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आधे से कुछ ज्यादा है,पूरे से कुछ कम, कुछ जिंदगी,कुछ गम,कुछ इश्क़ और कुछ हम..

‍मैने दबी आवाज में पूछा
"मोहब्बत करने लगे हो?"
नज़रे झुका कर वो बोले
"बोहोत"

इश्क़ की किताब का
उसुल है
जनाब....!!
मूड कर देखोगे....
तो मोहब्बत मानी जाएगी...!!

उम्मीद सिर्फ इंतेज़ार करवाती है.....
सच्चाई नहीं बदलती ।

कलम से खत लिखने का रिवाज
फिर आना चाहिए.....
ये चैटिंग की दुनिया
बड़ा फरेब फैला रही है

ज़रूरी नहीं कि हर बारिश, तेरी याद लेकर आये...
ज़रूरी नहीं कि हर याद, तेरे ना होने के ऐहसास को जगाए ..
जिंदगी कल भी चल रही थी, आज भी चल रही है..
ज़रूरी नहीं की तेरे जाने से वो रुक जाए
और तेरे आने से वो संभल जाए...

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संवरना ही है तो किसी की नजरो में सवरिए,
आइने से खुद का मिजाज़ नहीं पूछा करते....