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ज़िंदगी के एकाकी पलों में, भावनाओं को शब्दों में पिरोना अच्छा लगता है। मैं दिल्ली में ही पली- बढ़ी हूँ ,इसलिए मेरे लेखन में शहरी जीवन की छाप अधिक है। मैं विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं के लिए लिखती हूँ। अब तक मेरे दो उपन्यास व हास्य व्यंग प्रकाशित हो चुके हैं ।विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कहानियाँ व कविताएँ प्रकाशित हो चुकी हैं। मुझे पाठकों की प्रतिक्रिया की हमेशा प्रतीक्षा रहती है। मेरी शिक्षा का ब्यौरा कुछ ऐसा है - M.com(Delhi University) B.Ed(M.D.U.) Diploma in computer programming

दीपक सिखाता है, दूसरों से जलना नहीं, दूसरों के लिए जलना।