Unfortunate Love - 38 in Hindi Love Stories by Veena books and stories PDF | अनफॉरट्यूनेटली इन लव - ( सानया_२ )38

अनफॉरट्यूनेटली इन लव - ( सानया_२ )38

जूलिया जबरदस्ती हान शंग्यान के कमरे में आई। उसका गुस्सा अब सातवे आसमान पर चढ़ रहा था। लेकिन क्योंकि उसके सामने एक लड़की थी उसने अपने आप पर काबू पाया।

" तुम यहां क्या कर रही हो जूलिया ? वह भी इस वक्त ऐसे कपड़ों में ? यहां से चली जाओ अभी।" उसने चिल्लाते हुए कहा।

" मै तुम्हें यहां कुछ खास तरह की मछलियां दिखाने आई हूं।" जूलिया ने हान शंग्यान के वर्किंग टेबल के सामने खड़े होते हुए कहा। जीस पर अभी भी नियान का वीडियो कॉल चल रहा था। लेकिन क्योंकि गन दरवाजा खोलने गया था, उसने उस कॉल को म्यूट कर दिया था। बदौलत नियान अब उन दोनों को देख सकती थी लेकिन कुछ सुन नहीं पा रही थी। पता नहीं अच्छी बात थी या बुरी।

" मैंने कहा ना निकलो यहां से।" हान शंग्यान ने जूलिया का हाथ पकड़ते हुए कहा। अपने बॉयफ्रेंड को किसी और लड़की का हाथ पकड़ते हुए देख ही नियान की धड़कनें बढ़ गई। भले ही उसने हाथ उसकी आधी बाजू से क्यों ना पकड़ा हो।

" सोच लो अगर मुझे अभी यहां से निकाल दिया तो शायद तुम अपने दोस्त का चैंपियन लीग का सपना तोड़ दोगे।" जूलिया ने सामने वाले सोफे पर बैठते हुए कहा।

" मतलब क्या है तुम्हारा ?" हान शंग्यान समझ गया था कि वह मैक्स के बारे में बात कर रही है।

" तुम अभी भी वैसे ही हो शंग्यान। उसने तुम्हारे ऊपर सोलों को चुना। लेकिन मुझे पता है, तुम उसकी मदद करने से कभी पीछे नहीं हटोगे।" जूलियाने एक आकर्षक अंदाज से उसे देखा। मैक्स का नाम सुनकर वह एक पल के लिए भूल गया कि उसकी गर्लफ्रेंड का वीडियो कॉल अभी भी शुरू था। नियान ने उसे कॉल किया। लेकिन उसने कट कर दिया। अब नियान के पास चुपचाप सब देखने के अलावा और कोई अभिप्राय नहीं था।

" अगर तुम चाहो तो मैं अपनी मेन स्टोरी में मैक्स को कवर करके उसके पॉइंट्स बढ़ा सकती हूं। वरना सोलो ने तो तैयारियां कर रखी है उसे रिप्लेस करने की।" जुलिया ने कहा।

" तो तुम चाहती हो मैं मैक्स के पॉइंट्स डोमिनेट करूं ताकि वह आगे बढ़े। क्या इससे बाकी प्लेयर्स को नुकसान नहीं होगा ? तुम चाहती हो मैं खुद अपनी टीम से गद्दारी करूं। तुम खुद एक पत्रकार हो। तुम्हें शर्म नहीं आती इस तरह से लोगों के दिमाग के साथ खेलते हुए।" यह हान शंग्यान के सहन करने की आखिरी सीमा थी। उसने ना कुछ देखा ना कुछ समझा जूलिया को सोफे के चद्दर में लपेटा और कमरे के बाहर फेंक दिया।

नियान ने हाथ वाले पार्ट के बाद ही वीडियो बंद कर दिया था। जैसे ही शंग्यान में उसे कॉल किया। वो रोने लगी। " कौन थी वह ? इस वक्त तुम्हारे कमरे में क्या कर रही थी?"

" अरे वह कोई पागल थी। उसकी बातों पर ध्यान मत दो।" उसने नियान को समझाने की कोशिश की।

" कैसे ध्यान ना दू ? तुम वहां हो। मुझसे इतनी दूर। मुझे सुरक्षित महसूस नहीं होता।" नियान ने कहा।

" मुझे कुछ वक्त दो। मैं तुम्हें वापस कॉल करता हूं।" इतना कह उसने नियान का फोन रख दिया। और अपनी टीम के खास सदस्यों को फोन किया।

" तुम्हें क्या लगता है उन्होंने हमें क्यों बुलाया होगा ?" ९६ ने डेमो की तरफ देखते हुए कहा।

" क्या वह इस वक्त भी हमें ट्रेनिंग करवाएंगे।" डेमो ने ग्रंट से पूछा।

" बॉस भी ना। हमें भाभी को साथ लेकर आना चाहिए था इससे कम से कम वह हमारा पीछा तो छोड़ते।" ग्रंट ने बेशर्म की तरह कमेंट किया।

" लेकिन तुम्हें क्या लगता है ? भाभी क्यों नहीं आई होंगी ?" ९६ ने अपनी शंका जाहिर की।

