Hey, I am on Matrubharti! i like writting all kind of ficton, nonficton, poetry, motivational qoute and shayeri write by my own thoughts.i do not speak i am a good writer but i will try to better write.......then readers decided i am good or bad.i am just writting without judgment.

ना रख जिने की चाहत, ना रख पाने की खुसी । ये दुनियां तेरी नहीं है, नाही इस दुनियां में रेहनेवाले तेरे हैं ।

-Kalpana Sahoo

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दिल तेरा टुटे तो दर्द मुझे होती है,
निदं तेरा छुटे तो आहट मेरी होती है । तब भी तु ना समझ ये मेरा प्यार, कैसे तुझे समझाऊं में ?

-Kalpana Sahoo

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हम वो नहीं है जो तुम समझते हो, हम वो है जो हम भी नहीं जानते हैं । कसम खुदा की तुम हमारी जुनुन् हो, बरना हम भी तुम्हे पाना नहीं चाहते हैं । जीद् हो तुम मेरी, जीद् हो तुम मेरी, प्यार है ये मत समझना, हम अजनबीयों का भी खेयाल रखते हैं ये भुल मत जाना । कभी बक्त मिले तो हमारी गली जरूर आना, हम दिखायेगें तुमको वो दर्द सपनो का टुट जाना । आवाज नहीं आती है पर येहेसास् होती है, हम इनसान में ही खुस है तुम्हारे तरहा पथर नहीं बनना है । दिल टुटती है तो बिखरने दो शो टुकडाे में, मगर हात मत लगाना हमारी दामन में । कपडे में छेद होगी सायद दिल बिलकुल साफ है, मुसकुराहट छिनी बेबफा करदीया उसको माफ है । क्या लगाके रखना ये रोज का खेल ही तो है, आज हम है कल कोई ओर की बारी है । साला ये कैसा तैयारी है.......?

-Kalpana Sahoo

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ना अब तेरा आने की खुसी, ना तेरा जाने का गम, एक प्यार ही तो था जो हो गेयी कम । क्या फरक् पडता है कोन किसको छोडा, क्या फरक् पडता है कोन किसको छोडा.....दिल तो सब तोडते हैं तु कोनसा जोडा ? आखीर तु वही नीकला जो सबने बताये थे, कसम तुम्हारा हम ही पागल थे । आदत सी हो गेया था तु मेरा, वैसे सुक्रिया तो यादा करूं जी तेरा । तुने ही दिखाया मुझे तेरा रगं, बरना काहाँ पता चलता उढलिया था जो अच्छे होने का ढगं । आज तुझे खोनेसे नहीं डरती हुं, नाही मेरी आखें नम हुये तेरे जानेसे......बास् भुल क्या थी ये जानना चाहती हुं तुमसे ? मेरी सबालों का जबाब देना चाहोगे क्या ?

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अपना कभी साथ नहीं छोडते हैं, अगर कहीं अपनो का हात छुट गया तो समझलेना वो कभी तुम्हारा अपना नहीं था । वो तो सीफ् दिखाबे का मोखोटा पेहना हुआ था ।

-Kalpana Sahoo

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कल याद आने से पेहले वो बात किया करते थे, और आज याद आने पर भी कोई आवाज नहीं आता है, ये कल और आज में कितना फरक् होती है ।

-Kalpana Sahoo

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बडी अजीब है यार.....ये तनहा कभी मरने नहीं देती, और चाहत कभी जीने नहीं देती ।

-Kalpana Sahoo

कुछ लोगों को लाखो बार मना करने के बाबजुद भी वे लोग वही करते हैं जो हमे तकलीफ देती हो, इससे साफ जाहीर होती है की वो लोग हमारे साथ रेहना ही नहीं चाहते हैं ।

-Kalpana Sahoo

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happy diwali my all Reader & all writer......wish you safe enjoyment of diwali.🕯

-Kalpana Sahoo

read my novel.

-Kalpana Sahoo