Hey, I am on Matrubharti!

#100th

मैं अब भी वही हूँ।
जो कुछ सालों पहले थी,
जब तुम से पहली बार मिली थी।
बस कुछ साल चढ़े है,
दो-चार सफ़ेद बाल चढ़े है।
सूर वही, पर कुछ ताल चढ़े है।
अच्छे से ठीकठाक, और
वहाँ से बेहतरीन तक पहोंचे;
ऐसे कुछ हाल चढ़े है।
और तुम बताओ, तुम
पर क्या क्या कमाल चढ़े है?

© लीना प्रतीश

Read More

#रामजीआए

अवध में आनंद है आगे,
सियावर राम पधारेंगे!

है मंगल शुभ दिन की घड़ी,
बरसती फ़ूलो की झड़ी।
सकल में उत्सव छायो है,
रघुवीर पुनः पधार्यो है!
गणेश पल आई,
गगन तक जाई।
सावन में महादेव के संग,
बिष्नु अवतार बिराजेंगे !

जो मन में राघवराया है,
जीवन जो वही सिखाया है।
वचन को प्रथम विचारा है,
संयम को स्वयं स्वीकारा है।
वीर रस अति,
सौम्य मुख छबि!
हनुमंत के स्वामी की शरण,
कुमति से मुक्ति पावेंगे।

©लीना प्रतीश

Read More

#clearक्लीअर

यह जो पूरा दिन dear dear करते हो
थोड़ा mirror mirror भी क्यों नहि करते?

© लीना प्रतीश

एक दूध की थैली और
एक अख़बार पड़ा होगा बरामदे में,
हमारे यहाँ हररोज़ दो जने आते ही आते है...

और कोई हो या न हो,
टूथ पेस्ट और टूथ ब्रश हमें ज़रूर हँसाते है।

देख़ लो यही है वह चाय का प्याला,
जिसका हम रोज़ नशा चढ़ाते है।

वैसे तो चुप ही रहते है दिनभर,
बरसता पानी और साबुन हमें खूब गवाते है।

कुछ बाल बनाए कुछ दिये जलाए, तैयार
है अब, ऐसे ही हम दिन गुज़ारते है...

© लीना प्रतीश

Read More

so here are all the precautions, should we move ahead?
.
.
.
hey what's that?
.
.
KYC to be conducted before any deposition, said the new joinee.


©Leena Pratish

#यारियां

यूँ ही मिलते रहो तुम,
यूँ ही खिलते रहो तुम।
मुझ जैसो से ऐसे ही dealते रहो तुम।

पानी पी लो एक गिलास,
और मुझे झेलते रहो तुम।
अपने गुस्से को ऐसे killते रहो तुम।

वैसे तो तुम भी सेब नहि हो।
गर हो तो छीलते रहो तुम।
दोस्ती में थोड़ा peelते रहो तुम।

दिमाग रखो साईड पर,
बस दिल से रहो तुम।
मेरे साथ रहकर thrillते रहो तुम!

फटीचर से हुलिये को, मुझसे
मिलकर सिलते रहो तुम।
खास हो यारा यह feelते रहो तुम...

© लीना प्रतीश

Read More

ફરફર ફરફર ઝરમર ઝરમર
તડતડ તડતડ ધડધડ ધડધડ

બડબડ બડબડ ચડભડ ચડભડ
ગરબડ ગરબડ તડફડ તડફડ

અટકળ અટકળ ટળવળ ટળવળ
ફડફડ ફ્ડફડ દડદડ દડદડ

ઝળહળ ઝળહળ ખળખળ ખળખળ
ઘરઘર ઘરઘર પળપળ પળપળ

© લીના પ્રતીશ

Read More

#कुत्तेkiदुम

मैंने सारी रात था सोना,
खयाल तेरा कुत्ते की दुम।

एक भी बार न पलक झपकती,
आँखे रोये, कुत्ते की दुम।

कैसे तेरा चुपके आना ?!
पायल मेरी, कुत्ते की दुम।

छत पर पूरी रात बैठे,
दिन निकलना, कुत्ते की दुम।

तेरी चौखट सज के आना,
नजरें तेरी; कुत्ते की दुम।

झट से दौड़ भाग जाना,
जग हसाई, कुत्ते की दुम।

नाजुक मेरी नेक तुझ को !
इरादे तेरे, कुत्ते की दुम।

तुझ को भूल जाना है,
और यादें तेरी; कुत्ते की दुम।

दर्द ना देना चाहत तेरी,
आदत तेरी, कुत्ते की दुम।

सर कहता बस और नहीं अब,
दिल रहता कुत्ते की दुम...

© लीना प्रतीश

Read More

#सीखle

दुनिया एक कहानी सीख,
बडी लगे मस्तानी सीख।

कितने दिन चलाओगे?
जेबे कुछ कमानी सीख।
क्या कैसे रख जाओगे?
थोडी बहोत गवानी सीख।

सुस्त पडी सी नगरी में,
चहल-पहल तू लानी सीख।
मरी पडी सी सूरत में,
ला कर तू जवानी सीख।

शोर से त्रस्त माहोल में,
अपनी बात चलानी सीख।
कडवी सिर्फ दवाई रख,
बाकी मीठी जबानी सीख।

सडकर जो गिर जानी है,
एसी सोच उठानी सीख।
पडी पडी बुझ जानी है,
आग वो जल्द जलानी सीख।

दिल के दरिया आगे बढ़
तो, थोड़ी सावधानी सीख।
प्रीत भरे जलधि की तू,
मौजो की रवानी सीख...

© लीना प्रतीश

Read More

एक अरसा गुज़रा रसोई में तब जा कर पता चला...

हर सफ़ेद चीज़ शक्कर और नमक नहि होती।
हर काली चीज़ कचरा और पत्थर नहि होती।

हर हरी चीज़ भाजी पालक नहि होती।
हर भरी चीज़ फ़्रीज और भावुक नहि होती।

हर लाल चीज़ मिर्ची और दाहक नहि होती।
हर पीली चीज़ हल्दी और पावक नहि होती।

और सब चीज़े पूरी और चाहक नहि होती।
मैं हर वक़्त अधूरी और भ्रामक नहि होती...

©लीना प्रतीश

Read More