" यकीनन उनका वह वक्त चल रहा होगा जब वह दोनों साथ नहीं रह सकते। इसीलिए और क्या वजह होगी।" ग्रंट ने कहा और ९६ने उसकी हां में हां मिलाई। डेमो को उनकी बातें समझ नहीं आई और उसने ध्यान देना जरूरी नहीं समझा क्योंकि वह लोग बॉस के कमरे‌के दरवाजे के सामने खड़े थे और सामने कोई लड़की चद्दर में लपेटी हुई थी।

" हाय मेरा नाम ग्रंट है। आप वही है ना जो बॉस की फोटो खींच रही थी। यहां इस हालत में ? इसीलिए ना हम उनसे थोड़ी दूरी बनाए रखते हैं।" ग्रंट के कमेंट पर बाकी दोनों ने हा मिलाई।

" सुनो पहले मुझे यहां से खोलो।" जूलिया ने लड़कों से कहा।

" माफ कर दीजिए लेकिन पहले हम हमारे बॉस से मिलेंगे।" डेमो ने दरवाजे की घंटी बजाई।

जैसे ही हान शंग्यान ने दरवाजा खोला। उन्हें अंदर आने का इशारा किया।

" बॉस बाहर वह औरत??" ९६ ने गन से बात करने की कोशिश की।

" उसे जाने दो यहां बैठो। " गन उर्फ हान शंग्यान ने उन्हें सोफे पर बैठने का इशारा किया। " ग्रंट। तुम्हारे बहुत सारे रिलेशन थे ना। क्या अभी भी तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है ?"

पहले तो ग्रंट डर गया। " नहीं बॉस। जब से आपने कहा है कि हमें पब्लिक के सामने अपने किसी रिलेशन को नहीं लाना मैंने सब छोड़ दिया।" डेमो-९६ दोनों जानते थे कि यह सबसे बड़ा झूठ है।

" लेकिन तुम्हें अनुभव है ना। मुझे बताओ किसी लड़की को सुरक्षित कैसे महसूस करवाया जाए ?" गन ने आखिरकार उन्हें यहां बुलाने का मकसद जाहिर किया।

ग्रंट तुरंत सोफे पर से उठ कर अपने बॉस के पास बैठ गया। " तो आपको रिलेशनशिप के लिए सलाह चाहिए।" उसने गन के कंधे पर हाथ रखा। " मैं बता दूं आपको बॉस। आपने बिल्कुल सही इंसान चुना है। यहां मुझे ही सबसे ज्यादा अनुभव है। उन्हें मतलब लड़कियों को सुरक्षित महसूस करवाने के लिए, हर वक्त अपने साथ रखना पड़ता है। उन्हें बताइए कि वह खास है। अपने संबंध को धीरे-धीरे आगे की तरफ बढ़ाइए। मतलब जैसे कि शुरुआत में हम हाथ पकड़ते हैं।" उसने गन का हाथ पकड़ा। " इसके 6 महीने बाद भी आप सिर्फ हाथ पकड़कर नहीं रह सकते ना। आपको उस हाथ को अपनी तरफ खींचना भी होगा।" ग्रंट का मकसद समझ हान शंग्यान ने उसे बीच में रोक दिया।

" ठीक है। चलो मुझे मदद करो।‌‌ आज मंगलवार है कल की टिकट बुक करो यहां आने की।" हान शंग्यान में कहा।

" भाभी यहां आ रही है बॉस ? " डेमो ने खुश होते हुए पूछा।

" हां। ऐसा ही कुछ।" उसने अपनी जेब से अपना फोन निकाला और नियान का नंबर लगाया।

" हेलो।" नियान ने पहली घंटी में ही फोन उठाया।

" अपना आइडेंटिटी नंबर मुझे मैसेज करो।" उसने हुक्म दिया।

" हां । अभी करती हूं।" नियान ने उससे ज्यादा सवाल जवाब करना जरूरी नहीं समझा।


कुछ ही समय बाद नियान के मोबाइल पर फ्लाइट टिकट नंबर के मैसेजेस आए थे। उसने मैसेज पढ़ कर तुरंत हान शंग्यान को कॉल किया। उसका भी फोन 1 घंटी में उठाया गया। " यह क्या है ? "

" कल सुबह की फ्लाइट पकड़ो 2 घंटों में मेरे पास।" गन ने रिप्लाई दिया।

" अब जब तुमने टिकट्स बुक कर दिए हैं। तो मैं मना नहीं करूंगी । लेकिन मेरी रहने का ?" नियान ने हिचकीचाते हुए पूछा।

" फिक्र मत करो मैं अभी एक कमरा एडवांस में बुक कर देता हूं। अब आराम करो । कल मिलेंगे।" हान शंग्यान ने फोन रखते हुए कहा।

हान शंग्यान ने अपना ध्यान डेमो कि तरफ किया। " एक कमरा। ऑनलाइन बुक करो।"

" जी बॉस।" डेमो ने काम शुरू किया।

" बॉस। आपका इतना बड़ा कमरा है। खामखा, दूसरा क्यों बुक करना ? फिजूल खर्ची।" ग्रंट के इस कॉमेंट पे गन ने उसे गुस्से से देखा। " सॉरी बॉस।"

आखीरकार काफी मुश्किल के बाद आज का दिन खत्म हुवा।

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Ratna Pandey

Ratna Pandey Matrubharti Verified 6 months ago