नही उठानी ? इतना अच्छा अपने परिवार का बैठा बिठाया कारोबार है, लेकिन इन्हे तो कंप्यूटर में खेल खेलने है सिर्फ।"

" दादाजी आप ऐसा क्यों सोचते है, उसके बारे में? आपको पता है, वो हमारे देश के लिए कितना जरूरी काम कर रहा है।" नियान ने कहा।

" हा हा। देश के लिए। वू बई भी ऐसी ही बाते करता है। जब उसे शंग्यान को समझाने कहता हु।" दादाजी ने निराशा भरी आवाज में कहा। नियान की बाते सुन एक पल उन्हे लगा, की ये लड़की उनके पोते के रूप पर इस तरह मर मिटी है के उसे अपने भविष्य की भी परवाह नही है।

" नही दादाजी। आपका पोता नई पीढ़ी के लिए एक आइडल है। उन कुछ खास लोगो में से एक जिन्होंने नए युग की नीव रखी। कंप्यूटर गेमिंग कई सालों से बड़े बड़े देशों में औलंपिक की तरह खेला जाता है। हमारे देश में आपका पोता इस खेल को ले कर आया है। आपको पता है, जब मैंने नेट पर उसकी रिटायरमेंट वाली स्पीच सुनी मुझे रोना आ गया। उसके फैन्स आज भी उसकी एक झलक के लिए तड़पते है। और" नियान बस बोलती ही जा रही थी।

" एक मिनिट। रिटायरमेंट से तुम्हारा मतलब क्या है ? वो तो अभी भी खेल रहा है।" दादाजी ने उसे बीच में रोकते हुए कहा।

" नही। फिलहाल वो हमारी नई पीढ़ी को तैयार कर रहा है। उसने इतनी कम उम्र में खुद का क्लब तैयार किया। जो देश विदेश में मशहूर हैं। आप उसकी स्पीच सुनना चाहेंगे। मुझे मुंह जबानी याद है।" नियान ने कहा।

" हा । जरूर।" दादाजी।

नियान अपनी जगह से उठी और दादाजी के सामने खड़ी हो गई। " मैं हान शंग्यान। जिसे आप गन के नाम से जानते हैं। आज आपके सामने अपने कुछ शब्द रखने जा रहा हूं। आज का ये दिन देखने के लिए हम रोए है, तड़पे है। लेकिन वो आसूं, वो तड़प आज इस ट्रॉफी के रूप में, मेरे सरहाको पर। लेकिन आज मेरी उसी मेहनत को देख मैने एक निर्णय लिया है। मैं यही से टीम सोलो और गेमिंग से अपने आप को अलग करता हु। शुक्रिया।"
जैसे ही नियान ने शुक्रिया कहा, दादाजी ने अपने आसूं पोछ तालिया बजाई।

" सोचिए क्या गुजरी होगी उस पर जब एशियन चैंपियन बनते ही उसने खेल छोड़ दिए। आज वो जो भी कर रहा है, उस से कल जापान का नाम पूरी दुनिया में घूमेगा।"

" सही बिल्कुल सही। मुझे तुम्हारे उस खेल के बारे में ज्यादा पता नही है। लेकिन मैं वादा करता हु नियान मैं उसे रोकूंगा नही।" दादाजी की बात सुनने के बाद दोनो ने साथ में खाना पूरा किया।

इस पूरे सीन को कोई पहली मंजिल से देख रहा था। उसे यकीन नही हो रहा था, क्या सच में कोई ऐसी लड़की है। जो उसे समझ पाती हैं। जिसके सामने उसे किसी भी दिखावे की जरूरत नही है। जो बिन बोले भी उसकी बाते समझ लेगी। जो उसके काम को समझेगी। उसके परिवार को समझाएगी।

दादाजी दोपहर की नींद पूरी करने अपने कमरे में चले गए। तभी गन को दादाजी के कमरे से घंटी की आवाज आई। वो तीसरी मंजिल से दौड़ता हुआ नीचे आया। तभी दादाजी के कमरे के बाहर उसे नियान मिली।

" दादाजी। कहा है वो ?" गन की आंखे बेसब्री से अपने दादाजी को ढूंढ़ रही थी।

" वो सो रहे हैं। वो बिलकुल ठीक है।" नियान ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा।

