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પહેલો નંબર
by Kamejaliya Dipak

આજ સુધી મેં અમારા કુટુંબમાં બધાનો પ્રેમ સૌથી વધારે મેળવ્યો છે. હું એટલો તો ભાગ્યશાળી છું કે મારા ઘરના દરેક સભ્યોને મારી ઉપર વિશ્વાસ છે. અને આ વિશ્વાસ ના ...

મહારાજા સર કૃષ્ણકુમારસિંહજી
by DIPAK CHITNIS

//મહારાજા સર કૃષ્ણકુમારસિંહજી //  દેશની એકતા અને અખંડિતતા જાળવવા માટે દેશી રાજ્યોના વિલીનીકરણની યોજના દ્વારા પ૬ર (પાચસો બાસઠ) રાજા-મહારાજાઓ પાસેથી તેમના સમગ્ર રાજ્યનું ભારતીય સંઘ (Indian Union) માં વિલય ...

ડાયરીનું ઝાંખું પડેલું અવિસ્મરણીય પૃષ્ઠ
by Nisha Patel

ડિસેમ્બર ૭, ૧૯૮૨આજે વહેલી સવારે મને સ્વપ્ન આવેલું કે બાનું મગજ અસ્થિર થઈ ગયું છે અને એ અમારા રુમમાં પાસે પાસે પાસે મૂકેલાં પલંગોની ગોળ ફરતે દોડી રહ્યા છે! ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 24
by किशनलाल शर्मा

1973यह साल मेरे लिए खास था।जैसे हर कुंवारी लड़की अपने भविष्य का सुंदर सपना देखती है।वैसे ही हर कुंवारा लड़का भी सपना देखता है।लड़की का सपना होता है,सुंदर राजकुमार ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 23
by किशनलाल शर्मा

सन 1972 मे भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ था।जैसा पहले बताया।3 दिसम्बर को पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया था।जिसका जवाब भारत ने 4 दिसम्बर से देना ...

असफल कहानी खुद की... - पार्ट 1
by MP Zälä

कैसे हो सब लोग ठीक हो , में आपका दोस्त Mahesh P Zala एक नई कहानी लेके हाजिर हु पर इस बार थोड़ी अलग कहानी है ये कहानी मेरे ...

અટલ બિહારી વાજપેયી
by DIPAK CHITNIS

અટલ બિહારી વાજપેયી (૨૫ ડિસેમ્બર ૧૯૨૪ - ૧૬ ઓગસ્ટ ૨૦૧૮ ) ભારતનારાજનેતા અને કવિ હતા. પ્રજાસત્તાક ભારતના ૧૦મા વડાપ્રધાન તરીકે અલગ અલગ કુલ ત્રણ ગાળાઓ (૧૯૯૬માં ૧૩ દિવસ, ૧૯૯૮-૧૯૯૯માં ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 22
by किशनलाल शर्मा

और करीब सात बजे हमारे लिए खाना लगाया गया।हलवा,पूड़ी,सब्जी और खाना खाने के बाद भाई बाबूजी से बोला था,"कोई साधन हो तो हम चले जाएं।"कुछ देर बाद एक मालगाड़ी ...

जिला यमुना नगर (हरियाणा)
by Gurpreet Singh

यमुनानगर को पहले 'अब्दुलहपुर' नाम से जाना जाता था। आजादी से पहले, यह एक छोटा सा गांव था जिसका आबादी अपने रेलवे स्टेशन के आसपास केंद्रित था। भारत के ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 21
by किशनलाल शर्मा

और ट्रेन चल दी।करीब 20 मिनट बांदीकुई पहुँचने में लगते थे।मैं ट्रेन से उतरकर भाई के घर चला गया।वहां से हम स्टेशन आ गए।स्टेशन पर ताऊजी का पत्र भाई ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 19
by किशनलाल शर्मा

शायद सितम्बर 71 की बात है।मैं दस दिन की पी एल लेकर गांव गया था।उन दिनों आगरा के लिए बांदीकुई से आगरा के लिए छः बजे पेसञ्जर ट्रेन जाती ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 18
by किशनलाल शर्मा

मेहताजी एक्स सर्विस मेन थे।सेकंड वर्ल्ड वॉर में वह मिश्र में लड़ाई में भाग ले आये थे। वह अनुशासन प्रिय और सख्त स्वभाब के थे।उनके पास जाने से सभी ...

ડો. વિક્રમ સારાભાઇ
by DIPAK CHITNIS

  ડો. વિક્રમ સારાભાઇ -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------   ગુજરાત રાજયના પનોતા પુત્ર અને જેઓએ દુનિયાભરમાં મહાન ભૌતિકશાસ્ત્રી અને ખગોળ

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 17
by किशनलाल शर्मा

पूरे 10 साल बाद 24 अक्टूबर को मैं आगरा पहुंचा था।पहली बार मे अकेला आया और अपनी प्रथम नियुक्ति पर आया था।न यहां मुझे कोई जानता था ,न ही ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 15
by किशनलाल शर्मा

आगे बढ़ने से पहले एक व्यक्ति का जिक्र जरूरी है।नरोति लाल चतुर्वेदीनरोति लाल आगरा फोर्ट स्टेशन पर मारकर के पद पर थे।यह पद रेलवे में चतुर्थ श्रेणी में आता ...

