Hey, I am on Matrubharti!

तुझे क्या लिखूं मैं माँ तूने तो खुद ही मुझे लिखा है
रब को तो नहीं देखा पर तुझमें जरूर रब दिखा है।

मदर्स डे की हार्दिक शुभकामनायें

-Jamila Khatunm

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इतनी जल्दी कैसे मुँह मोड़ लेगी ये जिन्दगी
तुझसे कई सवालों के जवाब
अभी बाकी है.
तुझ पर लुटाए जो वेश क़ीमती पल और बेइंतिहा प्यार का हिसाब अभी बाकी है.

-Jamila Khatun

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खामोशी भी चुपके से पढ़ लेती हैं
एक अजब किरदार छिपा है आँखों में.

ज़मीला खातून

-Jamila Khatun

थोड़ी देर और ठहर जाते जी भर कर देख तो लूँ
ये लम्हा दुबारा लौट कर नहीं आएगा.

ज़मीला खातून

-Jamila Khatun

ए गुलाब आज कितने प्रेमियों को मिलाया तूने इस दुआ के साथ
कि मुकम्मल हो उनकी मोहब्बत का सफ़र.

-Jamila Khatun

तंग आ गये हैं जिन्दगी तेरे उसूलों से
तू अपने उसूल रोज रोज क्यों बदलती है.

ज़मीला खातून

-Jamila Khatun

आखिर को मुझे टूटना ही पड़ता है
दो प्यार भरे दिलों मिलाने के लिए, गुलाब जो हूँ.
ज़मीला खातून
-Jamila Khatun

जिंदगी को एक मकसद सा मिल गया
तुम मिले तो मेरी किस्मत सँवर गई.
भटकते थे कभी जिन अंधेरी राहों में
उनमें मोहब्बत की रोशनी बिखर गई.

-Jamila Khatun

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बढ़ जाती है खुशी की क़ीमत
कुछ लम्हे उदास रहने दे.
अब और प्याला न दे मेरे साकी मुझको
यादों में तड़पने को अधूरी प्यास रहने दे

-Jamila Khatun

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ये भीड़ भरा चौराहा न जाने क्यूँ उदास है
शायद आज कोई अपना नहीं आया.

-Jamila Khatun