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Read My Story ... full of Fun and Humour "पहला घूँट" and please give your reviews

पहले नैनों👀 से नैना मिलते थे,
मन में प्रेम पुष्प खिलते थे,

अब msg🤳🏻 से msg टकराता है.
और दिल💓 automatically send हो जाता है..

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फ़न कुचलने के हुनर भी
सीखिये जनाब।

साँप के खौफ से
जंगल नही छोड़ा करते।

जब मोहब्बत की रंगत
चाय पर छाती है
तेरे एहसास की नमी
मेरे वजूद को महकाती है

यूँ वफ़ा का सिलसिला लगातार
ना रख किसी से "ए दोस्त"....

लोग एक खता के बदले
सारी वफ़ाये भुल जातें हैं..

अच्छा, तुम्हेँ भी
किसी की याद आती है क्या,

या फिर
ये जिम्मेदारी
तेरे सर ही है
शहर भर को याद आने की.....

भोर की उनींदी नींद में
चली आयी तेरी याद दीवानी ,
कच्चे ख़्वाब में तेरी तस्वीर देखकर,
खिल उठी सुबह सुहानी...

सब्ज़ पत्तों के दरीचों से
कुछ यूँ उजाला आया..
जैसे आँख खुलते ही
चाय का प्याला पाया

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"रंग" मेरे "दुपट्टे" के
"सजन" कुछ यूं "खिल" गए
जब मेरी "हया निग़ाहें " और तेरी
"नजरें" यूँ बेवक्त" "मिल" गए,

"कहने" लगा मुझे "देखकर"
मेरे "आंख" का "काजल"
इन "आंखों" में "सजकर" ही
मेरे "दिन" "बदल" गए...

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अफ़वाह थी कि कोई तस्वीर छपी है उनकी,

सुबह से ही हम सारे अखबार लिये बैठे हैं..