Nafrat se bandha hua pyaar - 14 in Hindi Love Stories by Poonam Sharma books and stories PDF | नफरत से बंधा हुआ प्यार? - 14

नफरत से बंधा हुआ प्यार? - 14

"क्या कहा कहां गई थी तुम!" अभय ने पूछा।

देव ने देखा आज अभय की आवाज में गुस्सा था, और उसकी आवाज़ तेज़ भी थी। वोह गुस्से से गरज रहा था। आज तक उसने अभय को शांत ही देखा था लेकिन आज अपने स्वभाव के विपरीत ही दिख रहा था वो। देव बस अभी ही आया था लाइब्रेरी में अभय के किसी पेपर पर सिग्नेचर लेने जब उसने देखा की अभय और अनिका बात कर रहे है, नही नही बात तो सिर्फ अनिका कर रही थी अभय तो गरज रहा था। अनिका ने अभय को बता दिया था की वोह क्या करना चाहती है।

"तुम कैसे खुद साइट पर अपनी कजन से मिलने जा सकती हो? अभय ने पूछा।

"क्या तुम थोड़ा शांत रहोगे? मुझे पता था देव भी तो होगा वहां जब में सबिता से मिलने जाऊंगी।

देव ने देखा की अभय और भी कुछ कहना चाहता है लेकिन उसने अपने गुस्से हो जब्त कर लिया जब उसने देखा की उसकी पत्नी के चेहरे पर इस बात को जानने में कितनी उत्सुकता है।

"मैने तुम्हे पहले ही कहा था की मुझे वोह लैटर्स चाहिए। मुझे पता है नीलांबरी ने वोह संभाल कर ही रखे होंगे। सबिता ने मुझे प्रोमिस किया है की वोह मेरी मदद करेगी।"

"तो ठीक है फिर उससे कहो की वोह खुद ढूंढे और ला कर तुम्हे देे दे।"

"वोह पढ़ नही सकती। इसलिए देव उसकी मदद करेगा ढूंढने में और मैं नीलांबरी को बिज़ी रखूंगी।"

"ये बहुत खतरनाक लग रहा है।"

"ऐसा नहीं है। लेकिन अगर तुम्हे इतनी चिंता हो रही है, तो चलो हमारे साथ और हम दोनो मिलकर नीलांबरी को बिज़ी रखेंगे। सबिता और देव लैटर्स ढूंढेंगे।"

"तुम्हारी आंटी तुमसे बात क्यों करेगी?" अभय ने पूछा।
"तुमने उनके अधिकार को चुनौती दी थी पिछली बार जब देखा था, तो वो तुम्हारा खुले दिल से हाथ फैलाए स्वागत क्यों करेंगी।"

"ओह! वोह जरूर करेंगी," अनिका ने आत्मविश्वास से कहा। "वो इसलिए करेंगी क्योंकि मैं विजय सिंघम के पोते या पोती को जन्म देने वाली हूं।"

अभय ने अनिका की बात सुन कर अपनी भौंहे सिकोड़ ली उलझन में। देव भी कन्फ्यूजन में था की अनिका की उन लैटर्स से क्या प्रूव करना चाहती है। पर अगर एक छोटी सी कोशिश से अतीत के बारे में एक छोटा सा भी सुराग मिल जाए, तो वो पूरी साथ देगा अनिका के प्लान में।

"तुम क्या साबित करना चाहती हो, अनिका? अभय ने पूछा।

अनिका ने गहरी सास भरी और कहा, "जैसा की तुम जानते हो, मुझे अंदर से ऐसा महसूस हो रहा है की जरूर नीलांबरी किसी तरीके से शामिल हैं जो भी हमारे पेरेंट्स के साथ हुआ था उसमे। में बस अपने संदेह को साबित करने के लिया पहले यह प्रूव करना चाहती हूं की वोह तुम्हारे पिता से प्यार करती थी।"

