Rj krishna community radio fm 90.4 MHz

जिंदगी वर्षों से बंद पड़ी ,

कोई किताब हो जैसे l

ख़ामोश है़ लव ऐेसे कि ,

होंठ सिल गये हो जैसे ll

#होंठ

#प्रेम

सुनले कभी तो जो हम राज-ए-बफा कहना चाहते है

न कह सके जो दिले जज्बात बो हम सुनना चाहते है

न्याजमंद ही रहा दिल सदा कि बेशुमार तुमसे चाहतें है

दरख़्ते इक साथ-ए-हमसफ़र ही तो हर राह चाहते है

न मिले तो न सही बस इक यादें जेहन ही तो चाहते है

- RJ krish

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सुनकर आवाज़ इक सुकू तो छाया होगा
नादान मोहब्ब्त का़ खुमा तो छाया होगा
न्याय कुदरत का कोई तो करिश्मा होगा
दौलतो से बो सूकून कभी न पाया होगा
न धूप में प्रेम सी छाव को कही पाया होगा

- RJ krish

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सुर्ख ठण्डी हवाओं संग पेगाम आया है
न सोच कि ये सिर्फ़ इक सलाम आया है
न्दान-ए-दिल जरा सा आराम आया है़
नम आंखो को सुकू-ए-आयाम आया है़

-RJ krish

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सुन कर हाल दिले ज़ज्बातों का़

न सोया दिल कभी हम सायों का़

न्द न्याय न था़ कोई ये वफ़ाओं का़

न साथ था़ उसकी वफ़ाओं का

मन धरे न धीर इन्तजारों का

दरियां सी बहती आँखों का

न रुका कभी नीर इन आँखों का

- RJ krish

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ये बता

दिल के सहारें कब तक चले
दिन दिन गुजारे कब तक चले
बिन आस गुजारा होता तो नही
गुजरा जमाना भी कब तक चले

हर आहट पर धड़कन सेहम जाती है
इक उम्मीद दिल मे जग जाती है
बिन उम्मीदों के सपने सजते तो नही
सपनों बिन जीवन चले तो कैसे चले

हां है प्यार बहुत दिल मे पर बताना नही आया
जाताते भी कैसे कोई ठिकाना भी तो न आया
सफ़र जारी ही रहा ताउम्र पर मुक़ाम न आया
अपने अपने रास्तों पर यूहीं सदा चलते ही चले

कौन खफा और कौन हम राज रहा
कोई जाने न जाने बस जानता है खुदा
वक़्त का़ सिकार तो हर राहगार रहा
कारसाज खुदा संग ग़म भी चलते चले

बदलते मौसम संग मिजाज भी बदलते गये
कुछ रिश्ते छूटे तो कुछ नये बनते भी गये
किरदार बदले पर बदले न राहगीर ओ रास्ते
पर मुसाफ़िर बही एह्सास लिय चलते चले

- Rj Krish

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इतना कुछ भरा पड़ा है दिमाग में कि
बाहर निकालो तो ब्रह्मांड कम पड़ जाए
ये तो सारा बोझ इस दिल ने उठा रखा है
वरना सर तो कभी भी जमीन पर टपक जाए

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काली रात की स्याही चादर
फ़ितरत कभी बदलती नही
चंद दियों के जलने से
चमक सितारों की क़म होती नही

- Rj krish

#life

कोरे कागज पर बातें लिखते गए
बस युही जिंदगी के पन्ने भरते गए

दिन - दिन महीने साल गुजरते गए
यादों के कारवाँ युही बनते चले गए

आशा की भोर संग सदा जगते गए
ढलती शामों में सपने बिखरते गए

चराग़ों की रोशनी में रास्ते मिलते गए
बस युही जिंदगी के सफ़र कटते गए

- Rj krish✍️

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#सरल
सरल ह्रदय ही सबसे बड़ी कमज़ोरी बन गया
जीत गए दिमाग़ वाले दिल बेवकूफ़ बन गया

- RJ krish