" उन्होंने घंटी बजाई थी।" गन ने पूछा।

" वो मुझे दिखा रहे थे उनके पोते का सेफ्टी सिस्टम।" नियान । " वो बिलकुल ठीक है। फिक्र मत करो।"

" ठीक है। क्यों ना हम टेरेस पर गार्डन में बैठ बाते करे।" गन ने कहा।

" जरूर।" नियान।

" तुम ऊपर जाओ मैं आता हूं।" गन।

नियान टेरेस पर जाकर बैठी। गन ने गार्डन में भी ऑफिस खोल रखा था। आधी जगह में एक छोटा सा जकूजी पूल था। दूसरी तरफ हरी घास और कुछ पेड़। आधी टेरेस शेड से कवर की गई थी। जहा एक बिस्तर सजाया हुवा रखा गया था। और एक कोने में गन ने एक डेस्क, लैपटॉप, एक कपबोर्ड जिसमें कुछ फाइल काफी अच्छे से अरेंज कर के रखी हुई थी। नियान ने हर कोने को अच्छे से निहारा। तभी गन ने उसके सामने कटे हुए आम से भरी एक प्लेट रखी।

" आम तो खाती हो ना ?" उसने पूछा।

" हा कोई परेशानी नहीं है।" नियान ने तुरंत एक पीस उठाया।

गन उसके सामने बैठा। " पूरा नाम हान शंग्यान। उपनाम गन। टीम सोलो। एशियन चैंपियन एण्ड बेस्ट अटैकर इन वर्ल्ड टील टुडे। फाउंडर ऑफ गेमिंग क्लब K & K। इसके अलावा मेरे बारे में क्या जानती हो ?" उसने नियान की आखों में देखते हुए पूछा।

" गूगल पर तुम्हारी इतनी जानकारी ही अवेलेबल है।" नियान ने अपनी नजरे झुकाते हुए कहा।

" मैं पाच साल का था, जब मेरी मां मुझे छोड़ कर चली गई। ६ साल की उम्र से मैं अपनी सौतेली मां के साथ रहा हु। सात साल का था, जब मेरे पिता ने मुझे अकेला छोड़ा। उसके बाद से हमारे परिवार में सिर्फ तीन लोग हैं। मैं, दादाजी और मेरी सौतेली मां।" नियान एक टक उसे सुन रही थी। " वैसे मेरा रहना काफी सादा है। पर मुझे खाने में बैगन बिल्कुल पसंद नहीं है। काफी कम दोस्त है। पर जितने भी है, मेरी जान जैसे है। काफी कम बोलता हूं, अपनी बाते दोहराने की मुझे आदत नही है। लोग मुझे गुस्सेवाला कहते है। मेरे क्लब में सब मुझे बॉस बुलाते हैं, जो की मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है। मुझे घूमना अच्छा नहीं लगता। पर मेरा काम ही देश विदेश घुमाने वाला है। समझी।" गन ने नियान को देखते हुए पूछा।

नियान से सिर्फ हां में गर्दन हिलाई। वो खुशी के मारे सब भूल चुकी थी। गन के बारे में इतनी सारी बाते पता होने वाली वो पहली इंसान जो थी। इन सब बातो के जरिए उसे ऐसा लग रहा था, मानो जैसे गन कह रहा हो। " वेलकम टू माय वर्ल्ड नियान।"

" मुझे लगता हैं, तुम समझी नहीं।" गन ने अपनी जेब से कैंडी निकाली और खाई।

" क्या मैने कुछ गलत कहा ? क्या तुम्हे मुझे डाटने का दिल कर रहा है ?" नियान ने पूछा।

" ऐसा क्यों ?" गन के सवाल पर उसने बस गन के हाथो में पकड़े कागज को दिखाया। " नही नही। ऐसी कोई बात नही है। चलो मै अपने आप को एक बार और समझा देता हु।" गन नियान के पास टेबल पर झुका, " मेरे साथ रहना कभी आसान नहीं था, ना ही होगा। क्या मेरे बारे में ये सब जानने के बाद भी, तुम मेरे साथ रहना पसंद करोगी ? मैं हमे एक और मौका देना चाहता हु ? क्या तुम्हे अभी भी मेरे साथ ब्रेक अप करना है ?"



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