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#kavyotsav -2

उदासी का नाम नहीं तन्हाई ,तन्हाई में
कलम की स्याही से कोरा कागज़ रंगती हूँ

भावनाओं की लहरें किनारों से टकराती
फिर मन के दरिया में गोता लगाती हूँ

कैसे थामे वक्त को,रेत सा फिसल रहा
यादों का पिटारा,दिल में खोलती हूँ

मनमाफिक कैसे जिये, समय तो भाग रहा
गुजरा बचपन- यौवन यादों में जी लेती हूँ

तन्हाई नही है सिर्फ अकेले रोने का नाम
मन की कागज़-कलम से दोस्ती कराती हूँ

तन्हाई,कागज-कलम बखूबी रिश्ता निभाते
भावनाओं को अल्फ़ाज देकर नवाजती हूँ

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#काव्योत्सव2 #प्रेरणा


जिंदगी तुझसे शिकायत नहीं

तूने जो दिया वो कम तो नहीं

हो मुक्कमल अधूरे ख़्वाब मेरे

मेहनत,लगन से किनारा नहीं

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#kavyotsav2 #प्रेम

यूँ दिल में शाम उतर रही
दिवानगी दिल में हो रही

जूँ दिल में बढ़ रही दिवानगी
तो मदहोशी में बेहोशी हो रही

आफ़ताब ढल रहा दर्या में
जमीं पे धरा सिंदूरी हो रही

लगी बिखरने साँझ में आभा
बिदाई आफ़ताब की हो रही

झरने लगे है फलक मे मोती
अगवानी माहताब की हो रही

चुनर ओढ़े गगन शरमा रहा तो
रौशनी झिलमिल तारों से हो रही

वहाँ महकते बादल हो रहे रोशन
यहाँ इश्क की अदावत हो रही

शमा महफ़िल में जल रही तो
इश्क में मोहब्बत परवान हो रही

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#LoveYouMummy

प्यारी मम्मी
सादर प्रणाम
न जाने क्यूँ मम्मी आजकल तेरी बहोत याद आती है । हर बात में तेरा जिकर हो ही जाता है ।क्योंकी आज मैं जो भी कुछ हूँ तेरे बदौलत ही ।सब कहते है मै तेरी ही परछाई हूँ ।
मम्मी भले ही मैं आज खुद माँ बन गयी हूँ लेकिन तेरे दिये संस्कार सिखाई बाते आज बहोत काम आ रही हैं सच में मम्मी मेरा पहला गुरू , प्यार ,दोस्त आप ही हो ।
आज बुखार हो रहा है.... उठते- बैठते ,कराहते न जाने तुझे कितनी बार पुकारा होंगा... सच में मम्मी दवा तो कम कर रही लेकिन तेरी दुआ ज्यादा असर कर गयी ।
भले ही तू साथ नही है लेकिन आस-पास जरूर है ....न जाने तू आसमान में कौनसा तारा बन गयी....
ये खत कहाँ पोस्ट करू ..मम्मी

आपकी प्यारी बेटी
जया

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