एक लेखक बनने का सफर कैसा शुरू होता है, शायद ही कोई लेखक बता सकता है। कही कुछ चीजें हम रोजमर्रा की तौर पर महसूस करते है,कोई देखकर अनसुना कर देता है और कोई सोचता है काश यह हम बदल पाते। "वो काश" हम लेखक होते है। जिंदगी की भागदौड़ में मै एक introvert इंसान हु। किरदारों के साथ खेलना हर एक लेखक का पसंदीदा शौक होता है, मेरा भी है। जब भी जिंदगी में विपदा बढ़ जाती है तो भगवान को सब दोष देते है। कभी कभी मेरे किरदार भी मुझे ऐसे ही दोष देते है, नींद चुरा के। जब मै उनके लिए एक ideal भगवान नही हो पाती।