Read My Story ... full of Fun and Humour "पहला घूँट" and please give your reviews

जिन्हे चाय से लगाव होता है
समझ लेना, कोइ तो घाव होता है..

घूंट घूंट में लेते हैं ज़िन्दगी का मज़ा
दौड़ते वक़्त में यही ठहराव होता है..

भाप बन कर पिघलती हैं जब यादें
ठंडे हुए रिश्तों में अलाव होता है..

जहाँ पूछ ले कोई "चाय पियोगे?"
बस
अपना तो वहीं पर झुकाव होता है..

उम्र के साथ बदली हैं यूं तो कई बातें
मगर
चाय से इश्क़ का एक मुकम्मल पड़ाव होता है... ☕

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मैंने तेरे हर सपने को,
अपनी दुआ बना लिया है....

हर पल तू याद रहे इसलिए,
तुझे अपना खुदा बना लिया है...

कुछ इस कदर
देखा उन्होंने..
मेरा रोम रोम
शर्मा गया...

फ़िर जुल्फ़ झटकी
हवा में..
और मेरी
सांसो को पसीना
आ गया..

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परदानशीं हैं मेरे दिलबर
आयें कैसे रौनक ए महफिल में
डरतें हैं बस न जाये कोई
हंसी सा चेहरा इस दिल में
निगाहों से कत्ल करते है
वो हर बार कुछ इस तरह
उस पर भी ये आरजू है
कि उन्हे गिने न कोई कातिल में!!

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??

यादों में तेरी याद थी
क्या याद था
कुछ याद नहीं ..
तेरी याद में सब कुछ भूल गये

क्या भूल गये
कुछ याद नहीं
याद हो तो सिर्फ तुम
क्यूँ याद हो ...ये याद नहीं

??

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देख रंग सावँला हुआ बावला,
हाय कुछ भी समझ मे न आय

गर्म गर्म जब छनती है
मेरी तलब और बढ़ जाये

Ufff मेरी चाय ☕

ये ज़िन्दगी है साहब....
उलझेगी नही तो सुलझेगी कैसे...??
बिखरेगी नही तो निखरेगी कैसे..??

अच्छा इंसान मतलबी नहीं होता

बस दूर हो जाता है उन लोगों से

जिन्हें उनकी कद्र नही होती।

भरोसा सब पर कीजिए,
लेकिन *सावधानी* के साथ

क्योंकि..

कभी कभी *खुद के दांत* भी,
जीभ को काट लेते है!

पहली किरण सा छूना
ये चमकीली रौशनी सी खनखनाहट
और
नखरीली हवाओं के मदहोश पल

वो चाय की चुस्कियां....
साँसों में उतार
एक बार फिर तु
गुलाबी सुबह
संग तो गुजार.....

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