"अगर वो करती भी थी। तो भी उससे क्या साबित होगा?" अबकी बार देव ने सामने आकर पूछा।

"उससे यह साबित होगा की वोह यूहीं जिस इंसान से प्यार करती है उसके भाई से शादी करने के लिए हां नही कहेगी।"

"अनिका," अभय ने कोमल स्वर में कहा, "मैने तुम्हे पहले भी बताया है। यहां जो लोग बड़े होते हैं वोह अपने पारिवारिक सम्मान को अपने प्यार से ज्यादा महत्व देते हैं। अगर वो मेरे चाचा अजय सिंघम से प्यार नही भी करती, तो भी वोह शादी के लिए मना नहीं करती सिर्फ अपनी फैमिली का मान रखने के लिए।"

अनिका ने अपना सिर हिला दिया। "मुझे पता है अपने आप को बहलाने के लिए ये बहाना आसान है, लेकिन नीलांबरी प्रजापति एक मतलबी औरत है।"

"हो सकता है हो," अभय ने आगे कहा। "पर जब बात शादी की आती है, यहां लोग हमेशा इस आधार पर निर्णय लेते हैं की उनके लोगों और राज्य के लिए क्या अच्छा है। जब समय आएगा तो देखना तुम्हारी कजन भी यही निर्णय लेगी।"

देव ने अभय की आखरी बात सुन कर अपनी भौंहे सिकोड़ ली। "तुम्हारे कहने का क्या मतलब है?"

अभय ने उसकी तरफ देखा। "जाहिर है, रेवंथ सेनानी और सबिता प्रजापति के बीच गठबंधन का प्रस्ताव रखने के लिए बातचीत चल रही है।"

देव एकदम शांत पड़ गया, वोह अपने भाई की कही हुई बात समझने की कोशिश कर रहा था। वोह जनता था की अभय कोई भी बात बिना प्रूफ के नही कहेगा। सबिता प्रजापति......शादी कर रही है।

"मुझे उम्मीद है की तुम्हारे पास डॉक्यूमेंट्स की दूसरी कॉपीज भी होंगी।" देव ने अभय की आवाज़ सुनी।

देव की आंखे लाल हो चुकी थी। उसकी आंखों में धुंध छाने लगी थी। अपने आप को नॉर्मल करने की कोशिश करते हुए उसने अपने हाथ की तरफ देखा। उसकी मुट्ठी कसी हुई थी और उसमे पकड़ा डॉक्यूमेंट्स, जो वोह अभय से साइन कराने लाया था, पूरा खराब हो चुका था। उसने एक गहरी सांस ली और सोफे से उठ खड़ा हुआ।
"हां। मेरे पास और भी कॉपीज हैं। मैं किसी के हाथ तुम्हे भिजवा दूंगा।"

अभय और अनिका उसे अजीब नज़रों से देख रहे थे।

"एक्सक्यूज़ मी," देव ने कहा और तुरंत लाइब्रेरी से बाहर चला गया।
देव को समझ नही आ रहा था की उसका दिल इतनी तेज़ी से क्यों धड़क रहा है। ऐसा क्या उसे महसूस हो रहा था? यह एक अजीब सा एहसास था। उसे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे किसी ने ज़ोर से उसके पेट पर लात मारी है और वोह अब सांस नही ले पा रहा। क्या वोह.... दुखी हो रहा था? शायद हां। पर उसे पता करना ही है की ऐसा अजीब सा उसे क्यों महसूस हो रहा था। वोह इतना दुखी इसलिए हो रहा था क्योंकि....वोह नही चाहता था की उसके दो सबसे बड़े दुश्मन एक हो जाएं और बाद में मिल कर सिंघम्स के लिए कोई मुसीबत खड़ी करे। हां, यही वजह होगी। इसके अलावा और कुछ नही होगा।















________________________________
(भाग कैसा लगा कॉमेंट जरूर करके बताएं)











Rate & Review

Nikita Patel

Nikita Patel 1 month ago

Usha Patel

Usha Patel 3 months ago

Monika

Monika 6 months ago

Hello mam, Would you like to write long content novel and earn with them..then please reply on ReenaDas209@gmail.com