Hame tumse pyar hai - 15 in Hindi Love Stories by Harshali books and stories PDF | हमे तुमसे प्यार है - 15 - बढ़ती नजदीकिया

हमे तुमसे प्यार है - 15 - बढ़ती नजदीकिया





कुछ देर बाद अनय के विला मैं –
अनय कार्तिक और अनुश्री बेडरूम में बैठ कर बाते कर रहे थे।

तो तू रेवा को अपने साथ जयपुर लेकर जाने वाला है ?,
🙄 कार्तिक ने पूछा।

हां मेरे पास कोई और ऑप्शन नहीं है🙁 अब उसे पता चल गया है रेवा के बारे मैं !! कुछ दिन और मैं यहां रुका ना तो वो रेवा के लिए ठीक नही होगा ... में जानता हूं उसे बहुत खतरनाक आदमी है वो । पहले ही उसने रेवा पर हमला किया । अब में रेवा को किसी भी मुसीबत में नही डालना चाहता , जयपुर मैं वो सेफ रहेगी !

अनय की इस बात पर अनुश्री ने कहा ," तुम जिसे बचाने के लिए ये सब कर रहे हो ना कभी सोचा है जब उसे तुम्हारे पास्ट के बारे मैं पता चलेगा तो कितनी नफरत करेगी तुमसे !

पता है लेकिन इस वक्त उसका सेफ होना ज्यादा जरूरी है।वो मेरे साथ सेफ फील करती है यार , वो बहुत विश्वास करती है मुझ पर में उसका विश्वास तोड़ना नही चाहता। अनय ने कहा।

ओके ठीक है जा तू जयपुर यहां की टेंशन मत ले यहां हम सब संभाल लेंगे ! कार्तिक और अनुश्री ने अनय को टाइड हग करते हुए कहा।

अनय – ओके! अब दोनो जाओ कंपनी संभालो । जरूरत पड़े तो मुझे कॉल करना मैं और रेवा आज शाम ही निकल रहे है।

कुछ देर बाद अनय रेवा के रूम मैं गया उसने देखा की रेवा अपना सिर खिड़की को टीका कर बाहर देखे जा रही थी और इस सबके बीच उसके ओंठो पर एक स्माइल दी ।
रेवा अनय के साथ बिताए हुए हर एक लम्हे को याद कर रही थी और मुस्कुराए जा रही थी।

अनय को रेवा के चेहरे पर की स्माइल देखकर बहुत सुकून मिल रहा था। उसने रेवा के करीब जाते हुए कहा – बैग पैक कर लो हम आज शाम मेरे घर जा रहे है !
जैसे ही रेवा ने अनय की ये बात सुनी वो खुशी से उछल पड़ी ।

क्या ! सच मैं हम जा रहे है ? रेवा ने पूछा।

हां सच मैं जा रहे है बैग पैक कर लो शाम को हम निकल रहे है ! अनय ने रेवा का चेहरा अपने हाथो मैं लेते हुए कहा।

रेवा सवाल भरी निगाहों से अनय को देखे जा रही थी । रेवा के एक्सप्रेशंस को देखकर अनय झट से रेवा से दूर हुआ और कहा– में ...में आता हूं तुम तैयार हो जाना ! इतना बोलकर अनय रेवा के रूम से चला गया।

रेवा ने अपने गालों को छुआ और मन ही मन मुस्कुराने लगी। अनय अपने रूम मैं जाकर बेड पर लेट गया और अपनी आंखे बंद करके सोने की कोशिश करने लगा।
जैसे ही उसने अपनी आंखे बंद की उसके आंखो के सामने रेवा का चेहरा आ गया और उसके ओंठो पर एक स्माइल आ गई। धीरे धीरे अनय का दिल रेवा की ओर बढ़ने लगा था ।

कुछ देर बाद –
रेवा अपने रूम मैं आइने मैं देखकर अपने बाल बांध रही थी। और अनय दरवाजे पर खड़े रहकर एक टक रेवा को निहारे जा रहा था। इस सबसे अनजान रेवा खुद के बाल बनाने मैं बिजी थी।

रेवा बार बार बाल बांधती और बार बार उन्हे फिर से खुला छोड़ देती।
अरे यार ! क्या प्रोब्लम है इनकी 🤯! हर बार का है ये जब बाहर जाना होता है ना तब हमेशा ऐसा ही होता है मेरे साथ 😖! रेवा ने इरिटेड होते हुए खुद से ही कहा।

अनय रेवा की ये सारी हरकते देखकर स्माइल कर रहा था😁 जब रेवा की नजर अनय पर पड़ी तो वो बस अनय को देखती ही रहे गई । रेवा ने अनय को पहली बार मुस्कुराते हुए देखा था। मुस्कुराते हुए अनय बिल्कुल किसी राजकुमार की तरह दिख रहा था।

रेवा ने शॉक होते हुए पूछा – तो आप स्माइल भी करते है !! 🤔

रेवा का ये सवाल सुनकर अनय रेवा के पास जाने लगा । जैसे जैसे अनय एक एक कदम आगे बढ़ता रेवा एक एक कदम पीछे चली जाती।

रेवा पीछे दीवार से टकरा गई । अब पीछे कोई रास्ता नही था । अनय ने अपने दोनो हाथ पीछे दीवार से लगाए और रेवा को घेर लिया। अनय और रेवा दोनो भी एक दूसरे के आंखो मैं एक टक देखे जा रहे थे।

अनय ने अपने ओंठ रेवा के ओर बढ़ाए । रेवा ने अपनी आंखे कसकर बंद कर दी ।अनय ने रेवा के कानो मैं कहा – तुमने आंखे क्यूं बंद की ? क्या चल रहा है तुम्हारे दिमाग में ? तुम जैसा सोच रही हो ना मैं वैसा कुछ नही करने वाला।

अनय की ये बाते सुनकर रेवा ने अपनी आंखे खोली । रेवा अनय की गर्म सांसों को अपनी गर्दन पर महसूस कर रही थी।

वो...में ..वो ..रेवा के शब्द उसके गले मैं ही अटक रहे थे।
अनय ने अपने एक हाथ से रेवा के बाल खोल दिए जो की उसने जुड़े मैं बांधे हुए थे। उसके अगले ही पल रेवा के बाल उसके कंधे से होकर कमर तक लहराने लगे ।

उसके बालो की कुछ लटे उसके गालों को बार बार चूम रही थी । अनय ने रेवा के बाल उसके चेहरे से हटाते हुए कहा – तुम बाल खुले ही छोड़ा करो , खुले बालों मैं तुम ज्यादा खूबसूरत दिखती हो ।

रेवा और अनय के बीच धीरे धीरे नजदीकियां बढ़ती ही जा रही थी । जो अनय रेवा से सीधे मुंह बात तक नही करता था , वही अनय रेवा की तारीफ कर रहा।