Dogi ka Prem - 4 in Hindi Animals by कैप्टन धरणीधर books and stories PDF | डोगी का प्रेम - 4 - श्वानों के संकेत क्या बताते हैं ?

डोगी का प्रेम - 4 - श्वानों के संकेत क्या बताते हैं ?

जो भी श्वानों से प्रेम करते हैं वे उन्हें पालते हैं उनके साथ बहुत सा समय बिताते हैं । कई बार वे भी नहीं समझ पाते उनका श्वान क्या उनको अपना मालिक मानने लगा है ।
चलिए आज हम चर्चा करते हैं श्वान की हरकतों से हम कैसे समझे कि वह अब आपको मालिक मानने लगा है । दरअसल यह शब्द कुछ ठीक नही लग रहा मालिक ..कहें या अतिप्रिय व्यक्ति .. खैर जो भी शब्द अच्छा लगे हम उपयोग कर सकते हैं ।
01 जब श्वान आपके आदेश मानने लगे (डर से नही स्वेच्छा से)
02 आपके साथ रहने के लिए मचलने लगे आपके बाहर जाने पर आपकी राह देखने लगे, जिस ओर गये हैं उस ओर निहारने लगे ।
03 घर में अन्य परिजनों के होते हुए भी हरदम आप पर उसकी नजर बनी रहे
जब बाथरूम में आप जाये तो वह बाहर बैठकर इंतजार करे । हरदम घर में आपके पीछे पीछे ही घूमे जबकि उसकी देखभाल घर के अन्य सदस्य भी करते हो ।
यह सब श्वान तब करता है जब वह आपसे अत्यंत प्रेम करने लगे बल्कि वह खुद से भी अधिक आपको चाहने लगे ।
श्वान के प्यार को ऐसे भी समझ सकते हैं जब आप बैठे हो आपके पांव चाटने लगे जब आप सो रहे हो आपके पांवों पर अपने पांव या ठुड्डी को रखकर खुद भी सो जाये या पांवो पर मक्खी न बैठने दे । या सुरक्षा की पोजीशन में बैठ जाये । कभी कभी आपसे बच्चों की तरह जिद्द भी करने लगे और अधिकार भी जताये। आप किसी अन्य श्वान का लाड कर रहे हो तो खुद बीच मे आ जाये आपकी गोद में बैठ जाये ।
कभी आप अपने श्वान से कुछ दिन के बाद मिले तो वह अपने मुख से आपके हाथो को बार बार चाटने लगे अपने मुख में हाथों को लेवे हल्का हल्का दांतों से दबाये और जोर जोर से श्वास लेवे । वह जब तक खुद थक नही जाये तब तक आपका लाड करता रहे, ऐसे में कभी कभी उसका दांत भी लग जाता है । उस समय अपने श्वान को अपने हाथ से सहला कर उसके हृदय पर थपकी देकर शान्त्त्वना देवें और रूकने का भी संकेत करे और अपने मुख से रूकने के लिए भी कहते रहे । ऐसा कह सकते हैं - बस..बस हो गया.. हो गया ।
हालाकि इस तरह का व्यवहार श्वान जिनको जानते है उनके साथ भी करते हैं तब वे सिर्फ अपनी खुशी जताते हैं कि आप आये है मैं आपको पहचान गया हूँ ।
जब हम श्वान को कुछ करने को कहते हैं वह कानों को खड़े करके सुनेगा यदि समझ गया है तो अपनी पूंछ जल्दी जल्दी घूमायेगा यदि नहीं समझा है तो अपनी पूंछ दायें बायें धीरे धीरे करेगा ।
यदि श्वान हमें कही चलने को कह रहा है तो बार बार अपना पंजा मारेगा अपने दांतो से हमारे कपड़ों को खींचेगा ।
श्वान निर्भीक कब हो जाते हैं ? जब अपने मालिक के पास में होते हैं ।
अपने मालिक के पास में श्वान निश्चिन्त होकर सोते हैं श्वानों के सोने की स्टाइल अलग अलग हो सकती है ।
एक बात ओर है श्वान घर में उस स्थान को ज्यादा लायक करते हैं जब हम उन्हें पहली बार लाकर उनको जहां पर रखते हैं जिस कमरे में या स्थान पर उनका बचपन बीता होता है ।

क्रमश--



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