भूली बिसरी खट्टी मिठी यादे - 13
by किशनलाल शर्मा

इसलिए मुझे जो पगार मिलती थी।उसी में हम लोगो का गुजारा होता था।आम आदमी या मिडिल क्लास के लिए हमेशा ही महंगाई एक समस्या रही है।यहां मैं एक बात ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 12
by किशनलाल शर्मा

पिताजी के बारे मे लिखकर मुझे नौकरी देने की विनती की गई।मेरे सामने ही पंवार साहब ने लिखा एज ए स्पेशल केस इनका पोस्टिंग किया जाता है।मेरी पोस्टिंग खलासी ...

જીંદગી 2.0
by Hiren Manharlal Vora

જીંદગી.... 2.0મશહૂર પિક્ચર મેરા નામ જોકર નો હિટ ડાયલોગ છે કે સાહેબ જિંદગી એક સરક્સ છે, ત્રણ તબક્કાઓમાં વહેંચાયેલી છે, નાનપણ, યુવાવસ્થા અને વૃદ્ધાવસ્થા. આપણે બસ દરેક તબક્કા મા ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 11
by किशनलाल शर्मा

तेहरवीं तक रिश्तेदार रुके और फिर चले गए।दोनो ताऊजी अपने बेटों इन्द्र और रमेश को साथ ले गए।दोनो नौकरी कर रहे थे।पर उन्होंने सोचा होगा अब इनकी तनखाह यहां ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 10
by किशनलाल शर्मा

लेकिन मैं ज्यो ही वार्ड के दरवाजे पर पहुंचा।मुझे रोक दिया और दरवाजा बंद हो गया था।यो तो दीवाली की छुट्टी थी लेकिन पिताजी के एडमिट होने का समाचार ...

मैत्री दिनानिमित्त
by Dr.Swati More

"मम्मी उद्या आहे फ्रेंडशिप डे ,आणि क्लासहून मी परस्पर जाणार आहे मैत्रिणीकडे..."माझ्या मुलीने माझं लिखाण वाचून वाचून जुळवलेलं यमक "अरेच्चा, आपल्या कसं आलं नाही हे ध्यानी...माझे काय प्लॅन आहेत ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 9
by किशनलाल शर्मा

और पिताजी को आराम आया तब नौ बजे वह बोले,"दिवाली है,पूजा नही करोगे?"और पिताजी ने(हम उन्हें बापू कहते थे)हम सब को बैठाकर लक्ष्मी पूजन किया फिर हमारे साथ खाना ...

સમાચાર
by Kamejaliya Dipak

"સમાચાર આવ્યા છે કે તેઓ અત્યારે જ ચા પીવા આવી રહ્યા છે, તારા મત મુજબ શું કરવું જોઈએ, બેટા.?" મારા બાપુજીએ ખુશ થતા મને કહ્યું. છેલ્લા અગિયાર વર્ષોથી મારા ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 8
by किशनलाल शर्मा

माया के दीवानों की कमी नही थी।माया मोडर्न और फ्रेंक थी।वह लड़को से बात करने में न शर्माती न झिझकती थी।उसे तंग करने में भी लोगो को मजा आता ...

नातं
by Vaishnavi Meena Kiran Bhalerao

नाती ही अनेक स्वरूपाची असतात . नात्याला अनेक रुपे असतात . आई-वडील , बहिण भाऊ, नवरा बायको, मित्र मैत्रीण ,प्रत्येक नाती ही एकमेकांमध्ये खूप गुंतलेली असतात, म्हणूनच नाती ही ...

KAKA - THE CHARISMA OF A SUPERSTAR RAJESH KHANNA - 1
by लेखक

CHAPTER Iमिट चुका है वजूद, फिर भी कुछ अरमान अभी है बाकी।आप सबके दिलो में, मेरे लिए चाहत अभी है बाकी।शोहरोतो के परवतो के शिखर पे भी नही संभाल ...

महापुरुष के जीवन की बात - 7 - रामप्रसाद बिस्मिल
by Pandya Ravi

मित्रों, आज ओर एक महापुरुष के जीवन पर लिखने जा रहे हैं !आप मेरी बातो को पढेगे ओर जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे तो मेरा प्रयास सार्थक होगा ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 7
by किशनलाल शर्मा

तब ब्यावर में कोई वेटिंग रूम नही था।इंद्रा गांधी आर पी एफ आफिस में ही कुछ देर बैठी थी।मैं भी देखने के लिए गया था।उस समय लाल बहादुर शास्त्री ...

एक सफर जो ज़ारी है
by Syed Kashif Nesar

मुझ से ज़ियादा कौन तमाशा देख सकेगा गाँधी-जी के तीनों बंदर मेरे अंदर – नाज़िर वहीद का ये शेर मेरे जिंदगी का अहम किरदार है एक सफर जो ज़ारी है बेमन ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 6
by किशनलाल शर्मा

धनी राम जी हेड पोस्ट मास्टर से मिलकर बोले,"अनपढ़ मा को दे सकते हो और जो लड़का आठवी मे पढ़ रहा है।उसे मनी आर्डर क्यो नही दे सकते?"और मुझे ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 5
by किशनलाल शर्मा

ताऊजी और मामा बेटिकट।ताऊजी उन दोनों को लेकर झांसी पहुंच गए थे।रास्ते मे ताऊजी ने टी टी ई से बात की थी।वह बोला बाकी स्टाफ तो सही है लेकिन ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 4
by किशनलाल शर्मा

और यहाँ पर एक शादी का जिक्र जरूरी है।जैसा मैं पहले कह चुका हूँ। मेरे तीन ताऊजी थे।कन्हैया लाल सबसे बड़े।यह रेलवे में ड्राइवर थे।दूसरे देवी सहाय जो खेती ...